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कांग्रेस प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने कुछ यूं समझाया गठबंधन की राजनीति का ‘गणित’
बिजनेस मैगजीन ‘बिजनेस वर्ल्ड’ (BW Businessworld) की ओर से नई दिल्ली में बुधवार को...
समाचार4मीडिया ब्यूरो 6 years ago
समाचार4मीडिया ब्यूरो।।
बिजनेस मैगजीन ‘बिजनेस वर्ल्ड’ (BW Businessworld) की ओर से नई दिल्ली में बुधवार को ‘द ग्रेट इंडिया डिबेट’ (The Great India Debate) का आयोजन किया गया। इस दौरान डिबेट में वरिष्ठ पत्रकार और संसद सदस्य स्वप्न दास गुप्ता, ‘NASSCOM’ के पूर्व प्रेजिडेंट किरण कार्णिक, पूर्व कैबिनेट मंत्री आरिफ मोहम्मद खान, लेखक-पत्रकार गुरुचरण दास, ‘इंडियन ब्रॉडकास्टिंग फाउंडेशन’ के पूर्व जनरल सेक्रेटरी और फिल्म प्रड्यूसर भुवन लाल, कांग्रेस प्रवक्ता संजय झा, भाजपा प्रवक्ता शाजिया इल्मी, आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता राघव चड्ढा, सुनील अलघ और कांग्रेस प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी जैसी हस्तियां शामिल रहीं।
इस मौके पर कांग्रेस की प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने इस बात की खिलाफत की कि देश में गठबंधन की राजनीति से देश का विकास नहीं हो सकता। उन्होंने तर्क दिया कि गठबंधन भी उसी तरह है, जैसे हमारा देश विविधताओं से भरा हुआ है।
उन्होंने कहा, ‘हमें यह क्यों भूल जाते हैं कि केंद्र में एक पार्टी के बहुमत वाली सरकार के कारण हमें नोटबंदी से जूझना पड़ा और देश में आतंकी घटनाओं में भी काफी वृद्धि हुई है। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र में एक पार्टी के बहुमत वाली सरकार से देश में इतनी बेरोजगारी बढ़ी है, जितनी पिछले 45 वर्षों में भी नहीं देखी गई। यदि हम विदेशी कर्ज की बात करें तो हमारी सरकार के दौरान यह 37.44 लाख करोड़ रुपए था, जो अब बढ़कर 43.72 करोड़ रुपए हो गया है। कृषि के क्षेत्र में भी बढ़ोतरी रुक गई है और मोदी के नेतृत्व में निर्यात में भी गिरावट आई है।’
प्रियंका चतुर्वेदी का कहना था, ‘पहले जहां रसोई गैस का सिलेंडर हम 279 रुपए में लेते थे, उसके लिए हमें 479 रुपए चुकाने पड़ रहे हैं और यह सब्सिडी वाला सिलेंडर है। जिन लोगों ने सब्सिडी छोड़ दी है, वे इसके बारे में बात नहीं करेंगे। अब यदि रोजगार की बात करें तो हमारी सरकार ने नौकरियों के 28.01 लाख पद सृजित किए थे, लेकिन इस सरकार में महज 8.08 लाख नौकरियां ही निकली हैं। इसके अलावा दस साल तक एक मजबूत सरकार गठबंधन ने ही दी है।’
प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, ‘हम इस बात को कैसे नजरअंदाज कर सकते हैं कि हम प्रजातंत्र का हिस्सा हैं और हमें राजनीतिक रूप से भी तमाम दलों को स्वीकार करना चाहिए। जम्मू और कश्मीर की बात करें तो आज वह सबसे खराब दौर से गुजर रहा है, क्योंकि वहां पर गठबंधन अवसरवाद को लेकर है। वहां विकास के नाम पर गठबंधन नहीं था और वे इसका परिणाम भुगत रहे हैं। इसलिए गठबंधन सिर्फ एक व्यक्ति के बारे में नहीं है, जो खुद नोटबंदी जैसे निर्णय लेकर देश की किस्मत का फैसला करता है। गठबंधन का आशय सभी लोगों को अवसर देना और उनका आवाज को आगे बढ़ाना है। देश अब उस दौर से आगे निकल चुका है, जहां पर कोई अकेला व्यक्ति तय करता है कि पूरे देश के लिए क्या अच्छा है।’
इस बारे में एक उदाहरण देते हुए प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, ‘जब मेरी शादी हुई थी तो मेरे ससुराल वालों ने मुझे एक मुट्ठी खिचड़ी लेने को कहा। खिचड़ी की राजनीति के कारण लोग खिचड़ी सिस्टम को बेकार समझते हैं, लेकिन मेरी सासू मां ने बताया कि जब भी आप किसी परिवार में जाते हैं तो आपको वहां के सभी लोगों की बात सुननी पड़ती है और सभी लोगों का ध्यान रखना पड़ता है और इसी तरह आप खुश रह सकते हैं। इसी को गठबंधन कहते हैं, जहां पर देश को विकास देने के लिए सभी लोगों की आवाज को महत्व दिया जाए और जिसमें विभिन्न रंग शामिल होने के साथ ही और विभिन्न लोगों की आवाज भी शामिल हो।’
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