करीब एक माह पूर्व ही मेनस्ट्रीम मीडिया में की है वापसी, पूर्व में कई मीडिया संस्थानों में निभा चुके हैं अहम जिम्मेदारी
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समाचार4मीडिया ब्यूरो
वरिष्ठ पत्रकार उपेंद्र राय को एक बार फिर ‘सहारा इंडिया मीडिया’ (Sahara India Media) का सीईओ और एडिटर-इन-चीफ बनाया गया है। बता दें कि करीब एक माह पूर्व ही उपेंद्र राय ने सहारा समूह की मास मीडिया कंपनी से मेनस्ट्रीम मीडिया में वापसी की है। उस दौरान उन्हें कंपनी में बतौर सीनियर एडवाइजर नियुक्त किया गया था। कंपनी के चेयरमैन की ओर से जारी एक पत्र में उपेंद्र राय को एक बार फिर ‘सहारा इंडिया मीडिया’ के सीईओ और एडिटर-इन-चीफ की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
गौरतलब है कि उपेन्द्र राय पूर्व में 'तहलका' (Tehelka) समूह और सहारा समूह में सीईओ और एडिटर-इन-चीफ की जिम्मेदारी निभा चुके हैं। वह 'बिजनेस वर्ल्ड' मैगजीन (Businessworld Magazine) के साथ भी एडिटोरियल एडवाइजर के तौर पर जुड़े रह चुके हैं। राय ने अपने करियर की शुरुआत 1 जून, 2000 को लखनऊ में ‘राष्ट्रीय सहारा’ से की थी। उन्होंने यहां विभिन्न पदों पर काम किया और वे यहां सबसे कम उम्र के ब्यूरो चीफ बनकर मुंबई पहुंचे।
इसके बाद वे साल 2002 में ‘स्टार न्यूज’ की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। वहां उन्हें दो साल से भी कम समय में वरिष्ठ संवाददाता बनने का मौका मिला। वहीं से 'सीएनबीसी टीवी18' (CNBC TV18) में 10 अक्टूबर, 2004 को प्रमुख संवाददाता के रूप में जॉइन किया।
बतौर विशेष संवाददाता अक्टूबर 2005 में 'स्टार न्यूज' (अब 'एबीपी न्यूज') में वापसी की और दो वर्षो के अंदर एक और पदोन्नति मिली और चैनल में सबसे युवा असोसिएट एडिटर बन गए। फिर जनवरी 2010 से दिसंबर 2014 तक 'सहारा न्यूज नेटवर्क' में एडिटर और न्यूज डायरेक्टर की जिम्मेदारी संभाली। साथ ही वे इस दौरान प्रिंटर और पब्लिशर की भूमिका में भी रहे।
वरिष्ठ पत्रकार और न्यूज़ एंकर शिवांगी ठाकुर (Shivangi Thakur) ने ‘ज़ी न्यूज़’ (Zee News) से इस्तीफा दे दिया है। वह चैनल में Assistant Editor के पद पर कार्यरत थीं और जल्द ही अपना कार्यकाल पूरा करेंगी।
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Samachar4media Bureau
वरिष्ठ पत्रकार और टीवी न्यूज़ एंकर शिवांगी ठाकुर (Shivangi Thakur) ने ‘ज़ी न्यूज़’ (Zee News) से इस्तीफा दे दिया है। वह चैनल में Assistant Editor के पद पर कार्यरत थीं। सूत्रों के अनुसार, वह जल्द ही चैनल में अपना कार्यकाल समाप्त करेंगी। शिवांगी ठाकुर ‘ज़ी न्यूज़’ (Zee News) के प्रमुख संपादकीय चेहरों में शामिल रही हैं। उन्होंने न्यूज़ बुलेटिन और प्राइम टाइम प्रोग्रामिंग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अपनी प्रभावशाली एंकरिंग और ग्राउंड रिपोर्टिंग के लिए पहचान बनाने वाली शिवांगी पिछले एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। ‘ज़ी न्यूज़’ (Zee News) से पहले वह ‘आज तक’ (Aaj Tak), ‘इंडिया टुडे’ (India Today), ‘टीवी9’ (TV9) और ‘न्यूज़18 इंडिया’ (News18 India) जैसे प्रमुख हिंदी समाचार नेटवर्क्स के साथ काम कर चुकी हैं। अपने करियर के दौरान उन्होंने राजनीति, अपराध, प्राकृतिक आपदाओं और राष्ट्रीय महत्व की कई बड़ी घटनाओं की रिपोर्टिंग की है।
शिवांगी ठाकुर संघर्ष क्षेत्रों से की गई अपनी रिपोर्टिंग के लिए भी जानी जाती हैं। उन्होंने रूस-यूक्रेन युद्ध और हमास-इजराइल संघर्ष सहित तीन बड़े अंतरराष्ट्रीय संघर्षों की कवरेज की है। चुनौतीपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों से उनकी ग्राउंड रिपोर्टिंग को व्यापक सराहना मिली है।
अपने पूरे करियर में उन्होंने स्टूडियो एंकरिंग और फील्ड रिपोर्टिंग के बीच संतुलन बनाए रखते हुए कई महत्वपूर्ण घटनाओं को कवर किया। फिलहाल शिवांगी ठाकुर के अगले पेशेवर कदम को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
‘महाराष्ट्र सरकार’ और ‘प्रसार भारती’ मुंबई के मलाड इलाके में करीब 150 एकड़ में एकीकृत मीडिया हब विकसित करेंगे। इसमें स्टूडियो, प्रशिक्षण संस्थान, पर्यटन और तकनीकी सुविधाएं शामिल होंगी।
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मुंबई को वैश्विक मीडिया और एंटरटेनमेंट केंद्र बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। ‘महाराष्ट्र सरकार’ और ‘प्रसार भारती’ ने मलाड में करीब 150 एकड़ क्षेत्र में एक एकीकृत फिल्म और टेलीविज़न मीडिया हब विकसित करने की योजना का ऐलान किया है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने इस परियोजना के लिए राज्य सरकार और ‘प्रसार भारती’ (Prasar Bharati) के बीच एक विशेष उद्देश्य वाहन (SPV) के गठन को मंजूरी दे दी है। यह परियोजना ‘दादासाहेब फाल्के चित्रनगरी’ (Dadasaheb Phalke Chitranagari) यानी फिल्म सिटी के पास विकसित की जाएगी।
प्रस्तावित हब को केवल फिल्म निर्माण केंद्र तक सीमित नहीं रखा जाएगा। यहां अत्याधुनिक स्टूडियो, साउंड स्टेज, होटल और हॉस्पिटैलिटी सुविधाएं, पर्यटन परियोजनाएं, IT और ITES सुविधाएं तथा फिल्म, टेलीविज़न और संगीत शिक्षा से जुड़े अंतरराष्ट्रीय स्तर के संस्थान स्थापित करने की योजना है।
इस परियोजना की नींव अप्रैल 2025 में ‘महाराष्ट्र सरकार’, ‘महाराष्ट्र फिल्म, स्टेज एंड कल्चरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन’ (MFSCDC) और ‘प्रसार भारती’ (Prasar Bharati) के बीच हुए समझौता ज्ञापन (MoU) से पड़ी थी।
बुधवार को हुई समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशीष शेलार (Ashish Shelar), ‘प्रसार भारती’ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गौरव द्विवेदी (Gaurav Dwivedi) और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
सरकार ने परियोजना के लिए प्री-फिजिबिलिटी स्टडी, इंफ्रास्ट्रक्चर रोडमैप और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को जून के अंत तक परियोजना का विस्तृत खाका पेश करने को भी कहा गया है।
पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने एक अहम फैसले में कहा है कि अगर किसी जज ने खुली अदालत में कोई आदेश सुना दिया है, तो उसकी खबर प्रकाशित करना अदालत की अवमानना नहीं माना जा सकता
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पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने एक अहम फैसले में कहा है कि अगर किसी जज ने खुली अदालत में कोई आदेश सुना दिया है, तो उसकी खबर प्रकाशित करना अदालत की अवमानना नहीं माना जा सकता, भले ही उस आदेश पर अभी जज के हस्ताक्षर न हुए हों।
जस्टिस जसगुरप्रीत सिंह और जस्टिस अमरजोत भट्टी की खंडपीठ ने The Tribune, Hindustan Times और Times of India के खिलाफ चल रही आपराधिक अवमानना की कार्रवाई को खत्म करते हुए यह फैसला सुनाया।
अदालत ने कहा कि अगर किसी न्यायिक कार्यवाही की खबर सही और निष्पक्ष तरीके से प्रकाशित की गई है, तो उसे अवमानना नहीं कहा जा सकता। कोर्ट ने यह भी याद दिलाया कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही साफ कर चुका है कि जैसे ही कोई फैसला अदालत में सुनाया जाता है, वह प्रभावी हो जाता है।`मामला 9 अप्रैल का है, जब जस्टिस त्रिभुवन दहिया ने पंजाब पुलिस के कुछ पूर्व अधिकारियों से जुड़े एक केस की सुनवाई को फरीदकोट से चंडीगढ़ स्थानांतरित करने का आदेश खुली अदालत में सुनाया था।
अगले दिन The Tribune, Hindustan Times और Times of India ने इस फैसले से जुड़ी खबरें प्रकाशित कर दीं। हालांकि उस समय तक आदेश पर जज के हस्ताक्षर नहीं हुए थे।
इसके बाद 11 अप्रैल को जस्टिस दहिया ने कहा था कि इस तरह की रिपोर्टिंग अदालत की प्रक्रिया में दखल देने जैसी लगती है। इसी आधार पर The Tribune की एडिटर-इन-चीफ ज्योति मल्होत्रा समेत अन्य लोगों के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई शुरू की गई थी।
बाद में इस मामले की सुनवाई करते हुए डिवीजन बेंच ने पाया कि फैसला वास्तव में खुली अदालत में सुनाया गया था और अखबारों ने उसकी सही रिपोर्टिंग की थी। अदालत ने कहा कि प्रकाशित खबरों में कोई गलत या भ्रामक जानकारी नहीं थी।
इसी आधार पर कोर्ट ने अवमानना की याचिका खारिज करते हुए कहा कि इस मामले में आगे किसी कार्रवाई की जरूरत नहीं है।
ौवैसे इस फैसले को मीडिया की न्यायिक रिपोर्टिंग और प्रेस की स्वतंत्रता के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
‘The Limits of AI in the Media’ विषय पर आयोजित सत्र में इंडिया टुडे ग्रुप की वाइस चेयरपर्सन और एग्जिक्यूटिव एडिटर-इन-चीफ कली पुरी समेत कई विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया।
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Samachar4media Bureau
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जिस तेजी से मीडिया और पत्रकारिता समेत कई क्षेत्रों को बदल रहा है, उसी के साथ एक बड़ा सवाल भी सामने आ रहा है- AI के फायदों का इस्तेमाल कैसे किया जाए, बिना इंसानी रचनात्मकता और समझ को कमजोर किए? इसी मुद्दे पर रूस में आयोजित सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम (SPIEF) 2026 में विस्तार से चर्चा हुई।
‘The Limits of AI in the Media’ विषय पर आयोजित सत्र में इंडिया टुडे ग्रुप की वाइस चेयरपर्सन और एग्जिक्यूटिव एडिटर-इन-चीफ कली पुरी समेत कई विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। चर्चा के दौरान वक्ताओं ने कहा कि AI और इंसानी हस्तक्षेप के बीच संतुलन बनाना आज की सबसे बड़ी जरूरत है।
कली पुरी ने कहा कि पत्रकारिता में नैतिकता, फैक्ट-चेकिंग और इंसानी निर्णय क्षमता की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उनके मुताबिक, न्यूजरूम और एल्गोरिदम के बीच सबसे बड़ा अंतर यही है कि न्यूजरूम में खबरों का संतुलन और मॉडरेशन किया जाता है, जबकि एल्गोरिदम ऐसा नहीं करते।
उन्होंने कहा, “न्यूजरूम मॉडरेशन और कैलिब्रेशन करते हैं, लेकिन एल्गोरिदम ऐसा नहीं करते, क्योंकि वे मुख्य रूप से मुनाफे और एंगेजमेंट पर आधारित होते हैं।”
‘Handcrafted by Editors’ पहल की शुरुआत
कली पुरी ने बताया कि मौलिक रिपोर्टिंग और इंसानी सोच को बचाए रखने के लिए इंडिया टुडे ग्रुप ने ‘Handcrafted by Editors’ नाम से एक विशेष पहल शुरू की है।
उन्होंने कहा, “हमने एडिटर्स और रिपोर्टर्स द्वारा तैयार की गई खबरों के लिए एक अलग सेक्शन बनाया है, जहां इस बात पर फोकस किया जाता है कि पत्रकार ने क्या देखा, क्या सुना और क्या अनुभव किया। यह सामान्य रिपोर्टिंग से अलग है।”
उनके मुताबिक, इस तरह की रिपोर्टिंग खबरों को अधिक गंभीरता देती है और पाठकों के साथ बेहतर जुड़ाव भी बनाती है।
क्या है ‘AI Sandwich’ मॉडल?
कली पुरी ने कहा कि भविष्य में AI और इंसानी रचनात्मकता साथ-साथ काम करेंगे। इसी सोच के तहत इंडिया टुडे ग्रुप के न्यूजरूम में ‘AI Sandwich’ मॉडल अपनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस मॉडल में संपादकीय प्रक्रिया की शुरुआत इंसान करता है, बीच में AI का इस्तेमाल दक्षता और उत्पादकता बढ़ाने के लिए किया जाता है और आखिर में अंतिम फैसला फिर इंसान ही लेता है।
उन्होंने कहा, “हमारे न्यूजरूम में AI Sandwich मॉडल काम करता है। शुरुआत इंसान से होती है, बीच में AI काम को तेज और बेहतर बनाता है, लेकिन अंत में अंतिम मंजूरी इंसान ही देता है। अंतिम निर्णय हमेशा इंसानी हाथों में रहता है।”
कली पुरी ने यह भी कहा कि भारत केवल AI का बड़ा उपभोक्ता ही नहीं है, बल्कि बड़ी टेक कंपनियों द्वारा विकसित AI मॉडल्स के आधार पर नए और उपयोगी समाधान विकसित करने की भी मजबूत स्थिति में है।
‘AI के पास अंतरात्मा नहीं होती’
रूस के विदेश मंत्रालय के प्रेस विभाग की निदेशक मारिया जाखारोवा ने भी कली पुरी की बातों से सहमति जताई। उन्होंने कहा कि AI को इंसानों की मदद करने वाले उपकरण के रूप में ही देखा जाना चाहिए, न कि इंसानों की जगह लेने वाले विकल्प के रूप में। AI पर जरूरत से ज्यादा निर्भरता के खतरों की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि AI के पास अंतरात्मा नहीं होती।
उन्होंने कहा, “AI के पास अंतरात्मा नहीं है। अगर इंसानी विकास में अंतरात्मा और मानवीय मूल्यों का महत्व कम हो गया, तो इसके बहुत गंभीर परिणाम हो सकते हैं।”
डेटा सुरक्षा भी बड़ी चुनौती
इस सत्र में चाइना मीडिया ग्रुप के यूरेशियन ब्यूरो के निदेशक वांग बिन ने AI से जुड़ी डेटा सुरक्षा चिंताओं पर भी बात की। उन्होंने कहा कि कई AI टूल्स को काम करने के लिए सिस्टम तक व्यापक पहुंच की जरूरत होती है, जिससे साइबर सुरक्षा की चुनौतियां बढ़ जाती हैं।
वांग बिन के अनुसार, “दक्षता और साइबर सुरक्षा के बीच संतुलन बनाना आज एक बड़ी चुनौती है।” उन्होंने बताया कि चीन मीडिया क्षेत्र के लिए विशेष AI मॉडल विकसित करने पर काम कर रहा है और राष्ट्रीय AI इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है।
इंसानी निगरानी अभी भी जरूरी
SPIEF 2026 की इस चर्चा से एक बात साफ निकलकर सामने आई कि AI अब हमारे जीवन और कामकाज का स्थायी हिस्सा बन चुका है। हालांकि, तकनीक कितनी भी उन्नत क्यों न हो जाए, पत्रकारिता और मीडिया जैसे क्षेत्रों में इंसानी समझ, नैतिकता, विवेक और अंतिम निर्णय की भूमिका अभी भी उतनी ही महत्वपूर्ण बनी हुई है।
यहां देखें वीडियो:
फीफा वर्ल्ड कप 2026 को दुनिया के सबसे प्रभावशाली खेल आयोजनों में गिना जाता है। यह टूर्नामेंट वैश्विक स्तर पर करोड़ों दर्शकों को एक साथ जोड़ता है और ब्रांड्स को उच्च स्तर की सहभागिता प्रदान करता है।
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फीफा वर्ल्ड कप 2026 के शुरू होने में अब केवल कुछ ही दिन शेष हैं और इसी के साथ ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (ज़ी) को विज्ञापनदाताओं से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही है। दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित खेल आयोजनों में से एक माने जाने वाले इस टूर्नामेंट को लेकर विभिन्न श्रेणियों के ब्रांड्स ज़ी के साथ जुड़ने में गहरी रुचि दिखा रहे हैं।
48 टीमों, 104 मुकाबलों और 39 दिनों तक चलने वाले इस मेगा फुटबॉल टूर्नामेंट को लेकर उत्साह लगातार बढ़ रहा है। इसी को देखते हुए कई प्रमुख ब्रांड्स ज़ी के लीनियर और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर प्रीमियम स्पॉन्सरशिप अवसरों को सुरक्षित करने के लिए आगे आ रहे हैं। कंपनी द्वारा हाल ही में लॉन्च किए गए समर्पित स्पोर्ट्स नेटवर्क- यूनाइट8 स्पोर्ट्स 1, यूनाइट8 स्पोर्ट्स 1 एचडी, यूनाइट8 स्पोर्ट्स 2 और यूनाइट8 स्पोर्ट्स 2 एचडी ने भी विज्ञापनदाताओं के बीच खासा आकर्षण पैदा किया है।
कंपनी के अनुसार, यह कदम उसकी दीर्घकालिक खेल रणनीति को और मजबूत करता है तथा ब्रांड्स को व्यापक पहुंच और बेहतर दर्शक सहभागिता प्रदान करने में मदद करेगा। सिर्फ टेलीविज़न ही नहीं, बल्कि कंपनी के डिजिटल एंटरटेनमेंट प्लेटफॉर्म ज़ी5 पर भी विज्ञापनदाताओं की दिलचस्पी तेजी से बढ़ रही है। ज़ी5 की बढ़ती पहुंच और लक्षित एवं प्रभावशाली विज्ञापन समाधान उपलब्ध कराने की क्षमता इसे ब्रांड्स के लिए एक आकर्षक मंच बना रही है।
फीफा वर्ल्ड कप 2026 को दुनिया के सबसे प्रभावशाली खेल आयोजनों में गिना जाता है। यह टूर्नामेंट वैश्विक स्तर पर करोड़ों दर्शकों को एक साथ जोड़ता है और ब्रांड्स को उच्च स्तर की दृश्यता एवं सहभागिता का अवसर प्रदान करता है। टूर्नामेंट के नजदीक आते ही कंपनियां शुरुआती भागीदारी के महत्व को समझते हुए प्रीमियम विज्ञापन इन्वेंट्री और कस्टमाइज्ड पार्टनरशिप पैकेज बुक करने में जुट गई हैं।
ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (एडवर्टाइजमेंट रेवेन्यू) संदीप मेहरोत्रा ने कहा कि फीफा वर्ल्ड कप 2026 को लेकर विज्ञापनदाताओं की प्रतिक्रिया बेहद उत्साहजनक रही है। उन्होंने बताया कि कई प्रमुख ब्रांड्स पहले ही उन्नत स्तर की बातचीत में हैं और टूर्नामेंट से काफी पहले महत्वपूर्ण अवसरों को सुरक्षित करने की प्रक्रिया शुरू कर चुके हैं।
उन्होंने कहा कि ज़ी का ओम्नीचैनल दृष्टिकोण इस बार की सबसे बड़ी ताकत है। टेलीविज़न, डिजिटल, ओटीटी, सोशल मीडिया, इन्फ्लुएंसर्स और ऑन-ग्राउंड एक्टिवेशंस को एकीकृत कर ब्रांड्स को एक समग्र मंच उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे वे अपनी पहुंच, सहभागिता और प्रभाव को अधिकतम कर सकें।
ज़ी का मानना है कि फीफा वर्ल्ड कप 2026 ब्रांड्स को वैश्विक दर्शकों तक पहुंचने का एक अनूठा अवसर प्रदान करेगा और कंपनी अपने बहु-प्लेटफॉर्म इकोसिस्टम के जरिए प्रभावशाली विज्ञापन समाधान उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह तैयार है।
‘पीआईबी फैक्ट चेक’ (PIB Fact Check) ने RBI द्वारा 12 अरब डॉलर का सोना बेचने के दावे को फर्जी बताया है। RBI के अनुसार भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी लगातार बढ़ी है।
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‘ब्लूमबर्ग’ (Bloomberg) की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि ‘भारतीय रिजर्व बैंक’ (RBI) ने करीब 12 अरब डॉलर मूल्य का सोना बेचा है। अब इस दावे को ‘पीआईबी फैक्ट चेक’ (PIB Fact Check) ने पूरी तरह फर्जी बताया है। ‘पीआईबी’ (PIB) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि RBI के सोना बेचने का दावा गलत और भ्रामक है।
‘भारतीय रिजर्व बैंक’ (RBI) के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया गया कि भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है। सितंबर 2025 के अंत तक यह हिस्सेदारी 13.92% थी, जो 31 मार्च 2026 तक बढ़कर 16.70% हो गई। वहीं 22 मई 2026 तक यह आंकड़ा 16.85% पहुंच गया।
‘पीआईबी फैक्ट चेक’ (PIB Fact Check) ने यह भी कहा कि RBI अपने Monthly Bulletin में फिजिकल गोल्ड स्टॉक की जानकारी सार्वजनिक करता है और इसमें किसी बदलाव की पुष्टि नहीं हुई है। सरकार की तरफ से साफ किया गया है कि भारत के गोल्ड रिजर्व में किसी बड़ी बिक्री जैसी स्थिति नहीं है। ऐसे में सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्ट्स में किया जा रहा दावा पूरी तरह गलत है।
A news report published by @Bloomberg states that RBI may have sold gold amounting to approximately USD 12 billion.#PIBFactCheck
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) June 3, 2026
❌ This claim is FAKE
✔️ According to @RBI, the share of gold in India's foreign exchange reserves rose from 13.92% at end-September 2025 to 16.70%… pic.twitter.com/eVjxPxEv1i
'गूगल' (Google) ने प्रशांत पॉलोज़ को AI innovation prototyping lab ‘Envisioning Studio’ का Global Lead बनाया है। वह अब स्टूडियो की अंतरराष्ट्रीय रणनीति और विस्तार से जुड़े काम संभालेंगे।
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'गूगल' (Google) ने प्रशांत पॉलोज़ (Prashant Paulose) को नई जिम्मेदारी दी है। उन्हें कंपनी की AI innovation prototyping lab ‘Envisioning Studio’ का ग्लोबल लीड बनाया गया है। प्रशांत पॉलोज़ ने LinkedIn पोस्ट के जरिए अपनी नई भूमिका की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि ‘Envisioning Studio’ 'गूगल' (Google) के Technology and Society organisation के तहत काम करने वाली AI innovation prototyping lab है। यह technology, human creativity और social impact के बीच काम करती है।
उन्होंने कहा कि इस स्टूडियो का मकसद artists के साथ मिलकर AI tools तैयार करना है। अपनी नई भूमिका में वह स्टूडियो की international strategy और expansion efforts को आगे बढ़ाएंगे। प्रशांत पॉलोज़ के मुताबिक कंपनी filmmakers, artists, musicians, creative thinkers और educational institutions के साथ strategic collaborations पर फोकस करेगी। साथ ही यह समझने की कोशिश की जाएगी कि तकनीक का समाज और लोगों के लिए बेहतर इस्तेमाल कैसे हो सकता है।
प्रशांत पॉलोज़ के पास मीडिया, मनोरंजन और तकनीकी सेक्टर में दो दशक से ज्यादा का अनुभव है। इससे पहले वह 'गूगल' (Google) में Head of Apps, Google Play और Google TV India की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। 'गूगल' (Google) से पहले वह चार साल से ज्यादा समय तक 'एप्पल' (Apple) के साथ जुड़े रहे।
वहां उन्होंने भारत में Apple TV+ और Apple Channels के लॉन्च और विस्तार का नेतृत्व किया था। इसके अलावा वह Apple Music और iTunes business भी संभाल चुके हैं। उन्होंने अपने करियर में करीब नौ साल 'सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया' (Sony Pictures Networks India) में भी काम किया है।
मीडिया और एंटरटेनमेंट सेक्टर की प्रमुख कंपनी 'समभाव मीडिया लिमिटेड' के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) और वरिष्ठ प्रबंधन कर्मी संजय गौर ने कंपनी छोड़ दी है।
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Vikas Saxena
'ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड' (ZEEL) ने ‘यूनाइट8 स्पोर्ट्स’ (Unite8 Sports) ब्रांड के तहत अपने नए स्पोर्ट्स चैनल लॉन्च किए हैं। कंपनी FIFA World Cup 2026 के प्रसारण की भी तैयारी कर रही है।
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'ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड' (ZEEL) ने अपने नए linear sports broadcasting portfolio की आधिकारिक शुरुआत कर दी है। कंपनी ने ‘यूनाइट8 स्पोर्ट्स’ (Unite8 Sports) ब्रांड के तहत चार नए स्पोर्ट्स चैनल लॉन्च किए हैं।
सूचना और प्रसारण मंत्रालय से जरूरी मंजूरी मिलने के बाद ‘यूनाइट8 स्पोर्ट्स 1’ (Unite8 Sports 1), ‘यूनाइट8 स्पोर्ट्स 1 HD’ (Unite8 Sports 1 HD), ‘यूनाइट8 स्पोर्ट्स 2’ (Unite8 Sports 2) और ‘यूनाइट8 स्पोर्ट्स 2 HD’ (Unite8 Sports 2 HD) देशभर के 500 से ज्यादा cable और distribution platforms पर लाइव हो गए हैं।
ये चैनल अब 'डिश टीवी' (Dish TV), 'टाटा प्ले' (Tata Play), 'एयरटेल' (Airtel), 'सन डायरेक्ट' (Sun Direct), 'सिटी नेटवर्क्स' (Siti Networks) और कई अन्य DTH व cable operators पर उपलब्ध हैं।
कंपनी के मुताबिक चैनलों पर फुटबॉल, क्रिकेट, कबड्डी, बैडमिंटन, रेसलिंग, बॉक्सिंग और combat sports समेत कई खेलों का प्रसारण किया जाएगा। इसका मकसद देशभर के sports fans के लिए एक unified sports destination तैयार करना है। 'ज़ी एंटरटेनमेंट' (ZEEL) अब FIFA World Cup 2026 के exclusive broadcast की भी तैयारी कर रहा है। यह टूर्नामेंट 11 जून 2026 से शुरू होगा।
कंपनी का मानना है कि भारत में लाइव स्पोर्ट्स कंटेंट की बढ़ती मांग को देखते हुए ‘यूनाइट8 स्पोर्ट्स’ (Unite8 Sports) आने वाले समय में sports entertainment सेक्टर का बड़ा प्लेटफॉर्म बन सकता है।
पिक्चर्सहाउस मीडिया लिमिटेड (Picturehouse Media Limited) ने अपने मैनेजमेंट और कॉरपोरेट गवर्नेंस ढांचे में कई महत्वपूर्ण बदलावों को मंजूरी दी है।
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Vikas Saxena
पिक्चर्सहाउस मीडिया लिमिटेड (Picturehouse Media Limited) ने अपने मैनेजमेंट और कॉरपोरेट गवर्नेंस ढांचे में कई महत्वपूर्ण बदलावों को मंजूरी दी है। कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 29 मई 2026 को हुई बैठक में नए इंटरनल ऑडिटर की नियुक्ति, एक अतिरिक्त स्वतंत्र निदेशक (Independent Director) की नियुक्ति और विभिन्न बोर्ड समितियों के पुनर्गठन को मंजूरी दी।
कंपनी ने बताया कि बोर्ड ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए Phanindra & Associates को इंटरनल ऑडिटर नियुक्त किया है।
एक साल के लिए बने इंटरनल ऑडिटर
कंपनी के अनुसार, Phanindra & Associates, हैदराबाद स्थित चार्टर्ड अकाउंटेंट्स फर्म है और इसकी नियुक्ति एक वर्ष के लिए की गई है। यह नियुक्ति 29 मई 2026 से प्रभावी होगी और वित्त वर्ष 2026-27 तक लागू रहेगी।
कंपनी ने बताया कि इस फर्म को अकाउंटिंग, टैक्सेशन, बिजनेस सर्विसेज, एडवाइजरी और कंसल्टिंग सेवाओं के क्षेत्र में व्यापक अनुभव हासिल है।
दिलीप बाडे बने अतिरिक्त स्वतंत्र निदेशक
बोर्ड ने दिलीप बडे (Dileep Badey) को कंपनी का अतिरिक्त गैर-कार्यकारी स्वतंत्र निदेशक (Additional Non-Executive Independent Director) नियुक्त करने को भी मंजूरी दी है। उनकी नियुक्ति 29 मई 2026 से प्रभावी हो गई है। कंपनी ने बताया कि वह आगामी वार्षिक आम बैठक (AGM) तक इस पद पर बने रहेंगे।
दिलीप बडे के पास इंजीनियरिंग, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट और रियल एस्टेट डेवलपमेंट के क्षेत्र में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने सिविल इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री हासिल की है और NICMAR से एडवांस्ड कंस्ट्रक्शन मैनेजमेंट में पोस्ट ग्रेजुएट योग्यता प्राप्त की है।
बोर्ड समितियों का पुनर्गठन
नए स्वतंत्र निदेशक की नियुक्ति के बाद कंपनी ने 29 मई 2026 से विभिन्न बोर्ड समितियों का पुनर्गठन भी किया है।
ऑडिट कमेटी
ऑडिट कमेटी के चेयरमैन सुब्रमण्यम परमेश्वरम होंगे।
इसके अन्य सदस्यों में प्रसाद वीरा पोटलुरी और दिलीप बडे शामिल रहेंगे।
नॉमिनेशन एवं रेम्यूनरेशन कमेटी
इस समिति के चेयरमैन दिलीप बडे होंगे।
अन्य सदस्यों में सुब्रमण्यम परमेश्वरम और पूनामाली जयावेलु भवानी शामिल हैं।
स्टेकहोल्डर्स रिलेशनशिप कमेटी
स्टेकहोल्डर्स रिलेशनशिप कमेटी की अध्यक्षता भी दिलीप बडे करेंगे।
इस समिति में सुब्रमण्यम परमेश्वरम और पूनामाली जयावेलु भवानी सदस्य होंगे।
कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) कमेटी
CSR कमेटी के चेयरमैन सुब्रमण्यम परमेश्वरम बनाए गए हैं।
इस समिति में दिलीप बडे और पूनामाली जयावेलु भवानी सदस्य के रूप में शामिल रहेंगे।
कंपनी ने कहा कि ये सभी बदलाव 29 मई 2026 से प्रभावी हो गए हैं।