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पत्रकारों की गिरफ्तारी को लेकर इन सवालों में 'उलझे' अधिकारी
गैंगस्टर एक्ट में गिरफ्तार चार पत्रकारों की पांच दिनों की रिमांड खत्म होने के बाद पुलिस-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने की थी प्रेस कॉन्फ्रेंस
समाचार4मीडिया ब्यूरो 6 years ago
पत्रकारिता की आड़ में अवैध वसूली में लिप्त रहने के आरोप में गैंगस्टर एक्ट के तहत गिरफ्तार चार पत्रकारों की पांच दिनों की पुलिस रिमांड खत्म हो गई है। रिमांड के दौरान इन पत्रकारों से पूछताछ में क्या सामने आया, यह बताने के लिए उत्तर प्रदेश में गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी बीएन सिंह और एसएसपी वैभव कृष्ण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस तो की, लेकिन इस दौरान कई सवालों के जवाब नहीं दे सके।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एसएसपी ने दावा किया कि पांचों पत्रकारों ने हथियारों के लाइसेंस, ट्रांसफर-पोस्टिंग के नाम पर वसूली की। इन्होंने सरकारी जमीनों पर भी कब्जे किए, लेकिन ट्रांसफर-पोस्टिंग के ‘खेल’में इन पत्रकारों के साथ किन अधिकारियों की मिलीभगत थी? किस तरह से इन पत्रकारों ने अवैध संपत्ति बनाई? जैसे सवालों पर दोनों अधिकारी कोई जवाब नहीं दे सके और खामोश ही रहे।
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कॉन्फ्रेंस में एसएसपी ने दावा किया कि लखनऊ से गिरफ्तार न्यूज पोर्टल संचालक नीतीश पांडेय ने गढ़ी चौखंडी में प्राधिकरण की अधिग्रहीत जमीन पर कब्जा करने के आरोपित अपने रिश्तेदार रवींद्र दूबे का नाम केस से हटवाने का दबाव बनाया था। ऐसा करने से मना करने पर उसने अपनी वेबसाइट पर नोएडा पुलिस के अधिकारियों के खिलाफ फर्जी खबरें चलाना शुरू कर दिया। हालांकि, फर्जी खबरें चलाने पर नीतीश को पुलिस की ओर से कोई नोटिस दिया या अवमानना का केस किया गया? इस सवाल पर भी एसएसपी चुप रहे।
एसएसपी ने बताया कि रिमांड पर पत्रकारों ने हाई कोर्ट के वकील डीके पाठक का भी नाम लिया। एससएपी के अनुसार, इस वकील ने ही इन्हें पुलिस के खिलाफ दुष्प्रचार की सलाह दी थी। एक सवाल यह भी उठा कि जब पुलिस इस मामले में डीके पाठक की भूमिका मान रही है, तो उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई? वहीं वकील डीके पाठक ने कहा कि साल 2016 में राज्यपाल ने सरकारी वकील के तौर पर उनकी नियुक्ति की थी। उन्होंने पुलिस पर एक साजिश के तहत फंसाने का आरोप लगाया है।
एसएसपी ने यह भी बताया कि चंदन ने इस साल अपने आईटी रिटर्न में अपनी इनकम 84 हजार रुपए बताई है, जबकि उसके पास से एक फॉर्च्यूनर व एक आई-20 कार मिली है। वह करीब 6 लोगों के साथ न्यूज पोर्टल चला रहा था। उसके व परिवार के बैंक खातों में काफी ट्रांजेक्शन होने का पता चला है।
बता दें कि पुलिस द्वारा 23 अगस्त को छापेमारी कर पत्रकार चंदन रॉय, नीतीश पांडेय, सुशील पंडित और उदित गोयल को गिरफ्तार किया था। नोएडा पुलिस ने बीटा 2 कोतवाली में इन पत्रकारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। पांचवां आरोपित पत्रकार रमन ठाकुर फिलहाल फरार है। उस पर 25 हजार रुपए का इनाम रखा गया है।
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