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मीडिया-एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री से जुड़े लोगों पर यूं रही लक्ष्मी जी की विशेष कृपा
महामारी के बुरे दौर का सामना करते हुए लोगों को बेहतर कंटेंट देने वाले मीडिया और एंटरटेनमेंट (M&E) इंडस्ट्री से जुड़े लोगों पर लक्ष्मी जी की विशेष कृपा रही है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 years ago
कोविड-19 के दौरान तमाम उद्योग धंधों समेत मीडिया इंडस्ट्री पर काफी प्रतिकूल असर पड़ा। हालांकि महामारी के इस बुरे दौर के बीच मीडिया और एंटरटेनमेंट (M&E) इंडस्ट्री ने हमें फ्रेश और ऑरिजिनल कंटेंट देने में अपनी तरफ से कोई कसर नहीं छोड़ी। इस मुश्किल दौर का सामना करते हुए अपने आप को बनाए रखने और लोगों को बेहतर कंटेंट देने वाले मीडिया और एंटरटेनमेंट (M&E) इंडस्ट्री से जुड़े लोगों पर लक्ष्मी जी की विशेष कृपा रही है।
(ऊपर दिए गए पारिश्रमिक को पूर्णांक में लिया गया है।)
मीडिया और एंटरटेनमेंट कंपनियों द्वारा दायर किए गए वित्तीय वर्ष 2021 (FY21) के आंकड़ों के अनुसार, दो बड़ी मीडिया कंपनियों के प्रमोटर भारतीय मीडिया और एंटरटेनमेंट सेक्टर में सबसे ज्यादा वेतन पाने वाले एग्जिक्यूटिव में शामिल हैं। एक बड़ी टीवी ब्रॉडकास्ट कंपनी के चेयरमैन और एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर दोनों ने इस वित्तीय वर्ष के दौरान 74 करोड़ रुपए लिए। इसी तरह एक प्रमुख मीडिया कंपनी के वाइस चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर ने वार्षिक पारिश्रमिक के रूप में क्रमशः 51 करोड़ रुपए और 50 करोड़ रुपए कमाए।
सबसे ज्यादा सैलरी देने वालों में टीवी ब्रॉडकास्टिंग कंपनियां भी शामिल रहीं और इन्होंने अपने टॉप मैनेजमेंट को सैलरी के रूप में दो करोड़ रुपए से लेकर करीब 27 करोड़ रुपए तक का भुगतान किया। डाटा के अनुसार, दो प्रमुख ब्रॉडकास्ट कंपनियों के प्रमुखों को क्रमश: करीब 27 करोड़ और 19 करोड़ रुपए दिए गए। एक प्रमुख भारतीय कंपनी के एमडी और सीईओ ने बतौर वार्षिक पारिश्रमिक लगभग 13 करोड़ रुपए कमाए। इसके अलावा एक प्रमुख न्यूज और एंटरटेनमेंट नेटवर्क के एमडी को वित्तीय वर्ष के दौरान सात करोड़ रुपए दिए गए। एक अन्य नेटवर्क के एमडी को दो करोड़ रुपए सालाना सैलरी दी गई।
टीवी न्यूज कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों को वेतन-भत्तों के रूप में सालाना 54 लाख से 10 करोड़ रुपए मिले। एक प्रमुख न्यूज नेटवर्क के दो शीर्ष अधिकारियों ने वार्षिक पारिश्रमिक के रूप में क्रमश: नौ करोड़ और दस करोड़ रुपए लिए। इसी तरह से एक अन्य न्यूज नेटवर्क के एमडी और सीईओ ने वार्षिक रूप से साढ़े तीन करोड़ रुपए लिए। एक न्यूज ब्रॉडकास्टिंग कंपनी के सीईओ ने 2.5 करोड़ रुपए सालाना पारिश्रमिक लिया, जबकि इसी कंपनी के सीईओ (क्रिएटिव बिजनेस) ने ढाई करोड़ रुपए सालाना वेतन-भत्ता लिया। एक टीवी न्यूज कंपनी के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर्स ने वार्षिक पारिश्रमिक के रूप में क्रमश: लगभग 64 लाख और 54 लाख रुपए लिए।
प्रिंट मीडिया की बात करें तो वित्तीय वर्ष 2012 (FY21) के दौरान सबसे ज्यादा कमाई करने वालों में एक बड़ी कंपनी के चेयरपर्सन और एडिटोरियल डायरेक्टर ने पांच करोड़ रुपए सालाना लिए। एक दूसरी मीडिया कंपनी के सीएमडी और सीईओ ने 2.5 करोड़ रुपए से ज्यादा सालाना पारिश्रमिक लिया। वहीं, एक प्रिंट मीडिया कंपनी के एमडी और डिप्टी एमडी ने सालाना रूप से क्रमश: 1.35 करोड़ और 90 लाख रुपए बतौर पारिश्रमिक लिए।
दो सूचीबद्ध सिनेमा कंपनियों में एक कंपनी के सीएमडी और जॉइंट एमडी को क्रमशः छह करोड़ रुपए और चार करोड़ रुपए सालाना मिले। इसके बाद प्रतिद्वंद्वी कंपनी के सीईओ के करीब एक करोड़ रुपए सालाना मिले। इन कंपनियों द्वारा नियामक संस्था को दिए गए वार्षिक आंकड़ों के अनुसार, छोटी और मध्यम आकार की टीवी व फिल्म कंपनियों ने अपने टॉप एग्जिक्यूटिव्स को सालाना रूप से 30 लाख रुपए से छह करोड़ रुपए तक पारिश्रमिक का भुगतान किया। इस सेगमेंट में सबसे ज्यादा वेतन-भत्ते एक प्रमुख म्यूजिक और कंटेंट प्रॉडक्शन कंपनी के एग्जिक्यूटिव्स को मिले। इस कंपनी के एमडी को सालाना छह करोड़ रुपए और सीएफओ को दो करोड़ रुपए दिए गए।
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