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इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में बोलीं अर्थशास्त्री तन्वी गुप्ता जैन- भारत के सामने हैं चुनौतियां
भारत का मैन्यूफैक्चरिंग एक्सपोर्ट अभी वैश्विक स्तर पर केवल 2% है। अगर भारत वास्तव में 'विकसित भारत 2047' का लक्ष्य हासिल करना चाहता है तो इस हिस्सेदारी को कम से कम 5% तक बढ़ाना होगा।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 4 months ago
मुंबई में आयोजित इंडिया टुडे कॉन्क्लेव 2025 में 'Business Today' के ग्रुप एडिटर सिद्धार्थ जराबी से खास बातचीत में अर्थशास्त्री तन्वी गुप्ता जैन ने कहा कि अमेरिका ने एकतरफा 50% टैरिफ लगाया है, लेकिन अब भारत को इससे निपटना है। उन्होंने कहा कि यह घटना भारत के लिए केवल अल्पकालिक समस्या नहीं है, बल्कि इससे हमें अपनी दीर्घकालिक विकास रणनीति पर भी गंभीरता से विचार करना होगा।
तन्वी गुप्ता जैन ने बताया कि पिछले 30-40 सालों में विश्व अर्थव्यवस्था ने तेज विकास किया, क्योंकि हर देश ने वैश्विक बाजार को अपनाया और निर्यात पर भरोसा किया। लेकिन अब हालात बदल गए हैं। अब बड़े देश अपने उद्योगों की रक्षा के लिए ऊंचे टैरिफ और पेनॉल्टी का इस्तेमाल कर रहे हैं।
ऐसे में भारत को यह मान लेना चाहिए कि केवल निर्यात-आधारित रणनीति अब सुरक्षित नहीं है। तन्वी गुप्ता जैन ने यह भी चेताया कि आने वाले समय में भारत को दो बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। पहली, चाइना शॉक 2.0 – यानी चीन से निकला सस्ता सामान अन्य देशों में डंप होना और प्रतिस्पर्धा बढ़ाना। दूसरी- ऑटोमेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) – जो पारंपरिक नौकरियों पर असर डालेगा।
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