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‘फेक न्यूज’ पर सरकार को वॉट्सऐप से लगा झटका, अब लाएगी ये नियम...
देश में ‘फेक न्यूज’ की समस्या लगातार बढ़ रही है। फेसबुक और वॉट्सऐप जैसे सोशल मीडिया मंचों ...
समाचार4मीडिया ब्यूरो 7 years ago
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
देश में ‘फेक न्यूज’ की समस्या लगातार बढ़ रही है। फेसबुक और वॉट्सऐप जैसे सोशल मीडिया मंचों का इस्तेमाल गलत और झूठी सूचनाएं फैलाने के लिए धड़ल्ले से हो रहा है, जिसे रोकने के लिए केंद्र सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इस बीच खबर है कि सरकार ने अब सोशल मीडिया कंपनियों पर ही शिकंजा कसने की तैयारी शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि सितंबर में सरकार सोशल मीडिया कंपनियों के लिए नई गाइडलाइंस जारी कर सकती है, जिसके तहत सोशल मीडिया कंपनियों की जवाबदेही तय होगी और आईटी एक्ट की धारा 79 में बदलाव किया जाएगा, ताकि फेक न्यूज और अफवाह का माध्यम बनने वाली कंपनियों को जिम्मेदार ठहराया जा सके।
‘फेक न्यूज’ के माध्यम पर धारा 79 में जिम्मेदारी तय होगी। अब कंपनी को शिकायत पर तुरंत कार्रवाई करनी होगी और शिकायत अधिकारी की नियुक्ति करनी होगी। शिकायत मिलने के बाद कंपनी को 36 घंटे के अंदर आपत्तिजनक पोस्ट हटानी होगी और पोस्ट फैलाने वाले का नाम बताना होगा।
दरअसल, यह खबर ऐसे समय पर सामने आई है, जब सरकार की इस पहल को वॉट्सऐप की ओर से बड़ा झटका लगा है। वॉट्सऐप का कहना है कि वह संदेश ट्रेस करने के लिए भारत सरकार को ऐसा कोई सॉफ्टवेयर उपलब्ध नहीं करवा सकती है, जो यह पता लगा सकें कि असल में फेक न्यूज या अफवाह की शुरुआत कहां से हुई या किसने की।
वॉट्सऐप के सीईओ क्रिस डेनियल्स ने इस महीने ही आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कंपनी के सामने कड़ी शर्तें रखीं, लेकिन वॉट्सऐप सरकार की सभी शर्तों को मानने के लिए तो तैयार हो गया है, लेकिन बताया जा रहा है कि वह सरकार को मैसेज ट्रैक करने की इजाजत देने के लिए तैयार नहीं है।
वॉट्सऐप के मुताबिक, एनक्रिप्शन तकनीक के चलते हर एक मैसेज को मॉनिटर करना संभव नहीं है।
गौरतलब है कि कुछ महीनों में मॉब लिंचिंग की घटनाओं के सामने आने के बाद सरकार ने इसके लिए कंपनी से एक विशेष प्रावधान की मांग की थी ताकि फर्जी संदेश भेजने वाले का पता लगाया जा सके।
कंपनी का कहना है कि ऐसा करने से एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन और वॉट्सऐप के प्राइवेट नेचर (निजता के स्वभाव) को झटका लगेगा, साथ ही इसके दुरुपयोग की भी संभावना है। कंपनी के मुताबिक, वॉट्सऐप, निजी सुरक्षा के प्रावधान को कमजोर नहीं करेगी, क्योंकि लोग किसी भी प्रकार की 'संवेदनशील सूचना या संवाद' के लिए वॉट्सऐप पर निर्भर हैं, जिनमें उनकी डॉक्टर, बैंक और परिवार के लोगों से बातचीत शामिल है। कंपनी के मुताबिक, उसका लक्ष्य है कि भारत में लोगों को दुष्प्रचार और गलत सूचनाओं के बारे में जागरूक करें, ताकि उन्हें सुरक्षित रहने में मदद मिल सके।
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