इन वरिष्ठ पत्रकारों के लिए काल बना 2021, टूट गई सांसों की डोर

साल 2021 अपने सफर के अंतिम पड़ाव पर है। पूरी दुनिया नए साल का बेसब्री से इंतजार कर रही है>

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Friday, 31 December, 2021
Last Modified:
Friday, 31 December, 2021
Year Ender 2021

साल 2021 अपने सफर के अंतिम पड़ाव पर है। साल 2021 ने न सिर्फ लोगों के जहन पर, बल्कि तमाम इंडस्ट्री पर भी गहरी नकारात्मक छाप छोड़ी है। ऐसे में पूरी दुनिया नए साल का बेसब्री से इंतजार कर रही है। लोगों को इस साल से काफी उम्मीदें हैं।

मीडिया इंडस्ट्री की बात करें तो लोगों को वर्ष 2021 से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन वर्ष 2020 की तरह ये साल भी ज्यादा बेहतर नहीं रहा। इस साल तमाम वरिष्ठ पत्रकारों को काल के क्रूर हाथों ने हमसे छीन लिया। आइए, एक नजर डालते हैं ऐसे ही वरिष्ठ पत्रकारों पर, जो कोरोनावायरस (कोविड-19) महामारी के साथ-साथ अन्य कारणों से इस साल दुनिया को अलविदा कह गए।

दिलीप अवस्थी: इस साल मार्च में दैनिक जागरण के पूर्व संपादक एवं वरिष्ठ पत्रकार दिलीप अवस्थी का लखनऊ में निधन हो गया था। वह उम्र जनित तमाम समस्याओं से जूझ रहे थे। लखनऊ के मूल निवासी दिलीप अवस्थी को विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम करने का 40 साल से ज्यादा का अनुभव था। उन्हें कुछ महीनों पूर्व ही ‘आउटलुक’ (Outlook) समूह में बतौर कंसल्टिंग एडिटर नियुक्त किया गया था।

दिलीप अवस्थी ने लखनऊ में ‘पॉयनियर’ अखबार के साथ अपने करियर की शुरुआत की थी। पूर्व में लगभग 13 साल तक वह ‘इंडिया टुडे’ के साथ जुड़े रहे थे। वह ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’, लखनऊ में डिप्टी रेजिडेंट एडिटर के तौर पर भी अपनी जिम्मेदारी निभा चुके थे।

पूरी खबर यहां पढ़ें: नहीं रहे वरिष्ठ पत्रकार दिलीप अवस्थी

मोहन अय्यर: जाने-माने फिल्म पत्रकार और पीआरओ मोहन अय्यर (Mohan Ayyer) का इसी साल मार्च में निधन हो गया था। मोहन अय्यर कोरोनावायरस (कोविड-19) की चपेट में आ गए थे। इसके बाद उन्हें न्यूमोनिया हो गया और डायबिटीज भी थी।

इलाज के लिए मोहन अय्यर को मुंबई के भयंदर स्थित एक हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहां 29 मार्च 2021 को उन्होंने अंतिम सांस ली। 30 मार्च की सुबह उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। वह करीब 60 साल के थे। मोहन अय्यर के परिवार में पत्नी और एक बेटा है।

पूरी खबर यहां पढ़ें: कोरोना ने निगल ली जाने माने फिल्म पत्रकार मोहन अय्यर की जिंदगी

रोहित सरदाना: वरिष्ठ पत्रकार और ‘आजतक’ के तेजतर्रार एंकर्स में शुमार रोहित सरदाना का इस साल 30 अप्रैल को निधन हो गया था। कोरोनावायरस (कोविड-19) की चपेट में आने के बाद उन्हें मेट्रो अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्हें दिल का दौरा पड़ा और निधन हो गया। उनके परिवार में उनकी पत्नी और दो बेटियां हैं। मूल रूप से हरियाणा के कुरुक्षेत्र के रहने वाले सरदाना ने अपनी माध्यमिक शिक्षा यहां के गीता निकेतन आवसीय विद्यालय से की। सरदाना मनोविज्ञान में स्नातक और गुरु जम्भेश्वर यूनिवर्सिटी से मासकॉम में पोस्ट ग्रेजुएट (परास्नातक) थे। न्यूज एंकर होने के साथ-साथ वे एक स्तंभकार भी थे। देश के चर्चित मुद्दों पर डिबेट शो के साथ-साथ वे उन पर अपनी कलम भी लगातार चलाते रहते थे।

मार्च 2002 से जुलाई 2003 तक सरदाना ने एक ट्रेनी कॉपी एडिटर के रूप में ईटीवी के साथ अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की थी। ट्रेनी कॉपी एडिटर के तौर पर सरदाना ने एंकरिंग, कापी राइटिंग, एडिटिंग, प्रॉडक्शन और पोस्ट-प्रॉडक्शन वर्क की बारिकियों को सीखा। साल 2003 से 2004 तक वे ‘सहारा समय’ में असिसटेंट प्रड्यूसर के तौर रहे, लेकिन 2004 में वे जी न्यूज में आ गए थे और खुद को एग्जिक्यूटिव एडिटर और एंकर के रूप में स्थापित किया। ‘ईटीवी’, ‘सहारा समय’ और ‘जी न्यूज’ के अतिरिक्त सरदाना ने ‘आकाशवाणी’ के लिए भी काम किया था। करियर के शुरुआत में उन्होंने कई अखबारों के लिए लेख भी लिखे थे।  2017 में ‘आजतक’ के साथ जुड़ गए थे।

हिंदी, अंग्रेजी और हरियाणवी के अतिरिक्त वे गुजराती भी जानते थे। पत्रकारिता में बेहतरीन योगदान के लिए उन्हें बेस्ट न्यूज एंकर का ENBA अवॉर्ड, माधव ज्योति सम्मान, सैनसुई बेस्ट न्यूज प्रोग्राम अवॉर्ड समेत कई पुरस्कारों से नवाजा जा चुका था।

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चंदन जायसवाल: कोरोना वायरस की वजह से पंजाब केसरी ग्रुप के ‘नवोदय टाइम्स’ के डिजिटल हेड चंदन जायसवाल का भी अप्रैल में निधन हो गया था। चंदन जायसवाल को कोरोना ने जब अपनी चपेट में ले लिया था, तब उनके शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा का लेवल बहुत ही कम रह गया था, जिसके बाद उन्हें नोएडा के भारद्वाज हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। यहां 22 अप्रैल को दोपहर करीब डेढ़ बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। वे करीब 40 वर्ष के थे।

चंदन जायसवाल बिहार के सिवान जिले के रहने वाले थे। उनके परिवार में उनकी पत्नी और एक बेटा है। चंदन जायसवाल पंजाब केसरी ग्रुप के साथ अक्टूबर, 2014 में जुड़े थे, जिसके बाद उनके नेतृत्व में ही ‘नवोदय टाइम्स’ डिजिटल की नींव रखी गई। इसके पहले वे ‘अमर उजाला’ डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत थे। उन्होंने मार्च, 2012 में 'अमर उजाला' जॉइन किया था। इसके पहले अगस्त, 2007 से फरवरी 2012 तक 'दैनिक जागरण' में विभिन्न पदों पर रहते हुए सीनियर सब एडिटर तक की अपनी पारी खेली।

पढ़ें पूरी खबर: ‘नवोदय टाइम्स’ के डिजिटल एडिटर की जिंदगी पर भारी पड़ी महामारी, गई जान

एम.ए.जोसफ: छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ पत्रकार एम.ए. जोसफ का इस साल अप्रैल में हार्टअटैक से निधन हो गया। वे रायपुर में जाना-पहचाना नाम थे। लंबे समय से पत्रकारिता से जुड़े जोसफ ने कई अखबारों में अपनी सेवाएं दी। वे अपनी तेज-तर्रार पत्रकारिता के लिए जाने जाते थे। दैनिक ‘नवभारत’से लंबे अरसे तक वह जुड़े रहे। राज्य निर्माण आन्दोलन में भी अपनी लेखनी से अहम भूमिका निभाई।

पूरी खबर यहां पढ़ें: नहीं रहे वरिष्ठ पत्रकार एम.ए. जोसफ, राज्यपाल-सीएम ने दी श्रद्धांजलि

इंदु जैन: देश के बड़े मीडिया समूहों में शुमार ‘टाइम्स समूह’ (The Times Group) की चेयरपर्सन और देश की जानी-मानी मीडिया शख्सियत इंदु जैन का इस साल मई में निधन हो गया था। वह 84 वर्ष की थीं। इंदु जैन कई दिनों से कोरोना संक्रमण से जूझ रही थीं और अस्पताल में भर्ती थीं,  जहां उन्होंने अंतिम सांस ली।

इंदु जैन ‘द टाइम्स फाउंडेशन’ की अध्यक्ष थीं, जिसे उन्होंने स्थापित किया था। टाइम्स फाउंडेशन बाढ़, चक्रवात, भूकंप और महामारी जैसी आपदा राहत के लिए सामुदायिक सेवा, अनुसंधान फाउंडेशन और टाइम्स रिलीफ फंड चलाता है। वह भारतीय ज्ञानपीठ ट्रस्ट की अध्यक्ष भी थीं, जो प्रतिष्ठित ज्ञानपीठ पुरस्कार प्रदान करती है। इसके अलावा उन्होंने महिलाओं के अधिकारों को लेकर भी आवाज उठाई। जनवरी 2016 में इंदु जैन को भारत सरकार द्वारा पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था।

कई बार फोर्ब्स के सबसे अमीर शख्सियतों की लिस्ट में आ चुकीं इंदु जैन FICCI की महिला विंग (FLO) की फाउंडर प्रेजिडेंट भी थीं। अपनी मानवता और देश भर में कई चैरिटी के लिए पहचानी जाने वाली इंदु जैन ने मीडिया के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

पूरी खबर यहां पढ़ें: नहीं रहीं Times Group की चेयरपर्सन इंदु जैन

शेष नारायण सिंह: मई में ही वरिष्ठ पत्रकार, कॉलमिस्ट और देश-विदेश के राजनीतिक व सामाजिक मुद्दों पर गहरी पकड़ रखने वाले शेष नारायण सिंह का कोरोनावायरस (कोविड-19) की चपेट में आकर निधन हो गया था। शेष नारायण सिंह कोविड-19 से जूझ रहे थे और उन्हें ग्रेटर नोएडा के जिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इस दौरान शेष नारायण सिंह को प्लाज्मा भी दिया गया, लेकिन वह जिंदगी की ‘जंग’ हार गए और उनका निधन हो गया। शेष नारायण सिंह मूलत: सुल्तानपुर के रहने वाले थे। 

पूरी खबर यहां पढ़ें: कोरोना ने निगल ली वरिष्ठ पत्रकार शेष नारायण सिंह की जिंदगी

संत शरण अवस्थी: इसी साल मई में कोरोनावायरस (कोविड-19) की चपेट में आकर वरिष्ठ पत्रकार संत शरण अवस्थी का निधन हो गया था। कोरोना के संक्रमण की चपेट में आने के कारण उन्हें कुछ दिनों पूर्व लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में भर्ती कराया गया था, जहां पर उन्होंने अंतिम सांस ली।

वह दैनिक जागरण, रांची, जमशेदपुर और लखनऊ में लंबे समय तक कार्यरत रहे। उनके परिवार में पत्नी के अलावा दो बेटियां और एक पुत्र है। संतू भैया के नाम से मशहूर संत शरण अवस्थी ‘नई दुनिया’ के मप्र-छग के संपादक सदगुरु शरण अवस्थी और अयोध्या ब्यूरो प्रमुख रमा शरण अवस्थी के बड़े भाई थे।

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राजकुमार केसवानी: जाने-माने पत्रकार राजकुमार केसवानी का इसी साल मई में निधन हो गया था। करीब 70 वर्षीय केसवानी कुछ समय पूर्व कोरोनावायरस (कोविड-19) के संक्रमण की चपेट में आ गए थे और भोपाल के निजी अस्पताल में भर्ती थे, जहां उन्होंने आखिरी सांस ली। 

गौरतलब है कि 1984 में भोपाल गैस कांड के छह माह पहले यूनियन कार्बाइड के संयंत्र से गैस लीक होने की बात लिखकर सबसे पहले केसवानी ने ही चेताया था केसवानी यूनियन कार्बाइड भोपाल प्लांट के बारे में बहुत अधिक जानते थे। केसवानी ने ही प्लांट में सुरक्षा चूक की ओर ध्यान आकर्षित किया था। तीन दिसंबर 1984 को भोपाल में हुई इस भयानक त्रासदी में हजारों लोगों की जान चली गई थी और तमाम लोग गंभीर रूप से बीमार हो गए थे।

राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर केसवानी को तमाम पुरस्कारों से नवाजा गया था। इसमें 'बीडी गोयनका अवार्ड' (1985) और प्रतिष्ठित 'प्रेम भाटिया जर्नलिज्म अवार्ड' (2010) शामिल हैं। केसवानी स्वयं गैस पीड़ित होने के अलावा उन लोगों में से थे, जिन्होंने सबसे पहले यूनियन कार्बाइड पर मुकदमा किया।

पूरी खबर यहां पढ़ें: कोरोना ने निगल ली वरिष्ठ पत्रकार राजकुमार केसवानी की जिंदगी

चंडीदत्त शुक्ल: वरिष्ठ पत्रकार और दैनिक भास्कर, मुंबई में फीचर एडिटर चंडीदत्त शुक्ल का भी इस साल मई में निधन हो गया था। लंबे समय से वह मधुमेह से पीड़ित थे। कुछ दिनों पूर्व ही उन्हें लखनऊ पीजीआई में भर्ती कराया गया था, लेकिन जिस समय उनका निधन हुआ, वह अपने गृह जनपद गोंडा में घर पर रहकर ही अपना इलाज करवा रहे थे।

चंडीदत्त शुक्ल लखनऊ और जालंधर में पंच परमेश्वर और अमर उजाला में नौकरी करने के साथ ही दैनिक जागरण, नोएडा में लंबे समय तक चीफ सब एडिटर रहे थे। इसके बाद उन्होंने फोकस टीवी में हिंदी आउटपुट पर प्रड्यूसर/एडिटर स्क्रिप्ट की जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने दूरदर्शन-नेशनल के साप्ताहिक कार्यक्रम कला परिक्रमा के लिए लंबे अरसे तक लिखा। इसके साथ ही वह कई सीरियल्स के लिए स्क्रिप्ट भी लिख चुके थे। एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में उनकी अच्छी पकड़ थी। उन्होंने कई सेलिब्रिटीज का इंटरव्यू भी किया था। उनके परिवार में पत्नी, बेटी और बेटा है।

पूरी खबर यहां पढ़ें: नहीं रहे दैनिक भास्कर में फीचर एडिटर चंडीदत्त शुक्ल

रवि शर्मा:  जुलाई में 'न्यूज नेशन' (News Nation) चैनल में कार्यरत सीनियर एंकर रवि शर्मा का एक सड़क दुर्घटना में निधन हो गया था। 13 जुलाई की रात उनकी गाड़ी एक डिवाइडर से टकरा गई, जिसके बाद उन्हें नोएडा के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टर्स ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। 

तब थाना सेक्टर 58 के थानाध्यक्ष अनिल कुमार सिंह ने बताया था कि 36 वर्षीय रवि शर्मा 13 जुलाई की रात अपनी होंडा सिटी कार से सेक्टर 62 के पास से जा रहे थे, कि तभी उनकी कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गयी। कार की गति तेज होने की वजह से कार सड़क के दोनों किनारे बने डिवाइडर से टकराती हुई काफी दूर तक घिसटती चली गई। सिंह ने बताया कि इस घटना में कार के परखच्चे उड़ गए। रवि शर्मा कार में बुरी तरह से फंस गए थे। घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद उन्हें कार से बाहर निकाला। उन्हें नोएडा के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां डॉक्टरों ने उनको मृत घोषित कर दिया।

रवि शर्मा क्राइम रिपोर्टिंग की दुनिया का बड़ा चेहरा थे। न्यूज नेशन में एडिटर (क्राइम) के तौर पर कार्यरत थे। वे रिपोर्टिंग के साथ-साथ क्राइम आधारित कई स्पेशल शोज की एंकरिंग करते थे। इससे पहले ‘इंडिया न्यूज’ में भी वे एडिटर (क्राइम) के तौर पर कार्यरत थे और बतौर एंकर ‘सलाखें’ नाम का क्राइम शो होस्ट करते थे। यहां वे करीब पांच साल तक रहे।

दीपक चौरसिया के ‘इंडिया न्यूज’ और फिर ‘न्यूज नेशन’ से जुड़ने के बाद कभी ‘आजतक’ की टीम में रहे रवि शर्मा भी पहले ‘इंडिया न्यूज’ और फिर ‘न्यूज नेशन’ आ गए थे। तमाम बड़ी क्राइम खबरें एक्सपोज करने और कई स्पेशल क्राइम शोज के लिए रवि शर्मा को जाना जाता रहेगा।

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अभिषेक त्यागी: गाजियाबाद के साहिबाबाद इलाके में हुए एक सड़क हादसे में अगस्त के महीने में युवा पत्रकार अभिषेक त्यागी का निधन हो गया था। वह ‘नवभारत टाइम्स’ (NBT), नोएडा में अपनी जिम्मेदारी संभाल रहे थे। अभिषेक की इस हादसे से कुछ दिनों पहले ही सगाई हुई थी और परिजन उनकी शादी की तैयारियों में जुटे हुए थे। इससे पहले ही काल के क्रूर हाथों ने उन्हें अपने आगोश में ले लिया। 

अभिषेक त्यागी मूलरूप से मेरठ के रहने वाले थे। वह गाजियाबाद में भी ‘नवभारत टाइम्स’ में काम कर चुके थे। जिस दिन हादसा हुआ, उस दिन काम खत्म करने के बाद अभिषेक त्यागी साहिबाबाद आए थे। इसी दौरान वह अज्ञात वाहन की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल हालत में पुलिस ने अभिषेक को इलाज के लिए यशोदा अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनकी मौत हो गई।

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चंदन मित्रा:  वरिष्ठ पत्रकार और पूर्व राज्यसभा सदस्य चंदन मित्रा का इस साल सितंबर में दिल्ली में निधन हो गया था। करीब 65 वर्षीय चंदन मित्रा कुछ समय से बीमार चल रहे थे। चंदन मित्रा ‘द पायनियर’ (The Pioneer) के संपादक भी थे, लेकिन इस साल जून में उन्होंने इस अखबार के प्रिंटर और पब्लिशर के पद से इस्तीफा दे दिया था। 

बता दें कि चंदन मित्रा दो बार राज्यसभा सदस्य रहे थे। पहली बार वह अगस्त 2003 से अगस्त 2009 तक राज्यसभा सदस्य रहे, फिर भारतीय जनता पार्टी ने 2010 में उन्हें मध्यप्रदेश से राज्यसभा सदस्य बनाया था। इसके बाद वर्ष 2018 में चंदन मित्रा ने ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस पार्टी (TMC) जॉइन कर ली थी।

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रमन कश्यप: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में तीन अक्टूबर को हुई हिंसा में स्थानीय पत्रकार रमन कश्यप की भी मौत हो गई थी। निघासन निवासी पत्रकार रमन कश्यप हिंसा के बाद से ही लापता थे। बाद में उनका शव बरामद हुआ था। परिजनों ने रमन कश्यप के निधन की पुष्टि करते हुए पोस्टमार्टम हाउस में शव की शिनाख्त की थी।

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आकाश भार्गव: रांची के जाने-माने पत्रकार आकाश भार्गव का इस साल अक्टूबर में निधन हो गया था। ‘न्यूज11 भारत’ (News11 Bharat) के वरिष्ठ पत्रकार आकाश भार्गव काफी समय से लिवर की बीमारी से जूझ रहे थे और दिल्ली स्थित ‘इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलेरीज साइंसेज’ (ILBS) में उनका इलाज चल रहा था। इलाज के दौरान ही उन्होंने अंतिम सांस ली। आकाश भार्गव के बेहतर इलाज के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उनके परिजनों को आर्थिक सहायता सौंपी थी। 

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आनंद नेगी : इसी साल अक्टूबर में भारी बारिश के चलते अल्मोड़ा में नवनिर्मित मकान ढहने से मलबे में दबकर ‘क्रिएटिव न्यूज एक्सप्रेस’ (CNE) न्यूज पोर्टल के संवाददाता व वरिष्ठ पत्रकार आनंद नेगी की मौत हो गई थी। तहसील भिकियासैंण थाना भतरौजखान के तहत ग्राम रापड़ में हुए इस हादसे में उनके पोते और पोती की भी मौत हुई थी। जबकि नेगी की पत्नी को ग्रामीणों ने मलबे से सकुशल बाहर निकाल लिया था।  

अमर उजाला के पूर्व उप संपादक आनंद नेगी सल्ट, भिकियासैंण व रानीखेत से लगातार बारिश की कवरेज कर रहे थे। अपनी मौत से एक दिन पहले तक उन्होंने बारिश से हुए नुकसान पर खबरें भी प्रेषित की थीं, लेकिन देर रात वह खुद इस आपदा की चपेट में आ गए। जिस वक्त यह घटना हुई, उस समय परिवार के सभी लोग सो रहे थे।

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सुरेंद्र मोहन तरुण: वरिष्ठ पत्रकार सुरेंद्र मोहन तरुण का इस साल 18 नवंबर को निधन हो गया था। उनकी आयु 80 वर्ष से अधिक थी और वे अविवाहित थे। वह पिछले दो साल से बीमारी से जूझ रहे थे।उनके पारिवारिक मित्र ने मीडिया को बताया कि तरुण की तबीयत अचानक खराब हुई और उन्हें उनके गुलमोहर पार्क स्थित आवास से सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। रास्ते में ले जाते समय ही उनका निधन हो गया।

सुरेंद्र मोहन कुछ वर्ष पहले समाचार एजेंसी ‘पीटीआई- भाषा’ से सेवानिवृत्त (रिटायर) हुए थे। इससे पहले वे हिंदी समाचार पत्र ‘वीर अर्जुन’ के साहित्य संपादक थे। सेवानिवृत्ति के बाद से तरुण सामाजिक कार्यों में व्यस्त रहते थे।

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सोमदत्त शास्त्री: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से नवंबर के महीने में देश के जाने-माने पत्रकारों में शुमार सोमदत्त शास्त्री के निधन की खबर सामने आई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, देश के कई प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में सेवाएं दे चुके सोमदत्त शास्त्री ने 12 नवंबर की सुबह करीब साढ़े नौ बजे अंतिम सांस ली। सोमदत्त शास्त्री करीब चार साल पूर्व ‘दैनिक भास्कर’ से सेवानिवृत्त हुए थे। इसके बाद से वह ‘the beurocret world‘ नामक पत्रिका का संपादन कर रहे थे।

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जयशंकर शर्मा ‘नीरव’: वरिष्ठ पत्रकार जयशंकर शर्मा ‘नीरव’ का 21 नवंबर को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था। रायपुर प्रेस क्लब के मानद सदस्य जयशंकर शर्मा ने छत्तीसगढ़ स्थित अपने निवास पर आखिरी सांस ली। वह करीब 84 वर्ष के थे। उनके परिवार में पत्नी के अलावा एक पुत्र और पांच बेटियां हैं। जयशंकर शर्मा ने शासकीय शिक्षक के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी। बाद में उन्होंने सरकारी नौकरी से इस्तीफा देकर पत्रकारिता को चुना था। वह लंबे समय तक रायपुर के दैनिक समाचार पत्र ‘महाकौशल’ में संपादक रहे। उन्होंने ‘संदेश बंधु टाइम्स’, ‘आज की जनधारा’, ‘प्रखर समाचार’ एवं ‘दण्डकारण्य समाचार’ पत्र में भी अपनी जिम्मेदारी निभाई।

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विनोद दुआ: वरिष्ठ पत्रकार विनोद दुआ इस साल चार दिसंबर को दुनिया को अलविदा कह गए। वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे। हालत ज्यादा गंभीर होने पर उन्हें दिल्ली के अपोलो अस्पताल में आईसीयू (ICU) में भर्ती कराया गया था, जहां पर उन्होंने अंतिम सांस ली। वह करीब 67 साल के थे। विनोद दुआ की बेटी और जानी-मानी अभिनेत्री व कॉमेडियन मल्लिका दुआ ने इंस्टाग्राम पर इसकी जानकारी दी थी। बता दें कि इसी साल जून में कोरोनावायरस (कोविड-19) की चपेट में आकर विनोद दुआ की पत्नी डॉ. पदमावती दुआ का निधन हो गया था। करीब 67 वर्षीय विनोद दुआ हिंदी पत्रकारिता में जाना-माना नाम थे। वह ‘दूरदर्शन’ और ‘एनडीटीवी’ जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी जिम्मेदारी निभा चुके थे। विनोद दुआ को प्रतिष्ठित रामनाथ गोयनका समेत तमाम अवॉर्ड मिल चुके थे। पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए वर्ष 2008 में उन्हें पद्मश्री से भी सम्मानित किया गया था।

पूरी खबर यहां पढ़ें: पंचतत्व में विलीन हुए विनोद दुआ, अंतिम विदाई देने पहुंचे तमाम पत्रकार

कोरोना वायरस की दूसरी लहर ने इस साल पूरे देश में जमकर कहर बरपाया। हर दिन देशभर में वायरस के रिकॉर्ड मामले दर्ज किए जा रहे थे। इस बीच कई अन्य पत्रकार भी ऐसे रहे, जिनकी जान कोरोना की वजह से गई। लिस्ट लंबी होने की वजह से कई पत्रकारों का जिक्र कर पाना मुश्किल है। 

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पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए मीडिया अवॉर्ड से सम्मानित हुए ये पत्रकार

22 मई को दिल्ली के अशोक होटल में आयोजित एक कार्यक्रम में ‘पांचजन्य (साप्ताहिक) अटल बिहारी वाजपेयी पत्रकारिता पुरस्कार’ रोहित सरदाना (अब दिवंगत) को दिया गया।

Last Modified:
Monday, 23 May, 2022
Award

साप्ताहिक राष्ट्रीय पत्रिका ‘पांचजन्य’ (Panchjanya) और ‘ऑर्गनाइजर‘ (Organiser)  के 75 वर्ष पूरे होने पर दिल्ली में चाणक्यपुरी के डिप्लोमैटिक एंक्लेव स्थित ‘अशोक होटल’ में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

‘मीडिया महामंथन’ नाम से 22 मई को हुए कार्यक्रम के तहत विभिन्न सत्रों में चर्चाओं का आयोजन किया गया। इनमें उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह, असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत बतौर वक्ता शामिल हुए। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम को वर्चुअल रूप से संबोधित किया। कार्यक्रम में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को भी शामिल होना था, लेकिन किन्हीं कारणोंवश वह नहीं आ सके।

पहले सत्र में सोशल मीडिया पंचायत में मीडिया और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर चर्चा हुई। इसमें लोक गायिका मालिनी अवस्थी, भाजपा नेता कपिल मिश्रा, लेखिका और वक्ता शेफाली वैद्य, लेखक आनंद रंगनाथन, विश्लेषक और सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर अंशुल सक्सेना, पाञ्चजन्य के संपादक हितेश शंकर और आर्गनाइजर के संपादक प्रफुल्ल केतकर ने अपने विचार रखे।

वहीं, देर शाम को कैलेंडर वर्ष 2021 में किए गए उल्लेखनीय कार्यों के लिए मीडिया अवॉर्ड्स की घोषणा की गई और उनके विजेताओं को सम्मानित किया गया। इसके तहत अंबुज भारद्वाज (फैक्ट चेक), प्रवीण सिन्हा (स्पोर्ट्स), अभिषेक दुबे (स्पोर्ट्स), बशीर मंजार (स्पेशल जूरी अवॉर्ड-प्रिंट), कर्मा पालजोर (स्पेशल जूरी अवॉर्ड-डिजिटल), अशोक श्रीवास्तव (सोशल मीडिया), आनंद रंगनाथन (सोशल मीडिया), निवेदिता वैशम्पायन (रीजनल लैंग्वेज-प्रिंट), गोथाम नारायण (रीजनल लैंग्वेज-टीवी), निशांत राघव (हिंदी-प्रिंट), नेमिष हेमंत (हिंदी-प्रिंट), निशी भाट (साइंस एंड टेक्नोलॉजी-प्रिंट), बालेन्दु दाधीच (साइंस एंड टेक्नोलॉजी-प्रिंट), अश्वनी मिश्रा (आर्ट्स एंड कल्चर-डिजिटल), शेफाली वैद्य (आर्ट्स एंड कल्चर-डिजिटल), शिप्रा माथुर (एनवॉयरमेंट-प्रिंट) और दिव्या भारद्वाज (एनवॉयरमेंट-एवी) को मीडिया अवॉर्ड दिया गया।

इसके साथ ही ‘आर्गनाइजर (वीकली) केआर मलकानी मेमोरियल अवॉर्ड फॉर एक्सीलेंस इन इंग्लिश जर्नलिज्म’-पलकी शर्मा उपाध्याय को और ‘पांचजन्य (साप्ताहिक) अटल बिहारी वाजपेयी पत्रकारिता पुरस्कार’ रोहित सरदाना (अब दिवंगत) को दिया गया। रोहित सरदाना की ओर से यह अवॉर्ड उनकी पत्नी प्रमिला दीक्षित ने ग्रहण किया। इसके अलावा मीडिया अवॉर्ड पाने वालों में रवीश तिवारी (अंग्रेजी-प्रिंट), मोनिका हलन (बिजनेस एंड फाइनेंस-प्रिंट), स्वाति गोयल शर्मा (अंग्रेजी-डिजिटल) भी शामिल रहे।

गौरतलब है कि इस योजना के तहत आवेदन करने की तिथि एक मई 2022 से लेकर 15 मई 2022 तक रखी गई थी। इन पुरस्कारों के लिए ऑनलाइन आवेदन के साथ ‘भारत प्रकाशन’ के कार्यालय में हार्ड कॉपी जमा/भेजने की सुविधा भी दी गई थी। प्रविष्टियों का आकलन करने के लिए जूरी सदस्यों का एक पैनल गठित किया गया था, जिसमें प्रख्यात पत्रकार और शिक्षाविद शामिल रहे।

विजेताओं की लिस्ट आप यहां देख सकते हैं।

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ABP ग्रुप ने ओमेन थॉमस को सौंपी ये बड़ी जिम्मेदारी

थॉमस इससे पहले वेस्ट रीजन में एड सेल्स के हेड के तौर पर अपनी भूमिका निभा रहे थे।

Last Modified:
Monday, 23 May, 2022
Oommen Thomas

‘एबीपी’ (ABP) समूह ने ओमेन थॉमस (Oommen Thomas) को नेशनल हेड (Ad Sales) के पद पर नियुक्त किया है। हमारी सहयोगी वेबसाइट ‘एक्सचेंज4मीडिया’ (exchange4media) से थॉमस ने खुद इस खबर की पुष्टि की है।  

बता दें कि इससे पहले थॉमस यहां एसोसिएट वाइस प्रेजिडेंट (Ad Sales West) के तौर पर वेस्ट रीजन में ऐड सेल्स की कमान संभाल रहे थे। उन्हें मई 2019 में यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इससे पहले वह हेड (Ad Sales-North) के तौर पर अपनी भूमिका निभा रहे थे।

पूर्व में थॉमस ‘बिजनेसवर्ल्ड’ (Businessworld), ‘डेक्कन हेराल्ड’ (Deccan Herald) और ‘मलयाला मनोरमा’ (Malayala Manorama) के साथ काम कर चुके हैं।

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‘प्रेस क्लब ऑफ इंडिया’ के चुनावों में इन पत्रकारों ने लहराया जीत का परचम, देखें पूरी लिस्ट

22 मई को घोषित हुए इन परिणामों के मुताबिक, वरिष्ठ पत्रकार उमाकांत लखेड़ा एक बार फिर ‘प्रेस क्लब ऑफ इंडिया’ के प्रेजिडेंट चुने गए हैं।

Last Modified:
Monday, 23 May, 2022
Press Club Of India

देश में पत्रकारों की सबसे बड़ी संस्थाओं में से एक ‘प्रेस क्लब ऑफ इंडिया’ (Press Club of India) के पदाधिकारियों के चयन के लिए 21 मई 2022 को हुए चुनावों के परिणाम घोषित हो गए हैं। 22 मई को घोषित हुए इन परिणामों के मुताबिक, वरिष्ठ पत्रकार उमाकांत लखेड़ा (Umakant Lakhera) एक बार फिर ‘प्रेस क्लब ऑफ इंडिया’ के प्रेजिडेंट चुने गए हैं। उन्हें 898 वोट मिले, जबकि इस पद पर उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी संजय बसक (Sanjay Basak) को 638 वोट मिले।

इसके अलावा वाइस प्रेजिडेंट पद पर मनोरंजन भारती चुने गए हैं। उन्हें 887 वोट मिले, जबकि इस पद के लिए उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी पवन कुमार को 578 वोट मिले। सेक्रेटरी जनरल के पद पर विनय कुमार ने 823 वोटों के साथ जीत दर्ज की है, जबकि उनकी निकटतम प्रतिद्वंद्वी पल्लवी घोष को 668 और संदीप ठाकुर को 165 वोट मिले।

वहीं, जॉइंट सेक्रेट्री की बात करें तो इस पद पर स्वाति माथुर ने जीत हासिल की है। उन्हें 870 वोट मिले, जबकि इस पद के लिए उनकी प्रतिद्वंद्वी लक्ष्मी देवी आरे (Laxmi Devi Aere) को 536 और जोगिंदर सोलंकी को 244 वोट मिले। कोषाध्यक्ष पद पर 787 वोटों के साथ चंदर शेखर लूथरा (Chander Shekhar Luthra) को चुना गया है, जबकि इस पद के लिए उनके निकटम प्रतिद्वंद्वी संतोष ठाकुर को 776 वोट मिले।

16 सदस्यीय मैनेजिंग कमेटी के लिए जिन पत्रकारों ने जीत दर्ज की है, उनमें आदेश रावल (823), अमित पांडेय (773), अमृता मधुकल्या (746), अनीस कुमार (727), कृतिका शर्मा (836), मोहम्मद अब्दुल मसूद (618), मानवेंद्र वशिष्ठ (732), मयंक सिंह (735), मोहम्मद मेहताब आलम (637), मिहिर गौतम (741), राहिल चोपड़ा (765), संगीता बरूआ (788), शेमिन जॉय (808), टी श्रीनिवास राव (599), विनायक भूषण (658) औऱ विनीता ठाकुर (807) शामिल हैं।

गौरतलब है कि वरिष्ठ पत्रकार दुर्गा दास द्वारा वर्ष 1957 में स्थापित ‘प्रेस क्लब ऑफ इंडिया’ का स्वतंत्रता के बाद देश के इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान है। देश में अपनी तरह के सबसे पुराने संगठनों में से एक ‘प्रेस क्लब ऑफ इंडिया’ का नेतृत्व वार्षिक रूप से निर्वाचित एग्जिक्यूटिव निकाय द्वारा किया जाता है। इसमें मैनेजिंग कमेटी के 16 सदस्यों के साथ एक प्रेजिडेंट,  एक वाइस प्रेजिडेंट, सेक्रेटरी जनरल,  जॉइंट सेक्रेटरी और ट्रेजरार (कोषाध्यक्ष) शामिल होते हैं।

इन चुनावों में जो पत्रकार विजेता या असफल रहे हैं, उनकी लिस्ट आप यहां देख सकते हैं:  

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सड़क किनारे पड़ा मिला पत्रकार का शव, पुलिस ने जताई ये आशंका

शादी समारोह से लौट रहा था युवा पत्रकार। घटनास्थल से मिले प्रेस के आई कार्ड से उसकी शिनाख्त हुई।

Last Modified:
Saturday, 21 May, 2022
Journalist death

छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर इलाके में शुक्रवार की सुबह सड़क किनारे पत्रकार का शव मिला है। राखी थाना क्षेत्र में हुई इस घटना में मौके के पास मिले प्रेस के आई कार्ड से उसकी शिनाख्त युवराज शुक्ला के रूप में हुई। बताया जाता है कि युवराज शुक्ला स्थानीय न्यूज एजेंसी में बतौर पत्रकार कार्यरत था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शादी समारोह से वापस लौटने के दौरान सड़क हादसे में युवराज की मौत हुई है। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है और मामला दर्ज कर अज्ञात वाहन की तलाश में जुट गई है।

राखी थाना प्रभारी कमला पुसाम ठाकुर के अनुसार, राखी पुलिस को शुक्रवार की सुबह नवा रायपुर इलाके में सड़क किनारे एक युवक का शव पड़ा होने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच के दौरान पाया कि घटना तड़के लगभग चार से पांच बजे के बीच की है। युवक की पहचान पत्रकार युवराज शुक्ला (32) के रूप में हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण सड़क हादसा बताया गया है।'

पुलिस के मुताबिक ग्राम नरदहा जिला दुर्ग का रहने वाला युवराज शुक्ला अपने बड़े पिताजी के घर ग्राम बुढेनी जिला धमतरी में शादी कार्यक्रम में गया हुआ था। शादी समारोह से लौटते समय सड़क हादसे में उसकी मौत हो गई। युवराज के शव के पास कुछ दूर पर उसकी वैगनआर कार भी खड़ी हुई थी। पुलिस के अनुसार, रास्ते में युवराज लघुशंका के लिए कार से बाहर निकला होगा, तभी किसी बड़े वाहन की चपेट में आने से सड़क हादसे का शिकार हो गया और घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई।

जिस इलाके में युवराज का शव मिला है, वहां कई खदानें हैं। ऐसे में आशंका यह भी जताई जा रही है कि युवराज की मौत के पीछे खनन माफिया का हाथ हो सकता है। हालांकि इस तरह की शिकायत पुलिस के पास नहीं पहुंची है।

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गोली मारकर पत्रकार की हत्या, हवा में हथियार लहराते हुए फरार हो गए बदमाश

पुलिस का कहना है कि इस हत्याकांड में शामिल सभी अपराधियों को चिन्हित कर लिया है, जल्द ही उन सभी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

Last Modified:
Saturday, 21 May, 2022
Shot Dead

बिहार के बेगूसराय में शुक्रवार की रात बेखौफ अपराधियों द्वारा एक पत्रकार की गोली मारकर हत्या करने का मामला सामने आया है। यह घटना बखरी थाना क्षेत्र के परिहारा ओपी स्थित बहुआरा साखू गांव की है। मृतक की पहचान साखू गांव निवासी सुभाष कुमार पुत्र अर्जुन के रूप में हुई है। सुभाष कुमार एक निजी न्यूज चैनल के लिए काम करते थे और अपने माता-पिता की इकलौती संतान थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शुक्रवार को गांव में ही चौक के समीप एक लड़के की शादी का कार्यक्रम था। शाम को सुभाष उसी कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। वहां से लौटने के दौरान पिता एवं चाचा आगे बढ़ गए, इसी बीच वहां पहले से घात लगाए बदमाशों ने सुभाष के सिर में गोली मार दी और हथियार लहराते हुए फरार हो गए। आनन-फानन में स्थानीय लोगों द्वारा सुभाष को बखरी स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि साखू में एक लड़के की शादी के अवसर पर आम-महुआ विवाह रस्म के दौरान रास्ते में डीजे पर गांव की लड़की के साथ कुछ लोगों ने छेड़खानी कर दी थी, जिसका सुभाष ने विरोध किया था। छेड़खानी करने वाला मुख्य आरोपी पड़ोसी गांव का था और इस वैवाहिक कार्यक्रम में आमंत्रित भी नहीं था। सुभाष द्वारा विरोध किया जाना आरोपी को नागवार गुजरा और भोज खाकर निकलते ही सैकड़ों लोगों के बीच अपने साथियों के साथ मिलकर सुभाष को गोली मारकर फरार हो गया।

वहीं मृतक के परिजनों का कहना है कि सुभाष की हत्या चुनावी रंजिश की वजह से हुई है। बताया जा रहा है कि सुभाष ने अपने एक नजदीकी को पंचायत में वार्ड सदस्य का चुनाव लड़ाया था, जिसमें वह जीत गया था। इससे प्रतिद्वंद्वी उनसे नाराज चल रहे थे। पुलिस सभी बिंदुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच में जुट गई है।

इधर, सुभाष हत्याकांड की निंदा करते हुए तमाम पत्रकारों, राजनीतिक दलों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आक्रोश जताया है। पोस्टमार्टम के बाद शनिवार की सुबह सुभाष की पार्थिव देह को प्रेस क्लब लाया गया, जहां तमाम पत्रकारों ने पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। वहीं बेगूसराय के एसपी योगेंद्र कुमार का कहना है कि इस हत्याकांड में शामिल सभी अपराधियों को चिन्हित कर लिया है, जल्द ही उन सभी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।  

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देश में मीडिया-एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री की ग्रोथ को लेकर अनुराग ठाकुर ने जताई ये उम्मीद

कान्स में ‘पालिस डेस फेस्टिवल्स’ (Palais des Festivals) में इंडिया फोरम को संबोधित करते हुए अनुराग ठाकुर ने लोगों को केंद्र व राज्य सरकारों द्वारा इस दिशा में उठाए गए कदमों की जानकारी दी।

Last Modified:
Saturday, 21 May, 2022
Anurag Thakur

केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर का कहना है कि देश में मीडिया और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के तमाम प्रयास किए जा रहे हैं। केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा इस दिशा में उठाए जा रहे कदमों के आधार पर उम्मीद है कि भारतीय मीडिया और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री वर्ष 2025 तक हर साल 53 बिलियन डॉलर का राजस्व अर्जित कर सकती है।

कान्स में ‘पालिस डेस फेस्टिवल्स’ (Palais des Festivals) में इंडिया फोरम को संबोधित करते हुए अनुराग ठाकुर ने लोगों को केंद्र व राज्य सरकारों द्वारा इस दिशा में उठाए गए कदमों की जानकारी देते हुए कहा, ‘केंद्र ने भारत में सह-निर्माण, फिल्म शूटिंग और फिल्म सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए पिछले आठ वर्षों में प्रमुख पहल की हैं, वहीं उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों ने अपनी फिल्म सुविधा नीतियां तैयार की हैं और सह-निर्माण के अवसर प्रदान किए हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य देश के मीडिया और एंटरटेनमेंट ईकोसिस्टम को बढ़ावा देना है, जिससे 2025 तक सालाना 53 बिलियन डालर अर्जित होने की उम्मीद है।’

इसके साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत में ओटीटी बाजार सालाना 21 फीसदी की दर से बढ़कर वर्ष 2024 तक करीब दो बिलियन डॉलर होने का अनुमान है। यह वर्ष कान्स फिल्म फेस्टिवल और भारत-फ्रांस राजनयिक संबंधों की स्थापना दोनों का 75वां वर्ष है। कान्स के महत्व पर बोलते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में 'फेस्टिवल डी कान्स' ने भारत-फ्रांस संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

मंत्री ने भारतीय सिनेमा की ऐतिहासिक ऊंचाइयों के बारे में बात की और कहा कि भारतीय कंटेंट वैश्विक दर्शकों के दिल और दिमाग पर राज कर रहा है। कान्स में भारत की वर्तमान मौजूदगी पर बोलते हुए, मंत्री ने कहा, ‘भारत आपको ग्लोबल ऑडियंस, देश की सिनेमाई उत्कृष्टता, तकनीकी कौशल, समृद्ध संस्कृति और स्टोरटैलिंग की शानदार विरासत का स्वाद चखाना चाहता है। रेड कार्पेट पर भारत की मौजूदगी ने न केवल विभिन्न भाषाओं और क्षेत्रों के अभिनेताओं और फिल्म निर्माताओं के प्रतिनिधित्व के मामले में, बल्कि ओटीटी प्लेटफार्म्स के रूप में हमारी सिनेमाई उत्कृष्टता की विविधता को नई पहचान दी है, जिसमें संगीतकारों और लोक कलाकारों की भी मजबूत उपस्थिति है।‘

अनुराग ठाकुर ने वादा किया कि सरकार भारत को एक वैश्विक सामग्री उप-महाद्वीप (global content) में बदलने के लिए सभी आवश्यक उपाय करेगी और भारत को एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (AVGC) सेक्टर के लिए पसंदीदा पोस्ट-प्रोडक्शन हब बनाने के लिए युवाओं के कौशल का उपयोग करेगी और इसके लिए सरकार तेजी से काम करेगी। उन्होंने कहा कि ये कदम अगले पांच वर्षों में देश को दुनिया भर में अग्रणी गुणवत्ता सामग्री उत्पादक देशों की लिस्ट में पहुंचा देंगे। गौरतलब है कि इस साल 75वें कान्स फिल्म फेस्टिवल का आयोजन फ्रांस में किया गया है। यह फेस्टिवल 28 मई तक चलेगा।

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बालाजी टेलिफिल्म्स में ग्रुप CEO नचिकेत पंतवैद्य ने लिया ये बड़ा फैसला

कंपनी द्वारा ‘बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज’ (BSE) को दी गई सूचना के अनुसार, वह 31 मई 2022 तक कंपनी के साथ बने रहेंगे।

Last Modified:
Friday, 20 May, 2022
Nachiket Pantvaidya

‘बालाजी टेलिफिल्म्स’ (Balaji Telefilms) में ग्रुप चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर नचिकेत पंतवैद्य ने एक साल के भीतर ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। कंपनी द्वारा ‘बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज’ (BSE) को दी गई सूचना के अनुसार, वह 31 मई 2022 तक कंपनी के साथ बने रहेंगे। बता दें कि कंपनी के साथ नचिकेत की यह दूसरी पारी थी।

इस बारे में ‘बीएसई’ को दी गई जानकारी में कंपनी ने कहा है, ‘सूचीकरण विनियमों के रेगुलेशन 30 के अनुसार हम आपको सूचित करना चाहते हैं कि निदेशक मंडल की 20 मई 2022 को हुई बैठक में कंपनी के ग्रुप सीईओ नचिकेत पंतवैद्य के इस्तीफे को रिकॉर्ड में ले लिया गया है, जो 31 मई, 2022 से प्रभावी होगा।’

बता दें कि ‘बालाजी टेलिफिल्म्स’ ने जुलाई 2021 में पंचवैद्य को ग्रुप सीईओ के पद पर नियुक्त किया था। ‘बालाजी’ से पहले पंचवैद्य ’एशियानेट न्यूज मीडिया एंड एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड’ (AMEL) में बतौर मैनेजिंग डायरेक्टर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे। वहीं, इससे पहले वह ‘बालाजी टेलिफिल्म्स’ में ग्रुप चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर और ऑल्ट बालाजी (ALTBalaji) में सीईओ के तौर पर जिम्मेदारी निभा चुके हैं।

पंतवैद्य को ब्रॉडकास्ट और डिजिटल मीडिया कंपनियों के साथ काम करने का 20 साल से ज्यादा का अनुभव है। वह एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री की कुछ जानी-मानी कंपनियों जैसे-‘सोनी एंटरटेनमेंट टेलिविजन’, ‘स्टार प्लस’, ‘स्टार प्रवाह’ और ‘फॉक्स टेलिविजन स्टूडियो’ में वरिष्ठ पदों पर अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं। वह ‘डिज्नी’ और ‘बीबीसी’ का हिस्सा भी रहे हैं। 

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Alt Balaji में इस बड़े पद से अलग हुईं दिव्या दीक्षित

दिव्या दीक्षित इस कंपनी में करीब पौने चार साल से जुड़ी हुई थीं। 31 मई 2022 को इस कंपनी में उनका आखिरी कार्यदिवस होगा।

Last Modified:
Friday, 20 May, 2022
Divya

‘ऑल्ट बालाजी’ (ALTBalaji) में सीनियर वाइस प्रेजिडेंट (Marketing, Partnerships & Revenue) ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। 31 मई 2022 को इस कंपनी में उनका आखिरी कार्यदिवस होगा।

बता दें कि दिव्या दीक्षित इस कंपनी में करीब पौने चार साल से जुड़ी हुई थीं। उन्होंने सितंबर 2018 में इस कंपनी में बतौर सीनियर वाइस प्रेजिडेंट (मार्केटिंग) के पद पर जॉइन किया था।

दीक्षित के पास डिजिटल, ब्रॉडकास्टिंग, टेलिकॉम, म्यूजिक और रिटेल सहित कई इंडस्ट्री में विभिन्न ब्रैंड्स के साथ काम करने का 20 साल से ज्यादा का अनुभव है। पूर्व में वह ZEE5, LeEco और Percept आदि कंपनियों में अपनी भूमिका निभा चुकी हैं।

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अब इस मीडिया समूह में बड़ी भूमिका निभाएंगे वरिष्ठ पत्रकार गीतेश्वर प्रसाद सिंह

उत्तर भारत और पूरब के दर्जन भर से अधिक प्रमुख शहरों में तमाम बड़े अखबारों में अपनी जिम्मेदारी निभाने के बाद वरिष्ठ पत्रकार गीतेश्वर प्रसाद सिंह ने अब दक्षिण भारत का रुख किया है।

Last Modified:
Thursday, 19 May, 2022
Giteshwar Prasad Singh

उत्तर भारत और पूरब के दर्जन भर से अधिक प्रमुख शहरों में तमाम बड़े अखबारों में अपनी जिम्मेदारी निभाने के बाद वरिष्ठ पत्रकार गीतेश्वर प्रसाद सिंह ने अब दक्षिण भारत का रुख किया है। उन्होंने देश के प्रतिष्ठित मीडिया ग्रुप 'ईटीवी भारत' के साथ नई शुरुआत की है और हैदराबाद में बतौर रीजनल न्यूज को-ऑर्डिनेटर के पद पर जॉइन किया है।

इससे पहले गीतेश्वर प्रसाद सिंह करीब चार-पांच महीने से ‘यूपीडीएफ’ समूह के साथ जुड़े हुए थे। दरअसल, वह इस ग्रुप द्वारा लॉन्च की जा रही नेशनल मैगजीन की योजना को मूर्त रूप देने के लिए इस समूह का हिस्सा बने थे। अब मैगजीन के पहले एडिशन के लिए अपना एडिटोरियल पार्ट पूरा करने के बाद वह 'ईटीवी भारत' आए हैं। ‘यूपीडीएफ’ में आने से पहले गीतेश्वर प्रसाद करीब पौने तीन साल से ‘हिन्दुस्तान’ के भागलपुर संस्करण में स्थानीय संपादक के तौर पर अपनी भूमिका निभा रहे थे।

मूल रूप से छपरा (बिहार) के रहने वाले गीतेश्वर प्रसाद सिंह को पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करने का ढाई दशक से ज्यादा का अनुभव है। ‘हिन्दुस्तान’ से पहले वह ‘पंजाब केसरी’,’ दैनिक जागरण’ और ‘अमर उजाला’ में प्रमुख जिम्मेदारी निभा चुके हैं। गीतेश्वर प्रसाद सिंह की पत्रकारिता के साथ-साथ साहित्य में गहरी रुचि है। वह गजलें लिखने के शौकीन भी हैं। दूरदर्शन और आकाशवाणी से इनकी कई रचनाएं प्रसारित हुई हैं।

उन्होंने ‘इलाहाबाद विश्वविद्यालय’ से दर्शनशास्त्र में एमए और ‘पूर्वांचल विश्वविद्यालय’ से हिंदी में एमए तक की पढ़ाई की है। इसके अलावा उन्होंने ‘उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन ओपन यूनिवर्सिटी’ से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है।

गीतेश्वर प्रसाद सिंह को ‘आचार्य लक्ष्मीकांत मिश्र राष्ट्रीय सम्मान’ समेत तमाम पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। समाचार4मीडिया की ओर से गीतेश्वर प्रसाद सिंह को उनके नए सफर के लिए ढेरों शुभकामनाएं।

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इन 12 पत्रकारों को मिला इस बार का ‘देवऋषि नारद सम्मान'

‘इंद्रप्रस्थ विश्व संवाद केंद्र’, दिल्ली की ओर से आयोजित कार्यक्रम में आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर एवं केन्द्रीय राज्यमंत्री संजीव कुमार बालियान ने पत्रकारों को किया सम्मानित

Last Modified:
Thursday, 19 May, 2022
Narad Samman

आरएसएस की संचार शाखा ‘इंद्रप्रस्थ विश्व संवाद केंद्र’, दिल्ली की ओर से पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रहे पत्रकारों को दिए जाने वाले ‘नारद सम्मान 2022’ के विजेताओं की घोषणा कर दी गई है।

12वें देवऋषि नारद पत्रकार सम्मान 2022 के तहत नारद जी की जयंती पर पत्रकारिता जगत की महत्ता एवं पत्रकारों की तपस्या एवं बलिदान को सम्मान देने के लिए 18 मई 2022 को स्पीकर हॉल, कांस्टीट्यूशन क्लब, नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में विभिन्न श्रेणियों में 12 पत्रकारों को सम्मानित किया गया।

इसके तहत आशुतोष कुमार पाण्डेय (हिन्दुस्थान समाचार) को युवा पत्रकार नारद सम्मान, निशांत कुमार आजाद (ऑर्गनाइजर) को स्त्री सरोकार/महिला संवेदना पत्रकार नारद सम्मान, उमाशंकर मिश्र (इंडिया साइंस वायर) को ग्रामीण पत्रकारिता नारद सम्मान, सुरेश कुमार जायसवाल (दूरदर्शन न्यूज) को न्यूज रूम सहयोग नारद सम्मान, नुपुर जे. शर्मा (ऑप इंडिया) को डिजिटल पत्रकार नारद सम्मान, प्रियंका देव (न्यूज जंक्शन) को सोशल मीडिया पत्रकार नारद सम्मान से सम्मानित किया गया।

इसके साथ ही मिहिर सिंह (पंजाब केसरी) को उत्कृष्ट छाया चित्रकार (प्रिंट) नारद सम्मान, विद्यानाथ झा (न्यूज नेशन) को उत्कृष्ट छायाचित्रकार (टीवी) नारद सम्मान, उमेश चतुर्वेदी को उत्कृष्ट स्तम्भकार नारद सम्मान, पीएम नारायणन को विदेशी पत्रकारिता नारद सम्मान (भारत संबंधित पत्रकारिता) से सम्मानित किया गया। इन सभी को प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह, शाल तथा 11,000/- रुपये का चेक देकर सम्मानित किया गया।

वरिष्ठ पत्रकार दीपक उपाध्याय को उत्कृष्ट पत्रकार नारद सम्मान से सम्मानित किया गया। इन्हें प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह, शाल तथा 51,000/- रुपये की चेक देकर सम्मानित किया गया।

पूर्व संपादक, पत्रकार, स्तंभकार एवं लेखक बलबीर पुंज को आजीवन सेवा नारद सम्मान से सम्मानित किया गया। इन्हें प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह, शाल तथा 1,00,000/- रुपये का चेक देकर सम्मानित किया गया।

इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर मुख्य वक्ता तथा डॉ. संजीव कुमार बालियान, राज्यमंत्री, मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय, भारत सरकार मुख्य एवं आनंद नरसिम्हन, प्रबंध संपादक, नेटवर्क 18, विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सुनील आंबेकर ने कहा कि हमारे जितने भी प्रोफेशन हैं, वह जब से शुरू हुए उसमें स्किल और नॉलेज पर तो जोर दिया ही गया, साथ ही उसका एक चरित्र भी दिया गया। हम जिस व्यक्ति को जिस प्रोफेशन की जो शिक्षा दे रहे हैं उसमें उसको ग्रहण करने की क्षमता होनी चाहिए। उसे जो शक्ति दे रहे है उसमे उपयोग करने की क्षमता होनी चाहिए। वह शक्ति का दुरुपयोग न करें और समाज के हित में उपयोग करें। नारद जी पत्रकारिता के इसी शक्ति का प्रतीक है। जहां शक्ति का उपयोग समाज के हित में होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि पत्रकारिता में सत्य को लेकर जाना और सत्य के साथ कोई समझौता नहीं करना। किस सत्य को लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं, यह बहुत महत्वपूर्ण है कि उसमें लोक हित सर्वोपरि चाहिए। एक रिस्पांसिबल जर्नलिज्म की बहुत जरूरत है। नारद जी समाचार पहुंचाने के साथ-साथ समाधान भी बताते और उसका मार्ग भी दिखाते थे।

मीडिया में सकारात्मकता की आवश्यकता पर जोर देते हुए आंबेकर ने कहा की वातावरण में बदलाव आया है। आज भारत के लोग आकांक्षी बनकर आगे बढ़ना चाहते हैं, जो अनुकूल बात करता है वह लोगों को अच्छी लगती है प्रतिकूल बातें अच्छी नहीं लगती है। मीडिया में भी लोग सकारात्मकता से आगे बढ़ रहे हैं। मीडिया में जिम्मेदारी की आवश्यकता है। हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने समाचार पत्रों को लोक जागरण का माध्यम बनाया। वे स्वतंत्रता सेनानी हमारी पत्रकारिता के आदर्श है। मीडिया में बदलती तकनीक पर उन्होंने कहा की हमें नई तकनीक से डरने की जरूरत नहीं है। टेक्नोलॉजी के झटके पहले भी लगते रहे हैं और आगे भी लगता रहेंगे।

वहीं, कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. संजीव कुमार बालियान, राज्यमंत्री, मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय, भारत सरकार ने कहा कि पत्रकारिता इतनी महत्वपूर्ण है कि वह हर जनमानस को प्रभावित करती है। वह सकारात्मक दिशा में होनी चाहिए न कि नकारात्मक दिशा में।

डॉ. बालियान ने कहा कि हमें सभी विचारों का सम्मान करना चाहिए है। हर व्यक्ति अपनी विचारधारा पर काम करने के लिए स्वतंत्र है। कोई भी विचारधारा हो पत्र,कारिता में निष्पक्ष होना बहुत जरूरी है। आपको किसी के पक्ष या विपक्ष में होने की जरूरत नहीं है। जो तथ्य है, उस तत्व के साथ होना है और तथ्यों के आधार पर ही विश्लेषण होना चाहिए।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विशिष्ट अतिथि आनंद नरसिम्हन (प्रबंध संपादक, नेटवर्क18) ने कहा कि देवऋषि नारद जी की भूमिका जो हम लोगों के मन में बनी है उनकी भूमिका उससे बहुत बड़ी है। हममें से कितनों ने नारद संहिता पड़ी है? हमसे कितनों ने अपने ग्रंथों को पड़ा है चाहे वह किसी भी भाषा में हो? हमने हमारे सभ्यता हमारी संस्कृति के बारे में क्या लिखा क्या कहा? आज बोलचाल में आ रहा है कि हमारा इतिहास क्या है? इंडिया और इन्वेडर? हमारा इतिहास आक्रान्ताओं का इतिहास है या भारत का इतिहास हमारा इतिहास है? आज समय बदल रहा है। आज मीडिया में खुलकर के लोग भारत की बात कहने लगे हैं जो कि पहले संभव नहीं था।

कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख नरेन्द्र ठाकुर, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के उत्तर क्षेत्र प्रचार प्रमुख अनिल जी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के दिल्ली प्रान्त कार्यवाह भारत जी, दूरदर्शन के महानिदेशक मयंक अग्रवाल, एडीजी प्रिया कुमार सहित कई गणमान्य अतिथि शामिल हुए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मीडिया कर्मी, संपादक, वरिष्ठ पत्रकार शामिल हुए। इन्द्रप्रस्थ विश्व संवाद केंद्र के अध्यक्ष अशोक सचदेवा ने धन्यवाद ज्ञापन दिया।

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