राहुल गांधी बोले, 200 पत्रकारों के सामने ये कबूल करता हूं कि...

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को एनडीए सरकार पर मीडिया...

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 31 October, 2018
Last Modified:
Wednesday, 31 October, 2018
rahul gandhi

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने एनडीए सरकार पर मीडिया को डराने और दबाने का आरोप लगाया। राहुल गांधी ने पत्रकारों से कहा कि डरो मत, जिस तरह से भारतीय सेना सीमा पर रहकर देश की रक्षा करती है, वैसे ही आप लोग ‘निडर’ होकर अपने लेख से सच्चाई का खुलासा कर देश की रक्षा करें।

मालवा-निमाड़ के दो दिवसीय दौरे पर मध्य प्रदेश आए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को प्रदेश के वरिष्ठ पत्रकारों के साथ मुलाकात की। इस दौरान राहुल गांधी ने एक के बाद एक कई पत्रकारों के सवालों के जवाब दिए। उनसे जब ‘जी यूपी’ (ZEE UP) और ‘जी एमपी/ छत्तीसगढ़’ (ZEE MP/CHATTISGARH) के एडिटर दिलीप तिवारी ने सवाल किया कि जब आप बात कर रहे हैं मनरेगा और किसानों की, तो वहीं मोदी सरकार, बीजेपी के अध्यक्ष, आरएसएस चीफ और वीएचपी के नेता ने तो ‘राम मंदिर’ को एक प्रमुख मुद्दा बना दिया है और अयोध्या में रामकोट की परिक्रमा भी शुरू कर दी है। वे इस पर अद्यादेश लाने की बात कर रहे हैं, तो ऐसे में राहुल गांधी का अगला क्या कदम होगा?  इस दौरान उन्होंने दूसरा सवाल भी किया कि 2018 की लड़ाई आप तीन राज्यों में लड़ रहे हैं। ऐसे में 2019 का चुनाव राहुल गांधी बनाम नरेंद्र मोदी होगा, या फिर आप इंतजार करेंगे किसी घोषणा का?

इन दोनों ही सवालों पर राहुल गांधी ने नरेंद्र मोदी सरकार को घेरना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि अब बचा क्या रह गया है। राहुल ने कहा कि उन्होंने कहा था भ्रष्टाचार मिटाऊंगा, चौकीदार चोर है, अच्छे दिन आएंगे, जो नहीं आए। बेरोजगार युवाओं को रोजगार दूंगा, नहीं दिया। किसानों को सही दाम दिलवाउंगा, नहीं दिलाया। जब हमने कहा कि सही दाम नहीं दिला पाए तो कर्जा ही माफ कर दो। उन्होंने किसानों का तो नहीं किया, लेकिन सूटबूट वालों का 3 लाख 50 हजार करोड़ रुपए कर्जा माफ कर दिया, जिनमें नीरव मोदी, विजय माल्या, मेहुल चौकसी, ललित मोदी शामिल हैं। तो अब बचा क्या रह गया।

राहुल गांधी ने आगे कहा कि मोदी ने भ्रष्टाचार की बात करते हैं, लेकिन उनके ही आदेश पर नया सीबीआई चीफ बनाया गया। फिर उसी आदमी को उन्होंने रात के दो बजे निकाल दिया। जो हैरानी वाली बात है कि ऐसा क्यों? उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि राफेल पर जांच शुरू होने जा रही थी। उन्होंने कहा कि इस मामले में यदि एक भी कागज निकला तो उस पर बड़े-बड़े अक्षरों में नरेंद्र मोदी लिखा होगा और दूसरा नाम अनिल अंबानी का होगा। उन्होंने कहा कि इसलिए अब सिर्फ चुनाव जीतने की बात नहीं रह गई है।

उन्होंने कहा कि मैं 200 पत्रकारों के सामने ये कबूल करता हूं कि मैं 2014 में लोगों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका, क्योंकि हमने गलतियां कीं। लेकिन इसके बाद मोदी ने कहा कि यूपीए नहीं कर सकी, मैं करूंगा। मोदी ने कहा कि भ्रष्टाचार, रोजगार, किसान मुझे दे दो, लेकिन उन्होंने तीनों में यूपीए से बेकार काम किया।   

राहुल गांधी ने छत्तीसगढ़ की एक घटना का जिक्र करते तथ्यों को बढ़ा-चढ़ाकर बताने को लेकर सरकार पर निशाना साधा। राहुल ने कहा, ‘कभी-कभी ये (पत्रकार) हमारे बारे में गलत लिख देते हैं। कोई फर्क नहीं पड़ता। लिखिए, हम आपको न धमकाएंगे न दबाएंगे, क्योंकि हम आपकी जगह समझते हैं। हम जानते हैं कि आप जैसे लोगों को सच्चाई के बारे में लिखना चाहिए।’

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि पंजाब नेशनल बैंक घोटाले के आरोपी मेहुल चौकसी ने एक मंत्री के खाते में धन जमा किया। उन्होंने एक संवाददाता की तरफ देखते हुए कहा, ‘हमने यह जानकारी संवाददाताओं को, दी लेकिन वे (इसे प्रकाशित करने को लेकर) डरे हुए थे।’

राहुल गांधी ने कहा, ‘वे (पत्रकार) कह रहे हैं कि भाई आप (राहुल गांधी) सही बोल रहे हैं लेकिन हम डरते हैं कि क्या होगा (अगर हम सच लिखते हैं तो)।’ उन्होंने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक बैठक में भाजपा एक महिला को सिखा-पढ़ा कर लेकर आई थी।

कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया, ‘पत्रकार ने इसपर समाचार दिया और जिस मीडिया हाउस के लिए वह काम करता था उसने उसे 10 दिन बाद नौकरी से निकाल दिया।’  

राहुल गांधी द्वारा किए गए इस ‘मीडिया संवाद’ का विश्लेषण ‘कर्मवीर’ पत्रिका के प्रधान संपादक डॉ. राकेश पाठक ने अपने फेसबुक पर किया, जो उस संवाद कार्यक्रम में मौजूद थे। उनका ये विश्लेषण आप यहां पढ़ सकते हैं-


बेशक यह मोदी-युग का देश है और देश का मोदी-युग..लेकिन अब नरेंद्र मोदी की ‘लार्जन देन लाइफ’ या कि महामानव की छवि के क्षरण का समय है...! समय और इतिहास अपनी तरह से न्याय करता है।

अगर आप देख सकते हैं तो देखिये कि आपके आसपास एक ऐसा लीडर बन रहा है जिसे कल तक एक समूह टका सेर नहीं पूछता था। आज वही शख़्स अपनी सहजता और बेबाकी से सबकी आंखों में आंखें डाल कर हर सवाल का जवाब दे रहा है..! नाम है राहुल गांधी।

यह राहुल गांधी बड़े बड़े तीरंदाज संपादकों, पत्रकारों के कंधे पर हाथ रखकर ठहाके लगा रहा है। अपनी भूलों और गलतियों से सबक सीखकर यह शख्स चंद महीने पहले वाला राहुल गांधी नहीं है।

राजनीति की कठिन डगर पर राहुल कब और कितना कामयाब होंगे यह तो वक्त बताएगा लेकिन आज वे हाशिये से उठकर मुख्य धारा में आ गए हैं इससे कौन इनकार कर सकता है!



इंदौर के पांच सितारा होटल रेडिसन में जब सियासत का यह सितारा खांटी और खुर्राट संपादकों, पत्रकारों के बीच उतरा तो अपनी साफगोई और बेबाकी से उम्मीद की रोशनी छोड़ गया। ऐसा कौन सा सवाल था जिसका राहुल ने जवाब नहीं दिया..! संपादकों के लाख जतन करने पर भी राहुल गांधी कहीं अटके नहीं... रुके नहीं... झिझके नहीं।

पहले तय हुआ था कि राहुल राउंड टेबल्स पर बैठे संपादकों के बीच हर टेबिल पर बैठेंगे। लेकिन एक टेबल के बाद ही राहुल ने माइक थाम लिया और हर टेबल के पास खड़े होकर बात की। ताकि बाकी सब भी सुन सकें।

★ राफेल में जेल जाएंगे नरेंद्र मोदी...

राहुल गांधी ने राफेल पर आक्रामक हैं तो यहां भी मौका नहीं छोड़ा। ‘चौकीदार चोर है’ से आगे बढ़कर राहुल ने कहा कि जब राफेल मामले में नरेंद्र मोदी जेल जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस घोटाले के जब कागज निकलेंगे तब उन पर सिर्फ नरेंद्र मोदी और अनिल अंबानी के नाम होंगे।

★ एक संपादक की घड़ी उतरवा ली...


एक साथी ने सवाल किया सरकार के खैरात बांटने पर। उनका सवाल था कि इधर सरकार टैक्स लेती है और उधर गरीबों को राहत बांटती है। राहुल ने जवाब देने के बजाय पत्रकार से कहा- जरा अपनी कलाई पर बंधी घड़ी दीजिए। घड़ी मिलने पर कुछ पल बाद वापस करते हुऐ कहा- लीजिए मैंने आपको घड़ी दी है। बस सरकार यही कर रही है।

★ पनामा पेपर्स वाली गलती पर रफू...

एक दिन पहले आम सभा में राहुल गलती से पनामा पेपर्स में शिवराज सिंह के पुत्र कार्तिकेय का नाम ले गए थे, जबकि नाम रमन सिंह के बेटे का लेना था।

आज संपादकों के सामने ग़ज़ब की अदा से इस गलती पर रफू किया। राहुल ने कहा कि बीजपी के सभी राज्यों में इतना भ्रष्टाचार है कि कन्फ्यूजन हो जाता है। असल में यहां तो व्यायाम और ई टेंडरिंग घोटाले हुए हैं।

★ मंदिर RSS, BJP की प्रॉपर्टी नहीं हैं...

राहुल गांधी आजकल मंदिर मंदिर घूम रहे हैं। सो सवाल लाज़िमी था। जवाब उतना ही मुखर होकर दिया। राहुल ने कहा- मोदी, शाह मंदिर जाते हैं तब किसी को दिक्कत नहीं। मैं जाता हूं तो बड़ी शिकायत है। क्या मंदिर आरएसएस या बीजेपी की प्रॉपर्टी हैं। उन्होंने कहा कि मैं मंदिर, मस्ज़िद, गुरुद्वारा, चर्च सब जगह जाता हूं। मैं सिर्फ हिन्दुओं का नेता नहीं हूं। मैं हर धर्म, जाति, वर्ग का नेता हूं। मुझे किसी के सर्टिफिकेट की ज़रूरत नहीं है।

★ हिंदूवाद में नफरत और क्रोध नहीं है...

कांग्रेस पार्टी के सॉफ्ट हिन्दुत्व की तरफ बढ़ने पर राहुल ने खूब खुलकर बात की। उन्होंने कहा- बीजेपी के हिन्दुत्व की अवधारणा में नफरत, क्रोध, वैमनस्य है जबकि असली हिंदूवाद ऐसा है ही नहीं। उसकी महान परंपरा है। हिन्दुत्व पर बीजपी का ठेका हो सकता है हिन्दूवाद पर नहीं। राहुल ने एक दफा खुद को राष्ट्रवादी भी कहा।

★ एमपी का सीएम जनता तय करेगी...


राहुल से पूछा गया कि एमपी में किसी को CM कैंडिडेट घोषित क्यों नहीं किया गया?

जवाब में राहुल ने कहा- पार्टी को कमलनाथ के तजुर्बे की ज़रूरत है तो सिंधिया का डायनामिक चेहरा भी चाहिए। (इस बात पर जोर का ठहाका लगा)

राहुल ने कहा कि सब मिलकर लड़ेंगे तब पार्टी जीतेगी। सीएम कौन होगा यह जनता और विधायक तय करेंगे।

★ राजनीति को अपराधियों से बचाना है...

राजनीति में अपराधियों की आमद पर हुए सवाल के जवाब में राहुल गांधी ने साफ कहा कि ऐसे लोगों से राजनीति को बचाना है। मप्र में दागी छवि वाले नेताओं को टिकट नहीं देने के सवाल पर राहुल ने कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया की आवाज देकर आगे कर दिया। कमलनाथ ने कहा कि अगर किसी के खिलाफ राजनैतिक विद्वेष से मुकदमे दर्ज हैं तो उस पर विचार किया जा सकता है। अन्यथा गम्भीर अपराध वालों को पार्टी टिकट नहीं देगी।

#अपनी बात- कई मित्रों ने पूछा है कि जिस तरह राहुल गांधी सहजता के साथ खबरनवीसों से बतियाए क्या कभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी ऐसे मिल सकते हैं...?

अपनी मंशा यह है कि हां.. उन्हें भी मिलना चाहिए..! उन्होंने साढ़े चार साल में एक भी प्रेस कांफ्रेंस नहीं की है। जिस दिन नरेंद्र मोदी इस तरह हम खबरनवीसों से मिलेंगे उस दिन उनका ख़ाका भी खींचेंगे जैसा लगेगा।

आइए हम दुआ करें कि कि हमारे देश के सत्ताधारी इतने सहज हो सकें कि कभी किसी मॉल में तफरीह करते या मल्टीप्लेक्स में अपने परिवार के साथ सिनेमा देखते अचानक मिल जाएं।

कभी कोई बड़ा नेता किसी बुक स्टॉल पर किताबें तलाशते यकायक मिले या कभी कॉफी शॉप में दोस्तों के साथ ठहाके लगाते दिख जाए।...काश...!

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अब India TV में बड़ी भूमिका निभाएंगे सिद्धार्थ बिस्वास

बिस्वास इससे पहले पीटीसी नेटवर्क में हेड (ब्रैंड मार्केटिंग और डिजिटल) की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 21 January, 2021
Last Modified:
Thursday, 21 January, 2021
Siddharth Biswas

हिंदी न्यूज चैनल ‘इंडिया टीवी’ (India TV) में सिद्धार्थ बिश्वास ने बतौर AVP (Strategy and Special Project) जॉइन किया है। बिस्वास इससे पहले पीटीसी नेटवर्क से जुड़े हुए थे और हेड (ब्रैंड मार्केटिंग और डिजिटल) की जिम्मेदारी संभाल रहे थे, जहां से उन्होंने पिछले महीने इस्तीफा दे दिया था।  

पूर्व में बिश्वास ‘जी’ (Zee), ‘दैनिक भास्कर’ (Dainik Bhaskar) और ‘जागरण प्रकाशन’ (Jagran Prakashan) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संसथानों में ब्रैंड मार्केटिंग का काम संभाल चुके हैं।

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TRP Case: BARC इंडिया के पूर्व CEO पार्थो दासगुप्ता की जमानत अर्जी फिर खारिज

यह दूसरी बार है जब टीआरपी घोटाले में गिरफ्तार दासगुप्ता की जमानत याचिका खारिज की गई है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 20 January, 2021
Last Modified:
Wednesday, 20 January, 2021
Partho Dasgupta

मुंबई की सेशन कोर्ट ने टीआरपी (TRP) से छेड़छाड़ के मामले में गिरफ्तार ‘ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल’ (BARC) इंडिया के पूर्व चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर (CEO) पार्थो दासगुप्ता की जमानत याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने इस बारे में 20 जनवरी 2021 को आदेश जारी किए।

बता दें कि टीआरपी घोटाले में कथित संलिप्तता के आरोप में मुंबई पुलिस ने दिसंबर के आखिरी हफ्ते में पार्थो दासगुप्ता को गिरफ्तार किया था। वे 31 दिसंबर, 2020 तक पुलिस हिरासत में थे, जिसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।

न्यायिक हिरासत में ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल कम होने के बाद दासगुप्ता को 15 जनवरी को मुंबई के जेजे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यह दूसरी बार है जब दासगुप्ता की जमानत याचिका खारिज की गई है। इससे पहले मुंबई की मेट्रोपोलिटन कोर्ट ने चार जनवरी को दासगुप्ता की जमानत याचिका खारिज कर  दी थी।

गौरतलब है कि टीआरपी से छेड़छाड़ का मामला अक्टूबर में तब सामने आया था, जब ‘ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल’ (BARC) द्वारा देश में टीवी दर्शकों की संख्या मापने के लिए घरेलू पैनल के प्रबंधन का जिम्मा संभालने वाली एजेंसी ‘हंसा रिसर्च’ (Hansa Research) के अधिकारी नितिन देवकर ने एक शिकायत दर्ज की, जिसमें कहा गया था जिन घरों में बार-ओ-मीटर लगे हैं, उन घरों को भुगतान करके कुछ टीवी चैनल्स दर्शकों की संख्या में हेरफेर कर रहे हैं।

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मानहानि के मामले में वरिष्ठ पत्रकार परांजय गुहा ठाकुराता की बढ़ीं मुश्किलें

अडानी समूह द्वारा दायर मानहानि के मुकदमे में वरिष्ठ पत्रकार परांजय गुहा ठाकुराता की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 20 January, 2021
Last Modified:
Wednesday, 20 January, 2021
Thakurta6465

अडानी समूह द्वारा दायर मानहानि के मुकदमे में वरिष्ठ पत्रकार परांजय गुहा ठाकुराता की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इस मामले में गुजरात के कच्छ जिले में मुंद्रा की एक अदालत ने मंगलवार को उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नई दिल्ली की निजामुद्दीन थाना पुलिस को निर्देश जारी करते हुए न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रदीप सोनी की अदालत ने कहा, ‘आईपीसी की धारा 500 के तहत आरोपी के खिलाफ आरोप तय किया जाता है। आपको उक्त आरोपी को गिरफ्तार करने और मेरे समक्ष पेश करने का निर्देश दिया जाता है।’

गौरतलब है कि वरिष्ठ पत्रकार परांजय ठाकुराता ने 2017 में अडानी समूह को सरकार की ओर से ‘500 करोड़ रुपए का उपहार’ मिलने की खबर प्रकाशित की थी, इसी को लेकर समूह ने उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया है।

रिपोर्ट्स मुताबिक, उनके वकील आनंद याग्निक ने कहा, ‘हमें अभी तक (अदालत से) सूचना प्राप्त नहीं हुई है। हमारे पास यह सूचना (गिरफ्तारी वारंट की) मीडिया के माध्यम से पहुंची है।’ उन्होंने कहा कि अडानी समूह ने पत्रिका के संपादक सहित सभी के खिलाफ अपनी शिकायत वापस ले ली है, सिर्फ पत्रकार के खिलाफ शिकायत कायम है। वकील ने कहा कि ‘लेख प्रकाशित करने वाली पत्रिका आपराधिक मानहानि के लिए जिम्मेदार नहीं है, सह-लेखक के खिलाफ भी मामला वापस ले लिया गया है लेकिन आप लेखक के खिलाफ शिकायत वापस नहीं ले रहे हैं।’ उन्होंने कहा, ‘हमने अदालत में मुकदमा खरिज करने की अर्जी दी है।’

वकील ने बताया कि महामारी के कारण अदालत में सुनवाई बाधित होने की वजह से अडानी समूह द्वारा दायर मुकदमे पर सोमवार को सुनवाई हुई और अदालत ने कहा कि वह समुचित आदेश देगी। उन्होंने कहा, ‘आज उन्होंने समुचित आदेश दिया है।’

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BARC के पूर्व सीईओ पार्थो दास गुप्ता की बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में भर्ती

बार्क (BARC) के पूर्व सीईओ पार्थो दास गुप्ता की तबीयत शुक्रवार को अचानक बिगड़ गई, जिसके चलते उन्हें मुंबई के जेजे अस्पताल में भर्ती कराया गया।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Saturday, 16 January, 2021
Last Modified:
Saturday, 16 January, 2021
Partho Dasgupta

बार्क (BARC) के पूर्व सीईओ पार्थो दास गुप्ता की तबीयत शुक्रवार को अचानक बिगड़ गई, जिसके चलते उन्हें मुंबई के जेजे अस्पताल में भर्ती कराया गया। बता दें कि उनका ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल कम हो गया था, जिसके बाद तंजोला जेल प्रशासन ने उन्हें शुक्रवार दोपहर एक बजे अस्पताल में शिफ्ट किया था।

उनकी पत्नी सम्राज्नी दासगुप्ता (Samrajni Dasgupta) के मुताबिक, डॉक्टर्स की देखरेख में आज सुबह उन्हें आईसीयू (Intensive Care Unit) में शिफ्ट किया गया। उन्होंने बताया, ‘पार्थो किसी भी वॉयस कमांड का जवाब नहीं दे पा रहे हैं और न ही कुछ बोल पा रहे हैं। वह ब्लड शुगर के मरीज हैं और उनका ब्लड प्रेशर भी घट-बढ़ रहा है। हमें आज सुबह ही उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी दी गई थी। उनकी हालत नाजुक है।’

बता दें कि टीआरपी घोटाले मामले में कथित संलिप्तता के आरोप में मुंबई पुलिस ने दिसंबर के आखिरी हफ्ते में उन्हें गिरफ्तार किया था। वे 31 दिसंबर, 2020 तक पुलिस हिरासत में थे, जिसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।

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प्रख्यात फिल्म समीक्षक राजीव मसंद ने पत्रकारिता से बनाई दूरी, इस कंपनी में बने COO

प्रख्यात फिल्म समीक्षक राजीव मसंद ने फिलहाल पत्रकारिता से दूरी बना ली है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Saturday, 16 January, 2021
Last Modified:
Saturday, 16 January, 2021
KaranJohar5454

प्रख्यात फिल्म समीक्षक राजीव मसंद ने फिलहाल पत्रकारिता से दूरी बना ली है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो अब उन्होंने बतौर चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर यानी COO टैलेंट मैनेजमेंट फर्म धर्मा कॉर्नरस्टोन एजेंसी (DCA) जॉइन कर लिया है। कंपनी में चलने वाले ऑपरेशन्स की जिम्मेदारी अब राजीव मसंद के कंधो पर होगी।

बता दें कि पिछले साल दिसंबर में फिल्म निर्माता करण जौहर ने बंटी सजदेह के साथ अपनी इस टैलेंट मैनेजमेंट फर्म की घोषणा की थी। सजदेह की कंपनी कॉर्नरस्टोन की स्थापना 2008 में हुई थी। कंपनी विराट कोहली, विनेश फोगाट, के एल राहुल, सानिया मिर्जा और युवराज सिंह जैसे खिलाड़ियों का कामकाज देखती है।

बता दें कि 41 वर्षीय मसंद दो दशक से अधिक समय तक पत्रकार और मनोरंजन उद्योग के समीक्षक के तौर पर काम कर चुके हैं। राजीव मसंद ने 16 साल की उम्र में पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा था, उसके बाद वे कई मीडिया ग्रुप्स के साथ काम कर चुके हैं। वो हमेशा के लिए पत्रकारिता छोड़ चुके हैं या नहीं, इस पर उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं आया है।

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रिपोर्टिंग के दौरान इस तकलीफ को बर्दाश्त नहीं कर पाई रिपोर्टर, फूट-फूटकर रोई

सोशल मीडिया पर एक ऐसा वीडियो वायरल हो रहा है, जो इस तरह लोगों के मौत से होने वाली तकलीफ को बयां कर रहा है।

Last Modified:
Friday, 15 January, 2021
reporter5454

कोरोना महामारी ने अपनों को खोने का बहुत से लोगों को दर्द दिया है और वो सारे रस्म और दस्तूर बदल डाले जो हमारे जीवन का हिस्सा थे। इस महामारी के सामने हमारी सारी परम्पराओं ने एक पल में घुटने टेंक दिए। कोरोना से हुई मौतों से उबर पाना हरगिज आसान नहीं है। इस महामारी से दुनियाभर में सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाला देश अमेरिका में अब लोगों का धैर्य टूटने लगा है। सोशल मीडिया पर एक ऐसा वीडियो वायरल हो रहा है, जो इस तरह लोगों के मौत से होने वाली तकलीफ को बयां कर रहा है।

दरअसल, पिछले सप्ताह सीएनएन की एक रिपोर्टर सारा सिडनर लॉस एंजिलिस से लाइव रिपोर्टिंग के दौरान इस कदर भावुक हुईं कि फूट-फूटकर रो पड़ीं। उनका वीडियो पूरी दुनिया में तेजी से वायरल हो गया। वह कोरोना के कारण 12 जनवरी को अपने माता और सौतेले पिता दोनों को खो चुकीं एक महिला की व्यथा कवर रही थीं। सारा ने इस लाइव रिपोर्टिंग के दौरान कहा कि वह रिपोर्टिंग के लिए लगातार 10 अस्पतालों में गईं, जहां उन्होंने कोरोना से पीड़ित मरीजों व उनके परिवार के लोगों को जिस तरह से अस्पताल में रहते हुए देखा, इससे उन्हें बेहद दु:ख हुआ। 

लाइव रिपोर्टिंग के दौरान सिडनर ने रोते हुए कहा कि कोरोना वायरस सभी समुदायों के लोगों को ‘असम्मानजनक’ रूप से मार रहा है। वे इसका खामियाजा उठा रहे हैं। उन लोगों में से कई ऐसे लोग हैं, जिन पर हम अपना दैनिक जीवन जीने के लिए भरोसा करते हैं। 

सारा ने कहा कि यह सब होने के बाद इन परिवारों के लिए जीवन जीना कितना कठिन है और इनके दिल में कितना दर्द है, इस बात को समझ पाना वास्तव में काफी कठिन है।

सिडनर के कहा कि मुझे गुस्से में रोना आया। गुस्सा उन लोगों पर, जिन्होंने बीमारी को गंभीरता से नहीं लिया और सच्चाई के खिलाफ लड़ते रहे। ऐसे लोगों ने अन्य लोगों की जान जोखिम में डाली। सिडनर ने इस दौरान आंसुओं से सराबोर रहीं।

यही नहीं कार्यक्रम में दौरान भावुक होने के बाद रिपोर्टर ने एंकर से माफी भी मांगी। इसके बाद एंकर ने अपनी सहकर्मी को बार-बार आश्वासन देते हुए कहा कि कोई माफी की जरूरत नहीं है। साथ ही एंकर ने कहा कि उसके सहयोगियों और दर्शकों ने आपके दिल से किए गए इस उत्कृष्ट रिपोर्टिंग की सराहना की है।

इस वीडियो को साझा करते हुए सारा ने लिखा कि रिपोर्टर के तौर पर मैं अपने काम को भले ही अच्छे से नहीं कर पाई लेकिन अब वापस उस समय को नहीं लाया जा सकता है।

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इस मीडिया वर्कशॉप में मिलेंगे बेहतरीन नौकरी के अलावा उद्यमी बनने के टिप्स

दि ग्रोथ स्कूल के एसोसिएट पार्टनर के रूप में समाचार4मीडिया पत्रकारिता के क्षेत्र में आने के इच्छुक लोगों के लिए कार्यशाला शुरू करने जा रहा है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 19 January, 2021
Last Modified:
Tuesday, 19 January, 2021
Media Workshop

इस वर्ष वैश्विक महामारी कोरोना ने सारे संसार को घुटनों पर ला दिया। कई व्यवसाय बंद हो गए, नौकरियां खत्म हुईं और वेतन घट गए। इस महामारी से मीडिया उद्योग भी अछूता नहीं रहा और बहुत से मीडिया घरानों के शटर गिर गए। कई अखबारों के अलाभप्रद संस्करण बंद हो गए। पत्रकारों और मीडिया उद्योग से जुड़े बहुत से कर्मियों का बड़ा वर्ग सड़क पर आ गया। जब तक लोग नौकरी में थे, सुखी थे, कंफर्ट जोन में थे, कुछ और सोचने की जरूरत ही नहीं थी। बेरोजगार हुए तो बहुत से लोगों ने विकल्पों के बारे में सोचना शुरू किया और कुछ लोगों ने अलग-अलग छोटी-मोटी नौकरियां पकड़ लीं, पर कुछ लोगों ने उद्यम की राह पकड़ी। इतिहास गवाह है कि जब-जब भी मंदी आती है या नौकरियों का अकाल पड़ता है तो उद्यम सबसे ज्यादा अच्छा विकल्प बनकर उभरता है और ज्यादा से ज्यादा लोग उद्यमी बनने के रास्ते तलाशते हैं।

मीडिया उद्योग में पिछले कई सालों से यह हो रहा है कि रिटायर होने के बाद, नौकरी से इस्तीफा देने के बाद या नौकरी से निकाल दिए जाने के बाद बहुत से पत्रकारों ने न्यूज पोर्टल बना लिए। पत्रकार रह चुकने के कारण उन्हें शायद यह सबसे आसान विकल्प लगा। दिक्कत यह है कि ऐसे बहुत से लोग बहुत छोटे से दायरे में सिमटकर रह गए और लॉकडाउन के समय उनकी दिक्कतें और बढ़ गईं,क्योंकि आय के साधन नहीं बचे। अब सवाल यह है कि जब नौकरियों का अकाल हो और व्यवसाय का आसान विकल्प भी न रह गया हो तो क्या किया जाए।

इस सारी स्थिति के मद्देनज़र दि ग्रोथ स्कूल के एसोसिएट पार्टनर के रूप में समाचार4मीडिया ने एक अनूठी पहल करते हुए पत्रकारिता के क्षेत्र में आने के इच्छुक लोगों के लिए वेबिनार शुरू किये हैं। इस विशिष्ट कार्यशाला में पत्रकारिता, खासकर हिंदी पत्रकारिता का ज्ञान रखने वाले लोगों को नौकरी के अलावा उद्यमी बनने के नए विकल्पों की जानकारी भी दी जाएगी, ताकि पत्रकारिता का ज्ञान रखने वाले लोग सिर्फ नौकरी के ही मोहताज न रहें। मीडिया जगत इस समय गंभीर संकट के दौर से गुजर रहा है, इस दौर में आत्मनिर्भरता का यह प्रयास समय की आवश्यकता है।।

समाचार4मीडिया के पूर्व संपादक, प्रसिद्ध लेखक, स्तंभकार और मोटिवेशनल स्पीकर पी.के. खुराना इस ऑनलाइन शिविर का संचालन करेंगे, जो 30 और 31 जनवरी 2021 को दोनों दिन प्रात:10 बजे से दोपहर एक बजे तक और फिर अपराह्न तीन बजे से शाम छह बजे तक चलेगा।

पी.के खुराना ने दैनिक भास्कर और पंजाब केसरी सहित कई मीडिया घरानों और प्रेस क्लबों के लिए पत्रकारिता कार्यशालाओं का सफल संचालन किया है। व्यावहारिक गतिविधियों से भरपूर उनकी कार्यशालाएं सदैव एक आनंददायक अनुभव होती हैं। अपने चुटीले अंदाज में वे प्रतिभागियों को सफलता की राह पर ले चलते हैं। यानी, वे सिर्फ पत्रकारिता के क्षेत्र में सफल होना ही नहीं सिखाते, बल्कि यह भी सिखाते हैं कि तनावरहित जीवन जीते हुए खुश कैसे रहा जाए।

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TV9 Network में जसविंदर सिंह को मिली इस बड़े पद की जिम्मेदारी

जसविंदर सिंह पूर्व में विजक्राफ्ट (Wizcraft) और जागरण सॉल्यूशंस (Jagran Solutions) आदि संस्थानों में अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 14 January, 2021
Last Modified:
Thursday, 14 January, 2021
TV9 Network

देश के बड़े मीडिया नेटवर्क्स में शुमार ‘टीवी9 नेटवर्क’ (TV9 Network) ने जसविंदर सिंह (Jaswinder Singh) को वाइस प्रेजिडेंट (स्पेशल प्रोजेक्ट्स और इवेंट्स) के पद पर नियुक्त किया है। अपनी नई भूमिका में वह रेवेन्यू आधारित तमाम पहलों का नेतृत्व करेंगे।   

जसविंदर सिंह को इंडस्ट्री में काम करने का 18 साल से ज्यादा का अनुभव है। पूर्व में वह विजक्राफ्ट (Wizcraft) और जागरण सॉल्यूशंस (Jagran Solutions) आदि संस्थानों में अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं। टीवी9 नेटवर्क’ को जॉइन करने से पहले वह ‘जी मीडिया’ (Zee Media) की इनोवेशन सैल (Innovation cel) का हिस्सा थे।

इस बारे में टीवी9 स्टूडियो के सीओओ (डिजिटल और ब्रॉडकास्टिंग) रक्तिम दास ने कहा, ‘हम नेटवर्क में जसविंदर सिंह की नियुक्ति का स्वागत करते हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि हमें उनके अनुभवों का काफी लाभ मिलेगा और हम इंडस्ट्री में नए बेंचमार्क स्थापित करेंगे।’

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इस वजह से यू-ट्यूब ने राष्ट्रपति के चैनल को सात दिनों के लिए किया सस्पेंड

यू-ट्यूब ने अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के चैनल को अस्थाई तौर पर निलंबित कर दिया, अब इस चैनल पर अब सात दिन तक कोई नया वीडियो अपलोड नहीं किया जा सकेगा।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 13 January, 2021
Last Modified:
Wednesday, 13 January, 2021
YouTube

यू-ट्यूब ने अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के चैनल को अस्थाई तौर पर निलंबित कर दिया है। अब इस चैनल पर अब सात दिन तक कोई नया वीडियो अपलोड नहीं किया जा सकेगा। साथ ही अपलोड किए गये उनके नए वीडियो को भी हटा दिया है।

'भड़काने वाले बयान बर्दाश्त नहीं' यू-ट्यूब ने अपने बयान में कहा है कि यू-ट्यूब हिंसा भड़काने या लोगों को उकसाने वाले कंटेट को लेकर संवेदनशील है और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नया वीडियो यू-ट्यूब की नीतियों का उल्लंघन करता है, लिहाजा राष्ट्रपति ट्रंप का नया वीडियो यू-ट्यूब से हटा दिया गया है। इसके साथ ही यू-ट्यूब ने राष्ट्रपति ट्रंप के चैनल पर स्ट्राइक भी किया है, जिसका मतलब ये है कि अब राष्ट्रपति ट्रंप अगले एक हफ्ते तक अपने यू-ट्यूब चैनल पर ना तो नया वीडियो अपलोड कर सकते हैं और ना ही लाइव स्ट्रीमिंग ही कर सकते हैं।

'ट्रंप के चैनल पर भड़काने वाले कंटेंट' यू-ट्यूब ने अपने बयान में कहा है कि राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के चैनल पर जो वीडियो पोस्ट किया गया था उसकी सावधानीपूर्वक समीक्षा की गई है, जिसके बाद वीडियो के कंटेट में हमने हिंसा भड़काने वाले कंटेंट को पाया है, जो हमारी नीतियों का उल्लंघन करता है, लिहाजा ट्रंप के चैनल से नए वीडियो को हटाते हुए उनके चैनल को एक हफ्ते के लिए बैन कर दिया गया है।'

इससे पहले भी यू-ट्यूब ट्रंप के चैनल पर आने वाले कॉमेंट पर हिंसा भड़काने का हवाला देते हुए पाबंदी लगा चुका है। 6 जनवरी को कैपिटल हिल दंगे के बाद पूरी दुनिया में राष्ट्रपति ट्रंप की आलोचना हो रही है। हेट स्पीच, दंगा भड़काने और समर्थको को उकसाने के आरोप में ट्विटर ने डोनाल्ड ट्रंप के अकाउंट को स्थायी तौर पर बंद कर दिया था। वहीं अमेरिकी सिविल राइट ग्रुप ने यू-ट्यूब से ट्रंप के चैनल को बंद करने की मांग करते हुए कहा था कि यदि गूगल यू-ट्यूब से डोनाल्ड ट्रंप के चैनल को नहीं हटाता है, तो फिर यू-ट्यूब पर आने वाले विज्ञापनों का बहिष्कार किया जाएगा।  

मंगलवार को दिए गये इस बयान के बाद बुधवार को ही यू-ट्यूब ने ट्रंप के चैनल को एक हफ्ते के लिए बैन कर दिया है। ट्रंप पर 'सोशल' पाबंदियां यू-ट्यूब से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ट्विटर, फेसबुक और स्नैप इंक स्थायी तौर पर बैन कर चुका है। डोनाल्ड ट्रंप के यू-ट्यूब चैनल को 2.76 मीलियन लोगों ने सब्सक्राइब किया हुआ है। आरोप था कि अभी भी डोनाल्ड ट्रंप अपने यू-ट्यूब चैनल के जरिए लोगों को हिंसा के लिए भड़का रहे हैं।

 

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TRP Case: BARC इंडिया के पूर्व CEO पार्थो दासगुप्ता ने मांगी जमानत, कोर्ट में रखे ये तर्क

पार्थो दासगुप्ता को अंतरिम जमानत देने से इनकार करते हुए कोर्ट ने मामले को 15 जनवरी तक के लिए स्थगित कर दिया है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 12 January, 2021
Last Modified:
Tuesday, 12 January, 2021
Partho Dasgupta

टीआरपी (TRP) से छेड़छाड़ के मामले में गिरफ्तार ‘ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल’ (BARC) इंडिया के पूर्व चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर (CEO) पार्थो दासगुप्ता ने सोमवार को मुंबई की सेशंस कोर्ट से जमानत मांगी।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अधिवक्ता शार्दुल सिंह ने दासगुप्ता की जमानत के लिए कोर्ट के समक्ष तमाम तर्क दिए। इसके साथ ही उन्होंने मुंबई पुलिस के उन आरोपों का खंडन किया कि टीआरपी में हेरफेर के लिए दासगुप्ता ने अपने पद का गलत इस्तेमाल किया। शार्दुल सिंह ने तर्क दिया कि डाटा को हंसा रिसर्च कंपनी द्वारा एकत्रित व आपूर्ति किया गया और दासगुप्ता का इस पर बहुत कम नियंत्रण था।   

शार्दुल सिंह का कहना था कि ऐसे कोई भी सबूत नहीं है कि दासगुप्ता की ओर से बेईमानी की गई। धोखाधड़ी अथवा भरोसे को तोड़े जाने के मामले में कोई शिकायतकर्ता होना चाहिए, लेकिन इस मामले में ऐसा कुछ नहीं है।

शार्दुल सिंह ने तर्क दिया कि कथित टीआरपी घोटाले से प्रभावित लोग मीडिया संस्थान और विज्ञापनदाता हैं, जो शिकायतकर्ता के रूप में आगे नहीं आए हैं। उन्होंने कहा कि अभियोजन पक्ष ने ऐसा नहीं किया है, क्योंकि कोई भी विज्ञापनकर्ता धोखा नहीं दे रहा है।

शार्दुल सिंह का कहना था कि दासगुप्ता को जेल में रखे जाने का कोई औचित्य नहीं है, क्योंकि BARC के सीईओ के पद पर रहते हुए दासगुप्ता द्वारा इस्तेमाल किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरण व फाइनेंसियल स्टेटमेंट्स पुलिस द्वारा जब्त किए जा चुके हैं।  

शार्दुल सिंह ने BARC इंडिया के पूर्व चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) रोमिल रामगढ़िया का उदाहरण भी दिया, जिन्हें इस मामले में जमानत पर छोड़ दिया गया था। इसके साथ ही शार्दुल सिंह ने जोर देकर कहा कि दासगुप्ता डायबिटीज के मरीज हैं।   

तमाम तर्कों को सुनने के बाद कोर्ट ने दासगुप्ता को अंतरिम जमानत देने से इनकार करते हुए मामले को 15 जनवरी तक के लिए स्थगित कर दिया और कहा कि इसके बाद कोई और स्थगन नहीं दिया जाएगा।

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