पत्रकारिता के चर्चित नाम रवि शर्मा ने तलाशी नई मंजिल

क्राइम रिपोर्टिंग की दुनिया का बड़ा चेहरा हैं रवि शर्मा

Last Modified:
Tuesday, 11 June, 2019
Ravi Sharma

क्राइम रिपोर्टंग की दुनिया के चर्चित चेहरे रवि शर्मा ने अब ‘न्यूज नेशन’ चैनल के साथ अपनी नई पारी की शुरुआत की है। यहां पर उन्हें एडिटर (क्राइम) की जिम्मेदारी सौंपी गई है। बताया जाता है कि रवि शर्मा जल्द ही चैनल के नए क्राइम शो पर नजर आएंगे। हालांकि अभी शो का नाम तय नहीं हुआ है।

न्यूज नेशन से पहले वे ‘इंडिया न्यूज’ में वे एडिटर (क्राइम) के तौर पर कार्यरत थे और बतौर एंकर ‘सलाखें’ नाम का क्राइम शो होस्ट करते थे। कभी ‘आजतक’ की टीम में रहे रवि शर्मा दीपक चौरसिया के ‘इंडिया न्यूज’ से जुड़ने के बाद ‘इंडिया न्यूज’ का ही हिस्सा हो गए थे। पिछले दिनों दीपक चौरसिया ने भी इंडिया न्यूज से इस्तीफा देकर न्यूज नेशन में बतौर कंसल्टेंट जॉइन कर लिया है। अब रवि शर्मा भी इसी चैनल का हिस्सा हो गए हैं।

रवि शर्मा को क्राइम की तमाम बड़ी खबरें एक्सपोज करने और कई स्पेशल क्राइम शोज के लिए जाना जाता है। क्राइम की ख़बरों पर पकड़ के साथ साथ लेखन और एंकरिंग ने भी मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें अलग पहचान दिलाई है।

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इंडियन एक्सप्रेस और एबीपी समूह में बड़ी जिम्मेदारी निभा चुके कनक घोष नहीं रहे

9.9 Group के फाउंडर डायरेक्टर कनक घोष को दिल का दौरा पड़ने के बाद बेंगलुरु के अस्पताल में कराया गया था भर्ती

Last Modified:
Monday, 14 October, 2019
Kanak Ghosh

‘9.9 समूह’ (9.9 Group) के फाउंडर-डायरेक्टर कनक घोष का सोमवार को निधन हो गया है। बताया जाता है कि कनक घोष को शुक्रवार को दिल का दौरा पड़ा था। इसके बाद उन्हें बेंगलुरु के मणिपाल अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां सोमवार की दोपहर करीब साढ़े तीन बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।

पूर्व में इंडियन एक्सप्रेस और एबीपी समूह जैसे संस्थानों में काम कर चुके कनक घोष पिछले कुछ सालों से अस्वस्थ चल रहे थे। कनक घोष बेंगलुरु में किसी काम से आए थे, जहां उन्हें दिल का दौरा पड़ गया।

कनक घोष ने कोलकाता की जादवपुर यूनिवर्सिटी (Jadavpur University) से केमिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी। करीब छह साल तक बतौर जनरल मैनेजर उन्होंने ‘इंडियन एक्सप्रेस’ में अपनी जिम्मेदारी संभाली थी। इसके बाद वह ‘इंडिया डॉट कॉम’ (india.com) से जुड़ गए थे और जनरल मैनेजर (ई-कॉमर्स) के पद पर करीब एक साल काम करने के बाद उन्होंने यहां से बाय बोलकर रिलायंस एनर्जी लिमिटेड में वाइस प्रेजिडेंट के पद पर जॉइन कर लिया था।

करीब पांच साल तक यहां अपनी जिम्मेदारी निभाने के बाद कनक घोष ने वाइस प्रेजिडेंट (सर्कुलेशन) के तौर पर ‘एबीपी समूह’ में नई पारी शुरू की थी। हालांकि इस संस्थान में उनका यह सफर करीब पौने दो साल ही चला और यहां से छोड़कर उन्होंने ‘9.9 Group’ की शुरुआत की थी।

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पत्रकार ने पूछा 1 सवाल, सरकार ने दिए 360 से ज्यादा जवाब

मध्य प्रदेश के पत्रकार जितेंद्र सुराना ने डाक विभाग को किया था ऑनलाइन आवेदन, मांगी थी विभाग की अचल संपत्तियों की आधिकारिक कीमत की जानकारी

Last Modified:
Monday, 14 October, 2019
RTI

‘सूचना का अधिकार’ (RTI)  के तहत डाक विभाग से एक जानकारी मांगना मध्य प्रदेश के एक सामाजिक कार्यकर्ता और पत्रकार के लिए काफी मुसीबत का सबब बन गया है। पत्रकार की परेशानी यह है कि मांगे गए एक सवाल के जवाब में विभाग की ओर से अब तक 360 से ज्यादा जवाब मिल चुके हैं।

पत्रकार ने इसे विभाग का गैरजिम्मेदाराना रवैया बताया है। इसके साथ ही कहा है कि जब ऑनलाइन जानकारी मांगी गई तो डाक के द्वारा जवाब क्यों दिए जा रहे हैं? मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सात अगस्त को पत्रकार जितेंद्र सुराना ने आरटीआई के तहत डाक विभाग को ऑनलाइन आवेदन दिया था। इसमें उन्होंने विभाग की अचल संपत्तियों की आधिकारिक कीमत की जानकारी मांगी थी।

बताया जाता है कि सुराना के आवेदन पर विभाग ने इस संबंध में चीफ पोस्टमास्टर जनरल और प्रदेश के सभी पोस्टमास्टर जनरल से जानकारी मांगी। आवेदन करने के कुछ दिनों के बाद से ही सुराना को जवाब भेजे जाने लगे।

सुराना का कहना है कि डाक विभाग की ओर से 13 अगस्त को उनके पास पहला जवाब आया। इसके बाद तो तकरीबन रोजाना पत्र आने शुरू हो गए। सुराना का यह भी कहना है कि हर दिन औसतन 10 पत्र उन्हें मिले हैं। अब तक इन जवाबों की संख्या 360 तक पहुंच चुकी है।

सुराना के अनुसार, डाक विभाग के सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे मांगी गई जानकारी का जवाब अपने वरिष्ठ पदाधिकारियों को दें। उसके बाद विभाग समेकित जवाब आवेदक को उपलब्ध कराए। अलग-अलग अधिकारियों द्वारा सभी जवाब भेजना गलत है।

इसके साथ ही जितेंद्र सुराना ने इस बात पर भी रोष जताया है कि अभी तक प्रदेश के सिर्फ 25 से 30 जिलों के डिविजनल कार्यालयों से ही डाक विभाग की अचल संपत्ति की जानकारी दी गई है। इसमें भी आधी-अधूरी जानकारी ही है।

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पत्रकार पर लगा रेप का आरोप, दर्ज हुई FIR

युवती की शिकायत पर पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कर आरोपित की तलाश शुरू की

Last Modified:
Monday, 14 October, 2019
FIR

युवती को नशीला पदार्थ पिलाकर बलात्कार करने और घटना का विडियो बनाकर ब्लैकमेल करने के आरोप में टीवी चैनल के पत्रकार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। मामला राजस्थान के जोधपुर का है। पीड़िता ने इस मामले में जोधपुर के महामंदिर थाने में पत्रकार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

अपनी रिपोर्ट में युवती का आरोप है कि निजी टीवी चैनल के पत्रकार मनोहर सिंह ने उसकी सहेली के जरिए अपने घर बुलाया और वहां कुछ नशीला पदार्थ पिला दिया। युवती का यह भी आरोप है कि बेहोश होने पर मनोहर ने उसके साथ बलात्कार किया और उसका अश्लील विडियो भी बना लिया।   

युवती के अनुसार, मनोहर ने इस विडियो का हवाला देते हुए उसे बदनाम करने की धमकी दी और खबर नहीं चलाने की एवज में पांच लाख रुपए की मांग की, जिस पर उसने रिपोर्ट दर्ज करा दी। बताया जाता है कि रिपोर्ट दर्ज होने की जानकारी मिलते ही मनोहर घर से गायब हो गया है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है।

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इस विवाद में पत्रकार पर चढ़ा दी गाड़ी, मुश्किल से बची जान

घटना के दौरान अपने घर से कहीं जा रहे थे पीड़ित पत्रकार, आरोपित की तलाश में पुलिस कर रही छापेमारी

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Saturday, 12 October, 2019
Last Modified:
Saturday, 12 October, 2019
Attack on Journalist

पत्रकारों पर आए दिन हो रहे हमलों की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। ऐसे ही एक मामले में बिहार के बेगूसराय में कुछ बदमाशों ने एक पत्रकार को गाड़ी से कुचलकर उसकी जान लेने का प्रयास किया।

बताया जाता है कि एक दैनिक अखबार के पत्रकार अजय शास्त्री गुरुवार को अपने घर नीमा चांदपुरा से बेगूसराय आ रहे थे। इसी दौरान मुफस्सिल थाना क्षेत्र के नीमा चांदपुरा रोड पर सामने से आ रही बोलेरो गाड़ी ने जानबूझकर उन्हें टक्कर मार दी।

गाड़ी की टक्कर लगने से अजय शास्त्री बुरी तरह से घायल हो गए और उनका एक पैर टूट गया। स्थानीय लोगों द्वारा आनन-फानन में अजय शास्त्री को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं, पुलिस इस घटना को जमीन के विवाद से जुड़ा बता रही है।

पुलिस के अनुसार, अजय शास्त्री और उन्हीं के रिश्ते में लगने वाले चाचा मुसुक सिंह के बीच वर्षों से जमीन को लेकर विवाद चला आ रहा है। इसे लेकर दोनों के बीच कई बार हाथापाई और तू तू, मैं मैं भी हो चुकी है।

गुरुवार को जब अजय शास्त्री अपने घर से आ रहे थे तो मुसुक सिंह ने उन्हें जान से मारने का प्रयास किया। पुलिस ने मामला दर्ज कर फरार आरोपित मुसुक सिंह की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी है। बता दें कि आरोपित द्वारा अजय शास्त्री पर पूर्व में भी जानलेवा हमला किया गया था।

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इस वजह से की गई थी पत्रकार की हत्या, जांच में हुआ खुलासा

वारदात के दौरान मोटरसाइकिल से रोजाना की तरह एक विद्यालय में पढ़ाने जा रहे थे पत्रकार, पुलिस ने एक आरोपित को किया गिरफ्तार

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Thursday, 10 October, 2019
Last Modified:
Thursday, 10 October, 2019
Radhey Shyam Sharma

उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में बदमाशों द्वारा एक पत्रकार की गला रेतकर हत्या के मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने नामजद दो आरोपितों में से एक को गिरफ्तार कर लिया है जबकि दूसरे आरोपित की तलाश में जगह-जगह दबिश दे रही है।  

बताया जाता है कि 55 वर्षीय राधे श्याम शर्मा गोरखपुर से पब्लिश होने वाले एक हिंदी अखबार में काम करते थे। राधे श्याम शर्मा हाटा क्षेत्र में गांव सिकटिया के टोला बनटोलवा के रहने वाले थे। वह अपने गांव के पास सोहसा पट्टी गौसी स्थित अंजुमन बालिका इंटर कालेज में पढ़ाते भी थे। गुरुवार की सुबह रोजाना की तरह करीब आठ बजे वह अपनी मोटरसाइकिल से पढ़ाने ही जा रहे थे।

इसी बीच दुबोली गांव के पास रास्ते में कुछ अज्ञात बदमाशों ने राधे श्याम शर्मा को रोक लिया और गला रेत दिया। शोर सुनकर अगल-बगल के खेतों में काम करने वाले लोग मौके पर पहुंचे, मगर तब तक बदमाश फरार हो गए।

पुलिस ने राधे श्याम शर्मा के बेटे अजय शर्मा की तहरीर पर गांव के ही तेज प्रताप सिंह और रामगोपाल सिंह के खिलाफ कई धाराओं में केस दर्ज किया था। पुलिस ने इस मामले में रामगोपाल सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। दूसरे आरोपित के घर से डाग स्क्वॉड की निशानदेही पर खून से सने कपड़े बरामद हुए हैं। जांच में हत्या की वजह राधेश्याम का अपने पड़ोसियों से लंबे समय से पारिवारिक एवं जमीनी रंजिश होना सामने आया है।

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पत्रकारिता में आ रहे बदलावों और नये माध्यमों की चुनौती पर इस कार्यक्रम में होगी चर्चा

स्टेट प्रेस क्लब, मध्य प्रदेश के तत्वावधान में अगले महीने होगा तीन दिवसीय आयोजन, मुख्य सचिव ने किया कार्यक्रम के लोगो का विमोचन

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Thursday, 10 October, 2019
Last Modified:
Thursday, 10 October, 2019
Logo Launching

स्टेट प्रेस क्लब, मध्य प्रदेश के तत्वावधान में नवंबर में होने वाले ’भारतीय पत्रकारिता महोत्सव’ के लोगो का विमोचन ब्रिलियंट कन्वेशन सेंटर में मुख्य सचिव एस.आर. मोहंती ने किया। 15, 16 एवं 17 नवंबर को होने वाले इस तीन दिवसीय आयोजन में देश भर के 150 से अधिक प्रख्यात पत्रकार और संपादक सम्मिलित होंगे।

इस वर्ष यह आयोजन पत्रकारिता के क्षेत्र में आ रहे बड़े बदलावों और नये माध्यमों की चुनौती पर केंद्रित होकर मुख्यरूप से ‘पारंपरिक मीडिया बनाम नया मीडिया‘ की थीम पर आधारित रहेगा। इस दौरान विचार-विमर्श के सत्रों के साथ कई विशिष्ट आयोजन भी होंगे।

इस अवसर पर स्टेट प्रेस क्लब के अध्यक्ष प्रवीण खारीवाल, मनोज सिंह राजपूत, राजेश ज्वेल, राजेश राठौड़, गणेश एस.चौधरी, संजय रोकड़े, कमल कस्तूरी, आकाश चौकसे, रवि चावला, डॉ.अर्पण जैन, केके झा, नीलेश जैन, अंकित धुलधुए, अनिल चौधरी, गोपाल कोडवानी आदि उपस्थित थे।

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लेडी जर्नलिस्ट का पर्स छोड़ फोन ही क्यों हुआ चोरी

महिला प्रेस क्लब के अलावा पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रहने वाली पत्रकार ने सोशल मीडिया पर बयां की सारी घटना, दर्ज कराई ई-एफआईआर

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Thursday, 10 October, 2019
Last Modified:
Thursday, 10 October, 2019
Journalist

मॉर्निंग वॉक के लिए निकली महिला पत्रकार की गाड़ी का शीशा तोड़कर मोबाइल फोन चुराने का मामला सामने आया है। खास बात यह है कि चोरों ने सिर्फ मोबाइल पर हाथ साफ किया, जबकि कार में बैग और अन्य सामान ज्यों का त्यों रखा था। 

एक दौर में ‘आजतक’ की स्क्रीन पर छाई रहने वालीं पत्रकार रविन्दर बावा दशहरे के दिन दिल्ली के पूसा इंस्टीट्यूट में मॉर्निंग वॉक के लिए गई थीं। गेट के पास अपनी कार पार्क करके वो अपना फोन और पर्स डैशबोर्ड पर छोड़ गई थीं। जब वो लौटीं तो उनकी कार का साइड विंडो ग्लास टूटा मिला और फोन गायब था, लेकिन पर्स और बाकी की चीजें वहीं रखी थीं। इसके बाद उन्होंने ई-एफआईआर की और इंदरपुरी थाने में भी गईं।

महिला प्रेस क्लब के अलावा पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर भी सक्रिय रविन्दर बावा ने इस घटना को लेकर ट्वीट किया और उसमें दिल्ली पुलिस को भी टैग करते हुआ लिखा, ‘बुराई पर अच्छाई की जीत वाले दिन की यह कैसी शुरुआत है, जिसमें मॉर्निंग वॉक पर जाने के दौरान आपका मोबाइल चोरी हो जाता है। आसपास के लोगों ने बताया कि पूसा गेट के पास मॉर्निंग वॉक के लिए आने वालों को इस तरह की परेशानी का सामना करना पड़ता है। क्या दिल्ली में कोई सुरक्षित है?’

इस ट्वीट के बाद लोगों को लगा कि उनका फोन छीन लिया गया है तो उन्होंने दूसरा ट्वीट करके लोगों की गलतफहमी दूर की, 'मेरा फोन छीना नहीं गया है, बल्कि कार का शीशा तोड़कर डैशबोर्ड से चुराया गया है। नंबर अभी एक्टिवेट है, लेकिन फोन नहीं मिला है।‘

सवाल ये उठता है कि आखिर किसी को पैसे से ज्यादा फोन की जरूरत क्या थी, आमतौर पर जर्नलिस्ट के फोन में काफी बड़े-बड़े लोगों को कॉन्टेक्ट नंबर होते हैं, ये भी हो सकता है कि चोर को पर्स दिखा ही न हो और जल्दी में वो फोन उठाकर चल दिया हो।

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इंडियन एक्सप्रेस की 100 प्रभावशाली शख्सियतों की लिस्ट में शामिल हुए ये पूर्व संपादक

अखबार द्वार हर साल ऐसी सूची तैयार की जाती है, जिसमें विभिन्न मानदंडों के आधार पर देश की ताकतवर शख्सियतों को शामिल किया जाता है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Thursday, 10 October, 2019
Last Modified:
Thursday, 10 October, 2019
Indian Express

पत्रकारिता से राजनीति में आए हरिवंश नारायण सिंह को इंडियन एक्सप्रेस ने देश के 100 असरदार लोगों की सूची में शामिल किया है। अखबार द्वारा हर साल ऐसी सूची तैयार की जाती है, जिसमें विभिन्न मानदंडों के आधार पर देश की ताकतवर शख्सियतों को शामिल किया जाता है। पत्रकारिता में अपना लोहा मनवाने के बाद हरिवंश नारायण सिंह राजनीति में भी सफलता के नए आयाम स्थापित कर चुके हैं। वह जदयू सांसद हैं और फिलहाल राज्यसभा में उपसभापति की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

सभापति की गैरमौजूदगी में जिस तरह वह सदन का कामकाज संभालते हैं, वह काबिले तारीफ है। इंडियन एक्सप्रेस ने भी उनकी इसी काबिलियत को प्रमुख आधार मानते हुए उन्हें 100 असरदार भारतीयों की सूची में शामिल किया है। इसके साथ ही अखबार ने चौथी दक्षिण एशिया स्पीकर समिट में हरिवंश नारायण सिंह के भाषण को उनका ‘पावर पंच’ बताया है। मालदीव में हुई इस समिट में हरिवंश नारायण ने पाकिस्तान के उपसभापति कासिम सूरी के कश्मीर को मुद्दा बनाने के सभी प्रयासों को विफल कर दिया था।

इंडियन एक्सप्रेस की सूची में हरिवंश नारायण सिंह 60वें स्थान पर हैं, जबकि पहले पर प्रधानमंत्री मोदी और दूसरे पर गृहमंत्री अमित शाह हैं। हरिवंश नारायण को पहली बार इस सूची में शामिल किया गया है। उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में 1956 में जन्मे हरिवंश नारायण ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में एमए और पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है।

उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत 1977 में टाइम्स ऑफ इंडिया से की। अक्टूबर 1989 तक उन्होंने ‘रविवार’ पत्रिका में सहायक संपादक की भूमिका निभाई। इसके बाद उन्होंने फिर से टाइम्स ऑफ इंडिया का रुख किया और समूह की सबसे लोकप्रिय साप्ताहिक पत्रिका ‘धर्मयुग’ के साथ जुड़े। वह मुंबई से पत्रिका का कामकाज देखते थे।

टाइम्स ऑफ इंडिया को अलविदा कहने के साथ ही हरिवंश नारायण ने कोलकता के आनंद बाजार पत्रिका समूह के साप्ताहिक ‘रविवार’ में नई पारी शुरू की। इसके अलावा 1990 से जनवरी 2017 तक वह प्रभात खबर के प्रधान संपादक भी रहे। पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के कार्यकाल के दौरान हरिवंश नारायण सिंह ने 1990-91 में प्रधानमंत्री कार्यालय में सहायक सूचना सलाहकार (संयुक्त सचिव) के पद पर भी अपनी सेवाएं दी थीं।

पत्रकार होने के नाते हरिवंश नारायण सिंह को लिखने और पढ़ने का काफी शौक है। वह अब तक कई पुस्तकें लिख और संपादित कर चुके हैं। उनमें से कुछ हैं: झारखंडः समय और सवाल, झारखंडः सपने और यथार्थ, झारखंडः अस्मिता के आयाम, झारखंडः सुशासन अब भी संभावना है, जोहार झारखंड, संताल हूल, झारखंडः दिसुम मुक्तिगाथा और सृजन के सपने, बिहारनामा, बिहारःरास्ते की तलाश, बिहारः अस्मिता के आयाम, जनसरोकार की पत्रकारिता, शब्द संसार,  दिल से मैंने दुनिया देखी, चंद्रशेखर के विचार, चंद्रशेखर संवाद एक-उथल-पुथल और ध्रुवीकरण, चंद्रशेखर संवाद दो-रचनात्मक बेचैनी में, चंद्रशेखर संवाद तीन-एक दूसरे शिखर से, चंद्रशेखर के बारे में और मेरी जेल डायरीः चंद्रशेखर, ‘चंद्रशेखर : द लास्ट आइकन ऑफ आइडियोलॉजिकल पॉलिटिक्स’। 

समाचार4मीडिया की ओर से हरिवंश नारायण सिंह को इस नई उपलब्धि के लिए बहुत-बहुत बधाई।

इंडियन एक्सप्रेस की इस पूरी लिस्ट के लिए आप IE100: The list of most powerful Indians in 2019 पर क्लिक कर सकते हैं।

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क्या इन इंटरव्यूज के चलते हुई रवि प्रकाश की गिरफ्तारी?

हैदराबाद पुलिस ने धोखाधड़ी के आरोपों में टीवी9 के पूर्व सीईओ रवि प्रकाश को पांच अक्टूबर को उनके घर से किया है गिरफ्तार

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Thursday, 10 October, 2019
Last Modified:
Thursday, 10 October, 2019
Ravi Prakash Journalist

वरिष्ठ टीवी पत्रकार और ‘टीवी9’ (TV9) के पूर्व सीईओ रवि प्रकाश की गिरफ्तारी का ‘कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट्स’ (सीपीजे) ने विरोध किया है। सीपीजे का कहना है कि तेलंगाना सरकार को तेलुगू न्यूज वेबसाइट ‘Tolivelugu’ के फाउंडर रवि प्रकाश को तुरंत रिहा करना चाहिए। इसके साथ ही यह सुनिश्चित करना चाहिए कि रवि प्रकाश को उनके काम के कारण किसी तरह से परेशान न किया जाए।

बता दें कि हैदराबाद पुलिस ने पांच अक्टूबर को रवि प्रकाश को उनके घर से गिरफ्तार किया था। रवि प्रकाश पर टीवी9 के सीईओ पद पर रहते हुए फ्रॉड करने का आरोप है। सीपीजे की वेबसाइट के अनुसार, ‘रवि प्रकाश के दो सहयोगियों का कहना है कि रवि प्रकाश की गिरफ्तारी इसलिए हुई है, क्योंकि उन्होंने अपने न्यूज पोर्टल से ऐसे दो इंटरव्यू को हटाने से इनकार कर दिया था, जिनमें तेलंगाना के चीफ मिनिस्टर और एक बड़े उद्योगपति के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप हैं।      

वॉशिंगटन डीसी में सीपीजे के एशिया प्रोग्राम को-ऑर्डिनेटर स्टीवन बटलर (Steven Butler) का कहना है, ‘रवि प्रकाश को अपने न्यूज पोर्टल पर की गई महत्वपूर्ण कवरेज के कारण बदले की कार्रवाई के तहत परेशान किया जा रहा है। तेलंगाना के अधिकारियों को रवि प्रकाश को तुरंत रिहा करना चाहिए।’

सीपीजे की वेबसाइट के अनुसार, ‘Tolivelugu’ के रिपोर्टर रघु गांजी (Raghu Ganji) ने बताया कि 30 सितंबर को इस न्यूज वेबसाइट ने अपने यूट्यूब चैनल पर दो इंटरव्यू चलाए थे। इनमें राज्य सरकार द्वारा संचालित ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन के 50 हजार कर्मचारियों की हड़ताल का मुद्दा उठाया गया था, जो वेतन वृद्धि की मांग करने के साथ ही पब्लिक ट्रांसपोर्ट के निजीकरण पर रोक लगाने की मांग कर रहे थे।

इनमें से एक इंटरव्यू में ट्रांसपोर्ट यूनियन के नेता ई. अश्वथामा रेड्डी (E. Aswathama Reddy) ने मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव और उद्योगपति पीवी कृष्णा रेड्डी पर तमाम आरोप लगाए थे। वहीं, दूसरे इंटरव्यू में कांग्रेस पार्टी के नेता मल्लू भाटी विक्रमार्का ने भी एक प्रोजेक्ट में मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव और उद्योगपति पीवी कृष्णा रेड्डी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे।  

रिपोर्ट्स के अनुसार, इन दोनों इंटरव्यू को वेबसाइट से हटाने के लिए दबाव डाला जा रहा था, लेकिन रवि प्रकाश ने ऐसा करने से इनकार कर दिया। आरोप है कि इसी का बदला लेने के लिए रवि प्रकाश के खिलाफ गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई है।

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जानें, इस पत्रकार की 'माचिस' किस तरह लगा रही नेताओं के मन में आग

करीब दो दशक तक प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में सेवाएं दे चुके ये पत्रकार सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर अपने तीखे कटाक्ष के लिए प्रसिद्ध हैं

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Wednesday, 09 October, 2019
Last Modified:
Wednesday, 09 October, 2019
Reporter

तेलंगाना की सियासत में आजकल एक पत्रकार का नाम काफी चर्चा में है। हालांकि, इसकी वजह पत्रकारिता नहीं, बल्कि सियासत ही है। दरअसल, 36 वर्षीय नवीन कुमार जिन्हें अब तीनमार मल्लाना (Teenmar Mallanna) के नाम से जाना जाता है हुजूरनगर के उपचुनाव में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। यहां उनका सामना सत्तारूढ़ टीआरएस के साथ-साथ विपक्षी कांग्रेस के दिग्गज नेताओं से हैं।

मल्लाना का चुनाव चिन्ह ‘माचिस’ है और इस माचिस ने फिलहाल नेताओं के मन में आग लगा रखी है। उन्हें कहीं न कहीं यह डर सता रहा है कि मल्लाना की लोकप्रियता उन्हें जीत का स्वाद चखा सकती है। करीब दो दशक तक प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में सेवाएं दे चुके नवीन कुमार सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर अपने तीखे कटाक्ष के लिए प्रसिद्ध हैं। 

मल्लाना ने उस्मानिया विश्वविद्यालय से एमए (पॉलिटिकल साइंस) और मास्टर्स ऑफ कम्युनिकेशंस एंड जर्नलिज्म (MCJ) किया है। उन्होंने जवाहरलाल नेहरू टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (JNTU) से एमबीए की पढ़ाई की है।

पत्रकारिता से राजनीति में आने के बारे में वह कहते हैं, ‘पिछले कुछ महीनों से मैंने अपने यूट्यूब चैनल और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर राज्य में अवैध रूप से भूमि हड़पने के कई मामलों को उजागर किया है। एक पत्रकार के रूप में यह मेरी जिम्मेदारी है कि मैं सत्ता के काले चेहरों को जनता के समक्ष प्रस्तुत करूं, उसके बाद आगे क्या करना है, यह सिविल सोसायटी और विपक्षी नेताओं पर निर्भर करता है। लेकिन दुर्भाग्यवश विपक्षी दल मुख्यरूप से कांग्रेस ने इसमें रुचि नहीं दिखाई और सिविल सोसायटी की भी अपनी कमजोरियां हैं। यह सब देखकर मुझे लगा कि मेरे लिए राजनीतिक संग्राम में कूदने का यह बिलकुल सही समय है।‘

मल्लान्ना ने कई नेताओं पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाये हैं। उनका कहना है, ‘मेरे पास कई दस्तावेज़ हैं, जिनसे पता चलता है कि सरकार के 76 विधायकों के साथ-साथ कुछ रसूखदार भ्रष्ट हैं। मैंने जनता के सामने अपनी बात रख दी है, अब वो क्या फैसला लेती है ये देखना है।’

पहले मल्लान्ना खबरों की तलाश में निकला करते थे और अब मतदाताओं से मिलने के लिए उनके बीच पहुंच रहे हैं। हुजूरनगर सीट पर उनका मुकाबला टीआरएस की सईदी रेड्डी और कांग्रेस की पद्मावती रेड्डी से है। चुनावी नतीजा चाहे जो भी हो, लेकिन फिलहाल तो सभी पार्टियों के नेताओं की बेचैनी की वजह सिर्फ और सिर्फ मल्लाना हैं।

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