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महामारी में वरदान साबित होगी एफमैक की पहल, 15 दिनों में तैयार किया प्री कोविड अस्पताल
आगरा के जूता निर्यातकों की सबसे बड़ी संस्था एफमैक ने कोरोना महामारी से निपटने के लिए जिला प्रशासन के सहयोग से एफमैक प्री कोविड हॉस्पिटल की शुरुआत की है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 years ago
कोरोना संकट के बीच आगरा के लोगों के लिए ये राहत भरी खबर है। आगरा के जूता निर्यातकों की सबसे बड़ी संस्था एफमैक ने कोरोना महामारी से निपटने के लिए जिला प्रशासन के सहयोग से एफमैक प्री कोविड हॉस्पिटल की शुरुआत की है। लगभग 15 दिनों से युद्ध स्तर पर इसकी तैयारी चल रही थी, जिसे मंगलवार की सुबह अंतिम रूप दे दिया गया। कोविड मरीजों के इलाज के लिए बनकर तैयार हुए 350 बेड के इस प्री कोविड हॉस्पिटल के बारे में संस्था पदाधिकारियों ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी। इस दौरान एफमैक के अध्यक्ष पूरन डावर ने बताया कि किस प्रकार इस मुहिम को गति मिली।
विभागों के आपसी समन्वयन से मिली सफलता
एफमैक अध्यक्ष पूरन डावर ने बताया कि जिला प्रशासन के सभी विभागों के आपसी समन्वय से इस प्री कोविड हॉस्पिटल को इतने कम समय में हमने बनाकर तैयार किया। जिलाधिकारी आगरा प्रभु नारायण सिंह के निर्देशन में प्रशासन का भरपूर सहयोग मिला। नगर आयुक्त आगरा निखिल टीकाराम फंदे, डीवीएनएल एमडी इंजी. सुधीर कुमार वर्मा, स्वास्थ्य विभाग में मुख्य चिकित्सा अधिकारी आगरा डॉ. आरसी पांडे आदि अधिकरियों और इनकी कुशल टीम की तत्परता से यह कार्य सम्भव हुआ।
चिकित्सा व्यवस्थाओं को संभालेगा जिला प्रशासन
एफमैक प्री कोविड हॉस्पिटल में चिकित्सा व्यवस्थाओं को एफमैक से जुड़े डेढ़ दर्जन से अधिक चिकित्सकों के साथ जिला प्रशासन संभालेगा, जिसमें एसीएमओ और डिप्टी एसीएमओ को जिम्मेदारी दी गईं है। साथ ही चिकित्सा विभाग ने डॉ. जीतेन्द्र लवानिया को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। एफमैक प्री कोविड हॉस्पिटल की प्रशंसा करते हुए जिलाधिकारी प्रभु नारायण सिंह ने कहा कि अस्थाई कोविड सेंटर के रूप में एफमैक का यह प्री हॉस्पिटल मॉडल साबित हो रहा है।
अभी इस श्रेणी के मरीजों का होगा इलाज
कॉन्फ्रेंस के दौरान एफमैक पदाधिकारियों ने बताया कि हॉस्पिटल में 350 बेड्स की व्यवस्था है, जिसमें अभी एल वन और एल प्लस श्रेणी के मरीजों का इलाज होगा। कुछ दिनों में हम एल-टू श्रेणी के मरीजों को भी इसमें शामिल कर लेंगे। अभी हमारे यहां 200 बेड पर ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था है। प्री कोविड हॉस्पिटल की प्रशासनिक जिम्मेदारियों को चंद्र शेखर जीपीआई निभा रहे हैं। हॉस्पिटल को जिला प्रशासन के कोविड कमांड सेंटर से भी जोड़ा गया है। भर्ती होने वाले मरीज कमांड सेंटर के जरिये और हॉस्पिटल के हेल्पलाइन नंबर 9557597705 पर संपर्क कर भर्ती होने की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
विशेषज्ञों ने मरीजों के लिए तैयार किया खास डाइट चार्ट
प्रतिदिन आहार वितरण सूची इस प्रकार है-
• जीरा/अजवाइन गरम पानी 7:00 सुबह
• सुबह का नाश्ता 8:30 सुबह
• चाय / कॉफी 9:00 सुबह
• सूप 12:00 दोपहर
• दोपहर भोज 12:30 दोपहर
• दालचीनी नींबू शहद (CLH) 4:00 सांय
• चाय / कॉफी 6:00 सांय
• रात्रि भोजन 7:30 सांय
• ग्रीन-टी (जरूरत के अनुसार)
नियमित योग और मेडिटेशन को भी किया गया है इलाज में शामिल
योग और मेडिटेशन को भी इलाज में शामिल किया गया है, जिसका प्रतिदिन नियमित समय सुबह 6 बजे से 7 बजे तक रहेगा, साथ ही दोपहर 12 बजे से एक घंटे के लिए मरीज की जरूरत के अनुसार रहेगा सूक्ष्म योग, यौगिक सूक्ष्म व्यायाम, पवनमुक्तासन, वज्रासन की योग क्रियाएं योगाचार्य के निर्देशन में होंगी। तीन बजे मेडिटेशन का समय निर्धारित किया गया है। कोविड सेंटर में आईसीयू वार्ड के साथ कुल 5 हाल बनाए गए हैं, जिनमें लगातार आध्यत्मिक ध्वनि के संगीत की व्यवस्था की गई है।
मरीजों को इलाज के साथ होगा प्रकृति से निकटता का अहसास
भव्य क्षेत्र में फैले एफमैक प्री कोविड हॉस्पिटल में मरीजों को इलाज के साथ-साथ प्रकृति से निकटता का अहसास भी होगा। आस-पास हरभरा वातावरण यहां मरीजों की जल्दी रिकवरी का भी माध्यम बनेगा।
अपनी सामाजिक जिम्मेदारी हमें निभानी ही होगी
एफमैक के अध्यक्ष पूरन डावर ने कहा कि देश एक बड़ी महामारी से जूझ रहा है। स्वाभाविक रूप से जो देश में व्यवस्थाए हैं नाकाफी हैं। सरकार या हेल्थ सेक्टर कितना भी करे ऐसी महामारियों के लिए पर्याप्त नहीं हो सकता। औद्योगिक संगठन हों या सामाजिक संगठन अपनी सामाजिक जिम्मेदारी हमें निभानी ही होगी। सरकार, प्रशासन और डॉक्टर्स के साथ मिलकर एफमैक ट्रस्ट का यह प्रयास मुझे लगता है लोगों के लिए विशेष लाभकारी साबित होगा।
आपदा में कोई भी व्यक्ति इलाज से वंचित न रहे
एफमैक की उपाध्यक्ष रूबी सहगल ने कहा कि यदि किसी बीमारी से पीड़ित होकर पूरा शहर हॉस्पिटल की ओर भगा चला आए तो यह संभव नहीं कि किसी भी देश या प्रदेश का प्रशासन हॉस्पिटल या ऑक्सीजन तुरंत उपलब्ध करा पाए। ऐसे आपातकाल में सामूहिक प्रयासों से ही जीत हासिल की जा सकती है। कोरोना की इस आपदा में कोई भी व्यक्ति इलाज से वंचित न रहे, इसके लिए एफमैक की ओर से यह एक जनहितैषी प्रयास है।
आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं हम
वहीं, एफमैक के कन्वेनर कैप्टन एएस राणा ने कहा कि कोरोना संक्रमण की यह दूसरी लहर है, लोग लगातार इस संक्रमण का शिकार हो रहे हैं। हालांकि कुछ दिन से राहत की खबर आ रही है वहीं दूसरी ओर कुछ एक्सपर्ट तीसरी वेब की बात कह रहे हैं ऐसी किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए हम तैयार हैं। कोविड के इस प्री हॉस्पिटल में विदेशी चिकित्सक भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये अपनी सेवाएं देंगे।
विशेष रूप से रहे मौजूद
पत्रकार वार्ता के दौरान जूता निर्यातक और एफमैक के वरिष्ठ सदस्य विजय निझावन, चंद्रमोहन सचदेवा, अनिरुद्ध तिवारी, अशोक अरोरा इन्क्रेडिबल इंडिया फांउंडेशन के महासचिव अजय शर्मा, ब्रजेश शर्मा और डॉ. आरएन शर्मा आदि विशेष रूप से मौजूद रहे।
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