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सोनल कालरा: लेखनी को समर्पित एक प्रेरणादायक सफर
सोनल कालरा 50 वर्ष की हो गई हैं। जो लोग अखबारों, कॉलम और किताबों के जरिए उनके सफर को करीब से देखते आए हैं, उनके लिए यह सिर्फ एक जन्मदिन नहीं, बल्कि एक ऐसे जीवन का उत्सव है जो लेखन को समर्पित रहा है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 10 months ago
सोनल कालरा 50 वर्ष की हो गई हैं। जो लोग अखबारों, कॉलम और किताबों के जरिए उनके सफर को करीब से देखते आए हैं, उनके लिए यह सिर्फ एक जन्मदिन नहीं, बल्कि एक ऐसे जीवन का उत्सव है जो लेखन को समर्पित रहा है। यह एक ऐसे करियर का जश्न है, जो स्पष्ट सोच, गहरी संवेदनशीलता और पत्रकारिता में उत्कृष्टता की अटूट प्रतिबद्धता से परिभाषित होता है।
सोनल कालरा सिर्फ एक चर्चित संपादक या कॉलमिस्ट भर नहीं हैं, बल्कि एक बेहतरीन कहानीकार और सामाजिक पर्यवेक्षक भी हैं। सालों से, उन्होंने अपनी बुद्धिमत्ता, हास्य और गहरे विश्वास के मिश्रण से पाठकों के साथ एक अनूठा संबंध स्थापित किया है।
सोनल की शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी उनके करियर की तरह ही प्रभावशाली रही है। उन्होंने नई दिल्ली स्थित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा किया और स्वर्ण पदक प्राप्त किया। उन्होंने केवल एक डिग्री ही नहीं हासिल की, बल्कि एक उद्देश्य के साथ पत्रकारिता में कदम रखा। उनकी यही शैक्षणिक सुदृढ़ता उनके संपादकीय कौशल की रीढ़ बनी, जिसने उन्हें लगातार उत्कृष्टता की ओर प्रेरित किया।
उन्होंने भारत सरकार के संचार मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) में एडिटर इंफॉर्मेटिक्स की महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जहां उन्होंने ई-गवर्नेंस और आईसीटी नीति निर्माण से जुड़ी सूचनाओं के प्रसार का नेतृत्व किया। लेकिन जल्द ही उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स का रुख किया।
साल 2008 में, उन्होंने HT City में अपना प्रतिष्ठित साप्ताहिक कॉलम ‘A Calmer You’ शुरू किया। जब दुनिया शोरगुल और तनाव से घिरती जा रही थी, तब सोनल ने पाठकों को कुछ दुर्लभ चीज दी—एक ठहराव। उनकी गहरी व्यक्तिगत, लेकिन हर किसी से जुड़ने वाली सोच ने पाठकों को तनाव से निपटने, रोजमर्रा की जिंदगी में हास्य खोजने और भावनात्मक उथल-पुथल में खुद को स्थिर रखने का तरीका सिखाया।
यह कॉलम इतना लोकप्रिय हुआ कि इससे प्रेरित होकर उन्होंने तीन बेस्टसेलिंग किताबें लिखीं—A Calmer You, More of a Calmer You और Some More of a Calmer You। ये किताबें सिर्फ उनके लेखन का संकलन नहीं थीं, बल्कि उन्होंने बढ़ती भागदौड़ भरी दुनिया में आत्म-जागरूकता और भावनात्मक बुद्धिमत्ता के उनके विचारों को और आगे बढ़ाया।
आज, सोनल कालरा HT Media में चीफ मैनेजिंग एडिटर – एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल के रूप में कार्यरत हैं। वह अखबार के HT City सहित 28 फीचर सप्लीमेंट्स का संचालन कर रही हैं। इस भूमिका में उनका योगदान सिर्फ प्रशासनिक नहीं है, बल्कि संपादकीय रूप से क्रांतिकारी भी है। उन्होंने लाइफस्टाइल पत्रकारिता को केवल हल्की-फुल्की सामग्री तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे एक सशक्त टिप्पणी, कहानी कहने और सांस्कृतिक विश्लेषण के रूप में पुनर्परिभाषित किया।
उनके संपादकीय दृष्टिकोण ने जनअपील और गहरी पत्रकारिता के बीच संतुलन बनाए रखा है। उनके मार्गदर्शन में HT City अधिक गतिशील, समावेशी और विचारशील बना है। उन्होंने फीचर स्टोरीज और सेलिब्रिटी इंटरव्यूज को एक नया दृष्टिकोण दिया, जहां सिर्फ घटनाओं की रिपोर्टिंग नहीं की जाती, बल्कि उनके महत्व को भी समझाया जाता है।
उनके सबसे चर्चित योगदानों में से एक है HT Power Couples सीरीज। अमिताभ और जया बच्चन, शाहरुख और गौरी खान, सैफ अली खान और करीना कपूर जैसी मशहूर हस्तियों के साथ उनके इंटरव्यू ने पाठकों को उस दुनिया की झलक दी, जो आमतौर पर ग्लैमर के पीछे छिपी रहती है। इन इंटरव्यूज की खास बात थी—सोनल का अनूठा अंदाज। वह हमेशा सहानुभूतिपूर्ण, जिज्ञासु और गरिमा बनाए रखने वाली संवाददाता रही हैं। उन्होंने उन कहानियों में गहराई लाई, जिन्हें अन्य पत्रकार सिर्फ सतही तौर पर छूते थे।
उनका लेखन कभी भी सनसनीखेज शैली पर निर्भर नहीं रहा। उन्होंने हमेशा पाठकों की बुद्धिमत्ता पर भरोसा किया और सबसे बढ़कर, अपने विषय की मानवीयता पर विश्वास रखा। यही विश्वास उनके लेखन की शैली को परिभाषित करता है और उनकी पत्रकारिता को एक अलग ऊंचाई देता है।
सोनल कालरा के उत्कृष्ट कार्य को भारतीय पत्रकारिता के सबसे प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा गया है। उन्हें फिल्म पत्रकारिता में उत्कृष्टता के लिए रामनाथ गोयनका अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा, डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम अवॉर्ड और संयुक्त राष्ट्र सांस्कृतिक संबंध मीडिया अवॉर्ड सहित कई प्रतिष्ठित सम्मान उनके नाम हैं।
लेकिन जो चीज उन्हें सबसे अलग बनाती है, वह है उनका प्रभाव। यह केवल उनकी सुर्खियों या बाइलाइनों में नहीं दिखता, बल्कि पाठकों के मन में उनके लेखन के बाद जो भावनाएं जन्म लेती हैं, उसमें झलकता है। वह सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि प्रेरित करती हैं, मार्गदर्शन करती हैं और कहीं न कहीं पाठकों को भावनात्मक रूप से सहारा भी देती हैं। उनका लेखन पाठकों को महसूस करने, आत्मविश्लेषण करने और ठहरकर सोचने की अनुमति देता है।
50 वर्ष की उम्र में, सोनल कालरा अपने करियर के उस मुकाम पर खड़ी हैं, जहां वह निरंतर विकास कर रही हैं। वह अपनी पुरानी उपलब्धियों पर नहीं टिकी हैं, बल्कि बेहतर प्रश्न पूछने, गहरी कहानियां सुनाने और भारतीय मीडिया की गुणवत्ता को ऊंचा उठाने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। चाहे वह राष्ट्रीय संस्करणों का संपादन कर रही हों, पैनल चर्चाओं का संचालन कर रही हों, मंचों पर भाषण दे रही हों या देर रात अपने विचार कलमबद्ध कर रही हों, वह वही बनी हुई हैं, जो हमेशा से थीं— एक सच्ची लेखिका।
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