होम / इंडस्ट्री ब्रीफिंग / गलत रिपोर्टिंग करने पर पत्रकारों पर जुर्माना व कार्रवाई जरूरी: आलोक मेहता
गलत रिपोर्टिंग करने पर पत्रकारों पर जुर्माना व कार्रवाई जरूरी: आलोक मेहता
वरिष्ठ पत्रकार आलोक मेहता ने कहा कि देश में मीडिया काउंसिल की आवश्यकता है, जिसमें न्यायपालिका और अनुभवी संपादकों को शामिल किया जाना चाहिए।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 9 months ago
विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस (वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम डे) के अवसर पर एक्सचेंज4मीडिया ग्रुप की ओर से एक विशेष वेबिनार का आयोजन किया गया, जिसमें भारतीय मीडिया जगत की जानी-मानी हस्तियों ने भाग लिया और बदलती मीडिया दुनिया, पत्रकारिता की जिम्मेदारियों और वर्तमान चुनौतियों पर अपने विचार साझा किए।
इस वेबिनार में शामिल प्रमुख नामों में डॉ. अनुराग बत्रा (चेयरमैन व एडिटर-इन-चीफ, BW बिजनेसवर्ल्ड और एक्सचेंज4मीडिया ग्रुप), कार्तिकेय शर्मा (संस्थापक, ITV नेटवर्क और राज्यसभा सांसद), आलोक मेहता (वरिष्ठ पत्रकार और पद्मश्री सम्मानित), प्रो. (डॉ.) के. जी. सुरेश (वरिष्ठ मीडिया विशेषज्ञ और निदेशक, इंडिया हैबिटैट सेंटर) और संकेत उपाध्याय (वरिष्ठ पत्रकार और ‘द रेड माइक’ के सह-संस्थापक) शामिल रहे।
डॉ. अनुराग बत्रा ने कहा कि आज मीडिया सिर्फ खबरें देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक प्रभावशाली उपकरण बन चुका है जो समाज में विमर्श को तय करता है। उन्होंने कहा कि हमें निर्भीक और ईमानदार पत्रकारिता की जरूरत है जो समाज को जोड़ने का काम करे, न कि उसे बांटे।
वहीं, सरकार की प्रस्तावित मीडिया आचार संहिता को लेकर पूछे गए सवाल पर वरिष्ठ पत्रकार आलोक मेहता ने कहा कि यह दूरसंचार नीति के तहत लागू की जा रही है और इसकी जरूरत महसूस की जा रही है। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि यह एक सही दिशा में कदम है। यदि कोई बात अनुचित या भटकाने वाली होगी, तो न्यायपालिका उसे देख सकेगी। जैसे मोबाइल फोन में स्पैम की पहचान होती है, वैसे ही मीडिया में भी फेक न्यूज और साइबर खतरों को रोकने के लिए तकनीक का इस्तेमाल जरूरी है।"
उन्होंने आगे कहा कि देश में मीडिया काउंसिल की आवश्यकता है, जिसमें न्यायपालिका और अनुभवी संपादकों को शामिल किया जाना चाहिए। यह संस्था फर्जी और भड़काऊ खबरों पर नियंत्रण रख सके, ताकि समाज में जहर न फैले और विश्वसनीयता बनी रहे।
उन्होंने कहा, “यदि कोई पत्रकार गलत रिपोर्टिंग करता है, तो उस पर जुर्माना या कार्रवाई होनी चाहिए, भले ही वह सांकेतिक ही क्यों न हो। जब तक कोई ठोस व्यवस्था नहीं होगी, लोग नियमों को हल्के में लेते रहेंगे।”
आलोक मेहता ने यह भी चेतावनी दी कि भारत में विदेशी ताकतें, जैसे ISI या CIA, गलत सूचनाओं और फंडिंग के जरिए माहौल बिगाड़ने की कोशिश करती रही हैं, इसलिए ऐसी गतिविधियों पर भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
यहां देखें वीडियो:
टैग्स