PIB-RNI का नाम बदलेगा, प्रत्येक मंत्रालय में बनेगी नई डिवीजन!

दस सदस्यीय कमेटी की अध्यक्षता ब्यूरो ऑफ आउटरीच कम्युनिकेशन के डायरेक्टर जनरल सत्येंद्र प्रकाश कर रहे हैं। जल्द ही सरकार को सौंपी जाएगी ये रिपोर्ट

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Friday, 22 November, 2019
Last Modified:
Friday, 22 November, 2019
MIB

’भारतीय सूचना सेवा‘ (Indian Information Service) में पुनर्गठन की कवायद चल रही है। इसके लिए एक कमेटी का गठन भी किया गया है। न्यूज पोर्टल ‘द प्रिंट’ (The Print) में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, इस बारे में कमेटी ने अपनी कुछ सिफारिशें तैयार की हैं। इसमें ‘भारतीय सूचना सेवा’ का दायरा और बढ़ाकर दोगुने से ज्यादा करने, टॉप लेवल पर नई पोस्ट तैयार करने, विभिन्न मंत्रालयों में भारतीय सूचना सेवा के अधिकारियों की पोस्टिंग करने और न्यू मीडिया विंग्स स्थापित करने जैसी सिफारिशें शामिल हैं।

‘ब्यूरो ऑफ आउटरीच कम्युनिकेशन’ (BOC) के डायरेक्टर जनरल सत्येंद्र प्रकाश की अध्यक्षता में गठित ‘Cadre Review and Restructuring Committee’ (CRRC) में 10 सदस्य शामिल हैं। बताया जाता है कि कमेटी की ओर से जल्दी ही इन सिफारिशों को लेकर सरकार के समक्ष विस्तृत रिपोर्ट पेश की जाएगी। बता दें कि ब्‍यूरो ऑफ आउटरीच एंड कम्‍युनिकेशन, सूचना-प्रसारण मंत्रालय (MIB)  के तहत काम करने वाली मीडिया यूनिट है, जबकि भारतीय सूचना सेवा के अधिकारियों का चयन केंद्रीय लोक सेवा आयोग (UPSC) की ओर से आयोजित सिविल सर्विसेज परीक्षा के तहत किया जाता है। भारतीय सूचना सेवा सरकारी कम्युनिकेशन का प्रमुख आधार है और यह सरकार व मीडिया के बीच महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

नई मीडिया विंग्स (New Media Wings): कमेटी ने भारतीय सूचना सेवा में वर्तमान में 971 पदों के विपरीत इनकी संख्या बढ़ाकर 2244 करने का सुझाव रखा है, ताकि कम्युनिकेशन नेटवर्क को और बढ़ाया जा सके। इसके साथ ही आईआईएस अधिकारियों के शीर्ष पदों में बढ़ोतरी की भी सिफारिश की गई है। इनमें प्रिंसिपल डायरेक्टर जनरल लेवल की दो अतिरिक्त पोस्ट के अलावा डायरेक्टर जनरल लेवल की 4 पोस्ट और एडिशनल डायरेक्टर जनरल लेवल की 56 पोस्ट क्रिएट करने की सिफारिश भी शामिल है।      

इन सिफारिशों में कहा गया है कि 150 पोस्ट रिजर्व रखी जानी चाहिए, जो वर्तमान में नहीं है जबकि, ‘कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग’ की गाइडलाइंस के अनुसार ऐसा करना आवश्यक है। इन सिफारिशों में ग्रुप ए कैडर की लगभग आठ प्रतिशत पोस्ट को ट्रेनिंग, प्रोबेशन, डेपुटेशन और छुट्टी आदि के लिए रिजर्व रखा गया है, जबकि बी कैडर में यह संख्या पांच प्रतिशत रखी गई है।

कमेटी ने ‘Directorate General of Media Research and Training’ (DGMRT) के नाम से एक विंग गठित करने की सिफारिश भी की है। यह भी कहा गया है कि इस समय काम कर रही मीडिया यूनिट ‘Electronic Media Monitoring Centre’ (EMMC) और ‘New Media Wing’ (NMW) को आपस में मिला देना चाहिए और इसे ‘DGMRT’ के तहत ले आना चाहिए। नई विंग मीडिया, सोशल मीडिया, फीडबैक और रिसर्च की मॉनीटरिंग के साथ ही उसका विश्लेषण भी करेगी। इस समय ’ EMMC’ टीवी चैनल्स की मॉनीटरिंग करती है कि वे प्रोग्राम और एडवर्टाइजिंग के लिए तय नियमों का पालन कर रहे हैं अथवा नहीं, वहीं ‘NMW’ सोशल मीडिया के विश्लेषण का काम देखती है।    

इस रिपोर्ट में ‘डायरेक्टरेट जनरल ऑफ न्यूज’ (Directorate General of News) के नाम से एक और विंग प्रस्तावित की गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इसे पब्लिक ब्रॉडकास्टर ‘प्रसार भारती’ के तहत लाना चाहिए जो ‘ऑल इंडिया रेडियो’ (AIR) और ‘दूरदर्शन’ (DD) की न्यूज डिवीजन की देखरेख करेगी। रिपोर्ट के अनुसार, दोनों विंग- ‘DGMRT’ और ‘Directorate General of News’ की कमान प्रिंसिपल डायरेक्टर जनरल लेवल के ऑफिसर के हाथ में दी जानी चाहिए। कमेटी की सिफारिशों में फिल्म संबंधी कार्यों के साथ समन्वय स्थापित करने के लिए डीजी रैंक के अफसर के नेतृत्व में ‘डायरेक्टरेट जनरल ऑफ फिल्म्स’ (Directorate General of Films) के नाम से एक और विंग बनाने की बात कही गई है।

युवा वर्ग में डिजिटल को बढ़ावा देना (Digital push to reach out to population under 35): देश की दो तिहाई जनसंख्या 35 साल से कम उम्र वालों की है। ऐसे में इस आयुवर्ग के लोगों के बीच ज्यादा से ज्यादा पहुंच बढ़ाने के लिए कमेटी ने डिजिटल को ज्यादा बढ़ावा देने की बात अपनी सिफारिशों में शामिल की है। कमेटी का कहना है कि सरकार को कम्युनिकेशन के लिए पुराने तरीकों से अलग हटकर काम करना चाहिए। ‘भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण’ (TRAI) के डाटा का उल्लेख करते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि देश में इंटरनेट सबस्क्राइबर्स की संख्या वर्ष 2007 में 40 मिलियन से बढ़कर वर्ष 2019 में 665 मिलियन हो गई है और यह दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा इंटरनेट यूजर बेस बन चुका है।

मीडिया कंटेंट की शिकायत की जांच आईआईएस को करनी चाहिए (Media content complaint redressal to be handled by IIS):  रिपोर्ट में सिफारिश की गई है कि मीडिया कंटेंट संबंधी शिकायतों की जांच करने वाली ‘स्क्रूटनी कमेटी’ (Scrutiny Committee) और ‘इंटर मिनिस्ट्रियल कमेटी’ (Inter-Ministerial Committee) को नई विंग ‘DG Content Complaint Redressal’ में शामिल करना चाहिए। इसे ‘DGMRT’ के तहत लाया जाना चाहिए। यह भी कहा गया है कि ‘DGMRT’ के तहत इस नई विंग को ‘Secretariat of the Committee’ की भूमिका निभानी चाहिए। इसका काम एडवर्टाइजिंग कंटेंट पर नजर रखने के लिए ‘बीओसी’ में गठित ‘Committee for Content Regulation in Government Advertising’ (CCRGA) के लिए होना चाहिए।     

‘पीआईबी और आरएनआई के नाम में बदलाव’ (Renaming PIB, RNI): रिपोर्ट में यह भी सिफारिश की गई है कि ‘प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो’ (PIB) का नाम बदलकर ‘डायरेक्टर जनरल ऑफ मीडिया एंड कम्युनिकेशन’ (Directorate General of Media and Communication) और ‘बीओसी’ का नाम बदलकर ‘डायरेक्टरेट जनरल ऑफ आउटरीच एंड कम्युनिकेशन’(Directorate General of Outreach and Communication) कर देना चाहिए। इसके साथ ही ‘रजिस्ट्रार ऑफ न्यूजपेपर्स फॉर इंडिया’ (RNI) का नाम बदलकर ‘डायरेक्टरेट जनरल ऑफ रजिस्ट्रेशन एंड लाइसेंसिग’ (DGRL) करने की सिफारिश की गई है। ‘RNI’ की भूमिका को बढ़ाकर मल्टीपल सिस्टम ऑपरेटर्स की लाइसेंसिंग तक करने के लिए कहा गया है।       

प्रत्येक मंत्रालय में कम्युनिकेशन डिवीजन (Communication division in every ministry): इस कमेटी की रिपोर्ट में यह सिफारिश भी की गई है कि भारतीय सूचना सेवा के अधिकारियों को निश्चित समय सीमा के लिए ‘प्रसार भारती’ में तैनात करना चाहिए, जहां उन्हें संस्थान का हिस्सा माना जाना चाहिए। अभी तक भारतीय सूचना सेवा के अधिकारी सिर्फ ‘AIR’ और ‘DD’ में तैनात किए जाते हैं। कमेटी की सिफारिशों के अनुसार, भारतीय सूचना सेवा के अधिकारियों को चरणबद्ध तरीके से मंत्रालयों में तैनात किया जाना चाहिए और प्रत्येक मंत्रालय में एक कम्युनिकेशन डिवीजन बनाई जानी चाहिए। रिपोर्ट में भारतीय सूचना सेवा के अधिकारियों की ‘सूचना प्रसारण मंत्रालय’ (MIB) की कैडर कंट्रोल विंग में तैनाती की सिफारिश भी की गई है।   

कमेटी ने रेवेन्यू, कस्टम, रेलवे और पोस्टल की तर्ज पर इंडियन इंफॉर्मेशन सर्विस बोर्ड अथवा इंफॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन बोर्ड गठित करने की सिफारिश भी की है। रिपोर्ट के अनुसार, इस बोर्ड को ही ग्रुप ए और बी के आईआईएस अधिकारियों की पोस्टिंग और ट्रांसफर की जिम्मेदारी भी दी जानी चाहिए। इसके अलावा सूचन-प्रसारण मंत्रालय में पॉलिसी तय करने वाले पदों पर भी आईआईएस अधिकारियों को शामिल करने की सिफारिश इस रिपोर्ट में की गई है।

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Disney Star में अमृता नायर का कद बढ़ा, मिली यह अतिरिक्त जिम्मेदारी

वह अर्घ्य चक्रवर्ती (Arghya Chakravarty) की जगह यह अतिरिक्त जिम्मेदारी संभालेंगी, जिन्होंने यहां से पिछले दिनों अपनी पारी को विराम दे दिया है।

Last Modified:
Monday, 04 July, 2022
Amrutha Nair

‘डिज्नी स्टार इंडिया’ (Disney Star India) ने अमृता नायर (Amrutha Nair) को ऐड सेल्स हेड (Hindi & English Entertainment) के पद पर प्रमोट किया है। वह अर्घ्य चक्रवर्ती (Arghya Chakravarty) की जगह यह अतिरिक्त जिम्मेदारी संभालेंगी, जिन्होंने यहां से पिछले दिनों अपनी पारी को विराम दे दिया है।

बता दें कि इस अतिरिक्त जिम्मेदारी के अलावा वह पूर्व की तरह रीजनल बिजनेस के लिए प्रॉडक्ट और रेवेन्यू स्ट्रैटेजी का प्रबंधन करती रहेंगी। नायर के प्रमोशन के बारे में ‘डिज्नी स्टार इंडिया’ के कंट्री मैनेजर और प्रेजिडेंट के.माधवन ने एम्प्लॉयीज को लिखे एक इंटरनल ई-मेल में घोषणा की है।

अपने मेल में माधवन ने लिखा है, ‘मैं आपको बताना चाहता हूं कि संस्थान के साथ लगभग पांच वर्षों के बाद अर्घ्य चक्रवर्ती ने यहां से अपनी पारी को विराम दे दिया है। मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि अब अमृता नायर रीजनल सेल्स की अपनी जिम्मेदारी के साथ ऐड सेल्स हेड (Hindi & English Entertainment) की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी संभालेंगी।’

बता दें कि नायर ने अपने करियर की शुरुआत ‘एशियानेट कम्युनिकेशंस’ (Asianet Communications) से की थी। इसके बाद उन्होंने ’टीवी टुडे नेटवर्क’ (TV Today Network) जॉइन कर लिया था, जहां वह दक्षिणी मार्केट की ऐड सेल्स का जिम्मा संभालती थीं। इसके बाद उन्होंने वर्ष 2016 में ‘स्टार’ (Star) में बतौर प्रॉडक्ट और रेवेन्यू हेड (English Cluster) जॉइन किया था, अप्रैल 2017 में वह रीजनल बिजनेस में चली गई थीं।

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‘एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड’ से जुड़े वरिष्ठ पत्रकार राजेश झा, मिली यह बड़ी जिम्मेदारी

राजेश झा को देशभर के तमाम प्रमुख अखबारों और मैगजींस में काम करने का तीन दशक से ज्यादा का अनुभव है।

Last Modified:
Thursday, 30 June, 2022
Rajesh Jha

‘द एसोसिएट जर्नल्स लिमिटेड’ (The Associated Journals Limited) ने वरिष्ठ पत्रकार राजेश झा को अपने अखबार और डिजिटल प्रॉपर्टीज का ग्रुप एडिटर-इन-चीफ नियुक्त किया है। इस नई जिम्मेदारी से पहले वह ‘इंडिया टुडे’ (India Today) मैगजीन में एडिटर (न्यूज) की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।

बता दें कि राजेश झा को देशभर के तमाम प्रमुख अखबारों और मैगजींस में काम करने का तीन दशक से ज्यादा का अनुभव है। पूर्व में वह ‘इंडिया टुडे’(India Today), ‘द इंडियन एक्सप्रेस’(The Indian Express), ‘बिजनेस स्टैंडर्ड‘(Business Standard), ‘ओपन’(Open), ‘आउटलुक मनी’(Outlook Money) और ‘अमृत बाजार पत्रिका’ (Amrita Bazar Patrika) में अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं। इसके अलावा वह  ‘वर्ल्ड बैंक’ (World Bank) में कंसल्टेंट भी रह चुके हैं।

वहीं, वरिष्ठ पत्रकर जफर आगा पहले की तरह www.qaumiawaz.com में एडिटर-इन-चीफ की जिम्मेदारी निभाते रहेंगे। उन्हें प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने का करीब तीन दशक का अनुभव है और वह लंबे समय से ‘द एसोसिएट जर्नल्स लिमिटेड’ (The Associated Journals Limited) समूह से जुड़े हुए हैं।

बता दें कि 'एसोसिएटेड जर्नल्‍स' की स्थापना वर्ष 1937 में पंडित जवाहर लाल नेहरू ने की थी। इसके तहत अंग्रेजी में 'नेशनल हेराल्ड', हिंदी में 'नवजीवन' और उर्दू में 'कौमी आवाज' नाम से अखबारों का प्रकाशन किया जाता है। 

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Walt Disney में इस बड़े पद पर बॉब चापेक का कार्यकाल तीन साल के लिए बढ़ा

कंपनी ने मंगलवार को घोषणा की कि फरवरी में समाप्त हो रहे बॉब चापेक के अनुबंध को तीन और वर्षों के लिए बढ़ा दिया गया है।

Last Modified:
Thursday, 30 June, 2022
Disney

‘वॉल्ट डिज्नी’ (Walt Disney) के चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर बॉब चापेक (Bob Chapek)  अगले तीन सालों के लिए इस पद पर बने रहेंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी के साथ उनका अनुबंध फरवरी में समाप्त होना था, लेकिन कंपनी बोर्ड की हुई बैठक में इस पद पर चापेक का कार्यकाल अगले तीन तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।

‘वॉल्ट डिज्नी’ की बोर्ड अध्यक्ष सुसान अरनॉल्ड (Susan Arnold) की ओर से इस बारे में एक स्टेटमेंट जारी किया गया है। इस स्टेटमेंट में महामारी के कारण उत्पन्न हुईं परिस्थितियों के बारे में सुसान का कहना था कि कंपनी ने न केवल चुनौतियों का कड़ा सामना किया बल्कि और मजबूती के साथ उभरी।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, डिज्नी के शेयरों में मंगलवार को 0.5प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई हालांकि इस साल इसमें करीब 40 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है।

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मीडिया मैनेजमेंट को सुकून देने वाला है बॉम्बे HC का ये फैसला

बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर खंडपीठ ने हाल ही में लोकमत मीडिया हाउस के खिलाफ दाखिल मानहानि वाद को खारिज कर दिया है।

Last Modified:
Wednesday, 29 June, 2022
Bombay HC

बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर खंडपीठ ने हाल ही में लोकमत मीडिया हाउस के खिलाफ दाखिल मानहानि वाद को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने यह कहते हुए मामला खारिज किया कि मीडिया को प्राथमिकी दर्ज होने की खबर देने का अधिकार है और प्रकाशक से समाचार प्रकाशित होने से पहले प्राथमिकी की सत्यता का पता लगाने की अपेक्षा नहीं की जाती।

हाई कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति विनय जोशी ने 20 जून को लोकमत मीडिया प्राइवेट लिमिटेड के चेयरमैन विजय दर्डा और इसके एडिटर-इन-चीफ राजेंद्र दर्डा द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए आपराधिक मानहानि की शिकायत को खारिज कर दिया। उन्होंने 20 मई, 2016 को दैनिक 'लोकमत' में प्रकाशित एक समाचार को लेकर एक व्यक्ति द्वारा दाखिल मानहानि शिकायत पर एक मजिस्ट्रेट अदालत द्वारा की गई आपराधिक कार्यवाही को रद्द करने का आग्रह किया था।

बता दें कि यह खबर शिकायतकर्ता और उसके परिवार के सदस्यों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज होने से संबंधित थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि यह मामला 'झूठा और मानहानिकारक है क्योंकि प्रकाशकों ने समाचार प्रकाशित करने से पहले तथ्यों को सत्यापित नहीं किया।'

शिकायतकर्ता ने अदालत में कहा कि आवेदक (लोकमत) समाचार पत्र में प्रकाशित खबरों के लिए जिम्मेदार हैं, जिन्होंने संबंधित समाचार की सत्यता की पुष्टि किए बिना इसे प्रकाशित किया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि पुलिस रिपोर्ट 'पूरी तरह से झूठी और मनगढ़ंत' थी।

शिकायतकर्ता ने कहा कि कथित घटना के समय वह अपराध स्थल पर था ही नहीं और बाद में उसका नाम आरोप पत्र से हटा दिया गया। उसने आरोप लगाया कि आवेदकों ने पुलिस रिपोर्ट की सत्यता का पता लगाए बिना समाचार प्रकाशित किया, जिससे उसकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची। न्यायाधीश ने समाचार पत्र के मालिकों के खिलाफ मानहानि के मामले को खारिज करते हुए प्रेस की स्वतंत्रता और मीडिया द्वारा प्रदान की जाने वाली जानकारी के महत्व पर जोर दिया।

कोर्ट ने कहा, 'यह सामान्य ज्ञान की बात है कि दैनिक समाचार पत्रों में कम से कम कुछ स्थान अपराधों के मामले दर्ज होने, अदालतों में मुकदमे दाखिल होने, जांच की प्रगति, व्यक्तियों की गिरफ्तारी आदि से संबंधित समाचारों के लिए निर्धारित होते हैं। इनसे कुछ समाचार बनते हैं, जिन्हें जानना जनता का अधिकार है।'

लोकमत की खबर के मुताबिक, यह मामला यवतमाल जिले के मारेगांव स्थित मारवाड़ी चौक की संपत्ति के विवाद में रविंद्र घीसूलाल गुप्ता व अरविंद गुप्ता परिवार के बीच विवाद व मारपीट का था। दोनों पक्षों के खिलाफ दर्ज मामले की खबर 20 मई 2016 को लोकमत में संतुलित तरीके से प्रकाशित की गई थी। रविंद्र गुप्ता ने लोकमत मीडिया के चेयरमैन विजय दर्डा और एडिटर-इन-चीफ राजेंद्र दर्डा के खिलाफ फौजदारी मुकदमा दायर किया था। 

प्रथम श्रेणी न्यायदंडाधिकारी ने इस पर 16 जनवरी 2018 को प्रोसेस इशू किया था। इस आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी गई थी। हाई कोर्ट ने यवतमाल के प्रथम श्रेणी न्यायदंडाधिकारी के आदेश पर रोक लगा दी और दोनों पर फौजदारी शिकायत को हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया।

इस खबर को लेकर ‘लोकमत’ ने अपने एक संपादकीय में कहा, ‘पीआरबी एक्ट के तहत किसी भी अखबार में खबरों के चयन और प्रस्तुतिकरण की संपूर्ण जिम्मेदारी संपादक की होती है। अखबार के प्रिंट लाइन में इस बात का स्पष्ट तौर पर जिक्र भी होता है। ऐसी स्थिति में किसी खबर को लेकर चेयरमैन या एडिटर-इन-चीफ को शिकायत के घेरे में नहीं रखा जा सकता है। सर्वोच्च न्यायालय ने केएम मैथ्यू मामले में फैसला दिया था कि अखबारों में प्रकाशित खबरों के लिए एडिटर के जिम्मेदार होने से चेयरमैन, ग्रुप एडिटर व अन्य को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। हाई कोर्ट ने इस दलील को मान्य किया। वास्तव में केवल अखबार की लाइन में नाम है इसलिए मीडिया संस्था के उच्च अधिकारियों के खिलाफ फौजदारी मामला दायर नहीं किया जा सकता। इसके बावजूद यह देखने में आता है कि कुछ लोग चेयरमैन, एडिटर-इन-चीफ या ग्रुप एडिटर जैसे पद पर बैठे लोगों को शिकायत के घेरे में शामिल कर लेते हैं। यह प्रवृत्ति लगातार बढ़ रही है और इसके पीछे अखबार के पूरे प्रबंधन को दबाव में लाने की मंशा रहती है। इस मामले में भी ऐसा ही हुआ था। संपादक का नाम शिकायत पत्र में शामिल नहीं था जबकि चेयरमैन और एडिटर-इन-चीफ का नाम शामिल किया गया था। इस मामले में लोकमत ने जो खबर प्रकाशित की थी, वह एफआईआर के आधार पर थी। खबर का स्रोत स्पष्ट था इसलिए मानहानि जैसी कोई बात उठती ही नहीं है। 

भारतीय संविधान का आर्टिकल 19(1)(ए) फ्रीडम ऑफ स्पीच को सुनिश्चित करता है। मीडिया को यह अधिकार है कि वह उन सभी बातों को रिपोर्ट करे जो पब्लिक डोमेन में हैं। लोगों को जानकारी देना उसका न केवल अधिकार है बल्कि दायित्व भी है। निश्चय ही बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर खंडपीठ का यह फैसला दूरगामी है और मीडिया प्रबंधन को बगैर किसी भय के काम करने में मदद मिलेगी। मीडिया को प्रताड़ित करने, दबाव डालने या भयभीत करने की कोशिश करने की प्रवृत्ति पर भी रोक लगेगी। मीडिया के मजबूत होने का सीधा सा अर्थ है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूती मिलेगी। लोगों की आवाज मजबूत करने का माध्यम आखिर मीडिया ही तो है।’

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प्रकाशित हुई IIMC की किताब 'शुक्रवार संवाद'

IIMC द्वारा प्रकाशित पुस्तक 'शुक्रवार संवाद' का विमोचन मंगलवार को माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल के कुलपति प्रो. केजी सुरेश ने किया

Last Modified:
Tuesday, 28 June, 2022
IIMC45

भारतीय जन संचार संस्थान (आईआईएमसी) द्वारा प्रकाशित पुस्तक 'शुक्रवार संवाद' का विमोचन मंगलवार को माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल के कुलपति प्रो. केजी सुरेश ने किया। इस अवसर पर आईआईएमसी के महानिदेशक प्रो. (डॉ.) संजय द्विवेदी, डीन अकादमिक प्रो. (डॉ.) गोविंद सिंह, पुस्तक के संपादक व डीन छात्र कल्याण प्रो. (डॉ.) प्रमोद कुमार, डॉ. पवन कौंडल व श्री संत समीर भी उपस्थित थे।

इस अवसर पर प्रो. सुरेश ने कहा कि 'शुक्रवार संवाद' समाज और संस्कृति का विमर्श है। नवोदित पत्रकारों के लिए यह पुस्तक बेहद उपयोगी है। यह पुस्तक न सिर्फ मीडिया से जुड़े विभिन्न विषयों पर एक नए तरीके से सोचने पर विवश करती है, बल्कि समाज और संस्कृति से जुड़े मुद्दों को भी सरल शब्दों में पाठकों के समक्ष प्रस्तुत करती है। उन्होंने कहा कि संचार, मीडिया, विज्ञापन और जनसंपर्क के विद्यार्थियों की जानकारी का आकाश जितना विस्तृत होगा, उनकी अभिव्यक्ति भी उतनी ही बेहतर होगी। इस दिशा में यह पुस्तक सभी विद्यार्थियों के लिए मूल्यवान है।

आईआईएमसी के महानिदेशक प्रो. (डॉ.) संजय द्विवेदी ने कहा कि कोई भी समाज सार्थक संवाद से ही जीवंत बनता है। 'शुक्रवार संवाद' भारतीय जन संचार संस्थान का ऐसा लोकप्रिय विमर्श मंच बन चुका है, जहां सिर्फ पत्रकारिता नहीं, बल्कि समाज जीवन के विविध क्षेत्रों की प्रतिभाएं विद्यार्थियों से संवाद करती हैं। उन्होंने कहा कि इस पुस्तक के माध्यम से ये समस्त संवाद हमारे पास संरक्षित हो जाएंगे। यह पुस्तक हम सभी की चिंतन और विमर्श प्रकिया को आगे बढ़ाएगी।

आईआईएमसी के डीन छात्र कल्याण एवं पुस्तक के संपादक प्रो. (डॉ.) प्रमोद कुमार ने कहा कि विद्यार्थियों के कौशल विकास और महत्वपूर्ण विषयों पर उनकी समझ को विकसित करने के लिए आईआईएमसी वर्ष 2020 से 'शुक्रवार संवाद' नामक कार्यक्रम का आयोजन कर रहा है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों को अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर वह जानकारी प्रदान की जाती है, जो उन्हें क्लासरूम में प्राप्त नहीं होती। यह जानकारी आईआईएमसी के दूसरे विद्यार्थियों के भी काम आए, इस दृष्टि से इन कार्यक्रमों का संकलन इस पुस्तक में किया गया है।

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हास्य कवि सुरेंद्र शर्मा को लेकर ‘न्यूज18 इंडिया’ से हो गई बड़ी भूल, मांगी पाठकों से माफी

कई बार तमाम न्यूज संस्थानों से कुछ इस तरह की गलतियां हो जाती हैं, जिससे उन्हें किरकिरी का सामना करना पड़ता है और ‘भूल सुधार’ तक प्रकाशित/प्रसारित करना पड़ता है।

Last Modified:
Tuesday, 28 June, 2022
News18 India

इसे काम का अत्यधिक दबाव कह लें, खबरों को जल्दी से जल्दी ‘ब्रेक’ करने की होड़ कह लें अथवा लापरवाही। कई बार तमाम न्यूज संस्थानों से कुछ इस तरह की गलतियां हो जाती हैं, जिससे उन्हें किरकिरी का सामना करना पड़ता है और ‘भूल सुधार’ तक प्रकाशित/प्रसारित करना पड़ता है।

हाल ही में कुछ ऐसा ही नामी-गिरामी हास्य कवि सुरेंद्र शर्मा की खबर को लेकर ‘नेटवर्क18’ समूह की हिंदी न्यूज वेबसाइट ‘न्यूज18 इंडिया’ के साथ हुआ, जब उसे सार्वजनिक रूप से गलती मानते हुए भूल सुधार पब्लिश करना पड़ा।

दरअसल, हुआ कुछ ऐसा कि हाल ही में पंजाबी कॉमेडियन सुरिंदर शर्मा का निधन हो गया था। इस पर ‘न्यूज18 इंडिया’ ने ’पंजाबी कॉमेडियन सुरिंदर शर्मा का निधन, शोक में मनोरंजन जगत’ नाम से वेबसाइट पर एक खबर पब्लिश कर दी। इस खबर में ‘न्यूज18 इंडिया’ ने बताया कि पंजाबी इंडस्ट्री के मशहूर कॉमेडियन, कवि और लेखक सुरिंदर शर्मा अब इस दुनिया में नहीं रहे। उन्होंने थियेटर से लेकर फिल्मों और शोज में भी काम किया था। लेकिन, इस खबर में जो फोटो लगाई गई, वह जाने-माने हास्य कवि सुरेंद्र शर्मा की थी।

देखते ही देखते यह खबर वायरल हो गई। इसके बाद तो सोशल मीडिया पर सुरेंद्र शर्मा की तस्वीर वायरल होने लगी। कई प्रशंसकों ने उन्हें श्रद्धांजलि देना तक शुरू कर दिया। सुरेंद्र शर्मा तक भी यह खबर पहुंची। इसके बाद उन्होंने खुद एक वीडियो जारी किया और अपनी सलामती के बारे में बताया। इसके बाद ‘न्यूज18 इंडिया’ ने इस बारे में अपनी गलती मानी और सुरिंदर शर्मा की सही फोटो लगाते हुए भूल सुधार पब्लिश किया। अपने माफीनामे में ‘न्यूज18 इंडिया’ ने इस गलती को मानवीय भूल बताते हुए खेद प्रकट किया है। अपने भूल सुधार में इस वेबसाइट ने लिखा-‘इस खबर में मानवीय भूलवश हिंदी के सुप्रसिद्ध हास्य कवि सुरेंद्र शर्मा की फोटो प्रकाशित हो गई थी, इसके लिए हम क्षमा प्रार्थी हैं।‘ ‘न्यूज18 इंडिया’ की इस खबर को आप यहां क्लिक कर पढ़ सकते हैं। 

गौरतलब है कि कुछ साल पहले तमाम मीडिया संस्थानों ने मसालों के किंग के रूप में चर्चित एमडीएच के मालिक महाशय धर्मपाल गुलाटी (अब दिवंगत) के निधन की खबर चला दी थी। बाद में उनके परिवार की ओर से इस खबर का खंडन करते हुए एक विडियो जारी किया गया था। मीडिया में चल रहीं इस तरह की खबरों पर परिवार ने निंदा भी की थी। उस समय परिवार की ओर से जारी संदेश में कहा गया था कि वह एकदम स्वस्थ हैं। बता दें कि सोशल मीडिया पर धर्मपाल के निधन की अफवाह उड़ने के बाद कई प्रमुख न्यूज वेबसाइट ने भी यह खबर पब्लिश कर दी थी।

मशहूर हास्य कवि सुरेंद्र शर्मा द्वारा अपनी सलामती के बारे में शेयर किए गए वीडियो को आप यहां देख सकते हैं-

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इस बड़े पद पर Viacom18 Sports से जुड़े पुष्पेंद्र सिंह

‘वायकॉम18 स्पोर्ट्स’ को जॉइन करने से पहले पुष्पेंद्र सिंह एक शॉर्ट वीडियो प्रॉडक्शन और क्रिएटर इकनॉमी स्टार्टअप ‘Fandawm’ के को-फाउंडर रहे हैं।

Last Modified:
Monday, 27 June, 2022
Pushpendra Singh Viacom18 Sports

‘वायकॉम18 स्पोर्ट्स’ (Viacom18 Sports) ने पुष्पेंद्र सिंह को चीफ प्रॉडक्ट ऑफिसर के तौर पर नियुक्त किया है। ‘वायकॉम18 स्पोर्ट्स’ को जॉइन करने से पहले पुष्पेंद्र सिंह एक शॉर्ट वीडियो प्रॉडक्शन और क्रिएटर इकनॉमी स्टार्टअप ‘Fandawm’ के को-फाउंडर रहे हैं।  

इस बारे में अपनी एक लिंक्डइन पोस्ट में पुष्पेंद्र सिंह ने लिखा है, ‘वायकॉम 18 स्पोर्ट्स में चीफ प्रॉडक्ट ऑफिसर के रूप में अपनी नई पारी की घोषणा करते हुए मुझे काफी खुशी हो रही है। आईपीएल डिजिटल मीडिया अधिकारों के साथ वायकॉम18 एक शानदार स्पोर्ट्स वीडियो स्ट्रीमिंग अनुभव देने के लिए पूरी तरह तैयार है। धन्यवाद वायकॉम18 टीम।’

पुष्पेंद्र सिंह को शॉर्ट वीडियो, ओटीटी म्यूजिक, वीडियो स्ट्रीमिंग, ई-कॉमर्स, प्रॉडक्ट मैनेजमेंट एंड ग्रोथ, कंटेंट स्ट्रैटेजी और मोबाइल एंड इंटरनेट प्लेटफॉर्म्स का काफी अनुभव है। पूर्व में वह MX Player, MX TakaTak, Gaana, Amazon, Snapdeal, Genpact Headstrong और Sapient जैसी जानी-मानी कंपनियों में अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं।

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इंडिया टुडे के सर्वे में बरकरार रही IIMC की ‘बादशाहत’

‘आईआईएमसी‘ के महानिदेशक प्रो. संजय द्विवेदी ने कहा, हमारा उद्देश्य है कि ‘आईआईएमसी‘ कम्युनिकेशन की दुनिया के ‘ग्लोबल लीडर्स’ तैयार करे।

Last Modified:
Monday, 27 June, 2022
IIMC

देश की प्रतिष्ठित पत्रिका ‘इंडिया टुडे’ (India Today) के 'बेस्ट कॉलेज सर्वे' (Best College Survey) में ‘भारतीय जनसंचार संस्थान‘ (IIMC), नई दिल्ली को पत्रकारिता एवं जनसंचार के क्षेत्र में देश का सर्वश्रेष्ठ मीडिया शिक्षण संस्थान घोषित किया गया है।

इस उपलब्धि पर ‘आईआईएमसी‘ के महानिदेशक प्रो. संजय द्विवेदी ने कहा, ‘आईआईएमसी‘ परिवार के लिए बड़े ही गर्व का विषय है। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर और संस्थान के चेयरमैन अपूर्व चंद्र के मार्गदर्शन और सहयोग से संस्थान अकादमिक गुणवत्ता के मानकों को स्थापित करने में सफल रहा है।‘ उन्होंने कहा कि ‘आईआईएमसी‘ के सभी पूर्व महानिदेशकों, श्रेष्ठ प्राध्यापकों, अधिकारियों और कर्मचारियों के अथक प्रयास से ही हम लगातार कई वर्षों से पहले स्थान पर हैं।

प्रो. द्विवेदी के अनुसार, ‘डिजिटल मीडिया और मीडिया कन्वर्जेंस आज की जरुरत है। ‘आईआईएमसी‘ ने मीडिया शिक्षण, प्रशिक्षण और शोध के क्षेत्र में एक अलग जगह बनाई है। हमने मीडिया क्षेत्र की जरूरतों के हिसाब से पाठ्यक्रमों को निरंतर अपडेट किया है। यही कारण है कि ‘आईआईएमसी‘ के पूर्व छात्र आज देश के ही नहीं, विदेशों के भी मीडिया, सूचना और संचार संगठनों में नेतृत्वकारी भूमिका में हैं।

प्रो. द्विवेदी ने कहा कि विद्यार्थियों की सफलता ही किसी संस्थान की सफलता है। हम अपने विद्यार्थियों को हर वह अवसर सुलभ करा रहे हैं, जो उनके सर्वांगीण विकास के लिए जरूरी हैं। हम चाहते हैं कि दुनिया के सफलतम लोगों से हमारे विद्यार्थी संवाद कर पाएं। हमारा उद्देश्य है कि ‘आईआईएमसी‘ कम्युनिकेशन की दुनिया के ‘ग्लोबल लीडर्स’ तैयार करे।

गौरतलब है कि ‘भारतीय जनसंचार संस्थान‘ सूचना और प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन पत्रकारिता और जनसंचार के क्षेत्र में प्रमुख शिक्षण संस्थान है। ‘आईआईएमसी‘ हिंदी पत्रकारिता, अंग्रेजी पत्रकारिता, विज्ञापन एवं जनसंपर्क, रेडियो एवं टेलीविजन, डिजिटिल मीडिया, ओड़िया, मराठी, मलयालम और उर्दू पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा पाठ्यक्रम संचालित करता है।

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इस प्रतिष्ठित अवॉर्ड से नवाजे गए iTV नेटवर्क के फाउंडर और MD कार्तिकेय शर्मा

नवनियुक्त राज्यसभा सदस्य कार्तिकेय शर्मा को खेलों में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए दिल्ली में रविवार को आयोजित एक कार्यक्रम में यह सम्मान दिया गया।

Last Modified:
Monday, 27 June, 2022
Kartikeya Sharma

‘प्रो स्पोर्टीफाई’ (Pro Sportify) के संस्थापक और हरियाणा से नवनिर्वाचित राज्यसभा सदस्य कार्तिकेय शर्मा को भारतीय खेलों में उनके बेजोड़ योगदान के लिए ‘स्पोर्ट्स फैन अवार्ड 2022‘ (Sports Fan Award 2022)  से सम्मानित किया गया है।

नवनियुक्त राज्यसभा सदस्य कार्तिकेय शर्मा को दिल्ली में रविवार को आयोजित ‘स्पोर्ट्स फिलेंथ्रॉपी अवॉर्ड्स’ कार्यक्रम में खेलों में उनके उल्लेखनीय योगदान और लीग के माध्यम से ओलंपिक खेलों को बढ़ावा देने में अनुकरणीय समर्पण के लिए इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

बता दें कि ‘आईटीवी नेटवर्क’ (iTV Network) के फाउंडर व मैनेजिंग डायरेक्टर कार्तिकेय शर्मा एक दशक से भी ज्यादा समय से खेलों का समर्थन कर रहे हैं। प्रो रेसलिंग लीग, बिग बाउट इंडियन बाक्सिंग लीग, द इंडियन एरिना पोलो लीग और दो अन्य आगामी लीगों को वह बढ़ावा देने का काम कर रहे हैं।

इस अवार्ड के मिलने के बाद कार्तिकेय शर्मा ने एक ट्वीट कर अपनी खुशी का इजहार किया। अपने ट्वीट में उन्होंने लिखा, ‘मैं आपका बहुत-बहुत आभारी हूं, जो आपने मुझे ये सम्मान दिया। मेरा मानना है कि खेल युवाओं को अच्छी और ऊंची जगह के लिए अग्रसर करता है और मैं हमेशा युवाओं के लिए और खेल जगत के लिए अपना पूर्ण रूप से सहयोग दूंगा।‘

हरियाणा के खेल मंत्री संदीप सिंह,  टीम इंडिया के सुपरफैन सुधीर कुमार गौतम, सुगुमर कुमार, देश की पहली महिला ओलंपियन कर्णम मल्लेश्वरी और लंदन ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता योगेश्वर दत्त ने उन्हें शानदार ट्राफी प्रदान की। गौरतलब है कि राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार विजेताओं, अर्जुन पुरस्कार विजेताओं और द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेताओं समेत भारतीय खेल दिग्गजों ने इस अवॉर्ड के लिए कार्तिकेय शर्मा को चयनित किया।

कार्यक्रम की झलक आप यहां देख सकते हैं-

 

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iTV Network ने ‘अग्निपथ’ योजना का किया समर्थन, की ये बड़ी घोषणा

नवनियुक्त राज्यसभा सदस्य और ‘आईटीवी नेटवर्क’ (iTV Network) के फाउंडर व मैनेजिंग डायरेक्टर कार्तिकेय शर्मा का कहना है कि ये योजना देश की सशस्त्र सुरक्षा प्रणाली को एक नए मुकाम पर ले जाएगी।

Last Modified:
Saturday, 25 June, 2022
itv Network

रक्षा सेनाओं (आर्मी, नेवी, एयर फोर्स) में भर्ती के लिए पिछले दिनों सरकार द्वारा लॉन्च की गई ‘अग्निपथ योजना’ (Agnipath Scheme) का काफी विरोध हो रहा है। इस योजना को लेकर तमाम सवाल उठ रहे हैं। ‘चार साल बाद अग्निवीर क्या करेंगे?’ के जवाब में केंद्रीय बलों (सीएपीएफ); यूपी, हरियाणा, उत्तराखण्ड, आदि राज्यों में पुलिस व सम्बद्ध विभागों में भर्ती में प्राथमिकता की घोषणा की जा रही हैं। कई औद्योगिक घराने भी सरकार की इस योजना के समर्थन में आगे आए हैं। हाल ही में ‘महिंद्रा’ ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने अग्निवीरों को सेवानिवृत्ति के बाद अपने ग्रुप में नौकरी देने की बात कही है।

देश के बड़े न्यूज ब्रॉडकास्टर्स में शुमार ‘आईटीवी नेटवर्क’ (iTV Network) ने भी सरकार की इस योजना का समर्थन किया है।

नवनियुक्त राज्यसभा सदस्य और ‘आईटीवी नेटवर्क’ (iTV Network) के फाउंडर व मैनेजिंग डायरेक्टर कार्तिकेय शर्मा का कहना है कि सेना में भर्ती की ‘अग्निपथ’ स्कीम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच का परिणाम है। ये योजना गेम-चेंजर साबित होगी और देश की सशस्त्र सुरक्षा प्रणाली को एक नए मुकाम पर ले  जाएगी।

इसके साथ ही कार्तिकेय शर्मा ने घोषणा की है कि चार साल की नौकरी के बाद उनके नेटवर्क की तरफ से भी अग्निवीरों को हरसंभव मदद की जाएगी और योग्यता के आधार पर नौकरी पर रखा जाएगा।

गौरतलब है कि कार्तिकेय शर्मा ने काफी कम उम्र में मीडिया बिजनेस में मजबूती से अपने पैर जमा लिए हैं और हाल ही में हुए राज्यसभा चुनाव में हरियाणा से कांग्रेस के अजय माकन को हराकर अपनी जीत दर्ज की है।

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