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दीपक चौरसिया के समर्थन में उतरे वरिष्ठ पत्रकार, यूं साधा हमलावरों पर ‘निशाना’
नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में दिल्ली के शाहीन बाग में चल रहे धरना प्रदर्शन को कवर करने पहुंचे वरिष्ठ टीवी पत्रकार दीपक चौरसिया व उनकी टीम के साथ की गई थी बदसलूकी
समाचार4मीडिया ब्यूरो 6 years ago
नागरिकता संशोधन कानून को लेकर चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। आए दिन इसे लेकर हिंसा की खबरें सामने आ रही हैं। यहां तक कि मीडिया को भी प्रदर्शनकारी अपना निशाना बना रहे हैं। शाहीन बाग में करीब एक महीने से प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारी भी शुक्रवार को हिंसा पर उतर आए और वहां चल रहे विरोध प्रदर्शन की कवरेज करने गए वरिष्ठ पत्रकार और न्यूज नेशन के कंसल्टिंग एडिटर दीपक चौरसिया के साथ बदसलूकी कर दी। यही नहीं उन्होंने न्यूज नेशन के कैमरामैन का कैमरा भी तोड़ दिया।
सुन रहे हैं कि संविधान ख़तरे में है, सुन रहे हैं कि लड़ाई प्रजातंत्र को बचाने की है! जब मैं शाहीन बाग की उसी आवाज़ को देश को दिखाने पहुँचा तो वहाँ मॉब लिंचिंग से कम कुछ नहीं मिला! #CAAProtests #ShaheenBagh pic.twitter.com/EhJxfWviTp
— Deepak Chaurasia (@DChaurasia2312) January 24, 2020
दीपक चौरसिया से मारपीट और कैमरे छीनने के मामले में कुछ अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि आईपीसी की धारा 394 (लूट के दौरान चोट पहुंचाने) के तहत FIR दर्ज की गई है। फिलहाल मामले की जांच चल रही है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, लेकिन कवरेज के दौरान मीडिया पर इस तरह के हमले काफी चिंता का विषय हैं।
दीपक चौरसिया पर हुए हमले के बाद कई वरिष्ठ पत्रकारों ने दीपक चौरसिया के समर्थन में अपनी आवाज उठाई है और इस घटना का विरोध किया है।
वरिष्ठ पत्रकार और ‘जी न्यूज’ के एडिटर-इन-चीफ सुधीर चौधरी ने शाहीन बाग में दीपक चौरसिया पर हुए हमले पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उनका कहना है, 'यह असहिष्णुता अस्वीकार्य है। शाहीनबाग उनका (हमलावरों का) नहीं है। यह अभी भी लोकतांत्रिक भारत का एक हिस्सा है। मैं सभी संपादकों और प्राइम टाइम एंकरों से आग्रह करता हूं कि वे शाहीन बाग से अपने न्यूज शो करें।'
एक अन्य ट्वीट में उनका यह भी कहना है, 'शाहीन बाग किसी के बाप का नहीं।एक पत्रकार के साथ ऐसी गुंडागर्दी करके प्रदर्शनकारियों ने बता दिया कि वो कितने असहनशील हैं और अभिव्यक्ति की आजादी सिर्फ उनके लिए है। पूरे देश को इस घटना का विरोध करना चाहिए।'
Bagh does not belong to them. It’s still a part of democratic India ??. I urge all editors and prime time anchors to do their news shows from Shaheen Bagh. #ReclaimShaheenBagh https://t.co/9rbn2aoUYH
— Sudhir Chaudhary (@sudhirchaudhary) January 25, 2020
वरिष्ठ टीवी पत्रकार और ‘इंडिया टुडे’ के कंसल्टिंग एडिटर राजदीप सरदेसाई ने भी एक ट्वीट में इस घटना की निंदा की है। अपने ट्वीट में उन्होंने कहा है, ‘शाहीन बाग में वरिष्ठ पत्रकार दीपक चौरसिया के साथ हुई बदसलूकी की घटना काफी निंदाजनक है। यदि आपको (प्रदर्शनकारियों को) मीडिया से कोई दिक्कत है तो वह अपना चैनल बंद कर दें। कैमरों को तोड़ना और पत्रकारों के साथ मारपीट करना गुंडागर्दी है। दोषियों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए।’
Unacceptable heckling/manhandling of senior journalist @DChaurasia2312 at Shaheen Bagh. You have a problem with a section of the media? Just switch off the channel.. breaking cameras, manhandling journalists is plain and simple goondagiri. Culprits should be arrested.
— Rajdeep Sardesai (@sardesairajdeep) January 25, 2020
'आजतक' के संपादक सुप्रिय प्रसाद ने इस घटना को बेहद शर्मनाक बताते हुए कहा है, 'आप किसी पत्रकार को अपना काम करने से इस तरह नहीं रोक सकते हैं। मैं इस तरह की घटना की घोर भर्त्सना करता हूं।'
This is a very shameful act..u cannot stop a journalist from doing his duty.. strongly condemn this and such acts.. https://t.co/1ZX8DzfONR
— supriya prasad (@supriyapd) January 24, 2020
‘न्यूज18’ के एग्जिक्यूटिव एडिटर अमिश देवगन ने भी दीपक चौरसिया पर हुए हमले को लेकर अपनी कड़ी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने अपने ट्वीट में इस घटना को शर्मनाक बताया है।
दीपक की जिस प्रकार भीड़तंत्र ने लिंचिंग का प्रयास किया वो शर्मनाक है और तथाकथित की चुप्पी उस से भी ज़्यादा । I condemn it. https://t.co/U7ltKSSXQ8
— Amish Devgan (@AMISHDEVGAN) January 24, 2020
‘एबीपी न्यूज’ की वरिष्ठ पत्रकार रूबिका लियाकत ने भी दीपक चौरसिया पर हमला करने वालों को आड़े हाथ लिया है।
इसे दोगलापन कहते हैं। आज़ादी के नारे बुलंद करेंगे लेकिन किसी को आज़ादी से काम नहीं करने देंगे। “हम सरकार के निशाने पर हैं” कह कर दुःख जताएँगे और पत्रकार को निशाने पर लेंगे। @DChaurasia2312 कह रहे हैं कि इनका दुख जानने आए हैं और उन्हीं पर हमला कर रहे हैं। https://t.co/vApcUIlFEE
— Rubika Liyaquat (@RubikaLiyaquat) January 25, 2020
बता दें कि पिछले दिनों इस कानून के विरोध में जेएनयू में गुस्साए छात्रों ने भी मीडिया पर हमला कर दिया था। छात्रों के हमले में कई मीडियाकर्मी घायल हुए थे। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने मीडियाकर्मियों के कैमरों को भी तोड़ दिया था। इसके अलावा हाल ही में जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी के कैंपस में भी प्रदर्शन को कवर करने पहुंचीं ‘रिपब्लिक टीवी’ की टीम पर प्रदर्शनकारियों की उग्र भीड़ ने हमला कर दिया था और 7 रिपोर्टर्स के साथ धक्का मुक्की की थी। इतना ही नहीं, हमलावरों ने ‘रिपब्लिक टीवी’ की टीम का कैमरा छीनने और जबरदस्ती फुटेज डिलीट करने की भी कोशिश की थी।
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टैग्स अरनब गोस्वामी दीपक चौरसिया मीडिया पर हमला नागरिकता संशोधन कानून सीएए शाहीन बाग