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सुप्रीम कोर्ट ने न्यूज चैनल्स को लगाई लताड़, ऐसे एंकर्स पर कार्रवाई की कही बात
‘हेट स्पीच’ की घटनाओं पर अंकुश लगाने के तरीकों की मांग करने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी उच्चतम न्यायालय की खंडपीठ
समाचार4मीडिया ब्यूरो 3 years ago
सुप्रीम कोर्ट ने ‘न्यूज ब्रॉडकास्टिंग एंड डिजिटल स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी’ (NBDSA) और केंद्र सरकार से कहा है कि वे ‘एजेंडा के तौर पर सनसनीखेज खबरें परोसने’ को नियंत्रित करने के तरीकों पर गौर करें।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उच्चतम न्यायालय ने यह भी कहा है कि ‘हेट स्पीच’ यानी नफरत फैलाने वाली भाषा को बढ़ावा दे रहे न्यूज एंकर्स के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। यह खंडपीठ देश भर में ‘अभद्र भाषा’ (हेट स्पीच) की घटनाओं पर अंकुश लगाने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शीर्ष अदालत ने यह भी कहा कि आजकल हर चीज ‘टीआरपी’ (TRP) से संचालित हो रही है। ऐसे में तमाम न्यूज चैनल्स एक-दूसरे से प्रतिस्पर्धा के चलते समाज में एक तरह से खाई तैयार कर रहे हैं। यदि किसी टीवी चैनल का न्यूज एंकर हेट स्पीच को बढ़ाने में शामिल मिलता है तो उस एंकर को ऑफ एयर क्यों नहीं किया जा सकता है।
सुप्रीम कोर्ट का यह भी कहना था कि यह बड़े आश्चर्य की बात है कि प्रिंट मीडिया के लिए ‘प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया’ (PCI) तो है, लेकिन टीवी न्यूज चैनल्स के लिए ऐसा क्यों नहीं है। हम बोलने की आजादी तो चाहते हैं, लेकिन आखिर किस कीमत पर।
मीडिया ट्रायल पर चिंता जताते हुए सुप्रीम कोर्ट की खंडपीठ ने पिछले दिनों विमान में एक व्यक्ति द्वारा कथित तौर पर महिला पर मूत्र त्याग करने की हालिया घटना की ओर इशारा करते हुए कहा कि उस व्यक्ति का नाम लिया गया। मीडिया के लोगों को समझना चाहिए कि वह व्यक्ति अभी भी परीक्षण के अधीन है और उसे बदनाम नहीं किया जाना चाहिए।
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