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‘गुजरात समाचार’ के प्रतिष्ठानों पर ED का छापा
यह कार्रवाई किन कारणों से की गई, फिलहाल इसका पता नहीं चल सका है। खबर लिखे जाने तक छापेमारी की कार्रवाई जारी थी।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 9 months ago
गुजरात के प्रमुख अखबार ‘गुजरात समाचार’ (Gujarat Samachar) के प्रतिष्ठानों पर बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय (The Enforcement Directorate) की टीम द्वारा छापा मारने की खबर सामने आई है। यह कार्रवाई किन कारणों से की गई, फिलहाल इसका पता नहीं चल सका है। खबर लिखे जाने तक छापेमारी की कार्रवाई जारी थी।
बता दें कि ‘गुजरात समाचार’ गुजरात का प्रमुख समाचार पत्र है, जिसकी स्थापना वर्ष 1932 में छबीलभाई एम. पटेल द्वारा की गई थी। बाद में वर्ष 1952 में इसे शांतिलाल शाह ने अधिग्रहित किया। इसका पहला अंक 16 जनवरी 1932 को प्रकाशित हुआ था। वर्तमान में यह अखबार अहमदाबाद मुख्यालय से संचालित होता है, जबकि इसका एक प्रमुख कार्यालय सूरत में भी है।
यह अखबार अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत, राजकोट, भावनगर, मुंबई, मेहसाणा, भुज से लेकर न्यूयॉर्क सिटी तक वितरित होता है। गुजरात समाचार में बहुबली शाह और श्रेयांशभाई शाह की अमृत इन्वेस्टमेंट के माध्यम से 24.6% हिस्सेदारी है, जबकि निर्मम शाह, अनुपमाबेन शाह और अमम एस. शाह मिलकर 9.62% हिस्सेदारी रखते हैं।
ईडी की यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब तीन हफ्ते पहले ही, 19 अप्रैल को, संस्थान को एक बड़ी निजी क्षति हुई थी। दरअसल,गुजरात समाचार के प्रबंध संपादक श्रेयांशभाई शाह की पत्नी और संस्थान की निदेशक स्मृतिबेन श्रेयांशभाई शाह का निधन हो गया था।
स्मृतिबेन न केवल एक कुशल प्रशासक थीं, बल्कि चार दशकों तक महिला साप्ताहिक 'श्री' की संपादक के रूप में उन्होंने गुजराती लेखन की एक नई पीढ़ी को मंच दिया। वे ‘गुजरात समाचार’ के महिला परिशिष्ट की प्रमुख भी रहीं और इसके विषयवस्तु और दिशा को नए आयाम दिए।
प्रबंध संपादक श्रेयांशभाई शाह की जीवनसंगिनी के रूप में उन्होंने हर चुनौतीपूर्ण दौर में अखबार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम किया। उनके निर्णय लेने की क्षमता और आधुनिक प्रबंधन शैली ने गुजरात समाचार के कई संस्करणों और विभागों को व्यवस्थित रूप से संचालित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
स्मृतिबेन का समाचार वितरकों के बीच विशेष सम्मान था। वे वितरकों के साथ मतभेद की स्थिति में हमेशा संवाद के पक्ष में रहीं और संकट के समय उनका संबल बनीं। युवा पत्रकारों के लिए वे एक मार्गदर्शक और मातृत्व-भावना से भरपूर सहयोगिनी रहीं। उनके स्नेह और नेतृत्व में अनेक युवा पत्रकारों ने पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाई।
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