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कौन होगा अगला सूचना-प्रसारण मंत्री, इन नामों पर लग रहीं अटकलें
कुछ लोगों का मानना है कि अनुराग ठाकुर इस महत्वपूर्ण विभाग को अपने पास रखेंगे, जबकि अन्य लोग इस पद को भाजपा के सहयोगियों के हाथों में सौंपे जाने सहित कई संभावनाओं पर अटकलें लगा रहे हैं।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 1 year ago
नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार बनाने के लिए 8 जून को शपथ ग्रहण समारोह की तैयारी कर रही है, लेकिन इस बार कैबिनेट में कई उम्मीदवार हैं और भाजपा तथा उसके सहयोगी दलों के बीच मंत्रिमंडल में विभागों को लेकर काफी खींचतान चल रही है।
पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि पार्टी गृह, विदेश, रक्षा और वित्त जैसे सबसे महत्वपूर्ण विभागों को अपने पास रखना चाहेगी, लेकिन इस बात को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं कि सूचना एवं प्रसारण जैसे महत्वपूर्ण विभाग को कौन संभालेगा।
पिछली सरकार में अनुराग ठाकुर इस पद पर थे। ठाकुर, इससे पहले बीसीसीआई के चीफ भी रह चुके हैं। वह युवा मामले और खेल विभाग भी संभाला रहे थे। इंडस्ट्री जगत के लीडर्स क कहना है कि उन्होंने अपना काम बखूबी किया। वे कुछ नीतिगत सुधारों की अगुआई करने में सफल रहे, जैसे- सिनेमैटोग्राफ विधेयक पारित करना, केबल टीवी अधिनियम में संशोधन, सामुदायिक रेडियो प्रसारण को मंजूरी, सैटेलाइट अपलिंकिंग पॉलिसी और प्रिंट मीडिया को विदेशी निवेश के लिए खोलना, विज्ञापन और फिल्मों में 100 प्रतिशत एफडीआई की अनुमति देना।
कुछ लोगों का मानना है कि मोदी उन्हें अच्छे काम के इनाम के तौर पर फिर से पद दे सकते हैं, लेकिन राजनीति इस तरह से नहीं चलती।
भाजपा के एक शीर्ष नेता ने चुटकी लेते हुए कहा, "ठाकुर को निश्चित रूप से मंत्रिमंडल में शामिल किया जाएगा, क्योंकि वह पार्टी का युवा चेहरा हैं। उनके पक्ष में उनकी साफ-सुथरी छवि और प्रधानमंत्री मोदी से उनकी निकटता है। हालांकि, केवल नरेंद्र मोदी ही जानते हैं कि किसे कौन सा मंत्रालय मिलेगा।"
क्षेत्र, जाति, शिक्षा, आयु, अच्छी छवि और प्रशासनिक अनुभव जैसे कई कारक महत्वपूर्ण मंत्रालय तय करने में भूमिका निभाते हैं। जब ठाकुर को एमआईबी की जिम्मेदारी दी गई थी, तब वे चार बार सांसद रह चुके थे। इन आधारों पर, इस बार इस पद के लिए कई और दावेदार होंगे।
राजनीतिक पर्यवेक्षकों (Observers) का कहना है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया (गुना, एमपी), पीयूष गोयल (मुंबई), जितिन प्रसाद (पीलीभीत, यूपी), धर्मेंद्र प्रधान (संबलपुर, ओडिशा), किरण रजिजू (अरुणाचल), राजीव प्रताप रूडी (बिहार), मनसुख मंडाविया (गुजरात) को एमआईबी के लिए विचार किया जा सकता है।
ये सभी पहले भी मंत्री रह चुके हैं, शिक्षित, शिष्ट और स्पष्टवादी हैं। कुछ लोगों का मानना है कि चार बार सांसद रह चुके दुष्यंत सिंह (झालावाड़, राजस्थान) को भी इस पद के लिए चुना जा सकता है। पर्यवेक्षक इस संभावना से भी इनकार नहीं कर रहे हैं कि यह मंत्रालय अपना दल, जेडीयू या टीडीपी जैसे सहयोगी दलों को दिया जा सकता है। उदाहरण के लिए, अपना दल की प्रमुख अनुप्रिया पटेल (मिर्जापुर, यूपी) एक अच्छी उम्मीदवार हो सकती हैं। वे पिछली सरकार में राज्यमंत्री रह चुकी हैं।
फिलहाल खबर लिखे जाने तक पिक्चर क्लियर नहीं है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस बार कौन भाग्यशाली होता है, यह जानने के लिए इंडस्ट्री जगत को कम से कम 8 जून या उससे भी ज्यादा समय तक का इंतजार करना होगा।
इससे पहले वल्लभभाई पटेल, इंदिरा गांधी, लाल कृष्ण आडवाणी, सुषमा स्वराज, प्रमोद महाजन, अरुण जेटली और स्मृति ईरानी जैसे लोकप्रिय नेताओं ने यह मंत्रालय संभाला है।
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