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पत्रकार सौम्या हत्याकांड में दिल्ली हाई कोर्ट का कड़ा आदेश
टीवी पत्रकार सौम्या विश्वनाथन की हत्या के मामले में साढ़े नौ साल बाद भी...
समाचार4मीडिया ब्यूरो 7 years ago
समाचार4मीडिया ब्यूरो।।
टीवी पत्रकार सौम्या विश्वनाथन की हत्या के मामले में साढ़े नौ साल बाद भी निचली अदालत द्वारा सुनवाई पूरी न होने पर दिल्ली हाई कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। हाई कोर्ट ने निचली अदालत से कहा है कि सुनवाई पूरी नहीं करने के कारणों से उसे अवगत कराया जाए। इसके साथ ही दिल्ली पुलिस को भी मामले की प्रगति रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश दिए गए हैं। मामले में अगली सुनवाई 26 फरवरी को होगी।
न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता ने पुलिस को नोटिस जारी कर कहा कि रिपोर्ट में यह बताया जाए कि आरोप पत्र दाखिल करने के साढ़े नौ साल बाद भी मामले में निष्कर्ष न निकलने का कारण क्या है? पीठ ने निचली अदालत को मामले में हालिया रिपोर्ट पेश करने के निर्देश देते हुए पूछा कि आखिर अब तक मामले में कोई निष्कर्ष क्यों नहीं निकल पाया है?
हाई कोर्ट ने यह आदेश मामले में आरोपित बलजीत मलिक की याचिका पर दिया है, जिसने मामले में तेजी से सुनवाई करने की मांग की है। अपनी याचिका में 30 वर्षीय बलजीत मलिक ने मामले में देरी होने पर एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग की है। सौम्या हत्याकांड में आरोपी बनाए गए बलजीत मलिक के साथ ही रवि कपूर और अमित शुक्ला को इससे पहले आइटी एग्जीक्यूटिव जिगिशा घोष की हत्या के मामले में सजा सुनाई जा चुकी है।
पुलिस ने दावा किया था कि जिगिशा और सौम्या दोनों की हत्या लूटपाट के लिए की गई थी। सौम्या केस में आरोपियों ने खुलासा किया था कि उन्होंने उसकी हत्या इसलिए की, क्योंकि सौम्या की सेंट्रो उनकी कार से आगे निकल गई थी। हत्यारों ने सौम्या के सिर में गोली मारी थी, जिसकी वजह से कार डिवाइडर पर चढ़ गई। शुरू में पुलिस ने इसे एक्सीडेंट का केस समझा, लेकिन जब सौम्या के सिर से गोली निकली तो मामला सुलझा। गौरतलब है कि सौम्या की 30 सितंबर 2008 को उस वक्त गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जब वह कार्यालय से अपनी कार से घर लौट रही थी।
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