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महामारी के दौर में Times Network के प्रयासों को एमके आनंद ने सराहा, कही ये बात
‘गोवाफेस्ट 2022’ के पहले दिन ‘टाइम्स नेटवर्क’ के एमडी और सीईओ एमके आनंद ने पिछले दो वर्षों में नेटवर्क के प्रयासों और इसके संपादकीय रुख के बारे में जानकारी साझा की।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 3 years ago
महामारी (कोविड-19) के कारण जहां पिछले दो साल तमाम इंडस्ट्री के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहे, वहीं न्यूज इंडस्ट्री ने इस मुश्किल समय में देश की सेवा के लिए न सिर्फ आगे बढ़कर अपने आपको नई भूमिकाओं के लिए तैयार किया, बल्कि व्युअर्स को काफी प्रासंगिक कंटेंट भी दिया।
न्यूज इंडस्ट्री द्वारा किए गए ऐसे कामों की सराहना करते हुए और खासकर ‘टाइम्स नाउ’ (Times Now) का जिक्र करते हुए ‘गोवाफेस्ट 2022’ (Goafest 2022) के पहले दिन ‘टाइम्स नेटवर्क’ (Times Network) के एमडी और सीईओ एमके आनंद ने बताया कि पिछले दो सालों ने वास्तव में टाइम्स नेटवर्क की ग्रोथ को किस तरह प्रभावित किया है।
एमके आनंद के अनुसार, ‘पिछले दो सालों में हमारे काम करने, सोचने और योजनाएं बनाने आदि में काफी तेजी से बदलाव आया है। इस दौरान आप सभी की तरह न्यूज इंडस्ट्री को भी तमाम चुनौतियों का सामना करना पड़ा। आर्थिक रूप से भी तमाम बाधाएं आईं, क्योंकि विज्ञापनदाताओं की तरफ से रेवेन्यू आना बंद हो गया था। लेकिन, आप में से अधिकांश के विपरीत हमारे पास ‘घर से काम’ (work from home) करने का विकल्प नहीं था। इस दौरान हमें अपने रिपोर्टर्स की सुरक्षा सुनिश्चित करनी थी जो दर्शकों के लिए तमाम प्रासंगिक खबरें लाने में जुटे हुए थे। इस दौरान तमाम जॉनर में न्यूज की खपत बढ़ गई थी, जबकि अन्य तमाम चैनल्स की तरफ से फ्रेश कंटेंट नहीं आ रहा था।’
एमके आनंद ने पिछले दो वर्षों के दौरान ‘टाइम्स नेटवर्क’ के प्रयासों और एडिटोरियल रुख पर प्रकाश डालते हुए कहा, ‘वर्ष 2020 में सुशांत सिंह राजपूत मामले में काफी हो-हल्ला हुआ, जिसमें कुछ चैनल्स ने बेकार का ड्रामा क्रिएट किया और इस मामले को सनसनीखेज बनाया। इसके बाद कथित टीआरपी घोटाला आया और इन सभी घटनाओं ने इंडस्ट्री की इमेज को बड़े पैमाने पर निगेटिव रूप में चित्रित किया।
एमके आनंद के अनुसार, ‘जब यह सब हमारी दुनिया में चल रहा था, टाइम्स नेटवर्क ने सबसे अच्छा काम करने पर ध्यान केंद्रित करने का फैसला किया। टाइम्स नेटवर्क ने तय कि कि हम अपने दर्शकों और विज्ञापनदाताओं के लिए ईमानदार तरीके से सही चीजें करें। पिछले दो साल शायद हमारे जीवनकाल में मानवता के सबसे काले वर्ष रहे हैं जो व्यापार और जीवन के लिए सही नहीं रहे हैं। हम मानते हैं कि एक बिजनेस के रूप में न्यूज की जिम्मेदारी है कि वह निस्वार्थ भाव से इसे लोगों तक पहुंचाए।‘
उन्होंने कहा, ‘इस दौरान टाइम्स नाउ ने अपने एडवर्टाइजर्स और व्युअर्स के लिए सही चीजें सामने लाने का निर्णय लिया। हमने निस्वार्थ भाव से काम करने के लिए एक सहानुभूतिपूर्ण और जिम्मेदार दृष्टिकोण अपनाया।’
इसके बाद एमके आनंद ने महामारी के दौरान स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र के लिए एक डेटाबेस बनाने में नेटवर्क के काम के बारे में बात की, जिससे लोगों को सही संसाधनों तक पहुंचने में मदद मिली। इसी के साथ पांच देशों के निष्कर्षों के आधार पर एक सांख्यिकीय रिपोर्ट तैयार करने के बारे में भी उन्होंने बताया, जिससे यह पता चला कि भारत में यह प्रकोप कैसे खत्म होगा। उन्होंने 'इंडिया रिवाइवल मिशन' (India Revival Mission) के बारे में भी बताया, जिसके लिए 2021 के बजट से पहले सरकार के सामने एक डॉक्यूमेंट पेश करने के लिए 600 सीईओ से सलाह ली गई थी।
उन्होंने कहा कि संपादकीय पहलों (editorial initiatives) के अलावा, ‘टाइम्स नाउ’ एडवर्टाइजिंग और मार्केटिंग इंडस्ट्री के साथ भी खड़ा रहा और महामारी के दौरान महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच सुगम बनाने में काफी सहयोग प्रदान किया।
‘एब्बी अवॉर्ड्स’ (Abby Awards) से पहले अपने मुख्य भाषण के दौरान एमके आनंद ने कहा कि टाइम्स नेटवर्क पिछले दो वर्षों में काफी विकसित हुआ है। कई नए चैनल लॉन्च किए हैं। मौजूदा टॉप चैनल्स को रीब्रैंड किया है और निष्पक्ष व ईमानदार रिपोर्टिंग की है। आखिर में अपनी बात समाप्त करते हुए एमके आनंद ने कहा कि अब हम अधिक हिंदी, युवा और अधिक मजबूत हो गए हैं।
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