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भ्रष्टाचार देश की जड़ों तक पहुंच चुका है
<div><span style=color: #0000ff><strong>प्रभात रंजन, दीन वरिष्ठ पत्रकार </strong></span></
समाचार4मीडिया ब्यूरो 10 years ago
प्रभात रंजन, दीन वरिष्ठ पत्रकार
आजादी के 64 सालों के बाद आज अन्ना हजारे को भ्रष्टाचार की याद आयी है। आजादी के समय से अब तक ए. राजा जैसे बहुत सारे लोग हुये हैं। भ्ष्टाचार हर दौर में रहा है, मै यह मानता हूं कि भारत की आजादी की जो जमीन महत्मा गांधी ने तैयार की वही नैतिक रूप से गिरी हुई थी। नैतिकता की स्कूलिंग भी वहीं से हुई है। हम सभी ने नैतिकता वहीं से सीखी है। देश एक था तो किस बिना पर इसे दो भागों में तोड़ने की हिम्मत हुई। उदाहरण के लिये मान लें कि एक पिता की दो संतानें थी एक का नाम जवाहर लाल था, दूसरे का नाम जिन्ना था।
महत्मा गांधी ने अनैतिकता से आजादी की नींव रखी। हमारी स्कूलिंग ही अनैतिकता से हुयी है तो आचरण में नैतिकता कहां से आयेगी। हम अन्ना हजारे को बहुत बड़ा आईकॉन तो नही मानते, लेकिन वे अच्छा काम कर रहे है 64 सालो में भ्रष्टाचार देश की जड़ों में समां चुका है, अन्ना हजारे ने भ्रष्टाचार को एक मुद्दा बनाने की कोशिश की है अब सभी को इस पर जवाब देने की जरूरत हैं।
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