‘माफ करना रवीश, आज के बाद तुम पत्रकार नहीं हो, क्या तुम सहूलियत देखकर बोलते हो...'

प्रखर श्रीवास्तव ।। 1982 में एक फर्ज़ी घोटाले में नाम आने के बाद मेरे पिताजी को सस्पैंड कर दिया गया। तब मेरे पिताजी एक सरकारी शुगर मिल के मैनेजिंग डायरेक्टर थे। शाम को 6 बजे एमपी की तत्कालीन अर्जुन सिंह सरकार ने ये फैसला लिया और सुबह 6 बजे प्रदेश के सबसे बड़े अख़ब

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 23 February, 2017
Last Modified:
Thursday, 23 February, 2017
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प्रखर श्रीवास्तव ।। 1982 में एक फर्ज़ी घोटाले में नाम आने के बाद मेरे पिताजी को सस्पैंड कर दिया गया। तब मेरे पिताजी एक सरकारी शुगर मिल के मैनेजिंग डा...
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