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पत्रकार की हत्या मामले में प्रेस काउंसिल ने लिया स्वत: संज्ञान, मांगी रिपोर्ट
बिहार के मधुबनी जिले के बेनीपट्टी के स्थानीय पत्रकार और आरटीआई कार्यकर्ता अविनाश झा ऊर्फ बुद्धिनाथ झा के अपहरण के बाद हत्या मामले में प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया ने भी संज्ञान लिया है
समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 years ago
बिहार के मधुबनी जिले के बेनीपट्टी के स्थानीय पत्रकार और आरटीआई कार्यकर्ता अविनाश झा ऊर्फ बुद्धिनाथ झा के अपहरण के बाद हत्या मामले में प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया ने भी संज्ञान लिया है।
प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन जस्टिस चंद्रमौली कुमार प्रसाद ने बिहार सरकार के मुख्य सचिव और डीजीपी, बिहार से अविनाश हत्याकांड को लेकर सभी बिंदुओं पर जांच कर रिपोर्ट तलब की है। अब ऐसे में बिहार सरकार के मुख्य सचिव और डीजीपी को इस पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया (Press Council Of India) को सौंपनी होगी।
बता दें कि हाल ही में मधुबनी जिले के बेनीपट्टी थाने से महज 400 मीटर की दूरी से पत्रकार बुद्धिनाथ झा उर्फ अविनाश झा का अपहरण कर उनकी निर्मम हत्या कर दी गई थी। 9 नवंबर को अविनाश अपने घर के पास से रात के 10 बजे करीब निकले थे, जिन्हें अंतिम बार उसी रात 10.10 बजे थाने से 400 मीटर की दूरी पर देखा गया था। इसके बाद से वह गायब थे। 10 नवंबर को अविनाश की गुमशुदगी की जानकारी थाने को दी गई। 11 नवंबर को अविनाश के मंझले भाई चंद्रशेखर झा ने थाने को आवेदन देकर 11 क्लीनिकों पर नामजद मुकदमा किया, जिसके अगले दिन 12 तारीख की शाम बेनीपट्टी थाने से करीब 5 किलोमीटर की दूरी पर अविनाश का शव उड़ेन गांव में मिला, जिसके बाद उसी रात उनके शव का पोस्टमार्टम हुआ व 13 नवंबर को उनका सिमरिया में अंतिम संस्कार किया गया।
इस बीच जिला पुलिस ने दावा किया है कि अविनाश की हत्या प्रेम प्रसंग को लेकर की गई है। वहीं, मृतक के परिवार वालों ने पुलिस के इस दावे को इनकार कर दिया है। अविनाश के परिजनों का आरोप है कि पुलिस पत्रकार की हत्या करने वाले 'मेडिकल माफिया' को बचाने के लिए अपराध में शामिल असली दोषियों को गिरफ्तार नहीं कर इसे अब प्रेम प्रसंग बता रही है।
बेनीपट्टी पुलिस उपाधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने इस मामले में छह लोगों की गिरफ्तारी और हत्याकांड का खुलासा होने का दावा करते हुए कहा कि जांच और गिरफ्तारी के बाद इस मामले में त्रिकोणीय प्रेम प्रसंग का पहलू सामने आया है। सिंह ने बताया कि इस मामले में पहले एक महिला पूर्णकला देवी की गिरफ्तारी की गई, उसके बाद रौशन कुमार साह, बिट्टू कुमार पंडित, दीपक कुमार पंडित, पवन कुमार पंडित और मनीष कुमार को गिरफ्तार किया गया।
उन्होंने बताया कि गिरफ्तार महिला से पवन एक तरफा प्रेम करता था जबकि बुद्धिनाथ झा के साथ महिला ने प्रेम की बात स्वीकारी है। सिंह ने बताया कि पवन नहीं चाहता था कि बुद्धिनाथ झा और पूर्णकला आपस में बात करें। पवन पूर्णकला पर बुद्धीनाथ से बात नहीं करने का दबाव डालता था। उन्होंने आगे कहा कि पवन और रौशन ने त्रिकोणीय प्रेम प्रसंग को लेकर बुद्धिनाथ की हत्या कर दी थी। इस बीच पुलिस बुद्धिनाथ के परिवार द्वारा लगाए गए आरोप कि उक्त क्षेत्र में संचालित नर्सिंग होम और अस्पताल चलाने वालों ने उनकी हत्या की, इसकी भी जांच कर रही है। स्थानीय पुलिस अधिकारी ने कहा, ऐसा इसलिए है क्योंकि उसने अपनी ऑनलाइन समाचार रिपोर्टों में कई 'फर्जी' नर्सिंग होम और अस्पतालों के बारे में जानकारी का खुलासा किया था।
बुद्धिनाथ झा के गायब होने से 2 दिन पहले 7 नवंबर को उन्होंने अपने फेसबुक पर एक पोस्ट डाला था, जिसमें उन्होंने लिखा था कि करीब 8-9 अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई होने वाली है, जिसमें उन्होंने कैप्शन दिया था.. खेला होबे… Game Starts 15.11.2021 और इसके बाद ही 9 नवंबर को अविनाश का अपहरण कर लिया गया और 12 नवंबर को उनकी लाश मिली।
बताया जाता है कि जिस संभावित खेला की बात अविनाश ने की थी। वह नजर भी आया। 15 नवंबर को अनन्या नर्सिंग होम व अनुराग हेल्थ केयर पर बुद्धिनाथ झा के आवेदन के आलोक में कार्रवाई हुई और दोनों पर मधुबनी के सिविल सर्जन ने 50-50 हजार का जुर्माना लगाया गया व अस्पताल बंद करने का आदेश जारी किया गया।
बिहार लोक शिकायत निवारण अधिनियम और सूचना का अधिकार अधिनियम का उपयोग करते हुए बुद्धिनाथ झा ने इस साल फरवरी में बेनीपट्टी और धकजरी में 19 अवैध पैथोलॉजी लैब को बंद करवाया था।
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