अमर उजाला देहरादून के संपादक हरिश्चंद्र सिंह को मिली अब इस यूनिट की कमान

संपादक के साथ जनरल मैनेजर की जिम्मेदारी भी संभालेंगे हरिश्चंद्र सिंह

Last Modified:
Tuesday, 28 May, 2019
Harish Chandra

हिंदी अखबार अमर उजाला में बड़े स्तर पर संपादकों के तबादले हुए हैं। बताया जाता है कि इनके तहत अमर उजाला में  देहरादून के संपादक हरिश्चंद्र सिंह को अब गोरखपुर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा उनके पास जनरल मैनेजर की भी जिम्मेदारी होगी। हरिश्चंद्र सिंह 35 बरस की उम्र में मीडिया में आए थे। अपने करियर के शुरुआती दिनों में वे इलाहाबाद में पंजाब केसरी के लिए स्टोरी लिखते थे। मात्र सात साल बाद ही वे दैनिक भास्कर, उदयपुर के संपादक बन गए।

अंग्रेजी अखबार डीएनए के जयपुर संस्करण की जब लॉन्चिंग हुई थी तो हरिश्चंद्र सिंह भी उस टीम में शामिल थे। अमर उजाला, कानपुर में संपादक के तौर पर काफी समय काम करने के बाद प्रबंधन ने उन्हें देहरादून भेज दिया था, जहां से उन्हें अब गोरखपुर का संपादक बनाया गया है।

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जानें, IMPACT Person of the Year के नॉमिनी की लिस्ट, 20 को उठेगा पर्दा

इंडस्‍ट्री के लोगों में तमाम तरह की चर्चाएं हैं कि आखिर किस शख्सियत के हाथ प्रतिष्ठित ‘इंपैक्ट पर्सन ऑफ द ईयर अवॉर्ड’ लगेगा।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 18 February, 2020
Last Modified:
Tuesday, 18 February, 2020
impact

एक्‍सचेंज4मीडिया (exchange4media) ग्रुप द्वारा मीडिया, मार्केटिंग और एडवर्टाइजिंग के क्षेत्र में बेहतरीन योगदान देने और ऊंचाइयों को छूने वालों को हर साल दिया जाने वाला ‘इंपैक्‍ट पर्सन ऑफ द ईयर’ (IMPACT Person of the Year) अवॉर्ड का सिलसिला साल दर साल जारी है। इस बार बहुप्रतीक्षित ‘इंपैक्ट पर्सन ऑफ द ईयर अवॉर्ड’ (IMPACT Person of the Year award) के विजेता के नाम से गुरुवार को पर्दा उठ जाएगा। मुंबई के जेडब्ल्यू मैरियट होटल में 20 फरवरी को यह अवॉर्ड दिया जाएगा। मीडिया, मार्केटिंग और एडवर्टाइजिंग के क्षेत्र में बेहतरीन योगदान देने और ऊंचाइयों को छूने वालों को हर साल ‘एक्सचेंज4मीडिया ग्रुप’ द्वारा यह अवॉर्ड दिया जाता है।

ऐसे में इंडस्‍ट्री के लोगों में तमाम तरह की चर्चाएं हैं कि आखिर किस शख्सियत के हाथ यह प्रतिष्ठित अवॉर्ड लगेगा। इन सभी नामों में वे लोग शामिल हैं जिन्‍हें अपने क्षेत्र में ऊचाइंयों को छुआ है और वे सभी अपने क्षेत्र के महारथी हैं। इस अवॉर्ड के लिए चुने गए नाम इस प्रकार हैं-

इस बार इस अवॉर्ड के लिए सात नॉमिनी मैदान में हैं। इनमें ‘Byju’ के फाउंडर व सीईओ बायजू रविंद्रन, ‘InMobi Group’  के फाउंडर व सीईओ नवीन तिवारी, डब्ल्यूपीपी (WPP) के कंट्री मैनेजर सीवीएल श्रीनिवास, ‘इंडिया टुडे ग्रुप’ (India Today Group) की वाइस चेयरपर्सन कली पुरी, ‘ओयो रूम्स’ (Oyo Rooms) के फाउंडर व सीईओ रितेश अग्रवाल, ‘Affle’ के फाउंडर, चेयरमैन व सीईओ अनुज खन्ना सोहम शामिल हैं। इसके अतिरिक्त जॉइंट नामिनी में शामिल हैं ‘इंडियामार्ट’ (IndiaMart) के कोफाउंडर व डायरेक्टर ब्रिजेश अग्रवाल और ‘इंडियामार्ट’ के ही को-फाउंडर व सीईओ दिनेश अग्रवाल।

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TRAI के फैसले का TV चैनल्स पर पड़ा ये असर, आर्थिक मंदी का दिखा डर

आर्थिक मंदी और ट्राई के नए टैरिफ ऑर्डर के कारण पिछला साल देश की मीडिया और एडवर्टाइजिंग इंडस्ट्री के लिए काफी चुनौती भरा रहा है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Monday, 17 February, 2020
Last Modified:
Monday, 17 February, 2020
TV

आर्थिक मंदी और ‘टेलिकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया’ (ट्राई) के नए टैरिफ ऑर्डर-2.0 (NTO 2.0) के कारण पिछला साल देश की मीडिया और एडवर्टाइजिंग इंडस्ट्री के लिए काफी चुनौती भरा रहा है। ‘न्यू टैरिफ ऑर्डर’ (NTO) की वजह से तीन बड़े ब्रॉडकास्टर्स का जहां सबस्क्रिप्शन रेवेन्यू बढ़ा है, वहीं इनके विज्ञापन रेवेन्यू में कमी दर्ज की गई है।  

यदि हम ट्रेडिशनल मीडिया की बात करें तो तिमाही तौर पर किए गए विश्लेषण से पता चलता है कि अधिकांश वर्षों के तुलना में जब चौथी तिमाही में त्योहारी सीजन के कारण विज्ञापन खर्च बढ़ जाता था, पिछले साल दूसरी तिमाही में आईपीएल, क्रिकेट वर्ल्ड कप और आम चुनावों के कारण ऐसा रहा था, जबकि तीसरी और चौथी तिमाही में इसमें क्रमश: तीन प्रतिशत और सात प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।  

पिछले दिनों जारी पिच मैडिसन ऐडवर्टाइजिंग रिपोर्ट 2020 (PMAR) के अनुसार, वर्ष 2019 में विज्ञापन खर्च (adex) में 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि इसमें 13.4 प्रतिशत का अनुमान लगाया गया था और वर्ष 2018 में यह 15 प्रतिशत थी। रिपोर्ट में कहा गया है, ‘यदि हम विज्ञापन खर्च को ट्रेडिशनल (टीवी, प्रिंट और रेडियो) के हिसाब से अलग-अलग करें तो पता चलता है इसमें सिर्फ छह प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो वर्ष 2018 में हासिल की गई 12 प्रतिशत ग्रोथ से आधी है।

तमाम उतार-चढ़ावों के बीच पिछले साल विज्ञापन खर्च में 37 प्रतिशत शेयर के साथ टीवी का सबसे ज्यादा योगदान जारी रहा है। हालांकि इस माध्यम में सिर्फ आठ प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। यह एक दशक में तीसरी सबसे कम ग्रोथ है। अब जब हम वित्तीय वर्ष 2019-20 के आखिरी महीने में प्रवेश करने जा रहे हैं, इस बीच आइए तीन बड़े ब्रॉडकास्टर्स ‘जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड’ (Zee Entertainment Enterprises Ltd), ‘सन टीवी नेटवर्क’ (Sun TV Network) और ‘टीवी18’ (Entertainment (Viacom18+AETN18+Indiacast) के तीसरी तिमाही के नतीजों पर नजर डालते हैं।  

जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (Zee Entertainment Enterprises Ltd)

तीसरी तिमाही के दौरान ‘जी’ (ZEE) का रेवेन्यू 5.5 प्रतिशत (साल दर साल) की दर से गिरावट के साथ 2048.7 करोड़ रुपए रह गया जबकि इसी तिमाही में इसका एडवर्टाइजिंग रेवेन्यू 15.8 प्रतिशत (साल दर साल) की दर से घटकर 1230.8 करोड़ रुपए रह गया है। इसके घरेलू एडवर्टाइजिंग रेवेन्यू में 15.7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई जबकि इसी तिमाही में इंटरनेशनल एडवर्टाइजिंग रेवेन्यू 73.8 करोड़ रुपए रहा।   

वहीं, सबस्क्रिप्शन रेवेन्यू को देखें तो यह तीसरी तिमाही में 15.4 प्रतिशत (साल दर साल) की दर से बढ़कर 713.7 करोड़ रुपए हो गया। इसमें घरेलू सबस्क्रिप्शन रेवेन्यू में 21.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई और यह 631.7 करोड़ रुपए हो गया, जबकि इंटरनेशनल सबस्क्रिप्शन रेवेन्यू 82 करोड़ रुपए दर्ज किया गया।  

मीडिया विशेषज्ञों के अनुसार, आर्थिक मंदी और ट्राई के नए टैरिफ ऑर्डर की वजह से एडवर्टाइजिंग रेवेन्यू में गिरावट के कारण ‘जी’ के लिए यह तिमाही ज्यादा बेहतर नहीं रहा। वहीं, फ्रीडिश प्लेटफॉर्म से चैनलों को हटाने ने भी इसमें अपनी भूमिका निभाई।

इस बारे में ‘ZEEL’ के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ पुनीत गोयनका का कहना है, ‘हमारे लिए तीसरी तिमाही का समय सामान्य रूप से ग्रोथ के हिसाब से ठीक रहा है। हालांकि, चुनौतीपूर्ण अर्थव्यवस्था के कारण हमारे ऐडवर्टाइजिंग रेवेन्यू में कमी आई है। हमारे अधिकांश ऐडवर्टाइर्स की ग्रोथ काफी धीमी है, यही कारण है कि विज्ञापन खर्च में कटौती की गई है।’ अगली तिमाही में बेहतरी की उम्मीद जताते हुए गोयनका ने कहा, ‘ट्राई के नए टैरिफ ऑर्डर को कोर्ट में चुनौती दी गई है और हम फैसले का इंतजार कर रहे हैं।’       

टीवी18 (Entertainment (Viacom18+AETN18+Indiacast)

‘टीवी18’ (TV18) का समेकित ऑपरेटिंग रेवेन्यू साल दर साल (YoY) तीन प्रतिशत की गिरावट के साथ 1475 करोड़ रुपए से घटकर 1425 करोड़ रुपए रह गया है। एंटरटेनमेंट रेवेन्यू में भी चार प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है वित्तीय वर्ष 2019 की तीसरी तिमाही (Q3FY19) में 1184 करोड़ रुपए के मुकाबले यह घटकर 1137 करोड़ रुपए रह गया। सबस्क्रिप्शन रेवेन्यू 40 प्रतिशत की ग्रोथ के साथ 458 करोड़ रुपए हो गया। ‘Earnings before interest, tax, depreciation and amortization’ (EBITDA) में 262 प्रतिशत की ग्रोथ देखी गई और वर्ष 2019 की तीसरी तिमाही में 68 करोड़ के मुकाबले यह बढ़कर 245 करोड़ रुपए रह गया। सबस्क्रिप्शन ग्रोथ के बारे में ब्रॉडकास्टर का कहना है कि न्यू टैरिफ ऑर्डर से पारदर्शी माहौल बना है, जिससे टीवी सबस्क्रिप्शन रेवेन्यू का बढ़ना जारी है। हालांकि, इस ब्रॉडकास्टर के सबस्क्रिप्शन रेवेन्यू में ग्रोथ देखी गई है, लेकिन ऐडवर्टाइजिंग रेवेन्यू को लेकर इस पर काफी दबाव बना हुआ है।

सन टीवी नेटवर्क (Sun TV Network)

नए टैरिफ ऑर्डर और तमिलनाडु में डिजिटलीकरण के कारण ‘सन टीवी नेटवर्क’ (Sun TV Network) के सबस्क्रिप्शन रेवेन्यू में भी ग्रोथ देखने को मिली है। 31 दिसंबर 2018 को समाप्त हुई तिमाही में 349.60 करोड़ रुपए की तुलना में इस तिमाही में सबस्क्रिप्शन रेवेन्यू 18 प्रतिशत बढ़कर 411.85 करोड़ रुपए हो गया है। इस तिमाही में प्रॉफिट आफ्टर टैक्स भी छह प्रतिशत बढ़कर 373.45 करोड़ रुपए हो गया है, जबकि इसी अवधि में पहले यह 351.33 करोड़ रुपए था। हालांकि, नेटवर्क के रेवेन्यू में साल दर साल (9.89) की दर से गिरावट दर्ज की गई। मीडिया विशेषज्ञों की मानें तो विभिन्न नेटवर्क्स की तरह ‘सन टीवी नेटवर्क’ को भी चुनौतियों का सामना करना पड़ा और इसके ऐड रेवेन्यू में भी गिरावट दर्ज की गई।

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जामिया कांड: ‘इंडिया टुडे’ की रिपोर्ट से बैकफुट पर आए कई पत्रकार

जामिया कांड में अचानक आए उबाल में प्रतिक्रिया व्यक्त करने वाले अधिकांश लोग ‘इंडिया टुडे’ की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट से बैकफुट पर आ गए हैं।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Monday, 17 February, 2020
Last Modified:
Monday, 17 February, 2020
jamia

जामिया कांड में अचानक आए उबाल में प्रतिक्रिया व्यक्त करने वाले अधिकांश लोग ‘इंडिया टुडे’ की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट से बैकफुट पर आ गए हैं। ‘इंडिया टुडे’ ने सोशल मीडिया पर पुलिस बर्बरता की वायरल हो रही क्लिपिंग का अनकट विडियो सामने रखा है, जिसमें दिखाया गया है कि नकाब पहने, हाथों में पत्थर लिए कुछ लोग लाइब्रेरी में जाकर छिपते हैं। इसके बाद पुलिस उनके पीछे आती है और लाठीचार्ज होता है। जबकि पहले विडियो में केवल पुलिस का लाठीचार्ज दिखाया गया था। इस नए विडियो से पहले की थ्योरी गड़बड़ा गई है। इसलिए जो लोग केंद्र और दिल्ली पुलिस पर हमलावर हो रहे थे, उन्होंने फिलहाल अपने जुबानी घोड़ों की लगाम खींच ली है।

इस फेहरिस्त में कई पत्रकार भी शामिल हैं। पहला विडियो जारी होने के बाद सोशल मीडिया पर पुलिस की जमकर आलोचना हुई। फ्रीलांस पत्रकार स्मिता शर्मा ने अपने ट्वीट में दिल्ली पुलिस को टैग करते हुए खूब खरी-खोटी सुनाई। उन्होंने लिखा, ‘दिल्ली पुलिस तुम्हें शर्म आनी चाहिए। आपके राजनीतिक मास्टर्स तो आते-जाते रहेंगे लेकिन इस घटना ने पुलिस पर एक कभी न मिटने वाला दाग लगा दिया है। इस कथित क्रूरता के लिए किसी भी प्रकार का स्पष्टीकरण नहीं दिया जा सकता’।

वहीं, पत्रकार राणा अयूब ने लिखा, ‘मुझे याद नहीं कि अपने देश को लेकर मैं आखिरी बार कब इतनी निराश थी। पुलिस ने उन असहाय छात्रों को निशाना बनाया, जिन्होंने बचने के लिए एक पवित्र जगह में शरण ली थी’।

इसी तरह रेडियो जॉकी सायमा ने भी अपने ही अंदाज में पुलिस पर कटाक्ष किया। उन्होंने विडियो शेयर करते हुए ट्वीट किया ‘वे आए और कहा- तुम्हारे साथ, तुम्हारे लिए, हमेशा। और चले गए। 15 दिसंबर की शाम उन्होंने जामिया के छात्रों पर गुलाब बरसाए (जैसा कि आप देख सकते हैं)। लाइब्रेरी का एक्सक्लूसिव विडियो फुटेज, जहां पुलिस अपना जादू दिखा रही है। अब हमें दिखाओ कि बस कौन जला रहा है’?

दिल्ली पुलिस पर शब्दबाण चलाने वालों में वरिष्ठ पत्रकार अजित अंजुम भी पीछे नहीं रहे। उन्होंने कहा ‘ये वही दिल्ली पुलिस है जो तमंचा लेकर शाहीनबाग पहुंचे लड़कों के आगे-पीछे हाथ बांधे खड़ी थी। जामिया में घुसकर ऐसे लाठियां बरसा रही है जैसे किसी ने 'निर्देश' दिया हो तो कि जो मिले उसे कूट देना। लानत है इस पुलिस पर जो 'साम्प्रदयिक' हो चुकी है।’

इसी तरह ‘टीवी9’ (TV9) के पूर्व समूह संपादक विनोद कापड़ी ने भी पुलिस पर हमला बोला। लेकिन अब जब ‘इंडिया टुडे’ ने वायरल क्लिपिंग का अनकट विडियो अपनी स्पेशल रिपोर्ट में दिखा दिया है, तो सभी संभलकर चल रहे हैं।

वहीं, सोशल मीडिया पर दिल्ली पुलिस पर वार करने वालों पर पलटवार भी शुरू हो गया है। पूर्व पत्रकार मोनिका ने ताजा विडियो शेयर करते हुए लिखा है ‘इस नए विडियो ने प्रोपेगंडा फैलाने वालों के झूठ को उजागर कर दिया है, जो अभी भी छेड़छाड़ की गई क्लिपिंग को वायरल कर रहे हैं।’

इसी तरह वरिष्ठ पत्रकार रोहित सरदाना ने ट्वीट किया है, ‘जामिया लाइब्रेरी में पुलिसिया पिटाई का आधा विडियो देख के उछल पड़ने वाले होशियार चंद अब सकते में हैं, पर हार नहीं मानेंगे। अभी शार्पशूटरों से कहा जाएगा ‘फैक्ट चेक’ कर दो कि पहले का विडियो और पिटाई का विडियो-अलग अलग साल के हैं।’

यहां देखें  इंडिया टुडे का एक्सक्लूसिव विडियो:

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enba 2019: जूरी ने तय किए विजेताओं के नाम, 22 को उठेगा पर्दा

‘एक्सचेंज4मीडिया न्यूज ब्रॉडकास्टिंग अवॉर्ड्स’ के विजेताओं के नामों पर मुहर लगाने के लिए दिल्ली के ताज पैलेस होटल में 15 फरवरी को जूरी मीट का आयोजन किया गया

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Monday, 17 February, 2020
Last Modified:
Monday, 17 February, 2020
enba

बहुप्रतिष्ठित ‘एक्‍सचेंज4मीडिया न्‍यूज ब्रॉडकास्टिंग अवॉर्ड्स’ (enba) के विजेताओं के नाम पर मुहर लगाने के लिए दिल्ली के ताज पैलेस होटल में 15 फरवरी को जूरी मीट का आयोजन किया गया। जूरी द्वारा चुने गए विजेताओं को 22 फरवरी को नोएडा के रेडिसन ब्लू होटल में आयोजित एक समारोह में इन अवॉर्ड्स से सम्मानित किया जाएगा। समारोह में केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान मुख्य अतिथि होंगे। बता दें कि वर्ष 2008 में अपनी शुरुआत के बाद से ही यह अवॉर्ड मीडिया में कार्यरत उन शख्सियतों को दिया जाता है, जिन्‍होंने देश में टेलिविजन न्‍यूज इंडस्‍ट्री को एक नई दिशा दी है और इस इंडस्‍ट्री को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है।

विजेताओं के नामों का चयन करने के लिए दिल्ली में 15 फरवरी को हुई जूरी मीट में राज्यसभा के डिप्टी चेयरमैन हरिवंश नारायण सिंह ने चेयरपर्सन की भूमिका निभाई। जूरी के अन्य सम्मानित सदस्यों में ‘बिजनेस वर्ल्ड’ और ‘एक्सचेंज4मीडिया’ ग्रुप के चेयरमैन व एडिटर-इन-चीफ डॉ. अनुराग बत्रा, असम की कलियाबोर सीट से चुने गए सांसद गौरव गोगोई, पूर्व सांसद और बीजेपी के राष्ट्रीय सचिव महेश गिरी, राज्यसभा सदस्य डॉ. सुधांशु त्रिवेदी, राज्यसभा सदस्य जीवीएल नरसिम्हा राव, पंजाब राज्य मानव अधिकार आयोग के चेयरपर्सन जस्टिस इकबाल अहमद अंसारी, ‘इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड’ (IHCL) के मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर पुनीत छटवाल, ‘ब्लू स्टार’ के मैनेजिंग डायरेक्टर बी. थियागराजन, ‘डब्‍ल्‍यूपीपी’ (WPP) इंडिया के कंट्री मैनेजर सीवीएल श्रीनिवास शामिल रहे।

इनके अलावा जूरी के अन्य सम्मानित सदस्यों में डालमिया ग्रुप के चेयरमैन गौरव डालमिया,  ‘पब्लिसिस ग्रुप साउथ एशिया’ (Publicis Groupe South Asia) की सीईओ अनुप्रिया आचार्य, ‘एडफैक्टर्स पीआर’ (Adfactors PR) के को-फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर मदन बहल, बीजेपी के प्रवक्ता सैयद जफर इस्लाम, बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा, कांग्रेस प्रवक्ता और ‘Dale Carnegie Training India’ के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर संजय झा, बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया, आम आदमी पार्टी के कोषाध्यक्ष और राष्ट्रीय प्रवक्ता राघव चड्ढा, एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया के पूर्व प्रेजिडेंट पद्मश्री आलोक मेहता भी शामिल थे।

वहीं, ‘स्कोप इंडिया प्राइवेट लिमिटेड’ (Scope India Pvt Ltd) के एमडी राकेश कुमार शुक्ला,  ‘राधा टीएमटी’ (Radha TMT) के मैनेजिंग डायरेक्टर सुमन सराफ, ‘मेडिकाबाजार’ (Medikabazaar) के फाउंडर और सीईओ विवेक तिवारी,  ‘RightFOLIO’ के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. परकला प्रभाकर, ‘वोल्टास’ के पूर्व सीओओ और ‘सिंपा नेटवर्क्स’ के डायरेक्टर सलिल कपूर, ‘EMMAY Entertainment’ की एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर मोनिषा अड्वानी (MONISHA ADVANI), ‘इंडियन डॉक्यूमेंट्री फाउंडेशन’ की फाउंडर और सीईओ सोफी विश्वरमन (SOPHY VSIVARAMAN) और ‘GoZoop’ के सीईओ और को-फाउंडर अहमद आफताब नकवी,‘नेट वैल्यू मीडिया’ (Net Value Media) के फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर जनार्दन पांडे और भाजपा नेता शाजिया इल्मी को भी जूरी मेंबर्स में शामिल किया गया था।

इस मौके पर जूरी और नामांकन प्रक्रिया के बारे में जूरी के चेयरपर्सन और राज्यसभा के डिप्टी चेयरमैन हरिवंश नारायण सिंह ने कहा, ‘इतना बड़ा प्लेटफॉर्म प्रदान करने के लिए मैं एक्सचेंज4मीडिया को धन्यवाद अदा करना चाहूंगा। इस बार नॉमिनेशंस के बीच काफी कड़ा मुकाबला था और काफी विचार विमर्श के बाद जूरी ने सबसे योग्य विजेता का चुनाव किया है।’

वहीं, बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया का कहना था, ‘नॉमिनी और एंट्रीज के बारे में सबसे खास बात यह दिखी कि प्रत्येक में कुछ न कुछ खास क्वालिटी थी और ऐसे में विजेता का चयन करना बहुत ही मुश्किल काम था। मुझे लगता है कि प्रत्येक चैनल और प्रत्येक नॉमिनी अपनी जगह विजेता है और जूरी ने निष्पक्ष तरीके से विजेताओं का चयन किया है।’

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महिला पत्रकार ने एक महीने से परेशान कर रहे मनचले को कुछ यूं सिखाया सबक

एक फेरीवाला महिला पत्रकार को अक्सर विडियो और वॉट्सऐप कॉल करता था और उन्हें ऑनलाइन गालियां भेजता था...

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Monday, 17 February, 2020
Last Modified:
Monday, 17 February, 2020
journalist

महिला पत्रकार को कथित रूप से विडियो कॉल करने और अश्लील संदेश भेजने के आरोप में मुंबई पुलिस ने एक फेरीवाले को गिरफ्तार किया है। इस बात की जानकारी मालाबार हिल पुलिस ने दी।

बता दें कि 27 वर्ष के इस फेरीवाले का नाम जहीरूद्दीन इदरिशि है और वह बांद्रा के बहरामपदा का रहने वाला है। एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, यह फेरीवाला महिला पत्रकार को अक्सर विडियो और वॉट्सऐप कॉल करता था और उन्हें ऑनलाइन गालियां भेजता था जिसकी महिला पत्रकार अकसर अनदेखी करती थी।

अधिकारी ने बताया कि महिला पत्रकार ने अपनी शिकायत ने आरोप लगाया है कि वह पिछले दो महीने से इस उत्पीड़न का सामना कर रही है। उसने उसे पुलिस में मामला दर्ज कराने की चुनौती भी दी और यह धमकी भी दी कि यदि वह उसे जवाब नहीं देगी तो वह उसके घर पहुंच जाएगा। इसके बाद महिला पत्रकार ने शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद हमने इदरिशि को पकड़ने के लिए तकनीकी सहायता ली।’

अधिकारी के मुताबिक, आरोपी पर आईपीसी की धारा 354A , 354D और 506 के तहत मामला दर्ज किया है। इसके अतिरिक्त सूचना प्रौद्योगिकी कानून से संबंधित धाराएं भी लगाई गई हैं।

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नए टैरिफ ऑर्डर को लेकर TRAI ने दिए ये निर्देश

ट्राई के अनुसार, इस कवायद का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कंज्यूमर्स को अपने पसंदीदा चैनल और बुके चुनने के लिए पर्याप्त समय मिल सके।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Friday, 14 February, 2020
Last Modified:
Friday, 14 February, 2020
TRAI

‘टेलिकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया’ (ट्राई) ने घोषणा की है कि नए टैरिफ ऑर्डर-2.0 (NTO 2.0) के प्रावधान एक मार्च से अस्तित्व में आ जाएंगे। इन्हें लागू करने के लिए सर्विस प्रोवाइडर्स द्वारा इस अवधि तक तमाम तैयारियां की जानी हैं।

ट्राई का कहना है कि यह सुनिश्चित किया गया है कि एक मार्च 2020 से पहले उपभोक्ताओं को अपने पसंदीदा चैनल्स और बुके (bouquets) चुनने के लिए पर्याप्त समय मिले। इसलिए सभी सर्विस प्रोवाइडर्स को भी इसी तरह से कदम उठाने होंगे, ताकि उपभोक्ताओं को अपने पसंदीदा चैनल चुनने के लिए पर्याप्त समय मिल सके और एक मार्च 2020 से नया टैरिफ ऑर्डर लागू हो सके।  

ट्राई की ओर से इस बारे में जारी एक आधिकारिक बयान में यह भी कहा गया है कि सभी पे ब्रॉडकास्टर्स को चैनल अथवा बुके की कीमत में अथवा बुके के बारे में हुए बदलावों के बारे में 15 जनवरी 2020 तक ट्राई को रिपोर्ट करने के साथ ही अपनी वेबसाइट पर भी पब्लिश करना था।

इसी तरह, सभी ‘डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफॉर्म ऑपरेटर्स’ (DPO) को भी नेटवर्क कैपेसिटी फीस, पे चैनल्स के डिस्ट्रीब्यूटर रिटेल प्राइस, पे चैनल्स के बुके की लिस्ट, फ्री टू एयर चैनल्स के बुके की लिस्ट आदि में कोई बदलाव होने पर ट्राई को सूचना देने के साथ ही अपनी वेबसाइट पर भी जनवरी 2020 तक इसकी सूचना देनी थी। इस दौरान ये देखा गया कि अब तक तमाम ब्रॉडकास्टर्स द्वारा न तो ट्राई को इस बारे में सूचना दी गई और न ही वेबसाइट पर कोई जानकारी पब्लिश की गई। यह भी देखा गया कि कई ब्रॉडकास्टर्स द्वारा अपनी वेबसाइट पर जो सूचना दी गई, उनमें पे चैनल्स के बुके में मौजूदा टैरिफ ऑर्डर 2017 (जिसे अब टैरिफ ऑर्डर 2020 से संशोधित किया गया है) के नियमों का पालन नहीं किया गया है। इसी तरह, कुछ डीपीओ द्वारा भी न तो अपनी वेबसाइट पर आवश्यक जानकारी पब्लिश की गई है और न ही एक जनवरी 2010 को पब्लिश टैरिफ अमेंडमेंट ऑर्डर के अनुसार, चैनल्स का नया बुके तैयार किया गया है।

उपभोक्ताओं को ध्यान में रखते हुए अब सभी संबंधित पक्षों को इसके बारे में समस्त जानकारी देनी होगी और इसे वेबसाइट पर पब्लिश करना होगा। ट्राई ने ब्रॉडकास्टर्स से यह भी कहा है कि चैनल के नाम, प्रकृति, भाषा, एमआरपी आदि में कोई भी बदलाव करने से करीब 45 दिन पूर्व इसकी सूचना अथॉरिटी को देनी होगी। इसके साथ ही यह जानकारी ब्रॉडकास्टर को अपनी वेबसाइट पर भी पब्लिश करनी होगी। डिस्ट्रीब्यूटर्स को भी नेटवर्क कैपेसिटी फीस, नाम, नेचर, डिस्ट्रीब्यूटर रिटेल प्राइस आदि के बारे में कोई भी बदलाव करने से पहले कम से कम 30 दिन पहले इसकी सूचना अथॉरिटी को देनी होगी और अपनी वेबसाइट पर भी पब्लिश करनी होगी।

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स्टार ग्रुप के सग्निक घोष ने इन दो चैनलों की छोड़ी कमान  

स्टार ग्रुप (Star Group) से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। सग्निक घोष ने कंपनी को अपना इस्तीफा सौंप दिया है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Friday, 14 February, 2020
Last Modified:
Friday, 14 February, 2020
sagnik-ghosh

स्टार ग्रुप (Star Group) से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। दरअसल, ‘स्टार जलशा’ (Star Jalsha) और ‘जलशा मूवीज’ (Jalsha Movies) के वाइस प्रेजिडेंट व बिजनेस हेड सग्निक घोष ने कंपनी को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, वे फिलहाल नोटिस पीरियड पर हैं। बताया जा रहा है कि वे जल्द ही नई पारी शुरू करेंगे, लेकिन अभी इसकी नहीं मिल पाई है।

 घोष पिछले चार साल पांच महीनों से स्टार में बंगाली चैनलों की कमान संभाले हुए थे। वे इन दोनों चैनलों में बिजनेस ऑपरेशंस, कंटेंट डेवलपमेंट व प्रोग्रामिंग स्ट्रैटजी पर काम कर रहे थे।

अपनी इस भूमिका को निभाने से पहले वे ‘स्टार भारत’ (Star Bharat) के जनरल मैनेजर व बिजनेस हेड के तौर पर स्टार ग्रुप में अपना योगदान दे रहे थे। उन्होंने ‘एक्सिस बैंक’ (Axis bank) के साथ चार साल, दस महीने काम किया।

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PMAR 2020: BARC के CEO ने बताया, TV के लिए 2019 क्यों रहा खास

ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल ऑफ इंडिया (BARC इंडिया) के सीईओ सुनील लुल्ला ने 'BARC में नया क्या?' इस विषय पर अपनी राय रखी।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Friday, 14 February, 2020
Last Modified:
Friday, 14 February, 2020
sunil

मुंबई के सांताक्रूज स्थित ताज होटल में गुरुवार को एक कार्यक्रम के दौरान मीडिया और ऐडवर्टाइजिंग इंडस्ट्री को लेकर पिच मैडिसन ऐडवर्टाइजिंग रिपोर्ट 2020 (PMAR) जारी की गई, जिसका अनावरण ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल ऑफ (BARC) इंडिया के सीईओ सुनील लुल्ला समेत कई अन्य दिग्गजों की मौजूदगी में किया गया। इस दौरान लुल्ला ने 'BARC में नया क्या?' इस विषय पर अपनी राय रखी। उन्होंने बताया कि पिछले साल टेलिविजन पर एफएमसीजी (FMCG) कैटेगरी के ही सबसे ज्यादा विज्ञापन दिखाई दिए और पिछले कुछ वर्षों में यदि सभी तरह के विज्ञापनों को देखें, तो इस कैटेगरी के विज्ञापनों ने इनके बीच 57 फीसदी की हिस्सेदारी दर्ज कर अपना वर्चस्व बनाया है।

न्यूज जॉनर के डेटा शेयर करते हुए, लुल्ला ने कहा कि न्यूज देखने वाले दर्शकों की संख्या के हिसाब से साल 2019 ने एक रिकॉर्ड कायम किया और वह था कि यदि पिछले 4 वर्षों में सबसे ज्यादा दर्शकों की संख्या वाले हफ्ते देखें तो ऐसे पांच हफ्तों में चार हफ्ते तो 2019 में ही दर्ज किए गए और वह इसलिए क्योंकि बाढ़, भारी बारिश, पड़ोसी देश के साथ तनावपूर्ण संबंध और आम चुनाव जैसी घटनाएं इन्हीं हफ्तों में शामिल रही थीं।

इस बीच, लुल्ला ने यह भी कहा कि आईपीएल-12 के दौरान यदि अधिकांश दर्शकों द्वारा देखे गए टॉप-5 मैचों की बात करें तो इनमें मुंबई इंडियंस के मैच ही शामिल रहे हैं, क्योंकि जब-जब मुंबई इंडियंस का मैच हुआ, आईपीएल देखने वाले दर्शकों की संख्या में बढ़ोत्तरी देखी गई।

रीजनल मार्केट के दिलचस्प आंकड़े शेयर करते हुए लुल्ला ने कहा कि अन्य भाषाओं वाले पे जनरल एंटरटेनमेंट चैनल्स की तुलना में तमिल भाषीय चैनल्स के एडवरटाइजर्स (901) सबसे ज्यादा रहे हैं, जबकि हिंदी भाषा वाले चैनल्स (575) से यह संख्या 1.6 गुना ज्यादा है। हालांकि, तेलुगू फिल्म 'आईस्मार्ट शंकर’ (ISmart Shankar)  देशभर में सबसे ज्यादा देखी जाने वाली फिल्म रही। इस वर्ल्ड टेलिविजन प्रीमियर की औसतन रेटिंग 14.4 प्रतिशत थी।

लुल्ला ने इस दौरान यह भी कहा कि अन्य खेलों की तुलना में  फुटबॉल को सिर्फ 3 प्रतिशत दर्शकों ने ही देखा है, जिसमें से आधे से ज्यादा दर्शक केरल, असम/उत्तर पूर्वी/ सिक्किम और पश्चिम बंगाल से आते हैं। वहीं मिश्रित मार्शल आर्ट्स और टेनिस जैसे खेलों को 45 प्रतिशत से भी ज्यादा महिलाएं देखना पसंद करती हैं। वहीं और भी इस तरह के कुछ दिलचस्प आंकड़े हैं, जोकि बड़ी चीजों के सामने दब जाते हैं।

आईपीएल का नया सीजन शुरू होने में अभी एक महीने से ज्यादा का समय है। ऐसे में आईपीएल के बारे में बात करते हुए लुल्ला ने कहा कि विज्ञापनों के लिहाज से 2019 एक बहुत बड़ा साल था। ऐसा इसलिए क्योंकि ब्रॉडकास्टर ने मैच को कई अलग-अलग भाषाओं में प्रसारित किया। फिनाले को तो 17 अलग-अलग टीवी चैनलों पर प्रसारित किया गया था, लिहाजा विज्ञापन भी अलग चैनलों पर प्रसारित हुए थे। ऐसे में बीता साल विज्ञापनों के लिहाज से बेहद खास रहा। वैसे पिछले 4 वर्षों में आईपीएल पर विज्ञापनों में खासा वृद्धि हुई है।

लुल्ला ने आगे कहा कि आईपीएल-12 को 424 मिलियन दर्शकों ने टीवी पर लाइव देखा और यह संख्या आईपीएल-11 की तुलना में 2 प्रतिशत ज्यादा है। लाइव टीवी पर IPL-12 ने 1.58 बिलियन इंप्रेशन दर्ज किए, जोकि पिछले सीजन (आईपीएल-11) की तुलना में 11 प्रतिशत अधिक हैं। इस दौरान 81 प्रतिशत दर्शकों की संख्या स्थानीय/क्षेत्रीय भाषाओं से आई, लेकिन इसमें हिंदी का दबदबा रहा। जबकि पिछले सीजन (आईपीएल-11) में यह संख्या 77 प्रतिशत थी।

जॉनर और लैंग्वेजेस के आधार पर विज्ञापनों की संख्या में जो ग्रोथ हुई है, उसके बारे में आंकड़े साझा करते हुए लुल्ला ने कहा कि पिछले चार वर्षों में, भोजपुरी में 24% विज्ञापनों की संख्या बढ़ी है, इसके बाद बंगाली में 19%, मलयालम में 15% की वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि पंजाबी और गुजराती में विज्ञापनों की संख्या में क्रमशः 13% और 11% की वृद्धि देखने को मिली है।

उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर विज्ञापनों की संख्या में ज्यादा इजाफा देखने को नहीं मिला और यह 2018 की तरह ही रहा। लेकिन सवाल यहां ये उठता है कि जो वृद्धि हुई है, फिर वह कहां से हुई है? इसलिए यह देखकर आप उम्मीद कर सकते हैं कि वर्ष 2020 के साथ-साथ आने वाले समय में भी यह वृद्धि देखी जा सकती है।

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न्यूज चैनल पर दिखाई गई ये खबर थोड़ी हटके है...

न्यूज चैनल पर आपने कई तरह की खबरें देखी होंगी, पर ये खबर थोड़ी हटके है। इस खबर का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 13 February, 2020
Last Modified:
Thursday, 13 February, 2020
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न्यूज चैनल पर आपने कई तरह की खबरें देखी होंगी, पर ये खबर थोड़ी हटके है। इस खबर का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। ये खबर जुड़ी है एक न्यूज एंकर से।  

दरअसल, मशहूर मलयालम न्यूज चैनल ‘मातृभूमि’ की न्‍यूज एंकर और चीफ सब एडिटर की पोस्‍ट पर काम कर रहीं सृजा श्‍याम प्रतिदिन की तरह बुलेटिन पढ़ रही थीं और तभी उन्‍हें लाइव टीवी पर एक ऐसी खबर पढ़ने को मिली, जोकि खुद उनसे ही जुड़ी थी। खबर पढ़ते समय वे थोड़ी असमंजस में भी पड़ गईं, पर जैसे-जैसे खबर पढ़ती गईं उन्हें इस बात का एहसास हो गया कि ये खबर उनसे ही जुड़ी है।

बता दें कि सृजा जिस समय न्‍यूज पढ़ रहीं थीं, उस समय वे टीवी पर लाइव थीं। वे उन लोगों के बारे में खबर पढ़ रहीं थीं जिन्‍हें केरल सरकार के मीडिया अवॉर्ड्स 2019 के लिए चुना गया था। जब सृजा को टीवी प्रॉम्‍पटर पर अपना नाम दिखा तो वे असमंजस में पड़ गईं, लेकिन जैसे-जैसे वे खबर पढ़ती रहीं सृजा को एहसास हो गया कि उन्‍हें बेस्‍ट न्‍यूज एंकर अवॉर्ड के लिए चुना गया है।

टीवी पर ग्राफिक्स के साथ एंकर-विजुअल चल रहे थे। सृजा पीछे से अपनी आवाज दे रहीं थीं, जिसमें उनकी खुशी साफ तौर से झलक रही थी। जैसे ही कैमरा वापस सृजा की तरफ मुड़ा, वह अपनी हंसी दबाते हुए दिखीं।

मीडिया रिपोर्ट मुताबिक, सृजा के साथ न्‍यूज डेस्‍क पर काम करने वाले लोगों को जब इस बात का पता चला, तो उन्‍होंने ही सृजा के लिए ये सरप्राइज प्‍लान किया था। अब ये विडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

 

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक,ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

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‘पत्रिका’ में बड़े उलटफेर, मध्यप्रदेश से दिल्ली आए जिनेश जैन

मध्यप्रदेश में ‘पत्रिका’ को नए मुकाम पर पहुंचाने वाले स्टेट एडिटर जिनेश जैन का दिल्ली तबादला हो गया है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 13 February, 2020
Last Modified:
Thursday, 13 February, 2020
Jinesh jain

मध्यप्रदेश में ‘पत्रिका’ को नए मुकाम पर पहुंचाने वाले स्टेट एडिटर जिनेश जैन का दिल्ली तबादला हो गया है। हालांकि, अभी यह पता नहीं चला है कि उनकी नई जिम्मेदारी क्या होगी, लेकिन खबरों के मुताबिक ‘पत्रिका’ समूह किसी बड़े प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है और उसी के लिए जैन को दिल्ली बुलाया गया है।

जिनेश जैन उन संपादकों में शुमार हैं, जो जमीनी स्तर पर काम को बढ़ावा देते हैं। विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने खुद गांव-गांव घूमकर जनता की नब्ज टटोलने का प्रयास किया था और उनके आंकलन बेहद सटीक साबित हुए थे। जैन के दिल्ली तबादले से भोपाल पत्रिका में मायूसी है, क्योंकि उन्होंने हमेशा केबिन संस्कृति से दूर रहकर एक ऐसा माहौल बनाने की कोशिश की, जहां सबको सहजता से अपनी बात रखने की आजादी थी। वह अगले हफ्ते से दिल्ली में अपनी नई पारी शुरू करेंगे। जिनेश जैन के स्थान पर ‘पत्रिका’ इंदौर के संपादक विजय चौधरी को भोपाल भेजा गया है। चौधरी ने छह महीने पहले ही इंदौर में जॉइन किया था।

वहीं, पत्रिका डिजिटल के मध्य-प्रदेश प्रमुख शैलेन्द्र तिवारी का भी दिल्ली तबादला किया गया है। प्रबंधन ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी जिम्मेदारी देने का फैसला किया है। अब वह समूह के दिल्ली स्थित कार्यालय में सेवाएं देंगे। मूलरूप से उत्तर प्रदेश निवासी तिवारी पिछले 13 वर्षों से पत्रिका समूह से जुड़े हुए हैं। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत 2002 में मध्य प्रदेश से प्रकाशित होने वाले अखबार ‘स्वदेश’ से की। इसके बाद ‘नवभारत’, ‘नई दुनिया’ जैसे मीडिया संस्थानों से होते हुए पत्रिका समूह का दामन थामा और पिछले 13 सालों से यहीं सेवाएं दे रहे हैं। तिवारी ने ग्वालियर में पत्रिका की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। तबादले की सूचना मिलने के बाद बुधवार को ‘पत्रिका भोपाल’ द्वारा अपने दोनों संपादकों को गरिमामय विदाई दी गई।

‘पत्रिका’ समूह ने दो अन्य संपादकों का भी तबादला किया है। कोटा के संपादक राजेश त्रिपाठी को इंदौर की कमान सौंपी गई है। जबकि अजमेर से कान्हाराम मुंडियार को कोटा भेजा गया है।

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