होम / इंडस्ट्री ब्रीफिंग / आचार्य बालकृष्ण ने इस तरह समझाया कर्म व्यवस्था का ‘गणित’
आचार्य बालकृष्ण ने इस तरह समझाया कर्म व्यवस्था का ‘गणित’
प्रतिष्ठित मैगजीन ‘इम्पैक्टस’ (IMPACT) ने पिछले साल अपनी 13वीं वर्षगांठ...
समाचार4मीडिया ब्यूरो 7 years ago
समाचार4मीडिया ब्यूरो।।
प्रतिष्ठित मैगजीन ‘इम्पैक्ट’ (IMPACT) ने पिछले साल अपनी 13वीं वर्षगांठ मनाई। इस उपलक्ष्य में मैगजीन ने एनिवर्सिरी स्पेशल इश्यू जारी कर इस उपलब्धि को सेलिब्रेट किया। ‘द गुड लक इश्यू’ (The GOOD LUCK Issue) नाम से जारी इस इश्यू में तमाम दिग्गजों ने गुड लक को लेकर अपने दृष्टिकोण से रूबरू कराया।
इस बारे में पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड के सीईओ आचार्य बालकृष्ण का कहना है, ‘मेरा मानना है कि जीवन में व्यक्ति जो कुछ भी करता है, फिर चाहे वो गलत हो या सही, उसे भविष्य में इसका फल जरूर मिलता है। उनका कहना है, ‘यदि कोई व्यक्ति ये कहता है कि अब से मैं हमेशा अच्छे काम करूंगा तो इसका मतलब ये नहीं है कि पूर्व में उसने जो गलत काम किए हैं, उसकी कीमत उस व्यक्ति को नहीं चुकानी पड़ेगी। सभी कामों का फल किसी न किसी रूप में आपको एक न एक दिन जरूर मिलेगा।’
आचार्य बालकृष्ण के अनुसार, ‘यही कारण है कि मनुष्य को अपने जीवन में सब कुछ हासिल नहीं होता है। एक ऐसी अलौकिक शक्ति है, जो आपके प्रत्येक कर्म का हिसाब रखती है। शायद इसी वजह से हमें दुख और खुशी मिलती है। हम इसे कर्म व्यवस्था कह सकते हैं।’ उनका कहना है कि मंदिर-मस्जिद में जाने से व्यक्ति के बुरे कर्म नहीं मिटेंगे, बल्कि यह भविष्य में आपको अच्छे कर्म करने में सहायक होंगे और आपके बुरे कर्मों का जो परिणाम मिलेगा, उसे सहन करने की ताकत देंगे।
आचार्य बालकृष्ण के अनुसार, ‘जीवन में हम दो चीजों में विश्वास रखते हैं, एक भाग्य और दूसरा भगवान की इच्छा। आपका भाग्य आपके द्वारा किए गए तात्कालिक कार्यों पर आधारित नहीं होता है, बल्कि उसका प्रभाव बाद में मिलता है। उदाहरण के लिए-आपने देखा होगा कि कोई व्यक्ति अच्छे कर्म कर रहा है, लेकिन उसे फिर भी सफलता नहीं मिल रही है और कोई अच्छे काम नहीं कर रहा है, इसके बावजूद उसे लगातार सफलता मिलती जा रही है। इसलिए यह जरूरी नहीं है कि आपने अब जो काम किया है, उसका फल भी आपको तभी मिल जाएगा। यह आपको कभी भी मिल सकता है। यही कारण है कि जब हमें उम्मीद के विपरीत सफलता मिलती है, तो हम उसे भाग्य कहते हैं, जबकि यह आपके द्वारा पूर्व में किए गए कर्मों का परिणाम होती है।’
आचार्य बालकृष्ण के अनुसार, ‘क्या कभी भी किसी व्यक्ति को सिगरेट पीने के तुरंत बाद कैंसर हो सकता है? नहीं, इसमें काफी समय लगता है। इसलिए आपको भी जो फल मिलता है, उसमें भी समय लगता है। पहले कर्म करें, फिर प्रार्थना करें, इससे आपको आखिर में निश्चित रूप से सफलता मिलेगी।’
उन्होंने बताया, ‘पतंजलि की बात करें तो हम कभी भी अपने काम के साथ समझौता नहीं करते हैं। हमारी पॉलिसी कभी न रुकने की है। हम लोगों को आयुर्वेद की ताकत से परिचित कराना चाहते हैं और समाज सेवा के काम करना चाहते हैं। काले धन के खिलाफ भी हमारी लड़ाई जारी है। तमाम समस्याओं के बावजूद हमने अपने उद्देश्यों की पूर्ति के लिए ईमानदारी से काम किया। भगवान की कृपा से हम अपने रास्ते से कभी नहीं भटके और इससे हमें अच्छे कर्म करने में काफी सहायता मिली।’
टैग्स आचार्य बालकृष्ण