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DAVP में सूचीबद्ध होने में आ रही हैं ये मुश्किल, MIB से की गुजारिश
देसी भाषाओं के अखबारों के संगठन ‘भारतीय भाषाई समाचारपत्र संगठन’ (इलना) ने...
समाचार4मीडिया ब्यूरो 7 years ago
समाचार4मीडिया ब्यूरो।।
देसी भाषाओं के अखबारों के संगठन ‘भारतीय भाषाई समाचारपत्र संगठन’ (इलना) ने अखबारों व मैगजीन को डीएवीपी में सूचीबद्ध करने का अवसर दिए जाने के निर्णय का स्वागत किया है। इस बारे में इलना के प्रेजिडेंट परेश नाथ ने सूचना-प्रसारण मंत्रालय के डायरेक्टर जनरल सत्येंद्र प्रकाश को एक पत्र लिखा है।
पत्र में परेश नाथ ने कहा है, ‘सरकार का यह कदम बहुत अच्छा है, लेकिन इसके अलावा भी कुछ ऐसे मुद्दे हैं, जिन पर विचार किया जाना जरूरी है। जैसे कि इस बारे में 30 जनवरी को जारी की गई एडवाइजरी को सिर्फ डीएवीपी की साइट पर ही डाला गया। यह साइट केवल उन्हीं लोगों द्वारा एक्सेस की जा सकती है, जो पहले से ही पब्लिकेशन द्वारा सूचीबद्ध हैं। डीएवीपी को विज्ञापन सभी समाचार पत्रों खासकर भाषायी समाचार पत्रों में देने चाहिए, जो किन्ही कारणों से सूचीबद्ध नहीं हो पाए हैं। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु के हमारे अधिकतर सदस्यों को सभी औपचारिकताओं को पूरा करने में कठिनाई हुई। इसके चलते उन्होंने सूचीबद्ध होने की बजाय साइट छोड़ना ही बेहतर समझा। अतः हमारा आवेदन है कि इस विज्ञापन को जल्द से जल्द वितरित किया जाए।’
इसी प्रकार ऑनलाइन फॉर्म को जांचने पर पता चला कि यह इस प्रकार से डिजाइन किया गया है, जिसे सामान्य समाचार पत्र प्रकाशक सुविधानुसार प्रयोग नहीं कर सकता व सूचीबद्धता के लिए उसे बड़ी टीम की आवश्यकता है, जो इस कार्य के लिए अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर काट सके।
इसके अलावा भी पत्र में परेश नाथ ने कई मुद्दों पर प्रकाश डालते हुए इस बारे में आवश्यक कदम उठाने की मांग की है। पत्र में परेश नाथ का यह भी कहना है, ‘हमारा मानना है कि सभी नियमित रूप से चलने वाले समाचारपत्रों को कैंद्र/राज्य सरकार द्वारा सूचीबद्ध होने का अधिकार है। मामूली दोष के कारण किसी समाचारपत्र को इससे वंचित नही रखना चाहिए। यह सुविधा सभी समाचारपत्रों के लिए होनी चाहिए। सूचीबद्धता किसी के लिए भी वर्जित नहीं होनी चाहिए, साथ ही यह साल भर खुली रहनी चाहिए। आशा है कि इस निवेदन पर विचार किया जाएगा।‘
इलना की ओर से जारी पत्र को आप यहां क्लिक कर पढ़ सकते हैं-
टैग्स परेश नाथ भारतीय भाषाई समाचारपत्र संगठन