जानें, क्यों अभी भी जेल में रहेंगे नोएडा के तीन पत्रकार

ग्रेटर नोएडा की लुक्सर जेल में बंद हैं न्यूज चैनल से जुड़े तीनों पत्रकार

Last Modified:
Thursday, 20 June, 2019
Jail

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर आपत्तिजनक खबर का प्रसारण करने के मामले में गिरफ्तार नोएडा के न्यूज चैनल ‘नेशन लाइव’ के तीन पत्रकारों को जमानत मिल गई है। इसके बावजूद तीनों की जेल से रिहाई नहीं हो पाई है। बताया जाता है कि चैनल की एमडी इशिका सिंह, मैनेजिंग एडिटर अनुज शुक्ला और एंकर अंशुल को अभी सिर्फ मुख्यमंत्री की मानहानि के आरोपों के मामले में कोर्ट से जमानत मिली है, लेकिन उन पर बिना वैध कागजातों के चैनल को चलाने का आरोप भी है। इस मामले में कोर्ट ने उनकी जमानत अर्जी खारिज कर दी है। ऐसे में फिलहाल तीनों को ग्रेटर नोएडा स्थित लुक्सर जेल में ही रहना होगा, जब तक उन्हें सभी मामलों में जमानत नहीं मिल जाती।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बुधवार को एडीजे- 5 नलिन कांत त्यागी की कोर्ट में सीएम योगी पर विवादित कार्यक्रम करने के मामले में सुनवाई के बाद अदालत ने इशिका सिंह, अंशुल और अनुज शुक्ला को जमानत दे दी। इस मामले में चैनल हेड अजय शाह फिलहाल फरार है। इसके अलावा एडीजीसी रोहताश शर्मा ने बताया कि बिना अनुमति चैनल चलाने के मुकदमे में एडीजे (फास्ट ट्रैक कोर्ट-1) वेदप्रकाश वर्मा की कोर्ट में सुनवाई के बाद तीनों की जमानत अर्जी खारिज कर दी गई।

गौरतलब है कि 6 जून को नोएडा के सेक्टर-65 स्थित नेशन लाइव चैनल पर एक डिबेट का आयोजन हुआ था। पुलिस का आरोप है कि इसमें मुख्यमंत्री के खिलाफ मानहानिजनक खबर चलाई गई थी। आठ जून को मुकदमा दर्ज कर तीनों को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने तीनों पत्रकारों के खिलाफ दो अलग-अलग मामले दर्ज किए थे।

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प्रेमिका को लुभाने को संपादक के बेटा करता था ये काम

बीएससी की पढ़ाई कर रहा आरोपित इन दिनों नोएडा में रह रहा था

पंकज शर्मा by पंकज शर्मा
Published - Wednesday, 17 July, 2019
Last Modified:
Wednesday, 17 July, 2019
Arrest

प्रेमिका पर पैसे खर्च करने के लिए एक नामी अखबार के संपादक के बेटे ने गलत रास्ता अख्तियार कर लिया। उसने ‘धूम2’ फिल्म की तर्ज पर लूटपाट व झपटमारी शुरू कर दी। हालांकि, ज्यादा समय तक वह अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो सका और नोएडा थाना सेक्टर 20 पुलिस ने मंगलवार रात उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपित ने पुलिस पूछताछ के दौरान एनसीआर में लूट की 100 से अधिक वारदातों को अंजाम देने की बात कबूल की है।

थाना सेक्टर 20 के प्रभारी निरीक्षक राजवीर सिंह चौहान ने बताया कि मंगलवार रात पुलिस ने सेक्टर-19 स्थित ‘इंडो गोल्फ अस्पताल’ के पास से यह गिरफ्तारी की है। पकड़े गए आरोपित की पहचान आगरा के रहने वाले अभिषेक के रूप में हुई है। उसके पास से पुलिस ने सोने की 10 चेन, 2000 नगद और लूट में इस्तेमाल की जाने वाली वाली हाई स्पीड मोटरसाइकिल भी बरामद की है।

राजवीर सिंह ने बताया कि अभिषेक के पिता जालंधर (पंजाब) में एक नामी अखबार में संपादक हैं, जबकि वह इन दिनों नोएडा सेक्टर 12 में रह रहा था। अभिषेक आगरा के एक कॉलेज से बीएससी की पढ़ाई कर रहा है, जबकि उसकी प्रेमिका भी आगरा के एक प्रतिष्ठित कॉलेज में पढ़ाई कर रही है। अभिषेक ने अपनी प्रेमिका पर पैसे खर्च करने के लिए लूटपाट करने की बात स्वीकार की है।

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अमर उजाला, दिल्ली को मिला नया मेट्रो एडिटर

पूर्व में दो बार अमर उजाला समूह में निभा चुके हैं अपनी जिम्मेदारी

पंकज शर्मा by पंकज शर्मा
Published - Wednesday, 17 July, 2019
Last Modified:
Wednesday, 17 July, 2019
Amar Ujala

पत्रकार आशीष तिवारी को अमर उजाला में मेट्रो एडिटर, दिल्ली नियुक्त किया गया है। अशीष तिवारी इससे पहले करीब सवा छह साल तक 'टाइम्स ग्रुप' के साथ जुड़े हुए थे और नवभारत टाइम्स, लखनऊ में बतौर सिटी हेड अपनी जिम्मेदारी संभाल रहे थे। आशीष तिवारी को पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करने का 12 साल से ज्यादा का अनुभव है।‘अमर उजाला’ के साथ आशीष तिवारी की यह तीसरी पारी है। इससे पहले वह बतौर सीनियर रिपोर्टर करीब साढ़े तीन साल तक ‘अमर उजाला’, चंडीगढ़ में अपनी भूमिका निभा चुके हैं।

यही नहीं, वह ‘दैनिक भास्कर’ में भी करीब डेढ़ साल तक सीनियर रिपोर्टर के तौर पर काम कर चुके हैं। ‘दैनिक भास्कर’ को जॉइन करने से पहले आशीष तिवारी दो साल आठ महीने तक ‘अमर उजाला’ के साथ जुड़े हुए थे। आशीष तिवारी ने छत्रपति शाहूजी महाराज यूनिवर्सिटी, कानपुर से पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। उन्होंने अपनी पत्रकारिता की शुरुआत ‘हिन्दुस्तान’ लखनऊ से की थी।

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दिल्ली हाई कोर्ट ने प्रसार भारती पर लगाई ये रोक

डिश टीवी की याचिका पर सुनवाई करते हुए प्रसार भारती को दिया तीन महीने का समय

पंकज शर्मा by पंकज शर्मा
Published - Wednesday, 17 July, 2019
Last Modified:
Wednesday, 17 July, 2019
Prasar Bharati

दिल्ली हाईकोर्ट ने देश की पब्लिक ब्रॉडकास्ट कंपनी ‘प्रसार भारती’ (Prasar Bharati) को अपनी डीटीएच सर्विस में डायरेक्ट टू होम (DTH) ऑपरेटर ‘डिश टीवी’ (Dish TV) के ट्रेड मार्क ‘डिश’ शब्द का इस्तेमाल करने से रोक दिया है। जस्टिस राजीव साहनी एंडलॉ ने इस बारे में एक अंतरिम आदेश जारी किया है।

इस आदेश में कहा गया है कि मुकदमा लंबित रहने तक प्रसार भारती को ‘डीडी फ्रीडिश’ या डिश शब्द वाला कोई अन्य मार्क इस्तेमाल करने से रोका जाता है। इसके साथ ही कोर्ट का यह भी कहना था कि सार्वजनिक क्षेत्र के एक उपक्रम से किसी अन्य के ट्रेडमार्क का इस्तेमाल करने की अपेक्षा नहीं की जाती है। हाई कोर्ट ने प्रसार भारती को तीन महीने का समय दिया है, ताकि वह अपने कस्टमर्स/सबस्क्राइबर्स को नए नाम की जानकारी दे सके।

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क्या 70 लाख की ‘छोटी रकम’ है बरखा दत्त के ‘विद्रोह’ के पीछे?

कुछ दिन पूर्व ट्विटर के माध्यम से टीवी चैनल मैनेजमेंट पर निकाल चुकी हैं अपनी ‘भड़ास’

Last Modified:
Wednesday, 17 July, 2019
Barkha Dutt

तिरंगा टीवी मैनेजमेंट और सिब्बल मियां-बीवी, बरखा दत्त के एक के बाद एक उन पर लगाए आरोपों के चलते सकते में आए लगते हैं, इसलिए अभी तक उस ओर से कोई ऑफिशियल बयान जारी नहीं हुआ है। हालांकि, तिरंगा टीवी में कार्यरत सोर्सेज से कई कहानियां छन-छनकर बाहर आ रही हैं और अगर वो सच हैं तो वाकई में दिलचस्प और हैरतअंगेज हैं। इन रिपोर्ट्स पर यकीन किया जाए तो बरखा दत्त के आरोपों में एक नया ट्विस्ट आ जाता है।

सूत्रों का कहना है कि ये ठीक है कि तिरंगा टीवी चैनल ठीक नहीं कर पा रहा था और फाइनेंसियल क्राइसेस से गुजर रहा था, इसके लिए कई सारे फैक्टर जिम्मेदार है। बताया गया है कि शुरुआती तौर पर बरखा दत्त को केवल चार लोगों का निजी स्टाफ अलॉट किया गया था, लेकिन धीरे-धीरे यह संख्या चार से बढ़कर 17 पहुंच गई। इससे चैनल का खर्चा भी काफी बढ़ गया।

वैसे बरखा के स्टाफ और उनके निजी खर्चों को लेकर सवाल उस वक्त भी उठे थे. जब उन्होंने राघव बहल के वेंचर ‘द क्विंट’ के लिए कुछ पॉलिटिकल इंटरव्यू करने का करार किया था। बताते हैं कि बरखा के बड़े खर्चों को देखते हुए उस वक्त भी उनका करार बहुत जल्द ही खत्म हो गया था। टीवी इंडस्ट्री में जब भी महंगे एंकर्स की बात होती है तो बरखा की हाई कॉस्ट हमेशा चर्चा का विषय बनती है।

यह भी पढ़ें: कपिल सिब्बल पर फूटा बरखा का गुस्सा, फीमेल स्टाफ के प्रति ये है 'नजरिया

सूत्र ये भी बताते हैं कि तिरंगा टीवी में कई अनावश्यक खर्चों और गैर जिम्मेदार फैसलों के चलते चैनल की वित्तीय हालत खराब हुई और टीवी मैनेजमेंट ने कर्मचारियों को निकालने का फैसला किया। चूंकि कंपनी और एम्पलॉइज के बीच कॉन्ट्रैक्ट में केवल एक महीने की सैलरी के कमिटमेंट का उल्लेख था, ऐसे में पिछले दो महीनों से चैनल में शुरू हुई पिंक स्लिप मुहिम के तहत एम्पलॉइज को सिर्फ यही राशि दी गई।

ऐसे में सवाल भी उठते हैं कि जब कर्मचारियों को पिछले दो महीनों से निकाला जा रहा था, तब बरखा ने आवाज क्यों नही उठाई? लोग तो यहां तक बता रहे हैं कि तब बरखा ने ये कहकर पल्ला झाड़ लिया था कि वो तो चैनल में कंसल्टिंग एडिटर हैं, कोई रेग्युलर रोल में नहीं है। उल्लेखनीय है कि जब कर्मचारियों ने तीन जुलाई को कपिल सिब्बल के घर के आगे धरना दिया था, उस वक्त भी बरखा दत्त चुप्पी साधे रहीं।

बरखा ने असली 'क्रांति' का बिगुल तब फूंका, जब गाज उन पर गिरी। सूत्रों के मुताबिक बरखा का टोटल एक्सपेंस चैनल को करीब 30 लाख रुपए प्रति महीने का पड़ रहा था और ऐसे में कंपनी ने उनकी सेवाएं समाप्त करने के बाद 70 लाख रुपए देकर कांट्रैक्ट खत्म करने का फैसला लिया।

सूत्र बताते हैं बरखा को ये राशि रास नहीं आई, वो कम से कम 6 महीने का कंपनसेशन अमाउंट चाहती थीं, लेकिन चैनल प्रबंधन ने इससे साफ तौर पर मना कर दिया और यही से कहानी खराब होती चली गई। बताया जा रहा है कि ये तनातनी तब और बढ़ गई जब यशवंत सिन्हा के बुक लॉन्च के कार्यक्रम (जिसकी मॉडरेटर बरखा दत्त थीं) की कवरेज के लिए जाने वाली चैनल की कैमरा यूनिट को तिरंगा टीवी मैनेजमेंट ने ऐन वक्त पर वहां जाने से रोक दिया।

इससे मामला और बिगड़ता चला गया और नौबत यहां तक आ पहुंची कि बरखा ने ट्विटर के माध्यम से सारी भड़ास निकाल दी। महिला आयोग में भी कपिल सिब्बल और उनकी पत्नी के खिलाफ शिकायत कर दी। ऐसे में अभी तक ऑफिशियली कपिल सिब्बल ने कुछ भी बोलने से परहेज किया है। सूत्र तमाम अंदर की बातें शेयर कर रहे हैं, वैसे बरखा ने एकतरफा ट्विटर वार शुरू कर सिब्बल दंपती को अपने निशाने पर ले लिया है।

लेकिन दुर्भाग्य ये है कि जिस तरह एक नए चैनल के बंद होने की खबरें आ रही हैं, उससे करीब 200 पत्रकारों के परिवारों पर बड़ा संकट आ गया है। ऐसे में जरूरत है कि तिरंगा मैनेजमेंट कोई ऐसा बीच का रास्ता निकाले, जिससे मध्यमवर्गीय पत्रकार कम से कम नई नौकरी मिलने तक अपना जीवनयापन तो कर सके।

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अब इस मीडिया समूह से जुड़े मृगांक श्रीवास्तव, मिली बड़ी जिम्मेदारी

अब तक कई मीडिया समूह में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं मृगांक श्रीवास्तव

पंकज शर्मा by पंकज शर्मा
Published - Wednesday, 17 July, 2019
Last Modified:
Wednesday, 17 July, 2019
Mrigaank Srivasstava

वरिष्ठ मीडियाकर्मी मृगांक श्रीवास्तव ने दैनिक सवेरा मीडिया समूह के साथ नई पारी शुरू की है। उन्होंने पंजाब के इस अग्रणी मीडिया समूह में क्रिएटिव हेड के रूप में जॉइन किया है। मीडिया के क्षेत्र में अपने करीब 15 साल के करियर में मृगांक श्रीवास्तव अब तक विभिन्न मीडिया समूह में काम कर चुके हैं।

इससे पहले मृगांक काफी समय तक थिएटर से भी जुड़े रहे हैं। वह नेशनल वॉयस, जिआ न्यूज, आजाद न्यूज चैनल में क्रिएटिव एंड प्रोग्रामिंग हेड रह चुके हैं। मृगांक MH1 श्रद्धा और नेशनल वॉयस की लॉन्चिंग टीम में महत्वपूर्ण भूमिका भी निभा चुके हैं। उन्होंने इंडिया न्यूज, स्पेस टीवी, शक्ति चैनल में डायरेक्टर और सीनियर प्रड्यूसर की जिम्मेदारी भी निभाई है।

वह दूरदर्शन के लिए कई एपिसोड और विज्ञापन भी बना चुके हैं। इसके अलावा बतौर फ्रीलॉन्सर मृगांक ने कई एडवर्टाइजिंग एजेंसियों के लिए भी विज्ञापन और डॉक्यूमेंट्रीज बनाई हैं। वह इवेंट प्रोग्रामिंग में भी रहे हैं। MH1 का ‘आवाज पंजाब दी’, आजाद न्यूज का ‘मदर्स डे विद जसबीर जस्सी’, जी भारती का ‘लिटिल टैलेंट्स’, ‘दिल्ली इंटरनेशनल आर्ट फेस्टिवल’ का प्रोडक्शन और एपिसोड निर्माण का जिम्मा भी इनके पास था।

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इंडिया न्यूज में नई एंट्री, अब डिप्टी मैनेजिंग एडिटर की हुई नियुक्ति

चैनल अपने को मजबूत तौर पर स्थापित करने के लिए टीवी इंडस्ट्री के भरोसेमंद नामों पर दांव खेल रहा है

Last Modified:
Wednesday, 17 July, 2019
India News

आईटीवी नेटवर्क का हिंदी नेशनल न्यूज चैनल इंडिया न्यूज लगातार बदलाव के दौर से गुजर रहा है। चैनल अपने को मजबूत तौर पर स्थापित करने के लिए टीवी इंडस्ट्री के भरोसेमंद नामों पर दांव खेल रहा है। 

मिली जानकारी के मुताबिक इंडिया न्यूज ने अब टीवी पत्रकार रोहित विश्वकर्मा को बतौर डिप्टी मैनेजिंग एडिटर नियुक्त किया है। रोहित आउटपुट संभालने में काफी दक्ष माने जाते हैं। बताया गया है कि रोहित ने दो दिन पहले इंडिया न्यूज में अपना कार्यभार संभाल लिया है। इससे पहले वे मीडिया समूह ‘टीवी9’ के स्वामित्व वाली कंपनी ‘असोसिएट ब्रॉडकास्टिंग कंपनी’ (The Associated Broadcasting Company Pvt Ltd) ने कसंल्टिंग मैनेजिंग एडिटर के तौर पर कार्य कर रहे थे। यहां उन्होंने एक साल की पारी खेली है। 2018 में मई माह में रोहित ने टीवी9 के साथ अपनी पारी की शुरुआत की थी।

वरिष्ठ पत्रकार विनोद कापड़ी के करीबी माने जाने वाले रोहित टीवी9 जाने से पहले ‘आजतक’ की टीम का हिस्सा थे और एडिटर के पद पर कार्यरत थे। ‘आजतक’ जॉइन करने से पहले वे ‘इंडिया टीवी’ में सीनियर एग्जिक्यूटिव एडिटर के पद पर कार्यरत थे और यहां वे मात्र एक महीने ही रहे। वे ‘इंडिया टीवी’ भी ‘आजतक’ से ही आए थे। तब वे करीब तीन साल तक ‘आजतक’ के साथ ही थे। वे यहां सितंबर, 2013 में जुड़े थे और तब वे डिप्टी एग्जिक्यूटिव प्रड्यूसर (DEP) के पद पर कार्यरत थे। उन पर मॉर्निंग शिफ्ट इंचार्ज की जिम्मेदारी थी। इसके अतिरिक्त उन्होंने कई प्रोग्राम भी शुरू किए थे, जिनमें ‘थर्ड डिग्री’ और ‘दिल्ली के दिल में क्या है’ शामिल रहा है।इंडिया टीवी में जब वे एक महीने के लिए जुड़े, तब भी ये उनकी दूसरी पारी थी। ‘आजतक’ से पहले वे इंडिया टीवी के साथ जनवरी, 2008 से सितंबर 2013 तक थे। यहां वे असोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत थे। इसके अतिरिक्त वे स्पोर्ट्स एडिटर की भी जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।

साल 2004 में देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान आईआईएमसी के छात्र रह चुके रोहित ने अपने करियर की शुरुआत ‘स्टार न्यूज’ (अब एबीपी न्यूज) के साथ की थी। उन्होंने यहां साल 2004 से 2008 तक विभिन्न पदों पर रहते हुए प्रड्यूसर तक की जिम्मेदारी संभाली। इसके अलावा उन्हें एंकरिंग करने का भी मौका मिला। उन्होंने ज्योतिष पर आधारित कार्यक्रम ‘तीन देवियां’ की भी शुरुआत की थी। इसके अतिरिक्त उन्हें यहां स्पोर्ट्स, बिजनेस और कई अन्य सोशल मुद्दों पर रिपोर्टिंग करने का मौका भी मिला।

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BIGG BOSS में एंट्री के लिए महिला पत्रकार के सामने रखी ऐसी ‘डिमांड’, थाने पहुंचा मामला

21 जुलाई को शुरू होने से पहले ही विवादों में फंसा टीवी शो बिग बॉस’ का तीसरा सीजन

पंकज शर्मा by पंकज शर्मा
Published - Tuesday, 16 July, 2019
Last Modified:
Tuesday, 16 July, 2019
Reporter

टीवी शो ‘बिग बॉस-3’ (तेलुगु) ऑनएयर होने से पहले ही कानूनी मुश्किलों में घिर गया है। हैदराबाद की वरिष्ठ महिला पत्रकार ने शो के चार ऑर्गनाइजर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। हैदराबाद के बंजारा हिल्स पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई एफआईआर में महिला पत्रकार का कहना है कि शो में चयन के लिए ऑर्गनाइजर्स ने उनसे सेक्सुअल फेवर की मांग की। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

असिस्टेंट कमिशनर के श्रीनिवास राव के अनुसार, 13 जुलाई को दर्ज कराई अपनी एफआईआर में महिला पत्रकार ने बताया है कि उन्हें बिग बॉस तेलुगु की तरफ से एक कॉल आई। फोन करने वाले ने बताया कि 21 जुलाई से शुरू हो रहे बिग बॉस के तीसरे सीजन में उन्हें सेलेक्ट किया गया है। इस ऑफर के बाद पत्रकार शो के ऑर्गनाइजर्स से मिलने के लिए पहुंची थीं। आरोप है कि मीटिंग के दौरान शो के ऑर्गनाइजर्स अभिषेक, रविकांत, रघु और श्याम ने शो के फाइनल राउंड में एंट्री के लिए उनसे ‘बॉस’ के लिए सेक्सुअल फेवर की मांग की।

महिला पत्रकार का आरोप है कि ऑर्गनाइजर्स ने उनसे किसी तरह का कोई एग्रीमेंट नहीं किया और कई बार ये पूछा गया कि वे कैसे 'बॉस' को संतुष्ट कर सकती हैं? इसके बाद महिला पत्रकार ने एफआईआर दर्ज कराई। बता दें कि यह शो 21 जुलाई से शुरू हो रहा है। एक्टर अक्किनेनी नागार्जुन शो को होस्ट कर रहे हैं। 

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अश्लील मेसेज भेजने वाले को न्यूज एंकर ने इस तरह सिखाया सबक

न्यूज एंकर के पति की फटकार का भी आरोपित पर नहीं पड़ा था कोई असर

Last Modified:
Tuesday, 16 July, 2019
News Anchor

टीवी चैनल की न्यूज एंकर को कथित तौर पर अश्लील संदेश भेजने के आरोप में मुंबई पुलिस ने पश्चिम बंगाल के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपित की पहचान 40 वर्षीय अतनु रवींद्र कुमार के रूप में हुई है। वह इन दिनों बेरोजगार है। अतनु रवींद्र कुमार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।

पुलिस के अनुसार, कुछ दिनों पहले न्यूज एंकर ने मुंबई में कफ परेड पुलिस स्टेशन में संपर्क कर एक शिकायत दी थी। इस शिकायत में न्यूज एंकर का कहना था कि आरोपित उन्हें फेसबुक पर अश्लील संदेश भेज रहा है। जब एंकर ने उस फेसबुक प्रोफाइल को ब्लॉक कर दिया तो आरोपित ने अन्य प्रोफाइल बनाकर फिर से इस तरह की हरकत शुरू कर दी।

यही नहीं, जब न्यूज एंकर के पति ने आरोपित को फेसबुक पर फटकार लगाई तो उसने पति-पत्नी दोनों को ही अश्लील संदेश भेजने शुरू कर दिए। इसके बाद न्यूज एंकर ने पुलिस को इस मामले से अवगत कराते हुए शिकायत दी। न्यूज एंकर की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया।

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दैनिक जागरण की सफलता में कौन से फैक्टर निभाते हैं खास रोल, पढ़ें यहां

सात करोड़ से ज्यादा पाठक संख्या के साथ ‘दैनिक जागरण’ ने प्रिंट मीडिया में अपनी खास जगह बनाई है

Last Modified:
Tuesday, 16 July, 2019
Dainik Jagran

सात करोड़ से ज्यादा पाठक संख्या के साथ हिंदी के प्रमुख अखबार ‘दैनिक जागरण’ ने प्रिंट मीडिया में अपनी एक खास जगह बनाई है। 31 मार्च 2019 को समाप्त तिमाही के आंकड़ों की बात करें तो जागरण प्रकाशन लिमिटेड ने टैक्स के बाद समेकित लाभ (consolidated profit after tax) 12.50 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 70.61 करोड़ रुपए होने की घोषणा की है। इसके अलावा ऐड रेवेन्यू में भी लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। दैनिक जागरण की रीडरशिप लगातार बढ़ने का ही नतीजा है कि यह सबसे आगे बना हुआ है। इंडियन रीडरशिप सर्वे 2019 की पहली तिमाही (IRS Q1 2019) के डाटा देखें तो रीडरशिप के मामले में इसने अपने सभी प्रतिद्वंद्वियों को पीछे छोड़ दिया है।

आखिर दैनिक जागरण अपनी पाठक संख्या को लगातार बढ़ाने और टॉप पर बने रहने के लिए किस तरह की स्ट्रैटेजी बनाता है? इस बारे में जागरण ग्रुप के सीईओ संजय गुप्त का कहना है कि वह अपना फोकस अच्छी पत्रकारिता करने पर रखना चाहते हैं, ताकि दैनिक जागरण पाठकों की पहली पसंद बना रहे। उनका कहना है कि हमेशा से ही उनका प्रयास अच्छी पत्रकारिता करने पर रहा है।

हालांकि, डिजिटल मीडिया के आने के बाद इसकी आंधी ने प्रिंट मीडिया के बिजनेस पर विपरीत प्रभाव डाला है, लेकिन दैनिक जागरण के बिजनेस पर इससे कोई फर्क नहीं पड़ा है। इस बारे में ‘जागरण प्रकाशन’ के सीनियर वाइस प्रेजिडेंट (स्ट्रैटेजी, ब्रैंड और बिजनेस डेवलपमेंट) बसंत राठौड़ का कहना है, ‘यहां डिजिटल और प्रिंट के बीच की लड़ाई नहीं है। डिजिटल के बारे में हमारा मानना है कि यह प्रिंट का पूरक है। इसके अलावा डिजिटल न्यूज के आने से न्यूज के उपभोग (news consumption) में एक नया आयाम जुड़ गया है। पहले के मुकाबले अब ज्यादा लोग न्यूज का उपभोग कर रहे हैं और न्यूज पर ज्यादा समय भी दे रहे हैं। दिन में घटने वाली घटनाओं और अपडेट के लिए डिजिटल न्यूज का उपभोग ज्यादा बढ़ रहा है, वहीं सुबह-शाम प्रिंट और टीवी पर न्यूज का उपभोग ज्यादा होता है।’

डिजिटल और प्रिंट दोनों प्लेटफॉर्म्स पर अपने रीडर्स को जोड़े रखने के लिए कंटेंट का किस तरह विभाजन किया जाता है और इसके लिए किस तरह की प्राथमिकता रखी जाती है?  इस बारे में  राठौड़ का कहना है, ‘हमारे लिए एक मात्र प्राथमिकता डिजिटल और प्रिंट दोनों में उत्कृष्टता हासिल करना है। ‘इन्मा’ (International News Media Association) के ग्लोबल मीडिया अवॉर्ड्स से इसे समझा जा सकता है, जहां पर दैनिक जागरण ने प्रिंट की रीडरशिप को बढ़ाने में बेस्ट आयडिया के लिए पहला पुरस्कार हासिल किया, वहीं डिजिटल रीडरशिप को बढ़ाने में बेस्ट आयडिया के लिए जागरणडॉटकॉम ने भी पहला स्थान हासिल किया। मुझे लगता है कि शायद हम ही ऐसी इकलौती मीडिया कंपनी थे, जिसने इस ग्लोबल प्रतियोगिता में यह मुकाम हासिल किया। प्रिंट और डिजिटल मीडिया दोनों साथ मिलकर एक-दूसरे की ताकत का लाभ उठाते हुए दर्शकों के लिए शानदार अनुभव उपलब्ध कराने की दिशा में काम करते हैं।  ’

आईआरएस 2019 की पहली तिमाही के डाटा पर नजर डालें तो 7,36,73,000 पाठक संख्या (कुल रीडरशिप) के साथ ‘दैनिक जागरण’ इस लिस्ट में टॉप पर है। ‘आईआरएस 2017’ में इस अखबार की कुल रीडरशिप 7,03,77,000 थी। दैनिक जागरण की एवरेज इश्यू रीडरशिप (AIR) वर्ष 2017 में जहां 20,241,000 थी, वह आईआरएस 2019 की पहली तिमाही में थोड़ी बढ़कर 20,258,000 हो गई। इस अखबार के 400 से ज्यादा एडिशंस और सब-एडिशंस हैं।    

ज्यादा रीडरशिप हासिल करने के लिए ‘दैनिक भास्कर’ ने बॉलिवुड एक्टर सलमान खान को अपना ब्रैंड एंबेसडर बनाया है, ऐसे में रीडरशिप को बढ़ाने में मदद के लिए क्या जागरण भी इसी तरह की कुछ प्लानिंग कर रहा है? इस बारे में राठौड़ का कहना है, ‘इस तरह सेलेब्रिटी का इस्तेमाल कर रीडरशिप बढ़ाने का हमारा कोई इरादा नहीं है। हमने जनजागरण के लिए सात सरोकार बनाए हैं और हमारी कंटेंट फिलॉसफी इन पर आधारित होती है, जिससे हमारी ब्रैंड बिल्डिंग होती है।’ उन्होंने कहा कि हम न्यूज को ज्यादा से ज्यादा स्थानीय बनाने पर भी काफी ध्यान देते हैं औऱ हर 30-40 किलोमीटर पर अपने कंटेंट को स्थानीय भाषा के अनुसार तैयार करते हैं। ज्यादा से ज्यादा किसी क्षेत्र की खबरें मिलने से वहां रीडरशिप के साथ ही विज्ञापन पर भी काफी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। मीडिया बॉयर्स का भी यही मानना है कि रीजनल के प्रति इस झुकाव ने भी जागरण को दूसरों पर बढ़त दिलाने में मदद की है।    

डेंट्सू एजिस नेटवर्क के सीईओ (ग्रेटर साउथ) और चेयरमैन व सीईओ (इंडिया) आशीष भसीन का कहना है, ‘देश में अंग्रेजी के मुकाबले रीजनल रीडरशिप ज्यादा तेजी से बढ़ रही है और इसके तहत रीजनल में दमदार मौजूदगी वाले न्यूजपेपर्स और ज्यादा मजबूत हो रहे हैं। विदेश में जहां प्रिंट की रीडरशिप में कमी हो रही है, इसके विपरीत मुझे लगता है भारत में अगले तीन से पांच सालों तक इसकी रीडरशिप में वृद्धि जारी रहेगी। जागरण की बात करें तो यह अच्छा अखबार है और काफी मजबूत स्थिति में है। इसने अपने पाठकों के बीच मजबूत पकड़ बना रखी है।’ वहीं, ‘पीएचडी मीडिया’ (PHD Media) की सीईओ ज्योति बंसल का मानना है कि जागरण की दो बातें इसे सबसे आगे रखती हैं। ये हैं निष्पक्षता और अपने पाठकों के प्रति सच्चाई। अखबार विभिन्न माध्यमों से अपने पाठकों से जुड़ा रहता है और उनकी आवाज को उठाने में लगातार जुटा रहता है। इस वजह से भी यह पाठकों के बीच पहली पसंद बना हुआ है।

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अमर उजाला का 21वां एडिशन हुआ लॉन्च

लॉन्चिंग के मौके पर अमर उजाला समूह के निदेशक तन्मय माहेश्वरी सहित अमर उजाला परिवार के कई लोग मौजूद रहे

Last Modified:
Tuesday, 16 July, 2019
Amar Ujala Logo

हिंदी के बड़े अखबारों में शुमार ‘अमर उजाला’ ने अपने विस्तार की दिशा में एक और कदम बढ़ा दिया है। इसके तहत अमर उजाला ने अब करनाल एडिशन लॉन्च किया है। यह ग्रुप का 21वां और हरियाणा में हिसार और रोहतक के बाद तीसरा एडिशन है। बताया जाता है कि करनाल संस्करण शुरू होने के बाद जीटी बेल्ट के करनाल, पानीपत, अंबाला यमुनानगर, कैथल, सोनीपत और कुरुक्षेत्र जिले के पाठकों को अब देर रात तक की अपडेट खबरें पढ़ने को मिलेंगी। नए एडिशन की लॉन्चिंग के मौके पर निर्मल कालोनी स्थित सिटी कार्यालय और प्रिंटिंग प्रेस में हवन यज्ञ के साथ विधिवत पूजा हुई। इस मौके पर अमर उजाला समूह के निदेशक तन्मय माहेश्वरी सहित अमर उजाला परिवार के कई लोग मौजूद रहे।

इस मौके पर तन्मय माहेश्वरी ने कहा, ‘करनाल से ग्रुप के 21वें प्रिंट एडिशन की लॉन्चिंग की घोषणा करते हुए मुझे काफी खुशी हो रही है। वर्ष 1948 में कुछ सौ कॉपियों के साथ इस अखबार की शुरुआत हुई थी और आज इसके पाठकों की संख्या 48 मिलियन तक पहुंच चुकी है। पाठकों के प्यार और भरोसे के साथ ही हमारी पूरी टीम के लगातार प्रयास की बदौलत ही यह देश का तीसरा सबसे बड़ा अखबार बना हुआ है। इसके लिए आप सभी लोग बधाई के पात्र हैं।’ 

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