होम / इंडस्ट्री ब्रीफिंग / इस वजह से ट्रोलर्स के निशाने पर आए वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई
इस वजह से ट्रोलर्स के निशाने पर आए वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई
जेएनयू हिंसा पर खुलासे को लेकर जहां ‘इंडिया टुडे’ की तारीफ की जा रही है, वहीं उसके पत्रकारों को सोशल मीडिया पर लगातार निशाना भी बनाया जा रहा है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 6 years ago
जेएनयू हिंसा पर खुलासे को लेकर जहां ‘इंडिया टुडे’ की तारीफ की जा रही है, वहीं उसके पत्रकारों को सोशल मीडिया पर लगातार निशाना भी बनाया जा रहा है। स्टिंग ऑपरेशन में अहम भूमिका निभाने वाले जमशेद खान और नितिन जैन के बाद अब चैनल के कंसल्टिंग एडिटर राजदीप सरदेसाई पर शाब्दिक हमले हो रहे हैं।
सरदेसाई से जुड़े एक पुराने मामले को सामने लाकर यह दर्शाने का प्रयास किया जा रहा है कि ‘इंडिया टुडे’ के पत्रकारों को ‘गलत और झूठी’ खबरों के प्रसारण की आदत है। हालांकि, राजदीप ने इस तरह के हमलों का अब तक कोई जवाब नहीं दिया है। वैसे, ट्रोल आर्मी को सबसे बेहतर जवाब कुछ न कहना ही रहता है। ट्रोल करने वालों में भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय भी शामिल हैं।
एक अन्य वेबसाइट पर भी सरदेसाई के खिलाफ खबर चलाई जा रही है। खबर की शुरुआत में ‘इंडिया टुडे’ समूह को निशाने पर लिया गया है, फिर राजदीप सरदेसाई पर जमकर तीर दागे गए हैं। दरअसल, मामला 2007 में सोहराबुद्दीन शेख मुठभेड़ कांड से जुड़ा है। उस वक्त राजदीप सरदेसाई CNN-IBN के एडिटर-इन-चीफ हुआ करते थे। उनके चैनल ने आईपीएस अधिकारी राजीव त्रिवेदी पर मुठभेड़ की घटनाओं में प्रमुख भूमिका निभाने का आरोप लगाया था, जिससे नाराज त्रिवेदी अदालत चले गए थे।
पिछले साल नवंबर में राजदीप सरदेसाई ने इस मामले में गलती स्वीकार करते हुए अदालत में एफिडेविट दायर करके माफी मांगी, जिसके बाद उनके खिलाफ चल रहा मानहानि का मुकदमा खत्म हो गया। सोशल मीडिया पर सरदेसाई का यही माफीनामा वायरल करके उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।
"I realise... it was false news".
— Amit Malviya (@amitmalviya) January 12, 2020
This realisation came after a legal case was slapped and one didn't have an option but to apologise... But back then it was part of a massive propaganda to make the terrorist Sohrabuddin look like a victim... #FakeNews https://t.co/9t69FdRRkD
अमित मालवीय ने सरदेसाई का जिक्र करते हुए अपने ट्वीट में लिखा है ‘राजदीप सरदेसाई को गलती का अहसास तब हुआ जब उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया, क्योंकि उस स्थिति में उनके पास माफी मांगने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं था। लेकिन वे सोहराबुद्दीन शेख को पीड़ित साबित करने वाले प्रोपगेंडा का हिस्सा थे।’ मालवीय की तरह कई अन्य सोशल मीडिया यूजर्स ने भी सरदेसाई की पत्रकारिता पर सवाल उठाए हैं। साथ ही उनके माफीनामा को भी वायरल किया जा रहा है, जिसे आप यहां देख सकते हैं। हालांकि समाचार4मीडिया इस वायरल किए जा रहे माफीनामे की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।
आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक,ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)
टैग्स ट्रोल ट्विटर राजदीप सरदेसाई माफीनामा