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हैप्पी बर्थडे सुप्रिय प्रसाद: टीआरपी के मास्टर और तकनीक के भी अच्छे जानकार हैं आप
सुप्रिय प्रसाद, हिंदी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एक ऐसा जाना पहचाना नाम बन चुके हैं, जिन्होंने बहुत ही कम समय में सफलता की बुलंदियों को छुआ है
समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 years ago
सुप्रिय प्रसाद, हिंदी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एक ऐसा जाना पहचाना नाम बन चुके हैं, जिन्होंने बहुत ही कम समय में सफलता की बुलंदियों को छुआ है। टेलिविजन मीडिया के वे उन गिने-चुने चेहरों में से एक हैं, जिन्होंने पत्रकारिता के गिरते मूल्यों से खुद को बचाए रखा है। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की चकाचौंध में बामुश्किल कुछ नाम ऐसे नजर आते हैं, जिनकी सामाजिक सरोकारों और नैतिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता स्वार्थ और भौतिक लालसा से अधिक है। वे उन चुनिंदा संपादकों में से एक हैं, जो सोशल मीडिया पर तो हैं पर किसी विचारधारा के साथ अपनी बात नहीं लिखते हैं। एक तटस्थ पत्रकार के तौर पर सुप्रिय जी की अपनी एक अलग पहचान है। वर्तमान में वे ‘आजतक’, ‘इंडिया टुडे’ और ‘तेज’ चैनल के न्यूज डायरेक्टर हैं।
सुप्रिय प्रसाद झारखंड के दुमका के रहने वाले हैं। दुमका से ही स्नातक कर रहे थे कि मां की बीमारी का इलाज कराने वे पटना चले गए और लगभग 6-7 महीने तक वे पटना में ही रहे। यहां उनकी मुलाकात कुछ पत्रकारों से हुई, जिनके प्रभाव में आते ही वे और अधिक लिखने-पढ़ने लगे। उन दिनों चुनावी माहौल होने की वजह से वे चुनाव समेत कई मुद्दों पर लिखने लगे। इसी बीच उन्हें ‘प्रभात खबर’ में नौकरी मिल गई। प्रभात खबर के लिए वे अपने घर दुमका से ही रिपोर्टिंग करने लगे।
सुप्रिय बताते हैं कि उनके एक प्रोफेसर बीबी सहाय थे, जो दुमका से ही ‘हिन्दुस्तान टाइम्स’ में लिखते थे। उनके अलावा भी तीन-चार प्रोफेसर थे, जो यह काम करते थे। इससे उन्हें लगा कि पत्रकारिता करना बड़ा ही सम्मानजनक काम है, इसलिए इस क्षेत्र में सक्रिय होना चाहिए, हाथ आजमाना चाहिए, लिखना-पढ़ना चाहिए। इस तरह पत्रकारिता करने, रिपोर्टिंग करने में मजा आने लगा, आनन्द आने लगा। चस्का लग गया इस पेशे का। रोज खबरें तलाशते और उसकी रिपोर्टिंग करते। उन दिनों आडवाणी रथ यात्रा के दौरान आडवाणी को जेल हुई और उन्हें दुमका की ही जेल में रखा गया। दुमका में देश भर के पत्रकारों का 'मेला' सा लग गया। प्रभात खबर के लिए रिपोर्टिंग करने के कारण सुप्रिय प्रसाद की मुलाकात कई पत्रकारों से हुई। आडवाणी की रथ यात्रा की रिपोर्टिंग के दौरान ही उन्हें रिपोर्टिंग की बारीकियों को सीखने का मौका मिला।
पत्रकारिता करते हुए ही सुप्रिय प्रसाद ने स्नातक की पढ़ाई पूरी की। कुछ दिनों तक प्रभात खबर में काम करने के बाद वे 1994 में दिल्ली आ गए। पत्रकारिता के प्रशिक्षण के लिए इन्होंने ‘इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन’ (आईआईएमसी) में दाखिला लिया। 1995 में अपना कोर्स पूरा किया। उसी दौरान हिंदी न्यूज चैनल ‘आजतक’ शुरू होने वाला था वे ‘आजतक’ के दफ्तर बाकायदा इंटरव्यू देने गए। वहां उन दिनों मृत्युंजय कुमार झा और अजय चौधरी हुआ करते थे। उन लोगों ने सुप्रिय प्रसाद का इंटरव्यू लिया। पहले लिखित टेस्ट हुआ, उसके बाद विडियो फुटेज दिखाई गई, जिसे देखकर स्टोरी लिखनी थी। सुप्रिय उस टेस्ट में भी पास हुए और 10 जून 1995 को उन्होंने 'आजतक' जॉइन किया। शुरुआत में उन्हें तीन महीने के लिए रखा गया था पर बाद में उनके काम से प्रभावित होकर एसपी ने उन्हें असिस्टेंट न्यूज को-ऑर्डिनेटर के पद पर नियुक्त किया।
सुप्रिय एसपी के साथ काम करने को अपना सौभाग्य मानते हैं और मानते हैं कि उनसे उन्होंने पत्रकारिता के कई पहलुओं को सीखा है। तकरीबन 13 वर्षों तक उन्होंने आजतक में विभिन्न पदों पर काम किया, जिसके बाद सुप्रिय प्रसाद ‘न्यूज-24’ की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने और न्यूज डायरेक्टर के तौर पर चैनल लॉन्च करवाने में भी उन्होंने प्रमुख भूमिका निभाई। इसके बाद सुप्रिय प्रसाद 'आजतक' में दोबारा लौट आए और वहीं से इन्होंने अपनी दूसरी पारी की शुरुआत बतौर ग्रुप मैनेजिंग एडिटर की और अब इस न्यूज चैनल के डायरेक्टर के पद पर हैं।
सुप्रिय प्रसाद केवल टीआरपी मास्टर ही नहीं बल्कि तकनीक के भी अच्छे जानकार माने जाते हैं। आजतक में अपनी दूसरी पारी शुरू करने के दौरान 'आजतक' लगातार 100 हफ्तों तक नंबर एक पर बना रहा, ये ऐसी उपलब्धि है जो शायद ही किसी और मैनेजिंग एडिटर के प्रोफाइल का हिस्सा बन सके। उनकी राजनीति के क्षेत्र में काफी अच्छी पकड़ है।
वहीं अगर पर्सनल लाइफ की बात करें तो सुप्रिय प्रसाद ने लव मैरिज की है। 'आजतक' में कार्यरत अनुराधा प्रीतम उनकी जीवनसंगिनी हैं। कई बार सुप्रिय मजाक में कहते हैं कि उनकी जिंदगी में एपी हमेशा बॉस होते हैं चाहे अरुण पुरी हो या अनुराधा प्रसाद या फिर पत्नी अनुराधा प्रीतम। बड़े चैनल की बड़ी जिम्मेदारी और कई तरह के दवाबों के बीच भी सुप्रिय ने न कभी स्मोकिंग की और न ही वे शराब पीते हैं। हां, खाने के शौकीन सुप्रिय को नॉन-वेज बेहद पसंद है।
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