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ABP न्यूज ने पुण्य प्रसून के कार्यक्रम को लेकर जारी की ये जरूरी सूचना...
देश में क्या ‘अघोषित अपातकाल’ का दौर शुरू हो गया है, जहां अभिव्यक्ति की आजादी...
समाचार4मीडिया ब्यूरो 7 years ago
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
देश में क्या ‘अघोषित अपातकाल’ का दौर शुरू हो गया है, जहां अभिव्यक्ति की आजादी पर बार-बार हमले किए जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर इस तरह के सवाल कई बार उठते रहे हैं, लेकिन क्या इसका जवाब सही मायने में ‘सच’ है। शायद इसका उत्तर हर कोई सरकार से पूछ रहा है, क्योंकि जो परिस्थितियां बन रहीं हैं उसके मायने तो यही लगाए जा रहे हैं। ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्यों कि एबीपी न्यूज चैनल और सरकार के बीच बीते दिनों शुरू हुई बहस का असर देखने को मिल रहा है। पिछले कुछ दिनों से एबीपी न्यूज के प्राइम टाइम प्रसारण के दौरान सिग्नल में दिक्कतें आ रही हैं। दरअसल जिस प्रोग्राम के बीच यह दिक्कत आ रही है वह प्रोग्राम है ‘मास्टरस्ट्रोक’, जिसे वरिष्ठ पत्रकार पुण्य प्रसून बाजपेयी होस्ट करते हैं।
सोशल मीडिया पर अब सवाल इसलिए खड़े हो गए हैं क्योंकि शायद आपको याद होगा कि कुछ दिन पहले एबीपी न्यूज ने ‘मास्ट्रकस्ट्रोक’ प्रोग्राम में सरकार के दावे को झूठ बताया था, जिसके बाद छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने बकायदा एक प्रेस नोट जारी किया था। इसके अलावा देश की रक्षा मंत्री और सूचना प्रसारण मंत्री ने भी ट्वीट कर चैनल के के दावे की कड़ी निंदा की थी।
इस मामले को लेकर पूर्व वरिष्ठ पत्रकार विनोद कापड़ी ने एबीपी न्यूज के दो विडियो शेयर करते हुए अपने फेसबुक वाल पर लिखा- ‘आपके सामने दो विडियो हैं। भारत के लोकतंत्र को अगर आप बचाना चाहते हैं तो देखिए कि हम सब के साथ क्या हो रहा है। दोनों विडियो ABP News के हैं। पहला विडियो रात के 9.02 का है और दूसरा विडियो रात के 10.01 का है। मुझे आज बताया गया कि पुण्य प्रसून बाजपेयी के शो के दौरान ABP को ब्लैक आउट कर दिया जाता है। मुझे यक़ीन नहीं हुआ। मैंने तय किया कि रात को खुद ही देखता हूं। नतीजे बहुत चौंकाने वाले हैं। 9 बजते ही चैनल के सिग्नल या तो बिलकुल ग़ायब हो जाते हैं या रूक रूक कर आते हैं। पूरे एक घंटे ऐसा ही होता है और जैसे ही ये शो ख़त्म होता है और रात के दस बजते हैं तो चैनल पर सारे सिग्नल लौट आते हैं। कहीं कोई दिक़्क़त नहीं।
आपको याद होगा: अभी एक हफ़्ते पहले ही ABP news ने सरकार के झूठ की पोल खोली थ, जिसके बाद छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के अलावा देश की रक्षा मंत्री , देश के सूचना प्रसारण मंत्री ने खुलेआम ABP के ख़िलाफ़ मोर्चा खोल दिया था ...अब इसके आगे क्या कहना?
देश की आपको ज़रा भी फ़िक्र है तो आगे आइए और बताइए सरकारों को, कि ये अघोषित इमरजेंसी नहीं चलेगी। हिम्मत है तो घोषणा करके इमरजेंसी लगाएं। उसके बाद बाक़ी देश की जनता देख लेगी।’
कापड़ी ने इस बात का जिक्र ट्विटर पर भी किया, जिसे री-ट्वीट करते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने लिखा, ‘मोदी जी, ये क्या करवा रहे हैं? ये तो ठीक नहीं है। पुण्य प्रसून से इतना डर?’
मोदी जी, ये क्या करवा रहे हैं? ये तो ठीक नहीं है। पुण्य प्रसून से इतना डर? https://t.co/UWoouLpBew
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) July 18, 2018
वहीं इस सबके बीच एबीपी न्यूज ने भी एक सूचना जारी की है कि पिछले कुछ दिनों से ABP न्यूज के दर्शकों को चैनल के प्राइम टाइम प्रसारण के दौरान सिग्नल में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वे अचानक आई इन दिक्कतों का पता लगा रहे हैं और उन्हें दूर करने की लगातार कोशिश में लगे हैं। चैनल ने बताया कि उन्हें जिस तरह की शिकायते मिल रहीं हैं उनमें प्राइम टाइम शो शुरू होते ही, सिग्नल में खराबी, तस्वीरें धूंधली आना और आवाजें फटना शामिल हैं। पिछले दो तीन दिनों में इस तरह की शिकायतें बहुत बड़े पैमाने पर उसके पास आईं हैं।
छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले की महिला किसान चंद्रमणि कौशिक का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले को लेकर एबीपी न्यूज और मोदी सरकार के सूचना-प्रसारण मंत्री राज्यवर्धन राठौर में ठनी हुई है। दरअसल पिछले महीने 20 जून को प्रधानमंत्री के साथ विडियो संवाद कार्यक्रम में इस महिला ने किसानी के जरिए आय दोगुनी होने की बात कही थी।
चलिए, पहले ये जानते है कि महिला किसान ने प्रधानमंत्री कार्यक्रम में कहा क्या था। महिला चंद्रमणि कौशिक ने प्रधानमंत्री के साथ विडियो संवाद कार्यक्रम में कहा था कि धान के बदले सीताफल की खेती करने से उनकी आय दोगुनी हो गई। मोदी के साथ बातचीत के दौरान महिला किसान ने कहा था कि दो एकड़ भूमि पर धान की खेती से ज्यादा फायदा नहीं होता था और वह सिर्फ 15,000 से 20,000 रुपए ही कमा पाती थीं और वह राशि परिवार के लिए पर्याप्त नहीं थी। लिहाजा उन्होंने अपने गांव की 10-15 महिलाओं के साथ मिलकर सीताफल की खेती शुरू की, जिसके बाद पीएम ने चंद्रमणि से पूछा कि अब आपकी आमदनी कितनी बढ़ गई, इसके जवाब में उन्होंने कहा कि अब मेरी आमदनी दोगुनी हो चुकी है। जैसा कि नीचे दिए विडियो देखने से साफ समझ आता है-
Chandramani Kaushik from Kanker in Chhattisgarh shares her experiences with PM @narendramodi#KisanKiBaatPMKeSaath pic.twitter.com/AQyWvgNd4F
— Doordarshan News (@DDNewsLive) June 20, 2018
लेकिन, यह मामला इसलिए तूल पकड़ने लगा क्योंकि एबीपी की रिपोर्ट में पुण्य प्रसून बाजपेयी कहते है कि जहां किसानों की आय डेढ़ गुनी करने में सरकार के पसीने छूटने लगते हों, जहां लागत मूल्य के मुताबिक आय न मिल पाने से कर्ज में डूबे किसान खुदखुशी करने को मजबूर हो जाते हों, ऐसे में यह कह देना कि किसी किसान की आय दोगुनी हो गई हो, तो सवाल उठना लाजिमी है, कि वो कौन सा फार्मूला है जिससे किसानों की आय चंद महीनों में दोगुनी हो जाती है, जबकि प्रधानमंत्री मोदी ने किसानों से कहा हुआ है कि उनका यह सपना वर्ष 2022 तक पूरा होगा।
लिहाजा, जब एबीपी न्यूज को यह जवाब खटका, तो उसने महिला किसान से संपर्क किया और यह जानने की कोशिश की कि क्या उसकी आय सच में दोगुनी हुई है, लेकिन 6 जुलाई को महिला किसान ने जो कुछ एबीपी न्यूज से कहा वो हैरान करने वाला सच था, क्योंकि गांव के संरपंच को कैमरे के सामने बोलते हुए दिखाया गया था कि उस कार्यक्रम में आय दोगुनी होने की बात करने वाली महिला को दिल्ली से आए एक अधिकारी ने ऐसा कहने के लिए प्रशिक्षित किया था। यह सब एबीपी न्यूज के 6 जुलाई के कार्यक्रम ‘मास्टर स्ट्रोक’ में दिखाया गया, जिसे सीनियर न्यूज एंकर पुण्य प्रसून बाजपेयी होस्ट करते हैं।
इस तरह की रिपोर्ट सामने आने के बाद महिला किसान चंद्रमणि कौशिक ने एक बार फिर मीडिया को अपनी टिप्पणी दी और कहा, ‘वे (टीवी चैनल) कह रहे हैं कि मैं धान का जिक्र कर रही थी, लेकिन मैंने कहा था कि सीताफल की खेती के कारण मेरी आय दोगुनी हो गई।’ वहीं छत्तीसगढ़ सरकार ने भी इसी दावे की एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है।
इस स्पष्टीकरण के बाद सूचना-प्रसारण मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने मीडिया पर ही सवाल खड़े कर दिए थे और एक के बाद एक दो ट्वीट किए थे, जिसमें उन्होंने पहले कुछ मीडिया पर नाराजगी जताई और दूसरे ट्वीट में उन्होंने सीधे एबीपी न्यूज की इस रिपोर्ट की कड़ी निंदा की थी। उन्होंने पहले ट्वीट किया था कि कुछ मीडिया घरानों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों का उपहास करने के एजेंडे में शामिल होने के लिए गठबंधन किया है। उन्होंने कहा था कि छत्तीसगढ़ की किसान महिलाओं ने मीडिया के एक हिस्से के दावे को खारिज कर दिया। उन्होंने इसे ‘दुर्भाग्यपूर्ण पत्रकारिता’ बताया।
वहीं दूसरे ट्वीट में उन्होंने कहा था, ‘ये कैसा journalism है @abpnewstv का? PM @narendramodi के खिलाफ गलत अफ़वाहें फैलाकर देश को गुमराह करना ज़िम्मेदार पत्रकारिता के मूल्यों के ख़िलाफ़ है! कुछ journalists का agenda पहले बनता है, ख़बर बाद में| Will nation trust them aftr such misleading news? #UnfortunateJournalism’
ये कैसा journalism है @abpnewstv का? PM @narendramodi के खिलाफ गलत अफ़वाहें फैलाकर देश को गुमराह करना ज़िम्मेदार पत्रकारिता के मूल्यों के ख़िलाफ़ है! कुछ journalists का agenda पहले बनता है, ख़बर बाद में| Will nation trust them aftr such misleading news? #UnfortunateJournalism
— Rajyavardhan Rathore (@Ra_THORe) July 9, 2018
हालांकि इस ट्वीट के बाद 9 जुलाई को एबीपी न्यूज ने एक बार फिर ‘मास्टर स्ट्रोक’ में इस मुद्दे को उठाया था और फिर से उस पूरी डिटेल का जिक्र किया था और महिला की बाइट को दोबारा से सुनाया था और उनके दावों का आंकलन किया तो पाया कि उनकी आय तो एक मनरेगा मजदूर की आय से भी कम है, तो फिर सरकार किस बात को लेकर उसकी आय पर संतोष जाहिर कर रही थी। इस दौरान एबीपी न्यूज ने 12 महिलाओं द्वारा गठित समूह की अन्य महिला सदस्यों से भी बात की जिस समूह का जिक्र चंद्रमणि ने किया था। इन सदस्यों से भी यह बात सामने आई कि उन्होंने इस धंधे में अपनी 7500 रुपए लगाए और पूरे पैसे भी वापस नहीं आए। आप पूरी एबीपी न्यूज की ये रिपोर्ट यहां देख सकते हैं-
वैसे 9 जुलाई को बिजनेस स्टैंडर्ड ने पीटीआई के हवाले से एक रिपोर्ट जारी की थी जो कहती है कि महिला चंद्रमणि कौशिक आज अपनी टिप्पणी पर कायम रही कि धान के बदले सीताफल की खेती करने से उनकी आय दोगुनी हो गई। उन्होंने इस बात से इनकार किया कि पिछले महीने प्रधानमंत्री के साथ विडियो संवाद के लिए उन्हें ऐसा बोलने के लिए कहा गया था। एबीपी की रिपोर्ट पर महिला ने स्पष्टीकरण जारी किया। उन्होंने कहा, ‘वे (टीवी चैनल) कह रहे हैं कि मैं धान का जिक्र कर रही थी लेकिन मैंने कहा था कि सीताफल की खेती के कारण मेरी आय दोगुनी हो गई।’
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