होम / इंडस्ट्री ब्रीफिंग / 'आजादी के बाद यह संस्थान पत्रकारिता का एक आधुनिक तीर्थ बनकर उभरा है'

'आजादी के बाद यह संस्थान पत्रकारिता का एक आधुनिक तीर्थ बनकर उभरा है'

भोपाल के राष्ट्रीय सप्रे संग्रहालय ने अपना 36वां स्थापना दिवस मनाया

समाचार4मीडिया ब्यूरो 6 years ago

भोपाल के राष्ट्रीय सप्रे संग्रहालय ने बुधवार को अपना छत्तीसवाँ स्थापना दिवस मनाया। वरिष्ठ पत्रकार राजेश बादल के अनुसार, ‘इसकी पैंतीस बरस के सफर की सबसे बड़ी उपलब्धि यही है कि आजादी के बाद यह संस्थान पत्रकारिता का एक आधुनिक तीर्थ बनकर उभरा है। जहां एक हजार से अधिक शोधार्थियों ने अपनी पत्रकारिता के रिसर्च का मूल आधार इस संस्थान को बनाया हो, उसे आप तीर्थ नहीं तो और क्या कहेंगे। लाखों दस्तावेज जिसके अभिलेखागार में सुरक्षित हों और हर दस्तावेज अपने भीतर भारत के आधुनिक काल की अनेक समाचार कथाएं समेटे हो, उससे बड़ा अनमोल खजाना आपको कहां मिलेगा? किसी भी घटना का नाम लीजिए-सप्रे संग्रहालय उसकी प्रामाणिक जानकारी आपके लिए पेश कर देगा।‘

राजेश बादल का कहना है, ‘इस आयोजन में स्वर्गीय माधव राव सप्रे के पौत्र अशोक सप्रे की उपस्थिति वहाँ मौजूद सैकड़ों पत्रकारों और बुद्धिजीवियों के लिए दिमागी शीतलता प्रदान करने वाली थी। इस नायाब संस्था की नींव डालने वाले वरिष्ठ पत्रकार पदमश्री विजय दत्त श्रीधर ने जब दास्तान ए संस्थान सुनाई, तो सभी लोग भाव विह्वल हो गए।‘

मध्य प्रदेश सरकार की राजेंद्र माथुर फेलोशिप योजना के तहत वरिष्ठ पत्रकार हरीश पाठक ने इस संग्रहालय की सहायता से एक ऐसे अद्भुत ग्रन्थ को आकार दिया, जो आजादी के बाद की पत्रकारिता का सबसे बड़ा और प्रामाणिक माना जा सकता है। इसमें उन्हें कई साल लगे। उन्होंने देश भर में घूम-घूमकर आधी सदी की प्रतिनिधि आंचलिक समाचार कथाओं का संकलन किया। इन खबरों ने अपने जमाने में हिन्दुस्तान की पत्रकारिता की मुख्य धारा को अपनी खुशबू से अरसे तक महकाए रखा है।

राजेश बादल ने बताया, ‘सप्रे संग्रहालय के इस आयोजन का मुख्य आकर्षण हरीश पाठक के इस ग्रन्थ-आंचलिक अखबारों की राष्ट्रीय पत्रकारिता पर एक गंभीर चर्चा भी थी। इसमें वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र शर्मा, उमेश त्रिवेदी, हरीश पाठक और मैंने हिस्सा लिया। राजेंद्र शर्मा ने आज की पत्रकारिता में विकृत हिंदी की घुसपैठ पर अपनी चिंताओं को रखा। उन्होंने महान संपादक राजेंद्र माथुर के इस कथन का समर्थन किया कि लोकतंत्र में पत्रकारिता का एक धर्म विपक्ष की भूमिका निभाना भी है। उमेश त्रिवेदी ने आज के दौर में ग़ुम हो रही सरोकारों की पत्रकारिता से हो रहे नुकसान से आगाह किया। मेरा कहना था कि दरअसल भारत में अन्य कोई पत्रकारिता नहीं है। आंचलिक पत्रकारिता ही भारत की पहचान-पत्रकारिता है।’

जोर इस बात पर भी था कि इस ग्रन्थ में जिन कथाओं को लिया गया है, उन्हें पत्रकारिता के पाठ्यक्रमों में भी शामिल होना चाहिए। उन पर फिल्में भी बनाने की जरूरत है, जिससे नई नस्ल अतीत के इन संघर्षों से वाकिफ हो सके। हरीश पाठक ने इन कहानियों को याद करते हुए उन्हें आज भी प्रासंगिक बताया। इस चर्चा के दरम्यान कमोबेश सभी ने स्वर्गीय राजेंद्र माथुर के चिंतन और लेखन का हवाला दिया। डॉक्टर राकेश पाठक ने इस परिसंवाद का संचालन किया।

इससे पहले इंडियन एक्सप्रेस के पत्रकार श्यामलाल यादव को माधवराव सप्रे सम्मान और नेशनल बुक ट्रस्ट के संपादक और पूर्व में क्रांतिकारी पत्रकार रहे पंकज चतुर्वेदी को महेश सम्मान से अलंकृत किया गया। उन्हें यह सम्मान देने के लिए राज्य के जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा पहुँचे थे। मध्यप्रदेश में विचार पत्रकारिता को लंबे समय तक पोसने वाले राजेंद्र हरदेनिया ने आभार प्रदर्शन किया।

आप अपनी राय, सुझाव और ख़बरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। आप हमें हमारे फेसबुक पेज पर भी फॉलो करने के लिए यहां क्लिक कीजिए


टैग्स राजेश बादल आंचलिक पत्रकारिता राष्ट्रीय सप्रे संग्रहालय
सम्बंधित खबरें

Edelman India ने लीडरशिप टीम में किए ये बड़े बदलाव

Edelman India ने अपने भारत ऑपरेशन में बड़े स्तर पर बदलाव का ऐलान किया है

1 day ago

प्रसार भारती ने WAVES पर सैटेलाइट टीवी चैनलों को जोड़ने के लिए आवेदन की आखिरी तारीख बढ़ाई

प्रसार भारती ने अपने OTT प्लेटफॉर्म WAVES पर सैटेलाइट टीवी चैनलों को जोड़ने के लिए आवेदन की आखिरी तारीख बढ़ा दी है।

1 day ago

OpenAI के CEO ने पीएम मोदी से की मुलाकात, भारत को बताया AI का बड़ा केंद्र

पीएम मोदी ने दुनिया भर के निवेशकों और टेक कंपनियों को भारत आने का न्योता दिया। उन्होंने कहा कि भारत के पास प्रतिभाशाली युवा हैं, जिनमें AI के क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की ताकत है।

1 day ago

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र की फैक्ट-चेकिंग यूनिट मामले में याचिका फिर से की बहाल

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने उस याचिका को फिर से बहाल कर दिया है, जिसमें केंद्र ने बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी।

1 day ago

AI बना सकता है भारत को दुनिया की क्रिएटिव कैपिटल: उदय शंकर

इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में जियोस्टार के वाइस चेयरमैन उदय शंकर ने कहा कि अब भारतीय मीडिया और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री एक बड़े बदलाव के दौर में है।

1 day ago


बड़ी खबरें

पद्मश्री आलोक मेहता की कॉफी-टेबल बुक 'Revolutionary Raj' का भव्य लोकार्पण

शुभी पब्लिकेशंस द्वारा प्रकाशित यह कॉफी-टेबल बुक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों पर केंद्रित है। इसका भूमिका लेख (Foreword) केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने लिखा है।

4 hours ago

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र की फैक्ट-चेकिंग यूनिट मामले में याचिका फिर से की बहाल

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने उस याचिका को फिर से बहाल कर दिया है, जिसमें केंद्र ने बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी।

1 day ago

प्रसार भारती ने WAVES पर सैटेलाइट टीवी चैनलों को जोड़ने के लिए आवेदन की आखिरी तारीख बढ़ाई

प्रसार भारती ने अपने OTT प्लेटफॉर्म WAVES पर सैटेलाइट टीवी चैनलों को जोड़ने के लिए आवेदन की आखिरी तारीख बढ़ा दी है।

1 day ago

WBD डील पर Paramount को शुरुआती राहत, अमेरिका में एंटीट्रस्ट अवधि पूरी

Warner Bros. Discovery को खरीदनें को लेकर बड़ी कंपनियों के बीच जोरदार मुकाबला चल रहा है। अब देखना होगा कि आखिर यह डील किसके हाथ लगती है

1 day ago

OpenAI के CEO ने पीएम मोदी से की मुलाकात, भारत को बताया AI का बड़ा केंद्र

पीएम मोदी ने दुनिया भर के निवेशकों और टेक कंपनियों को भारत आने का न्योता दिया। उन्होंने कहा कि भारत के पास प्रतिभाशाली युवा हैं, जिनमें AI के क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की ताकत है।

1 day ago