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इन पत्रकारों के सिर सजा प्रतिष्ठित रामनाथ गोयनका अवॉर्ड का ताज
दिल्ली में आयोजित एक समारोह में राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने कई कैटेगरी में विजेताओं को किया सम्मानित, द क्विंट के चार पत्रकारों को मिला अवॉर्ड
समाचार4मीडिया ब्यूरो 6 years ago
पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले पत्रकारों को प्रतिष्ठित रामनाथ गोयनका उत्कृष्ट पत्रकारिता पुरस्कार से नवाजा गया। दिल्ली में सोमवार को आयोजित एक समारोह में राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने साल 2018 में प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में बेहतरीन काम करने वाले पत्रकारों को यह पुरस्कार प्रदान किया।
राष्ट्रपति ने प्रिंट कैटेगरी में ‘गांव कनेक्शन’ की दिति बाजपेई और ब्रॉडकास्ट में ‘द क्विंट.कॉम’ के पत्रकार शादाब मोइजी को पुरस्कृत किया। ‘द क्विंट.कॉम’ की ही पूनम अग्रवाल को भी इस अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। रिपोर्टिंग फ्रॉम कनफ्लिक्टिंग जोन कैटेगरी में इंडियन एक्सप्रेस के दीपांकर घोष(प्रिंट/डिजिटल), ब्रॉडकास्ट में दूरदर्शन के धीरज कुमार, दूरदर्शन के ही दिवंगत पत्रकार अच्युतानंद साहू, मोरमुकट साहू को पुरस्कृत किया गया।
वहीं, रीजनल कैटेगरी में अल समय (प्रिंट/डिजिटल) की अन्वेषा बैनर्जी और ब्रॉडकास्ट में मनोरमा न्यूज के सनीश टीके को यह अवॉर्ड दिया गया। पर्यावरण और विज्ञान कैटेगरी में स्क्रॉल.इन की मृदुला चारी और विनिता गोविंदराजन, जबकि ब्रॉडकास्ट में बीबीसी हिंदी सर्विस की सर्वप्रिया सांगवान को इस अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। अनकवरिंग इंडिया इनविजिबल कैटेगरी (प्रिंट/डिजिटल) में इंडियन एक्सप्रेस की हिना रोहतकी, ब्रॉडकास्ट में दक्विंट.कॉम की अस्मिता नंदी और दक्विंट.कॉम के ही मेघनाद बोस को पुरस्कृत किया गया।
बुक (नॉन-फिक्शन) कैटेगरी में ज्ञान प्रकाश और फोटो पत्रकारिता कैटेगरी में टाइम्स ऑफ इंडिया के फोटो जर्नलिस्ट सुरेश कुमार को इस अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। बता दें कि वर्ष 2006 में स्थापित रामनाथ गोयनका पुरस्कार उत्कृष्ट पत्रकारिता पुरस्कार प्रिंट, ब्रॉडकास्ट और डिजिटल मीडिया के ऐसे पत्रकारों को दिया जाता है, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में सही और तथ्यपरक समाचार देते हुए चरित्र और समर्पण की असाधारण शक्ति दिखाई है।
हर श्रेणी में एक लाख रुपए की पुरस्कार राशि के साथ उसके लेखक को सम्मानित किया गया। इस मौके पर राष्ट्रपति का कहना था कि पत्रकारिता बिना किसी डर या पक्षपात के होनी चाहिए। इसकी मूलभूत प्रतिबद्धता सच्चाई को सबसे ऊपर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि फेक न्यूज एक नई बुराई के रूप में सामने आई है, जिनके पैरोकार खुद को पत्रकार बताते हैं और इस महान पेशे को कलंकित करते हैं।
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