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राष्ट्रपति के एक फैसले ने बिखेरी दो पत्रकारों के चेहरे पर मुस्कान
500 दिनों से जेल में कैद थे प्रतिष्ठित न्यूज एजेंसी ‘रॉयटर्स’ के दो पत्रकार
समाचार4मीडिया ब्यूरो 6 years ago
गुप्त सूचनाओं को लीक करने के मामले में ऑफ़िशियल सीक्रेट एक्ट के तहत गिरफ्तार प्रतिष्ठित न्यूज एजेंसी ‘रॉयटर्स’ (Reuters) के दो पत्रकारों वा लोन (33) और क्वाय सोए ओ (29) को म्यांमार के राष्ट्रपति विन मिंट ने रिहा कर दिया है। दोनों पत्रकारों को पिछले साल सितंबर में सात-सात साल कैद की सजा सुनाई गई थी और वे करीब पांच सौ दिनों से जेल में बंद थे।
वर्ष 2017 में 10 मुस्लिम रोहिंग्या कैंप में सरकारी सुरक्षा बलों की कार्रवाई की रिपोर्टिंग करने के मामले में दोनों पर मामला चल रहा था। दोनों ने रोहिंग्या मुस्लिमों के खिलाफ सेना के अत्याचार की रिपोर्टिग की थी। इन दोनों पत्रकारों को पिछले महीने ही प्रतिष्ठित पुल्तिज़र पुरस्कार मिला है।
रॉयटर्स के एडिटर-इन-चीफ़ स्टीफ़न जे. एडलर ने भी म्यांमार सरकार द्वारा दोनों पत्रकारों को रिहा किए जाने के फैसले का स्वागत किया है। दोनों पत्रकारों को सजा दिए जाने की काफी आलोचना हुई थी और दुनिया भर में इसे प्रेस की आजादी पर हमला बताया गया था। गौरतलब है कि म्यांमार के राष्ट्रपति हर नए साल पर कैदियों की सजा माफ करते हैं। इसी कड़ी में इन दोनों पत्रकारों को भी हज़ारों क़ैदियों के साथ रिहा किया गया है।
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