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गांधी और नेहरू के बीच समलैंगिक संबन्धों पर राजदीप ने किया ये ट्वीट
लोकसभा चुनाव में शुरू हुई गांधी-नेहरू की चर्चा को अब बुद्धिजीवी आगे बढ़ाने में जुटे हैं
समाचार4मीडिया ब्यूरो 6 years ago
लोकसभा चुनाव में गांधी-नेहरू का जमकर जिक्र हुआ। जितना वर्तमान मुद्दों पर बात नहीं हुई, उससे कहीं ज्यादा इस पर चर्चा हुई कि महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू ने देश के लिए कुछ किया था या नहीं? अब चुनाव ख़त्म हो गए हैं तो नेता भी शांत हो गए हों, लेकिन गांधी-नेहरू की चर्चा बदस्तूर जारी है। इस चर्चा को अब बुद्धिजीवी आगे बढ़ाने में जुटे हैं।
हालांकि, इतना ज़रूर है कि इस चर्चा का स्तर नेताओं की चर्चा से भी नीचे चला गया है। लेखिका और सामाजिक कार्यकर्ता मधु किश्वर के इससे जुड़े एक ट्वीट पर वरिष्ठ पत्रकार और इंडिया टुडे के कंसल्टिंग एडिटर राजदीप सरदेसाई सहित कई लोगों ने आपत्ति जताई है। किश्वर ने गांधी और नेहरू के लिए ऐसे शब्दों का प्रयोग किया है, जिसे इस्तेमाल करने में शायद नेता भी कतराते।
दरअसल, इस विवाद की शुरुआत इतिहासकार रामचंद्र गुहा के एक ट्वीट से हुई। हालांकि, उन्होंने विवाद को जन्म नहीं दिया, बल्कि उनके लेख को आधार बनाते हुए नेहरू-गांधी पर निशाना साधा गया। गुहा ने सोशल मीडिया पर अपने एक लेख का लिंक पोस्ट किया, जो नाथूराम गोडसे के बारे में है। इसके बाद उन्होंने लिखा कि मुझे HT में अपने कॉलम के संबंध में विदेश से एक टिप्पणी मिली, जिसमें पूछा गया कि ‘भारत में गांधी से नफरत’ क्या ये फर्जी है या न्यूज़, आप बता सकते हैं? मैंने जवाब दिया, ‘ये सही है, क्योंकि यह अब गांधी का भारत नहीं है।’ इस पर अर्थशास्त्री रूपा सुब्रमण्या ने लिखा, ‘लेखक द्वारा गांधी पर लिखी गई किताब को 2011 में गुजरात सरकार ने बैन कर दिया था, किताब में गांधी को समलैंगिक बताया गया था। बैन का समर्थन करने वाले हिंदू राष्ट्रवादियों को अब अपने फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए।’
रूपा की बात को और आगे बढ़ाते हुए लेखिका मधु किश्वर भी इस वैचारिक द्वंद्व में शामिल हो गईं। उन्होंने लिखा, ‘गांधी पर नेहरू के असाधारण नियंत्रण को दोनों के बीच समलैंगिक संबंध के रूप में बयां किया जा सकता है। मैंने अपने एक दक्षिण भारतीय दोस्त, जिसके फैमिली होम में नेहरू और गांधी एक रात रुके थे, से सुना था कि दोनों ने एक ही बिस्तर शेयर किया था। समलैंगिक होने में कोई बुराई नहीं है, लेकिन नेहरू के समर्थन के लिए पटेल को किनारे करना अस्वीकार्य है।’
मधु किश्वर के यह शब्द राजदीप सरदेसाई को बिल्कुल भी पसंद नहीं आये। उन्होंने मधु के ट्वीट के जवाब में लिखा, ‘यह राइट विंग चीयरलीडर्स का नेतृत्व कर रही हैं और सरकारी विभाग में शैक्षणिक पद पर आसीन हैं। यह कितने शर्म की बात है।’ राजदीप की तरह ही न्यूज़ 18 की पत्रकार पल्लवी घोष ने भी कुश्वर पर निशाना साधा। उन्होंने ट्वीट किया, ‘In one stroke : u demeaned courtesy .. disgusting ...
This person is a leading light of RW cheerleaders and has a senior academic position in Govt body. How shameless can it get? https://t.co/UY0NX9Z0mr
— Rajdeep Sardesai (@sardesairajdeep) June 2, 2019
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