अगर नहीं दे पाए थे वोट, तो ये खबर आपके काम की है

पिछले दिनों हुए लोकसभा चुनाव के तहत सात चरणों में हुई थी वोटिंग

Last Modified:
Tuesday, 04 June, 2019
EVM

पिछले दिनों हुए लोकसभा चुनाव के तहत सात चरणों में मतदान की प्रक्रिया पूरी की गई। इस दौरान लोगों ने बड़ी संख्या में अपने वोटिंग अधिकार का प्रयोग किया और भाजपा को स्पष्ट बहुमत से जीत मिली। लेकिन, बड़ी संख्या में ऐसे भी वोटर्स रहे, जो किसी न किसी कारण से अपने मताधिकार का प्रयोग करने से वंचित रह गए।

ऐसे में अब अंग्रेजी के प्रमुख अखबार ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ (Times Of India) ने उन लोगों के लिए एक नई पहल शुरू की है, जो वोट देने से वंचित रह गए हैं। ‘लॉस्ट वोट्स’ (LOST VOTES) के नाम से शुरू इस मुहिम के बारे में अखबार का कहना है कि जिन लोगों ने वोट नहीं दिए, उनकी गिनती भी होनी चाहिए। अभी भी तक करीब नब्बे लाख लोग इस मुहिम से जुड़ चुके हैं। 

दरअसल, इस पूरी कवायद का उद्देश्य यह है कि सरकार कानून में आवश्यक बदलाव कर उन लोगों को देश में कहीं से भी वोट करने का अधिकार दे, जो किसी न किसी वजह से अपने गृहजनपद से दूर रह रहे हैं और वोट करने के लिए वहां नहीं आ सकते हैं।

इस पहल के बारे में अखबार ने अपने पहले पेज पर पूरी जानकारी दी है, जिसमें बताया गया है कि वहां दिए गए लाल रंग के एक पॉइंट पर अपनी बायीं उंगली के नाखून को रगड़ें और जब उस पर लाल रंग का निशान आ जाए तो उसकी फोटो खींचकर #Lostvotes के साथ अपने सोशल मीडिया पर शेयर कर दें, जिससे छूट गए प्रत्येक वोट की गिनती की जा सके।

टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी इस पहल के बारे में और ज्यादा जानने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं-

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डॉक्टर का यह सवाल सुनते ही रफूचक्कर हुआ अस्पताल में हंगामा कर रहा ‘पत्रकार’

इलाज के लिए राजस्थान के बांसवाड़ा स्थित महात्मा गांधी अस्पताल पहुंचा था खुद को पत्रकार बता रहा युवक, धमका रहा था स्टाफ को

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Friday, 20 September, 2019
Last Modified:
Friday, 20 September, 2019
Journalist

खुद को पत्रकार बताकर अस्पताल कर्मियों को धमका रहा युवक उस समय बैकफुट पर आ गया, जब कार्यवाहक पीएमओ ने उससे पहचान पत्र मांग लिया। पहले तो युवक तमाम बहाने बनाता रहा, फिर मौका देखकर वहां से रफूचक्कर हो गया।

यह मामला है राजस्थान में बांसवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल का, जहां गुरुवार सुबर एक युवक इलाज के लिए पहुंचा था। उस दौरान सभी डॉक्टर्स वार्डों में मरीजों को देखने के लिए गए हुए थे। ऐसे में सीट पर डॉक्टरों को न पाकर युवक भड़क गया और खुद को पत्रकार बताते हुए नर्सिंग स्टाफ को धमकाने के साथ ही हंगामा करने लगा।

शोरशराबा सुनकर कार्यवाहक पीएमओ डॉ. सर्वेश बिसारिया मौके पर पहुंचे और हंगामे की वजह पूछी। युवक ने अपना नाम रणजीत सिंह बताते हुए खुद को पत्रकार बताया। इस पर डॉ. सर्वेश ने युवक से पहचान पत्र दिखाने को कहा। पहचान पत्र मांगते ही युवक बैकफुट पर आ गया और खुद को पत्रकार का दोस्त बताने समेत तमाम बहाने करने लगा। इसके बाद वह मौका देखकर वहां से चला गया।

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विधायक के दफ्तर में हुई पत्रकारों की पिटाई, जानें पूरा मामला

किसी मामले में शिकायत करने के लिए अपने साथियों के साथ विधायक के कार्यालय गए थे पत्रकार

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Friday, 20 September, 2019
Last Modified:
Friday, 20 September, 2019
Attack

पत्रकारों पर हमले का एक और मामला सामने आया है। यह मामला उत्तर प्रदेश में गाजियाबाद के लोनी इलाके का है, जहां पर कुछ लोगों ने बीजेपी विधायक के दफ्तर में घुसकर पत्रकारों की जमकर पिटाई कर दी। मारपीट में घायल एक पत्रकार को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

बताया जाता है कि लोनी में बलराम नगर स्थित स्टेट बैंक के पास बीजेपी विधायक नंद किशोर गुर्जर का ऑफिस है। यहां कुछ पत्रकार एक मामले में शिकायत करने पहुंचे थे। तभी 5-6 बदमाशों ने उनकी जमकर पिटाई कर दी। घटना के बाद पत्रकारों ने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। बॉर्डर थाना प्रभारी शैलेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि पत्रकार सरताज खान ने शिकायत दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

दरअसल, बुधवार को अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही के दौरान पत्रकार शौकत अली वहां फोटोग्राफी कर रहे थे। इसी बीच एसडीएम के गनर द्वारा रोके जाने पर उनके साथी पत्रकार सरताज खान का गनर से विवाद हो गया। आरोप है कि इस पर गनर ने सरताज के साथ अभद्रता कर दी।

नाराज दोनों पत्रकार अपने कुछ साथियों के साथ गुरुवार को विधायक के कार्यालय पहुंचे थे। वहां विधायक के प्रतिनिधि ललित शर्मा ने कार्यालय में विधायक के न होने की सूचना दी और इंतजार करने के लिए कहा। आरोप है कि ललित शर्मा के बाहर जाते ही कुछ नकाबपोश बदमाश दफ्तर में घुसे और हॉकी-डंडों से सरताज खान और शौकत अली के साथ मारपीट की। वहीं, इस मामले में विधायक नंद किशोर गुर्जर का कहना है कि अपने दफ्तर में पत्रकारों के साथ मारपीट की घटना से वह स्तब्ध हैं। उन्होंने आशंका जताई कि शायद पत्रकारों का बाहर विवाद हुआ हो।

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पत्रकारों को लेकर प्रज्ञा ठाकुर के बिगड़े बोल, हो रहा विरोध

बयान से गुस्साए पत्रकारों ने प्रज्ञा ठाकुर से माफी मांगने के साथ ही बीजेपी आलाकमान से उन्हें पार्टी से निकालने की मांग उठाई है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Thursday, 19 September, 2019
Last Modified:
Thursday, 19 September, 2019
Pragya Thakur

अपने बयानों को लेकर अक्सर चर्चा में रहने वालीं व भोपाल से बीजेपी सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर नए विवाद में फंस गई हैं। अब उन्होंने पत्रकारों को बेईमान बता दिया है। प्रज्ञा ठाकुर के इस बयान पर पत्रकार काफी गुस्सा हैं और उन्होंने प्रज्ञा ठाकुर से माफी की मांग की। इसके साथ ही पत्रकारों ने बीजेपी आलाकमान से प्रज्ञा ठाकुर को पार्टी से निकालने की मांग भी उठाई है।

दरअसल, प्रज्ञा ठाकुर ने ये बयान मंगलवार को सीहोर जिले की यात्रा के दौरान दिया। यहां वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 69वें जन्मदिन पर फलों का वितरण करने आई थीं। पत्रकारों ने मध्य प्रदेश से जुड़े विभिन्न मुददों पर उनकी टिप्पणी चाही थी। इस पर प्रज्ञा का हंसते हुए कहना था, ‘एक भी ईमानदार नहीं है। हां हम बोल रहे हैं, सुनो तुम्हारी तारीफ, जितने भी सीहोर के मीडियावाले हैं, सब बेईमान हैं।’

प्रज्ञा ठाकुर की इस टिप्पणी पर पत्रकार गुस्सा हो गए। इसके बाद स्थानीय पत्रकारों के एक समूह ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर प्रज्ञा ठाकुर से माफी की मांग की। साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने कैसे मीडियाकर्मियों को बेईमान बताया, वह आप इस विडियो में देख सकते हैं। 

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वरिष्ठ पत्रकार सायना धेनुगारा ने नई दिशा में बढ़ाए कदम

‘CNBC-TV18’ की मैनेजिंग एडिटर शीरीन भान के साथ मिलकर किताब भी लिख चुकी हैं सायना धेनुगारा

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Wednesday, 18 September, 2019
Last Modified:
Wednesday, 18 September, 2019
Syna

‘सीएनबीसी-टीवी18’ (CNBC-TV18) की फीचर एडिटर सायना धेनुगारा ने अब अपने करियर को नई दिशा दी है। उन्होंने बेंगलुरु के स्टार्ट अप ‘लेट्सवेंचर’ (LetsVenture) में बतौर चीफ ब्रैंड ऑफिसर जॉइन किया है। यह एक इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म है। अपनी नई भूमिका में धेनुगारा ‘लेट्सवेंचर’ के फाउंडर्स शांति मोहन और संजय झा के साथ ही सीनियर लीडरशिप टीम के साथ मिलकर काम करेंगी।   

‘CNBC-TV18’ में रहते हुए धेनुगारा टेक्नोलॉजी, नई अर्थव्यवस्था, पॉलिसी प्रभाव पर काम करने के साथ ही स्टार्ट अप्स व एंटरप्रिन्योरशिप पर बने शो ‘यंग टर्क्स’ को भी संभाल चुकी हैं। अपने 13 साल के पत्रकारिता के करियर में वह ‘CNBC-TV18’ की मैनेजिंग एडिटर शीरीन भान के साथ मिलकर ‘Young Turks-Inspiring Stories of Tech Entrepreneurs’ के नाम से किताब भी लिख चुकी हैं। इस किताब में ऊंचा मुकाम पाने वाले 13 एंटरप्रिन्योर की प्रेरक कहानियां हैं।

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लाइव डिबेट में पैनलिस्ट के साथ हुआ कुछ ऐसा, विडियो वायरल

कश्मीर के मुद्दे पर चल रही थी चर्चा, विडियो वायरल होने के साथ ही सोशल मीडिया पर जमकर उड़ाया जा रहा है मजाक

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Wednesday, 18 September, 2019
Last Modified:
Wednesday, 18 September, 2019
Debate Show

कश्मीर के मुद्दे को लेकर पाकिस्तान के ‘GTV’ टेलिविजन चैनल पर हो रही लाइव डिबेट के दौरान एक पैनलिस्ट अचानक अपनी कुर्सी से लड़खड़ाकर गिर पड़ा। इस घटना से जुड़े विडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होते ही लोगों ने इस पैनलिस्ट को निशाने पर ले लिया और जमकर मजाक उड़ाना शुरू कर दिया।

कुछ लोगों ने तो इसकी तुलना कश्मीर मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना करने के दौरान पाकिस्तान के रेलमंत्री शेख रशीद को लगे करंट से कर दी। कुछ लोगों ने मजाक में यह भी कहना शुरू कर दिया है कि जरूर इस पैनलिस्ट ने भी मोदी का मजाक उड़ाया होगा।  

पाकिस्तान की पत्रकार @nailainayat (नायला इनायत) ने अपने ट्विटर हैंडल पर इस विडियो को शेयर किया है। आप भी इस विडियो को यहां देख सकते हैं।

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मीडिया से जुड़े मुद्दों का अब इस तरह समाधान करेगी सरकार

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में लिया गया फैसला

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Wednesday, 18 September, 2019
Last Modified:
Wednesday, 18 September, 2019
Media

पाकिस्तान में मीडिया से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए अब विशेष मीडिया न्यायाधिकरणों (Special Media Tribunals) का गठन किया जाएगा। पाकिस्तान की सरकार ने इसकी घोषणा की है। बताया जाता है कि प्रधानमंत्री इमरान खान की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की विशेष सहायक (सूचना) फिरदौस आशिक अवान ने मंगलवार को बताया कि ये न्यायाधिकरण पाकिस्तान के इलेक्ट्रॉनिक मीडिया नियामक प्राधिकरण (PEMRA) की शिकायत परिषद की जगह लेंगे।

उन्होंने बताया कि न्यायाधिकरणों के गठन के लिए संसद में कानून बनाया जाएगा। इन न्यायाधिकरणों में मीडिया से जुड़े मुद्दे 90 दिन के भीतर सुलझाए जाएंगे और ये न्यायाधिकरण किसी न्यायपालिका के तहत काम करेंगे। ये न्यायाधिकरण सरकारी नियंत्रण या प्रभाव से मुक्त होंगे और सरकारी अधिकारी भी उनके प्रति जवाबदेह होंगे।

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सिर्फ इतनी सी बात पर पत्रकार की कर दी पिटाई, थाने पहुंचा मामला

अपने साथी के साथ होटल में भोजन करने गए थे पत्रकार, पुलिस ने एक आरोपित को किया गिरफ्तार

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Wednesday, 18 September, 2019
Last Modified:
Wednesday, 18 September, 2019
Attack on Scribe

देश भर में पत्रकारों पर हमलों की घटनाएं रुक नहीं रही हैं। आए दिन इस तरह के मामले सामने आते रहते हैं। इस लिस्ट में अब एक और मामला जुड़ गया है। यह मामला झारखंड के पाकुड़ का है, जहां पर शहर के प्रसिद्ध होटल से भोजन कर लौट रहे पत्रकार राजकुमार कुशवाहा और उनके साथी पर कुछ असामाजिक तत्वों ने हमला कर दिया। हमले में पत्रकार व उनके साथी को काफी चोट आई हैं। पीड़ित पत्रकार ने इस मामले में थाने में एफआईआर दर्ज करा दी है।  

बताया जाता है कि पाकुड़ प्रेस क्लब के उपाध्यक्ष और एक दैनिक अखबार में पत्रकार राजकुमार कुशवाहा अपने साथी के साथ आरके पैलेस रेस्टोरेंट में भोजन करने गए थे। इसी दौरान खाने की क्वालिटी और बिल के संदर्भ में उनकी बातचीत वेटर राय से हुई। उन्होंने खाने की क्वालिटी को लेकर मैनेजर से बात करनी चाही लेकिन वेटर ने मैनेजर को न बोलकर जयंतो दुबे और तन्मय त्रिवेदी नामक दो लड़कों को बुला लिया।

इसके बाद तीनों ने कुशवाहा व उनके साथी से मारपीट शुरू कर दी। पुलिस ने वेटर को गिरफ्तार कर लिया है, वहीं एक आरोपित के परिवार के सदस्य को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने इस मामले में अन्य आरोपितों की तलाश शुरू कर दी है।

घटना की जानकारी मिलते ही पाकुड़ प्रेस क्लब के सदस्यों ने एसपी राजीव रंजन सिंह को ज्ञापन सौंपकर नामजद अभियुक्तों को 24 घंटे के अंदर गिरफ्तार करने की मांग की है। 24 घंटे के अंदर आरोपितों की गिरफ्तारी न होने पर मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का विरोध करने की चेतावनी दी गई है।

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न्यूज चैनलों के संपादकों के संगठन NBA की नई कार्यकारिणी गठित, देखें लिस्ट

न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन की 17 सितंबर को 12वीं वार्षिक आम बैठक के बाद हुई बोर्ड मीटिंग में की गई घोषणा

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Wednesday, 18 September, 2019
Last Modified:
Wednesday, 18 September, 2019
NBA

‘इंडिया टीवी’ के चेयरमैन और एडिटर-इन-चीफ रजत शर्मा को निजी टेलिविजन न्यूज चैनल्स का प्रतिनिधित्व करने वाले समूह 'न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन' (एनबीए) का दोबारा प्रेजिडेंट चुना गया है। 17 सितंबर को एनबीए की 12वीं वार्षिक आम बैठक के बाद हुई बोर्ड मीटिंग में यह घोषणा की गई। इस मौके पर एनबीए के नवनियुक्त पदाधिकारियों की घोषणा भी की गई।

एनबीए के बोर्ड में ‘न्यूज24 ब्रॉडकास्ट इंडिया लिमिटेड’ की चेयरपर्सन कम एमडी अनुराधा प्रसाद शुक्ला, ‘टाइम्स नेटवर्क’ के एमडी और सीईओ एमके आनंद, ‘मातृभूमि प्रिंटिंग एंड पब्लिशिंग कंपनी लिमिटेड’ के जॉइंट एमडी एमवी श्रेयम्स कुमार, ‘टीवी18 ब्रॉडकास्ट लिमिटेड’ के एमडी राहुल जोशी, ‘एबीपी न्यूज नेटवर्क’ के सीईओ अविनाश पांडे, ‘इनाडु टेलिविजन प्राइवेट लिमिटेड’ के डायरेक्टर आई. वेंकट, ‘टीवी टुडे नेटवर्क लिमिटेड’ की चेयरपर्सन और एमडी कली पुरी और ‘एनडीटीवी’ की एडिटोरियल डायरेक्टर सोनिया सिंह को शामिल किया गया है।  

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पत्रकारों के लिए इस सरकारी योजना में आवेदन करने की तारीख बढ़ी

अभी तक 20 सितंबर रखी गई थी योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन फार्म जमा करने की तारीख

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Tuesday, 17 September, 2019
Last Modified:
Tuesday, 17 September, 2019
Media

मध्य प्रदेश सरकार के जनसंपर्क विभाग ने पत्रकार स्वास्थ्य एवं दुर्घटना समूह बीमा योजना में आवेदन करने की अंतिम तारीख को 20 सितंबर से बढ़ाते हुए 25 सितंबर कर दिया है। जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने बताया कि पत्रकार बीमा योजना के तहत फार्म भरने की समय सीमा बढ़ाने के साथ-साथ बीमा कंपनी द्वारा बढ़ाए गए प्रीमियम को कम करने का प्रस्ताव बीमा कंपनी मुख्यालय भेजा गया है, ताकि अधिक से अधिक पत्रकार इस योजना का लाभ ले सकें।

एमपी वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन के अध्यक्ष राधावल्लभ शारदा ने समाचार4मीडिया.कॉम को बताया कि बीमा के प्रीमियम को कम करने के लिए यूनियन ने जनसंपर्क विभाग को इस बाबत ज्ञापन सौंपा था। प्रीमियम राशि कम न करने की सूरत में इस राशि को सरकार द्वारा जमा कराये जाने की अपील की गई थी, ताकि इस योजना में ग्रामीण अंचल के पत्रकारों को भी योजना का पूरा लाभ दिलाया जा सके।

यह भी पढ़ें: इस सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए पत्रकारों के पास सुनहरा मौका

हालांकि प्रीमियम की राशि अभी तक कम नहीं की गई है, जिसके चलते पत्रकारों में ऊहापोह की स्थिति है। माना जा रहा है कि योजना की अंतिम तिथि से पूर्व 24 सितंबर को जनसंपर्क द्वारा इस संबंध में घोषणा की जा सकती है। मध्य प्रदेश जनसंपर्क विभाग द्वारा बीमा योजना से जुड़ी खबर को पढ़ने के लिए यहां क्लिक कर सकते हैं।

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हार्ट अटैक से पीड़ित वरिष्ठ पत्रकार का कुछ यूं छलका दर्द

ग्रामीण क्षेत्र के पत्रकारों के लिए सरकारी स्तर पर कल्याणकारी योजनाएं शुरू करने की उठाई मांग

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Tuesday, 17 September, 2019
Last Modified:
Tuesday, 17 September, 2019
Shankar Dev

पत्रकारों को अपने काम के दौरान तमाम तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। एक जुझारु पत्रकार इन सब परेशानियों से जूझते हुए अपनी कलम को कभी रुकने नहीं देता और लगातार अपने ‘मिशन’ में जुटा रहता है। लेकिन जब कभी पत्रकार पर संकट आता है, तो प्राय: देखने में आता है कि वह अकेला पड़ जाता है और उसके हकों की लड़ाई लड़ने के लिए कोई आगे नहीं आता है।

कुछ ऐसा ही हो रहा है आगरा के वरिष्ठ पत्रकार शंकर देव तिवारी के साथ जिन्होंने अपनी जिंदगी के करीब 35 साल पत्रकारिता के नाम कर दिए, लेकिन अब जब हार्ट अटैक के कारण वे बिस्तर पर हैं, तब उन्हें किसी भी तरह की मदद नहीं मिल रही है।

शंकर देव तिवारी का इस बारे में कहना है कि सरकार को ग्रामीण पत्रकारों की मदद के लिए सरकारी योजनाएं बनानी चाहिए, ताकि किसी भी तरह का संकट आने पर वे उसका सामना कर सकें। उनका कहना है कि ग्रामीण क्षेत्र के पत्रकारों को भविष्य निधि जैसी किसी तरह की सुविधा नहीं मिलती है, ऐसे में गंभीर बीमारी अथवा अन्य विपदा के समय काफी मुश्किल होती है। शंकर देव तिवारी के अनुसार, आजकल पत्रकारिता एक मिशन नहीं रह गई है, शब्द बेकार हो गए हैं और पत्रकारिता की आड़ में कुछ लोग अपने हित साधने में लगे हैं।

गौरतलब है कि शंकर देव तिवारी ने वर्ष 1984 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत ‘विकासशील भारत’ के साथ की थी। वर्ष 1986 में यहां से अलविदा कहकर उन्होंने ‘अमर उजाला’ से अपनी नई पारी शुरू की और 1993 तक यहां अपनी सेवाएं दीं। इसके बाद वे ‘आज’ से जुड़ गए। इस अखबार के साथ वह करीब 12 साल तक जुड़े रहे और अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी निभाया।

वर्ष 2005 में ‘आज’ के बाद उन्होंने ‘दैनिक भास्कर’ का दामन थाम लिया और करीब तीन साल की पारी के दौरान ग्वालियर व धौलपुर में ब्यूरो चीफ के पद पर अपनी भूमिका का निर्वाह किया। 2008 में उन्होंने ‘अमर उजाला’ में वापसी की और करीब दो साल तक अपनी जिम्मेदारी निभाई।

शंकर देव तिवारी का सफर यहीं नहीं रुका। वर्ष 2010 में वे ‘बीपीएन टाइम्स’ से बतौर संपादक जुड़ गए करीब 2016 तक यहां अपनी सेवाएं दीं। इसके बाद उन्होंने ‘सी एक्सप्रेस’ में बतौर न्यूज एडिटर अपनी जिम्मेदारी संभाली। 14 फरवरी 2018 को उन्हें आगरा में बतौर रेजिडेंट एडिटर ‘जनसंदेश टाइम्स’ अखबार की लॉन्चिंग का जिम्मा सौंपा गया था। इन दिनों वे समाचार संपादक के रूप में इस अखबार की लॉन्चिंग की तैयारियों में जुटे हुए थे। इसी बीच 28 अगस्त 2019 को उन्हें हार्ट अटैक आ गया और उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। फिलहाल ग्लोबल अस्पताल के डॉ. सुवीर गुप्ता की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है और वे बेड रेस्ट पर हैं।

ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन की उत्तर प्रदेश इकाई के उपाध्यक्ष शंकर देव तिवारी का कहना है कि उन्हें बीमारी की हालत में न किसी संस्थान से और न ही सरकार से किसी तरह की आर्थिक मदद मिली। इलाज-दवाओं का खर्च सब निजी तौर पर करना पड़ा। उन्होंने मांग उठाई है कि सरकार को इस बारे में आगे आकर ग्रामीण पत्रकारों के भले के लिए कुछ कल्याणकारी योजनाएं शुरू करनी चाहिए, ताकि उनकी तरह किसी और पत्रकार को इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

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