मुकुल श्रीवास्तव, प्रोफेसर,लखनऊ विश्वविद्यालय मेरा मानना है कि असहमति के लिए सहमति बनाने का प्रयास लोकतंत्र में किया जाना चाहिये। सोशल नेटवर्किंग साइट्स बहस को ओर आगे लेकर जाती हैं ये अच्छी बात है। डेमोक्रेसी में बहस बेहद जरूरी है। हम अपने अनुसार सारी चीजें एक बहस के जरिये जांचे-परखे जो लोकतंत्र के लिए अच्छा होगा, मेरी समझ से सरकार को फेसबुक, गू
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समाचार4मीडिया ब्यूरो