टिम्सी जयपुरिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लिंक्डइन पर एक पोस्ट साझा करते हुए बताया कि न्यूज रूम से बाहर निकले, कैमरे का सामना किए और कुछ लिखे हुए उन्हें लगभग चार महीने हो चुके हैं।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
मीडिया इंडस्ट्री से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। CNBC-TV18 की पूर्व एडिटर (फाइनेंस एंड इकोनॉमिक पॉलिसी) टिम्सी जयपुरिया ने अपने अगले प्रोफेशनल सफर की घोषणा की है। CNBC-TV18 से अलग होने के करीब चार महीने बाद उन्होंने ‘Newsconomy’ नाम से अपनी नई पत्रकारिता पहल की घोषणा की है।
टिम्सी जयपुरिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लिंक्डइन पर एक पोस्ट साझा करते हुए बताया कि न्यूज रूम से बाहर निकले, कैमरे का सामना किए और कुछ लिखे हुए उन्हें लगभग चार महीने हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि CNBC-TV18 को अलविदा कहते समय उन्हें यह अहसास था कि उनके करियर का एक अध्याय समाप्त हो रहा है, लेकिन अगला अध्याय कैसा होगा, इसकी तस्वीर तब स्पष्ट नहीं थी।
अपने पोस्ट में उन्होंने लिखा कि बीते चार महीने बदलाव, आत्ममंथन, अनिश्चितताओं और कई महत्वपूर्ण बातचीतों से भरे रहे। इस दौरान बहुत कुछ ऐसा था जिसे वह कहना चाहती थीं और बहुत कुछ ऐसा भी था जो अनकहा रह गया।
टिम्सी ने बताया कि आखिरकार उन्होंने एक बार फिर कैमरे का सामना किया। उनके अनुसार यह अनुभव परिचित भी था और पूरी तरह अलग भी, क्योंकि इस बार उनके पास अपनी बात कहने के लिए कुछ अपना है। इसी पोस्ट के जरिए उन्होंने ‘Newsconomy’ का उल्लेख करते हुए अपनी नई पत्रकारिता पहल का ऐलान किया है।
गौरतलब है कि हाल ही में टिम्सी जयपुरिया ने CNBC-TV18 से अपनी 10 साल लंबी पारी समाप्त करने की घोषणा की थी। वह चैनल में एडिटर-फाइनेंस एंड इकोनॉमिक पॉलिसी के पद पर कार्यरत थीं। इससे पहले वह द हिंदुस्तान टाइम्स लिमिटेड (The Hindustan Times Limited) में स्पेशल कॉरेस्पोंडेंट, बिजनेस ब्यूरो के तौर पर भी काम कर चुकी हैं। आर्थिक नीति, अंतरराष्ट्रीय व्यापार, टैक्सेशन, रियल एस्टेट और कॉरपोरेट मामलों की रिपोर्टिंग में उन्हें करीब 18 वर्षों का अनुभव है।
इस नई जिम्मेदारी के साथ कंपनी ने उनके कार्यक्षेत्र का विस्तार करते हुए भारत और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपने प्रमुख बिजनेस ऑपरेशंस की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
रियल एस्टेट टेक कंपनी प्रॉपर्टीपिस्टल (PropertyPistol) ने हेमंत बजाज को चीफ बिजनेस एंड मार्केटिंग ऑफिसर (CBMO) के पद पर प्रमोट किया है। इस नई जिम्मेदारी के साथ कंपनी ने उनके कार्यक्षेत्र का विस्तार करते हुए भारत और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपने प्रमुख बिजनेस ऑपरेशंस की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी है।
अपने विस्तारित दायित्वों के तहत हेमंत बजाज कंपनी के प्रमुख बिजनेस वर्टिकल्स—प्राइमरी सेल्स, मैंडेट्स, सिंडिकेट और लोन्स—की निगरानी करेंगे। इसके अलावा वे रणनीति निर्माण और परिचालन क्रियान्वयन (ऑपरेटिंग एग्जीक्यूशन) की जिम्मेदारी भी संभालेंगे। इस भूमिका के जरिए कंपनी के प्रमुख राजस्व-सृजन और ग्राहक-केंद्रित कार्यों को एकीकृत नेतृत्व के तहत लाया गया है, जहां विकास, परिचालन दक्षता और व्यावसायिक प्रदर्शन की जवाबदेही भी उन्हीं के पास होगी।
हेमंत बजाज इसी वर्ष प्रॉपर्टीपिस्टल में चीफ मार्केटिंग ऑफिसर (CMO) के रूप में शामिल हुए थे। कंपनी के अनुसार, उन्होंने व्यवसाय में बेहतर निष्पादन संस्कृति विकसित करने, उत्पादकता बढ़ाने और प्रमुख विकास पहलों पर निवेश से बेहतर प्रतिफल (ROI) हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसी प्रदर्शन को देखते हुए अब उन्हें भारत और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में फैले 500 से अधिक सदस्यों वाले बिजनेस संगठन का नेतृत्व सौंपा गया है।
कंपनी का कहना है कि हेमंत बजाज लाभदायक विकास, बेहतर यूनिट इकोनॉमिक्स और परिचालन क्षमता को मजबूत करने पर विशेष ध्यान देंगे। उन्हें भारत, दक्षिण-पूर्व एशिया और मध्य-पूर्व के बाजारों में बिजनेस ग्रोथ, मार्केटिंग, ऑपरेशंस और संगठनात्मक विस्तार का व्यापक नेतृत्व अनुभव हासिल है।
इस नियुक्ति के बारे में प्रॉपर्टीपिस्टल के फाउंडर एवं प्रबंध निदेशक (Founder & Managing Director) आशीष नारायण अग्रवाल ने कहा, ‘हेमंत में व्यावसायिक प्राथमिकताओं को ठोस कारोबारी परिणामों में बदलने की सिद्ध क्षमता है। उनके भीतर स्वामित्व और जवाबदेही की मजबूत भावना है। उनकी भूमिका का विस्तार उनके अब तक के योगदान और नेतृत्व क्षमता का स्वाभाविक विस्तार है। प्रॉपर्टीपिस्टल के अगले विकास चरण में उनका विस्तारित दायित्व हमारी प्रमुख व्यावसायिक इकाइयों में वृद्धि और परिचालन प्रदर्शन को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।’
वहीं, अपनी नई जिम्मेदारी पर हेमंत बजाज ने कहा, ‘हमारा उद्देश्य केवल प्रत्येक बिजनेस वर्टिकल का विस्तार करना नहीं है, बल्कि विकास की आर्थिक दक्षता को भी बेहतर बनाना है। मेरा फोकस कंपनी की व्यावसायिक क्षमता को और मजबूत करने, राजस्व उत्पादकता बढ़ाने और यह सुनिश्चित करने पर रहेगा कि विस्तार बेहतर कारोबारी परिणामों में परिवर्तित हो। प्रॉपर्टीपिस्टल पहले ही डेवलपर्स, ब्रोकर्स और होमबायर्स के बीच महत्वपूर्ण पैमाना हासिल कर चुकी है। अब अगला चरण इस पैमाने का अधिक प्रभावी उपयोग करने का है। स्पष्ट लक्ष्यों के साथ इस स्ट्रैटेजी का असर आने वाले समय में कारोबार के आंकड़ों में दिखाई देगा।’
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 की मीडिया किट में भारतीय संस्कृति, स्थानीय उत्पाद, शिल्प और आधुनिक पहचान को शामिल कर इसे सम्मेलन की याद से आगे ब्रांड इंडिया का प्रभावी माध्यम बनाया गया।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
हर बड़े अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में मीडिया किट (Media Kit) देना अब एक परंपरा बन चुका है। पत्रकारों और प्रतिनिधियों को जानकारी, स्मृति चिन्ह और उपयोगी सामान से भरा बैग दिया जाता है। हालांकि, ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 ने इस परंपरा को एक अलग सोच के साथ आगे बढ़ाया है।
ब्रिक्स (BRICS) 2026 की मीडिया किट को सिर्फ सम्मेलन की याद के तौर पर तैयार नहीं किया गया, बल्कि इसमें भारत की संस्कृति, स्थानीय उत्पादों, शिल्प और समकालीन पहचान को दुनिया तक पहुंचाने की कोशिश की गई है।
ब्रांडिंग (Branding) के नजरिए से देखें तो यह पहल काफी अहम है। किसी सम्मेलन में भाषण कुछ मिनटों तक रहता है और स्क्रीन पर दिखाई गई प्रस्तुति खत्म होने के बाद पीछे छूट जाती है। इसके मुकाबले एक लैपटॉप बैग (Laptop Bag) लंबे समय तक इस्तेमाल किया जा सकता है। ब्रिक्स किट का रंगीन डिजाइन और इसमें शामिल उत्पाद सम्मेलन के बाद भी एयरपोर्ट, ऑफिस और बैठकों तक पहुंच सकते हैं।
किट में कॉफी, मखाना, हस्तनिर्मित बैग और स्थानीय स्तर पर तैयार किए गए कई अन्य उत्पाद शामिल हैं। इन चीजों के जरिए ‘वोकल फॉर लोकल’ (Vocal for Local) और ‘मेक इन इंडिया’ (Make in India) जैसे विचारों को सीधे अनुभव से जोड़ा गया है। विदेशी प्रतिनिधि भारतीय शिल्प और स्थानीय उत्पादों को केवल किसी पुस्तिका में पढ़ने के बजाय उन्हें इस्तेमाल करके समझ सकते हैं।
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की विजुअल आइडेंटिटी (Visual Identity) के तौर पर इस्तेमाल किया गया कमल भी अलग-अलग उपहारों में नजर आता है। मग, रेफ्रिजरेटर मैग्नेट, बैग और दूसरी वस्तुओं को एक समान डिजाइन और पहचान से जोड़ने की कोशिश की गई है। इससे पूरी मीडिया किट एक साझा ब्रांड एक्सपीरियंस (Brand Experience) देती है।
इस किट के जरिए भारत की कहानी केवल संस्कृति और विरासत तक सीमित नहीं रहती। इसमें भारतीय शिल्प, मैन्युफैक्चरिंग (Manufacturing), उद्यमिता और तकनीक की झलक भी दिखाई देती है। पत्रकार और प्रतिनिधि इन उत्पादों को अपने देश वापस ले जाकर इस्तेमाल कर सकते हैं, जिससे सम्मेलन की पहचान लंबे समय तक बनी रह सकती है।
इसी वजह से यह मीडिया किट एक ‘साइलेंट एंबेसडर’ (Silent Ambassador) की तरह काम करती है। सम्मेलन खत्म होने के बाद भी बैग, मग और स्थानीय उत्पादों के जरिए ब्रिक्स 2026 की पहचान दूसरे देशों तक पहुंचती रहेगी। यह दिखाता है कि अंतरराष्ट्रीय आयोजन की मीडिया किट सिर्फ उपहार नहीं, बल्कि ब्रांड इंडिया (Brand India) को दुनिया तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम भी हो सकती है।
न्यूज नेशन में करीब चार वर्षों से कार्यरत धीरज शर्मा को मीडिया में करीब 19 वर्षों का अनुभव है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
न्यूज नेशन ने अपने तमाम एंप्लॉयीज को सैलरी इंक्रीमेंट दिया है और कई लोगों के पद भी बढ़ाए गए हैं।
इसी कड़ी में, डिजिटल (वेबसाइट) में धीरज शर्मा को असिस्टेंट एडिटर से डिप्टी एडिटर के पद पर प्रमोट कर उन्हें अहम भूमिका दी गई है।
अपनी इस भूमिका में वह वेबसाइट मॉनिटरिंग के साथ कंटेंट स्ट्रैटेजी और एडवांस प्लानिंग कर रहे हैं, साथ ही एक्सप्लेनर की जिम्मेदारी भी उन्हें दी गई है।
न्यूज नेशन में करीब चार वर्षों से कार्यरत धीरज शर्मा को मीडिया में करीब 19 वर्षों का अनुभव है। पूर्व में वह ‘राजस्थान पत्रिका’, ‘सहारा’, ‘पंजाब टुडे’, ‘डीडी न्यूज’ और ‘CNEB’ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं।
पढ़ाई लिखाई की बात करें तो धीरज शर्मा ने कॉर्मस में बैचलर डिग्री के साथ BJMC किया है। समाचार4मीडिया की ओर से धीरज शर्मा को उनके प्रमोशन के लिए ढेरों बधाई और शुभकामनाएं।
रैडिको खेतान ने डॉ. आशीष श्रीवास्तव को चीफ इंफॉर्मेशन ऑफिसर नियुक्त किया है। वह कंपनी की आईटी स्ट्रैटेजी, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और टेक्नोलॉजी कैपेबिलिटी को मजबूत करेंगे।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
रैडिको खेतान (Radico Khaitan) ने डॉ. आशीष श्रीवास्तव (Dr Ashish Shrivastava) को चीफ इंफॉर्मेशन ऑफिसर (Chief Information Officer) नियुक्त किया है। नई भूमिका में वह कंपनी के इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी फंक्शन की जिम्मेदारी संभालेंगे।
डॉ. श्रीवास्तव का फोकस कंपनी की टेक्नोलॉजी कैपेबिलिटी मजबूत करने, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन (Digital Transformation) को आगे बढ़ाने और ऑपरेशनल एफिशिएंसी (Operational Efficiency) बेहतर करने पर रहेगा। इसके साथ ही वह बिजनेस ग्रोथ को सपोर्ट करेंगे और कंपनी के व्यापक लक्ष्यों के साथ टेक्नोलॉजी प्रायोरिटीज को जोड़ने का काम करेंगे।
डॉ. श्रीवास्तव को इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, आईटी स्ट्रैटेजी (IT Strategy), टेक्नोलॉजी मैनेजमेंट और ऑर्गनाइजेशनल लीडरशिप (Organisational Leadership) के क्षेत्र में अनुभव है। उनके प्रोफेशनल अनुभव में आईटी मैनेजमेंट, टेक्नोलॉजी स्ट्रैटेजी, बिजनेस ऑपरेशंस और स्ट्रैटेजिक प्लानिंग भी शामिल हैं।
रैडिको खेतान से जुड़ने से पहले उन्होंने फाइनेंशियल सॉफ्टवेयर एंड सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड (Financial Software & Systems Pvt. Ltd.) और एफएसएस (FSS), सीएमएस इंफो सिस्टम्स (CMS Info Systems) तथा एलाइड ब्लेंडर्स एंड डिस्टिलर्स (Allied Blenders & Distillers) में अलग-अलग भूमिकाओं में काम किया है।
PVR INOX Limited की 31वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) में शेयरधारकों ने बैठक के एजेंडे में रखे गए सभी 8 प्रस्तावों को जरूरी बहुमत के साथ मंजूरी दे दी है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
PVR INOX Limited की 31वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) में शेयरधारकों ने बैठक के एजेंडे में रखे गए सभी 8 प्रस्तावों को जरूरी बहुमत के साथ मंजूरी दे दी है। कंपनी ने 11 सितंबर 2026 को स्टॉक एक्सचेंजों को दी जानकारी में AGM के मतदान परिणाम और स्क्रूटिनाइजर (Scrutinizer) की रिपोर्ट साझा की है। कंपनी की 31वीं AGM 11 सितंबर 2026 को सुबह 11 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग/अन्य ऑडियो-विजुअल माध्यम से आयोजित हुई।
कंपनी के मुताबिक, 4 सितंबर 2026 की रिकॉर्ड डेट पर कुल 2,52,376 शेयरधारक थे। AGM में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कुल 159 शेयरधारकों ने हिस्सा लिया। इनमें 7 प्रमोटर और प्रमोटर ग्रुप से, जबकि 152 सार्वजनिक शेयरधारक थे।
पहले प्रस्ताव में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए कंपनी के ऑडिट किए गए स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड वित्तीय विवरणों के साथ बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स और ऑडिटर्स की रिपोर्ट को मंजूरी देने की बात थी। इस प्रस्ताव के पक्ष में 99.9989 प्रतिशत वोट पड़े। कुल 6,96,38,118 वोट प्रस्ताव के पक्ष में और 780 वोट इसके खिलाफ पड़े।
दूसरे प्रस्ताव के तहत रेणुका रामनाथ की रोटेशन के आधार पर निदेशक के रूप में पुनर्नियुक्ति को मंजूरी दी गई। उन्हें 99.0308 प्रतिशत वोट मिले। उनके पक्ष में 6,89,95,913 वोट पड़े, जबकि 6,75,263 वोट विरोध में रहे।
तीसरे प्रस्ताव में अजय कुमार बिजली की रोटेशन के आधार पर निदेशक के रूप में पुनर्नियुक्ति को मंजूरी मिली। इस प्रस्ताव के पक्ष में 99.3074 प्रतिशत वोट पड़े। कुल 6,91,88,603 वोट पक्ष में और 4,82,573 वोट विरोध में पड़े।
इसके अलावा, स्वतंत्र निदेशक विषेश चंदर चंडीओक, दिनेश कनाबार, शिशिर बैजल और दीप मिश्रा हैरिस को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए पारिश्रमिक के भुगतान से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी मिल गई। विषेश चंदर चंडीओक के प्रस्ताव को 99.9945 प्रतिशत, दिनेश कनाबार के प्रस्ताव को 99.9947 प्रतिशत, शिशिर बैजल के प्रस्ताव को 99.6392 प्रतिशत और दीप मिश्रा हैरिस के प्रस्ताव को 99.6392 प्रतिशत वोट मिले।
आठवें और आखिरी प्रस्ताव में शुवा मंडल को कंपनी के बोर्ड में स्वतंत्र निदेशक नियुक्त करने की मंजूरी दी गई। यह एक विशेष प्रस्ताव था और इसके पक्ष में 99.8453 प्रतिशत वोट पड़े। कुल 6,95,63,441 वोट पक्ष में और 1,07,774 वोट विरोध में पड़े।
कंपनी ने बताया कि मतदान के लिए रिमोट ई-वोटिंग की सुविधा 7 सितंबर 2026 को सुबह 9 बजे शुरू हुई थी और 10 सितंबर 2026 को शाम 5 बजे तक चली। AGM में शामिल सदस्यों के लिए भी ई-वोटिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई थी। स्क्रूटिनाइजर की रिपोर्ट के मुताबिक किसी भी शेयरधारक ने रिमोट ई-वोटिंग और AGM के दौरान ई-वोटिंग, दोनों सुविधाओं का इस्तेमाल नहीं किया।
मतदान प्रक्रिया की निगरानी के लिए कंपनी के बोर्ड ने 11 मई 2026 को DPV & Associates LLP के मैनेजिंग पार्टनर देवेश कुमार वशिष्ठ को स्क्रूटिनाइजर (Scrutinizer) नियुक्त किया था। स्क्रूटिनाइजर ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि मतदान प्रक्रिया की जांच NSDL के ई-वोटिंग प्लेटफॉर्म से मिले आंकड़ों के आधार पर की गई।
इस तरह PVR INOX की 31वीं AGM में वित्तीय विवरणों की मंजूरी, दो मौजूदा निदेशकों की पुनर्नियुक्ति, चार स्वतंत्र निदेशकों के पारिश्रमिक और एक नए स्वतंत्र निदेशक की नियुक्ति से जुड़े सभी 8 प्रस्ताव शेयरधारकों के जरूरी बहुमत से मंजूर हो गए।
इंडिया टुडे टीवी ने अक्षिता नंदगोपाल को एग्जिक्यूटिव एडिटर-आउटपुट बनाया है। नई भूमिका में वह न्यूजरूम संचालन, संपादकीय फैसलों और प्रोडक्शन टीमों के बीच बेहतर समन्वय करेंगी।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
इंडिया टुडे टीवी (India Today TV) ने अक्षिता नंदगोपाल को एग्जिक्यूटिव एडिटर-आउटपुट (Executive Editor, Output) के पद पर प्रमोट किया है। इस प्रमोशन के साथ चैनल की एडिटोरियल लीडरशिप टीम में उनकी जिम्मेदारियां बढ़ गई हैं।
अक्षिता नंदगोपाल अप्रैल 2019 से अपनी मौजूदा पारी में इंडिया टुडे से जुड़ी हैं और इससे पहले सीनियर एडिटर के तौर पर काम कर रही थीं। उनकी जिम्मेदारियों में न्यूजरूम ऑपरेशन, एडिटोरियल प्लानिंग और ऑन-एयर जर्नलिज्म शामिल रहा है।
उन्होंने चैनल के न्यूज प्रोग्राम, एक्सप्लेनर और पॉलिटिकल डिस्कशन भी एंकर किए हैं। जनवरी 2026 में उन्होंने इंडिया टुडे की एक डिबेट होस्ट की थी, जिसमें दक्षिण भारत में भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) की राजनीतिक रणनीति पर चर्चा हुई थी।
इंडिया टुडे के साथ यह अक्षिता नंदगोपाल की दूसरी पारी है। इससे पहले उन्होंने मार्च 2016 से जून 2017 तक सीनियर एसोसिएट प्रोड्यूसर के तौर पर काम किया था। इसके बाद जुलाई 2017 से फरवरी 2019 तक मुंबई में रिपब्लिक वर्ल्ड (Republic World) के साथ प्रिंसिपल कॉरेस्पोंडेंट रहीं।
इंडिया टुडे की पहली पारी से पहले वह अप्रैल 2015 से मार्च 2016 तक आईएनएक्स न्यूज (INX News) में सीनियर एसोसिएट प्रोड्यूसर थीं। शुरुआती करियर में उन्होंने एसोसिएटेड ब्रॉडकास्टिंग कंपनी (Associated Broadcasting Company) के टीवी9 (TV9) और न्यूज9 (News9) में एसोसिएट प्रोड्यूसर और एंकर के तौर पर काम किया। बेंगलुरु में उन्होंने जून 2012 से दिसंबर 2014 तक यहां काम किया।
अक्षिता नंदगोपाल ने पत्रकारिता करियर की शुरुआत 2011 में चेन्नई में प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (Press Trust of India) के साथ एक संक्षिप्त रिपोर्टिंग असाइनमेंट से की थी। एक दशक से ज्यादा के करियर में उन्होंने रिपोर्टिंग, एंकरिंग, एडिटोरियल प्रोडक्शन और न्यूजरूम मैनेजमेंट में काम किया है। नई भूमिका में वह एडिटोरियल फैसलों और चैनल के प्रोडक्शन ऑपरेशन के बीच बेहतर कोऑर्डिनेशन में अहम भूमिका निभाएंगी।
इंडिया टुडे ने गीता मोहन को ग्रुप एडिटर-फॉरेन अफेयर्स पद पर प्रमोट किया है। वह अंतरराष्ट्रीय संबंधों, कूटनीति और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों की कवरेज का नेतृत्व करेंगी।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
इंडिया टुडे (India Today) ने गीता मोहन को ग्रुप एडिटर-फॉरेन अफेयर्स (Group Editor – Foreign Affairs) के पद पर प्रमोशन दिया है। नई भूमिका के साथ नेटवर्क में उनकी एडिटोरियल जिम्मेदारियां बढ़ गई हैं। वह अंतरराष्ट्रीय संबंधों, कूटनीति और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों की कवरेज का नेतृत्व करेंगी।
नई जिम्मेदारी के तहत गीता मोहन समूह की मल्टीप्लेटफॉर्म पहल इंडिया टुडे ग्लोबल (India Today Global) से भी जुड़ी रहेंगी। यह प्लेटफॉर्म ग्लोबल पॉलिटिक्स और अंतरराष्ट्रीय मामलों पर केंद्रित है।
गीता मोहन कई वर्षों से इंडिया टुडे से जुड़ी हैं और ग्राउंड रिपोर्टिंग के लिए उनकी अलग पहचान है। उन्होंने अफगानिस्तान, यूक्रेन और ईरान जैसे संघर्ष प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों से रिपोर्टिंग की है। इस दौरान उन्होंने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची समेत कई प्रमुख वैश्विक नेताओं और नीति-निर्माताओं के इंटरव्यू किए हैं।
विदेश मामलों की एडिटोरियल जिम्मेदारी के साथ वह इंडिया टुडे के इंटरनेशनल न्यूज और जियोपॉलिटिकल एनालिसिस पर आधारित कार्यक्रम वर्ल्ड टुडे (World Today) को भी एंकर करती हैं। कार्यक्रम के जरिए उन्होंने प्रमुख संघर्षों, डिप्लोमैटिक बातचीत, चुनावों और ग्लोबल पावर बैलेंस में बदलावों को कवर किया है।
गीता मोहन ‘हामिद: द स्टोरी ऑफ माई कैप्टिविटी, सर्वाइवल एंड फ्रीडम’ (Hamid: The Story of My Captivity, Survival and Freedom) की सह-लेखिका भी हैं। पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया (Penguin Random House India) द्वारा प्रकाशित यह किताब हामिद अंसारी की पाकिस्तान में कैद और भारत वापसी की कहानी पर आधारित है।
उनकी नई भूमिका ऐसे समय में आई है, जब दुनियाभर के घटनाक्रम भारत की अर्थव्यवस्था, कारोबार और विदेश नीति पर सीधा असर डाल रहे हैं। ऐसे में टेलीविजन और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इंडिया टुडे की विदेशी मामलों की कवरेज में गीता मोहन की भूमिका अहम होगी।
गीता मोहन को ग्रुप एडिटर-फॉरेन अफेयर्स और अक्षिता नंदगोपाल को एग्जिक्यूटिव एडिटर-आउटपुट, इंडिया टुडे टीवी के पद पर प्रमोट किया गया है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
इंडिया टुडे (India Today) ने अपने एडिटोरियल स्ट्रक्चर (Editorial Structure) में बदलाव करते हुए गीता मोहन (Geeta Mohan) को ग्रुप एडिटर-फॉरेन अफेयर्स (Group Editor – Foreign Affairs) के पद पर नियुक्त किया है। वहीं, एक अन्य संपादकीय बदलाव के तहत अक्षिता नंदगोपाल (Akshita Nandagopal) को एग्जिक्यूटिव एडिटर-आउटपुट, इंडिया टुडे टीवी (Executive Editor – Output, India Today TV) नियुक्त किया गया है।
गीता मोहन पिछले कई वर्षों से संगठन के साथ जुड़ी हैं। उन्होंने अफगानिस्तान, यूक्रेन और ईरान जैसे संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों से रिपोर्टिंग (Reporting) की है। इसके अलावा उन्होंने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin), ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा (Luiz Inácio Lula da Silva) और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Abbas Araghchi) समेत कई वैश्विक नेताओं और नीति निर्माताओं के इंटरव्यू (Interviews) किए हैं।
मोहन इंडिया टुडे ग्लोबल (India Today Global) से जुड़े काम भी संभाल रही हैं। नई भूमिका में वह ग्रुप के फॉरेन अफेयर्स कवरेज (Foreign Affairs Coverage) को लीड करेंगी।
वहीं, अक्षिता नंदगोपाल 2019 से इंडिया टुडे के साथ काम कर रही हैं। नई भूमिका में वह ग्रुप मैनेजिंग एडिटर-प्रोडक्शन (Group Managing Editor – Production) सांख्य एडमारुकु (Samkhya Edamaruku) के साथ मिलकर आउटपुट और प्रोडक्शन टीमों (Output and Production Teams) के बीच समन्वय करेंगी। अक्षिता नंदगोपाल एडिटोरियल डायरेक्टर (Editorial Director) सुप्रिया प्रसाद (Supriya Prasad) को रिपोर्ट करेंगी।
बोधीट्री मल्टीमीडिया (Bodhi Tree Multimedia) ने शेयर बाजार को जानकारी दी है कि कंपनी के निदेशक मंडल की बैठक शुक्रवार, 18 सितंबर 2026 को होगी।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
बोधीट्री मल्टीमीडिया (Bodhi Tree Multimedia) ने शेयर बाजार को जानकारी दी है कि कंपनी के निदेशक मंडल की बैठक शुक्रवार, 18 सितंबर 2026 को होगी। इस बैठक में कंपनी के लिए फंड जुटाने के प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा और उसे मंजूरी दी जा सकती है।
कंपनी ने यह जानकारी SEBI (Listing Obligations and Disclosure Requirements) Regulations, 2015 के Regulation 29 के तहत दी है।
कई तरीकों से फंड जुटाने पर विचार
बोर्ड बैठक में कंपनी एक या एक से ज्यादा चरणों (tranches) में फंड जुटाने के प्रस्ताव पर विचार करेगी। इसके लिए इक्विटी शेयर और/या अन्य पात्र प्रतिभूतियां (eligible securities) जारी करने का विकल्प रखा गया है। इसमें परिवर्तनीय प्रतिभूतियां (convertible securities) भी शामिल हैं।
कंपनी फंड जुटाने के लिए कानून के तहत अनुमति प्राप्त कई तरीकों में से किसी एक या एक से ज्यादा तरीकों का इस्तेमाल कर सकती है। इनमें फरदर पब्लिक इश्यू, राइट्स इश्यू, अमेरिकन डिपॉजिटरी रिसीट्स (ADRs), ग्लोबल डिपॉजिटरी रिसीट्स (GDRs), फॉरेन करेंसी कन्वर्टिबल बॉन्ड्स (FCCBs), डेट इंस्ट्रूमेंट्स, प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट, प्राइवेट प्लेसमेंट और क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशंस प्लेसमेंट (QIP) शामिल हैं। हालांकि, फंड जुटाने का अंतिम तरीका बोर्ड के फैसले और जरूरी मंजूरियों पर निर्भर करेगा।
इसके अलावा, बोर्ड बैठक में फंड जुटाने से जुड़े अन्य जरूरी और सहायक मामलों पर भी विचार किया जा सकता है। इन मामलों पर चेयरपर्सन की अनुमति से फैसला लिया जाएगा।
10 सितंबर से ट्रेडिंग विंडो बंद
कंपनी ने यह भी बताया है कि SEBI (Prohibition of Insider Trading) Regulations, 2015 के Regulation 9 और कंपनी की इनसाइडर ट्रेडिंग रोकने से जुड़ी आचार संहिता के तहत कंपनी की प्रतिभूतियों में कारोबार के लिए ट्रेडिंग विंडो 10 सितंबर 2026 से बंद रहेगी। यह विंडो बोर्ड बैठक के नतीजे घोषित होने के 48 घंटे बाद तक बंद रहेगी।
ट्रेडिंग विंडो बंद रहने का नियम कंपनी से जुड़े सभी व्यक्तियों, अधिकारियों, नामित कर्मचारियों, इनसाइडर्स, निदेशकों और ऐसे व्यक्तियों के करीबी रिश्तेदारों पर लागू होगा। इसमें कंपनी की आचार संहिता में बताए गए अन्य संबंधित व्यक्ति भी शामिल हैं।
कंपनी ने यह जानकारी 10 सितंबर 2026 को शेयर बाजारों को दी है। यह पत्र बोधीट्री मल्टीमीडिया लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर मौटिक अजीत टोलिया (Mautik Ajit Tolia) की ओर से जारी किया गया है।
ZEE के फाउंडर डॉ. सुभाष चंद्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को चेतावनी दी है कि गलत जानकारी नहीं हटाने पर एक हफ्ते में मानहानि की कार्रवाई की जाएगी।
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ZEE के फाउंडर डॉ. सुभाष चंद्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को चेतावनी दी है कि अगर उनके व्यक्तिगत दिवालिया मामले से जुड़ी प्रकाशित की गई गलत जानकारी में एक हफ्ते के भीतर सुधार नहीं किया गया, तो उनके खिलाफ मानहानि की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
‘द हिंदू बिजनेसलाइन’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, डॉ. सुभाष चंद्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से कहा है कि 26 से 29 अगस्त के बीच अलग-अलग अकाउंट्स से उनके मामले को लेकर पोस्ट की गई “गलत जानकारी” को हटाया जाए। इसके साथ ही उन्होंने प्लेटफॉर्म्स से अपनी ओर से जारी की गई “स्पष्टीकरण” को भी प्रकाशित करने की मांग की है।
व्यक्तिगत दिवालिया मामले पर पहले भी दी थी सफाई
डॉ. सुभाष चंद्रा इससे पहले अपने खिलाफ चल रही व्यक्तिगत दिवालिया कार्यवाही को लेकर विस्तृत स्पष्टीकरण जारी कर चुके हैं। यह मामला उनके द्वारा दी गई व्यक्तिगत गारंटी से जुड़ा है। उन्होंने कहा था कि उन्होंने व्यक्तिगत तौर पर कोई पैसा उधार नहीं लिया था। उनके मुताबिक, जिन रकम को लेकर दावे किए जा रहे हैं, वे अलग-अलग उधार लेने वाली कंपनियों की ओर से जुटाई गई थीं।
30 अगस्त को उनके कार्यालय की ओर से जारी बयान में सोशल मीडिया पर चल रहे #PaisaWapasKaro हैशटैग वाले पोस्ट का भी जिक्र किया गया था। डॉ. सुभाष चंद्रा ने कहा था कि इस मामले को लेकर “गलत धारणा और गलत समझ” बनाई गई है।
₹22,000 करोड़ की व्यक्तिगत गारंटी का मामला
जारी किए गए बयान के मुताबिक, डॉ. सुभाष चंद्रा ने कुल मिलाकर करीब ₹22,000 करोड़ की व्यक्तिगत गारंटी पर हस्ताक्षर किए थे। इनमें से करीब ₹4,800 करोड़ की गारंटी उस समय दी गई थी, जब संबंधित संस्थाओं ने फंड उधार लिया था। बयान के अनुसार, बाकी गारंटी डिफॉल्ट होने के बाद दी गई थीं।
डॉ. सुभाष चंद्रा के कार्यालय की ओर से जारी स्पष्टीकरण में यह भी साफ किया गया कि उन्होंने व्यक्तिगत क्षमता में कोई कर्ज नहीं लिया था। बयान में इसे इस तरह बताया गया था- “Borrowing by me, Dr Subhash Chandra: ₹0”। इसका मतलब यह है कि जिन कर्जों को लेकर मामला सामने आया है, वे अलग-अलग कंपनियों ने लिए थे, न कि डॉ. सुभाष चंद्रा ने व्यक्तिगत तौर पर।
सोशल मीडिया पोस्ट पर जताई आपत्ति
डॉ. सुभाष चंद्रा ने 26 से 29 अगस्त के बीच सोशल मीडिया पर प्रकाशित हुई जानकारी को लेकर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि इन पोस्ट्स में उनके व्यक्तिगत दिवालिया मामले को लेकर गलत जानकारी दी गई। इसी वजह से उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से संबंधित पोस्ट्स को हटाने और उनका स्पष्टीकरण प्रकाशित करने की मांग की है।
साथ ही उन्होंने कहा है कि अगर एक सप्ताह के भीतर इस कंटेंट में बदलाव नहीं किया गया, तो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ मानहानि की कार्यवाही शुरू की जा सकती है।
यह मामला डॉ. सुभाष चंद्रा की ओर से दी गई व्यक्तिगत गारंटी और उससे जुड़ी दिवालिया कार्यवाही से संबंधित है। उन्होंने अपने पहले के स्पष्टीकरण में भी इस बात पर जोर दिया था कि संबंधित उधारी कंपनियों ने ली थी और उन्होंने खुद व्यक्तिगत तौर पर कोई पैसा उधार नहीं लिया था।