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सीआईआई ब्रांड सम्मिट 2010 ग्राहकों को आकर्षित करने की चुनौतियों पर फोकस करेगी
<p>बंगलूरु ब्यूरो</p> <div>सीआईआई 19 और 20 फरवरी को बंगलूरू में “मार्केटिंग डिसरप्शन: हाउ विल
समाचार4मीडिया ब्यूरो 10 years ago
बंगलूरु ब्यूरो
सीआईआई 19 और 20 फरवरी को बंगलूरू में “मार्केटिंग डिसरप्शन: हाउ विल ब्रांड्स वू कस्टमर्स इन द एज ऑफ डिस्कंटीन्यूइटी” (मार्केटिंग व्यवधान: अवरोध के युग में विभिन्न ब्रांड ग्राहकों को कैसे आकर्षित करेंगे?) विषय पर दो-दिवसीय ब्रांड सम्मिट 2010 का आयोजन कर रहा है ताकि इंडस्ट्री के लोग ग्राहकों को आकर्षित करने की चुनौतियों पर विचार कर सकें।
इस सम्मेलन के उदघाटन सत्र में नए युग के ग्राहकों द्वारा व्यवधान, नए मीडिया के उत्थान, तकनीकी विकास से होने वाले व्यवधान, पारंपरिक टीवी और एडवरटाइजिंग के अंत, उत्पादों के सह निर्माण, व्यावसायिक सामग्री और ग्राहक-अनुभव, सेलेब्रिटीज की सहायता से ग्राहकों की भागीदारी तथा शेयर होल्डरों को ज्यादा लाभ आदि विषयों पर चर्चा होगी।
आरके स्वामी बीबीडीओ के सीएमडी एवं इस सम्मेलन के अध्यक्ष श्रीनिवासन के स्वामी ने बताया, “कंज्यूमर प्रोफाइल लगातार बदलने तथा मीडिया मिक्स में विकास होते रहने के कारण ग्राहकों के संपर्क में रहना एक गंभीर चुनौती बन गया है। इसके अतिरिक्त तकनीक में विकास के कारण एक जैसे गुणों वाले मिलते-जुलते उत्पादों के तुरंत उपलब्ध हो जाने के कारण भी हमारी समस्या बढ़ी है। इस चुनौतियों के दरपेश हम यह समझने की कोशिश करेंगे कि मार्केटिंग अवरोधों के इस युग में ग्राहकों के संपर्क में रहने तथा उनके लिए प्रासंगिक बने रहने के लिए हमें क्या करना चाहिए।“
स्वामी ने बताया कि मार्केटिंग अवरोध ग्राहक, मीडिया और तकनीक के तीन स्तरों पर प्रभावित करते हैं। सन् 1982 से 2000 के बीच पैदा हुए लोग मल्टीमीडिया कम्युनिकेशन, मनोरंजन और सोशल नेटवर्किंग के आदी हैं तथा वे पुरानी पीढ़ी की अपेक्षा तकनीक पर ज्यादा आश्रित हैं। वे आईपॉड, मोबाइल फोन, वीडियो गेम, पीसी, टीवी और सोशल नेटवर्क का प्रयोग करते हुए एक साथ कई-कई काम करते हैं। ये लोग इतनी तरह से विभिन्न माध्यमों से जुड़े रहते हैं कि वे हर रोज तीन हजार के लगभग विज्ञापन संदेश प्राप्त करते हैं। विज्ञापनों की इस बंबार्डमेंट तथा माध्यमों के फ्रेगमेंटेशन के कारण इन लोगों तक पहुंचना एक बड़ी चुनौती बन गया है। वह भी खासकर तब, जब ये लोग विज्ञापन संदेशों के प्रति बहुत ही असहिष्णु हैं।
स्वामी ने बताया कि टीवी और कंप्यूटर का संगम हो रहा है। अब आपके फोन में ही टीवी, रेडियो, संगीत, गेमिंग, कैमरा, इंटरनेट, सोशल नेटवर्किंग, इ-कामर्स आदि की सुविधाएं उपलब्ध हैं। यह भी संभव हो गया है कि ग्राहक सारे व्यवसायिक संदेशों को प्रतिबंधित करके केवल टीवी प्रोग्राम देख सके। इंटरनेट के कारण अब टीवी कार्यक्रमों से समय का बंधन भी हट गया है क्योंकि व्यक्ति अब अपने मनपसंद समय में अपना मनपसंद कार्यक्रम देख सकता है। इस तरह ये साधन ग्राहकों की नई आवश्यकताओं के अनुरूप ढल गए हैं, परंतु इन्होंने मार्केटिंग पेशेवरों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
स्वामी ने यह भी बताया कि इस सम्मेलन में 400 प्रतिभागियों के भाग लेने की उम्मीद है, जिसमें विभिन्न उधोगों के सीईओ, मार्केटिंग, एडवरटाइजिंग, मार्केटिंग कम्युनिकेशन, कार्पोरेट कम्युनिकेशन, पब्लिक रिलेशन्स, ब्रांड मैनेजर तथा बिजनेस डेवलपमेंट पेशेवर आदि शामिल होंगे।
सम्मेलन में केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी को निमंत्रित किया गया है और उनके उदघाटन भाषण देने की संभावना है। उनके अतिरिक्त गोदरेज समूह के अध्यक्ष आदी गोदरेज, यूनिलीवर एशिया एवं मध्य पूर्व के मीडिया सेवाओं के वाइस प्रेसिडेंट राहुल वेल्डे, पेप्सिको इंडिया की मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर पुनीता लाल, टीवीएस मोटर कंपनी के मार्केटिंग प्रेसिडेंट एचएस गोइंदी तथा मारुती सुजुकी लिमिटेड के मार्केटिंग एवं सेल्स के एग्जीक्यूटिव ऑफिसर मयंक पारीक के सम्मेलन को संबोधित करने की संभावना है।
इसके अतिरिक्त ओम्नीकॉम ग्रुप इंक के वाइस चेयरमैन टिम लोवे, आईबीएम के ग्लोबल एंड अमेरिकाज बिजनेस स्ट्रेटेजी लीडर डा. साउल जे बरमन, द गीक फैक्ट्री के संस्थापक एवं सीईओ पीटर शैंकमैन, ओगिल्वी 360 डिजिटल इन्फ्लुएंस के स्ट्रेटेजी एवं मार्केटिंग के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट रोहित भार्गव, अंकीना नेटवर्क्स इंक के कॉर्पोरेट व बिजनेस डेवलपमेंट वाइस प्रेसिडेंट दीपक श्रीनिवासन तथा इंग्लैंड से बीबीसी वर्ल्ड के एयरटाइम सेल्स के निदेशक जोनाथन हाउलेट भी सम्मेलन में शिरकत करेंगे।
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