TRAI के फैसले का TV चैनल्स पर पड़ा ये असर, आर्थिक मंदी का दिखा डर

आर्थिक मंदी और ट्राई के नए टैरिफ ऑर्डर के कारण पिछला साल देश की मीडिया और एडवर्टाइजिंग इंडस्ट्री के लिए काफी चुनौती भरा रहा है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Monday, 17 February, 2020
Last Modified:
Monday, 17 February, 2020
TV

आर्थिक मंदी और ‘टेलिकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया’ (ट्राई) के नए टैरिफ ऑर्डर-2.0 (NTO 2.0) के कारण पिछला साल देश की मीडिया और एडवर्टाइजिंग इंडस्ट्री के लिए काफी चुनौती भरा रहा है। ‘न्यू टैरिफ ऑर्डर’ (NTO) की वजह से तीन बड़े ब्रॉडकास्टर्स का जहां सबस्क्रिप्शन रेवेन्यू बढ़ा है, वहीं इनके विज्ञापन रेवेन्यू में कमी दर्ज की गई है।  

यदि हम ट्रेडिशनल मीडिया की बात करें तो तिमाही तौर पर किए गए विश्लेषण से पता चलता है कि अधिकांश वर्षों के तुलना में जब चौथी तिमाही में त्योहारी सीजन के कारण विज्ञापन खर्च बढ़ जाता था, पिछले साल दूसरी तिमाही में आईपीएल, क्रिकेट वर्ल्ड कप और आम चुनावों के कारण ऐसा रहा था, जबकि तीसरी और चौथी तिमाही में इसमें क्रमश: तीन प्रतिशत और सात प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।  

पिछले दिनों जारी पिच मैडिसन ऐडवर्टाइजिंग रिपोर्ट 2020 (PMAR) के अनुसार, वर्ष 2019 में विज्ञापन खर्च (adex) में 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि इसमें 13.4 प्रतिशत का अनुमान लगाया गया था और वर्ष 2018 में यह 15 प्रतिशत थी। रिपोर्ट में कहा गया है, ‘यदि हम विज्ञापन खर्च को ट्रेडिशनल (टीवी, प्रिंट और रेडियो) के हिसाब से अलग-अलग करें तो पता चलता है इसमें सिर्फ छह प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो वर्ष 2018 में हासिल की गई 12 प्रतिशत ग्रोथ से आधी है।

तमाम उतार-चढ़ावों के बीच पिछले साल विज्ञापन खर्च में 37 प्रतिशत शेयर के साथ टीवी का सबसे ज्यादा योगदान जारी रहा है। हालांकि इस माध्यम में सिर्फ आठ प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। यह एक दशक में तीसरी सबसे कम ग्रोथ है। अब जब हम वित्तीय वर्ष 2019-20 के आखिरी महीने में प्रवेश करने जा रहे हैं, इस बीच आइए तीन बड़े ब्रॉडकास्टर्स ‘जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड’ (Zee Entertainment Enterprises Ltd), ‘सन टीवी नेटवर्क’ (Sun TV Network) और ‘टीवी18’ (Entertainment (Viacom18+AETN18+Indiacast) के तीसरी तिमाही के नतीजों पर नजर डालते हैं।  

जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (Zee Entertainment Enterprises Ltd)

तीसरी तिमाही के दौरान ‘जी’ (ZEE) का रेवेन्यू 5.5 प्रतिशत (साल दर साल) की दर से गिरावट के साथ 2048.7 करोड़ रुपए रह गया जबकि इसी तिमाही में इसका एडवर्टाइजिंग रेवेन्यू 15.8 प्रतिशत (साल दर साल) की दर से घटकर 1230.8 करोड़ रुपए रह गया है। इसके घरेलू एडवर्टाइजिंग रेवेन्यू में 15.7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई जबकि इसी तिमाही में इंटरनेशनल एडवर्टाइजिंग रेवेन्यू 73.8 करोड़ रुपए रहा।   

वहीं, सबस्क्रिप्शन रेवेन्यू को देखें तो यह तीसरी तिमाही में 15.4 प्रतिशत (साल दर साल) की दर से बढ़कर 713.7 करोड़ रुपए हो गया। इसमें घरेलू सबस्क्रिप्शन रेवेन्यू में 21.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई और यह 631.7 करोड़ रुपए हो गया, जबकि इंटरनेशनल सबस्क्रिप्शन रेवेन्यू 82 करोड़ रुपए दर्ज किया गया।  

मीडिया विशेषज्ञों के अनुसार, आर्थिक मंदी और ट्राई के नए टैरिफ ऑर्डर की वजह से एडवर्टाइजिंग रेवेन्यू में गिरावट के कारण ‘जी’ के लिए यह तिमाही ज्यादा बेहतर नहीं रहा। वहीं, फ्रीडिश प्लेटफॉर्म से चैनलों को हटाने ने भी इसमें अपनी भूमिका निभाई।

इस बारे में ‘ZEEL’ के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ पुनीत गोयनका का कहना है, ‘हमारे लिए तीसरी तिमाही का समय सामान्य रूप से ग्रोथ के हिसाब से ठीक रहा है। हालांकि, चुनौतीपूर्ण अर्थव्यवस्था के कारण हमारे ऐडवर्टाइजिंग रेवेन्यू में कमी आई है। हमारे अधिकांश ऐडवर्टाइर्स की ग्रोथ काफी धीमी है, यही कारण है कि विज्ञापन खर्च में कटौती की गई है।’ अगली तिमाही में बेहतरी की उम्मीद जताते हुए गोयनका ने कहा, ‘ट्राई के नए टैरिफ ऑर्डर को कोर्ट में चुनौती दी गई है और हम फैसले का इंतजार कर रहे हैं।’       

टीवी18 (Entertainment (Viacom18+AETN18+Indiacast)

‘टीवी18’ (TV18) का समेकित ऑपरेटिंग रेवेन्यू साल दर साल (YoY) तीन प्रतिशत की गिरावट के साथ 1475 करोड़ रुपए से घटकर 1425 करोड़ रुपए रह गया है। एंटरटेनमेंट रेवेन्यू में भी चार प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है वित्तीय वर्ष 2019 की तीसरी तिमाही (Q3FY19) में 1184 करोड़ रुपए के मुकाबले यह घटकर 1137 करोड़ रुपए रह गया। सबस्क्रिप्शन रेवेन्यू 40 प्रतिशत की ग्रोथ के साथ 458 करोड़ रुपए हो गया। ‘Earnings before interest, tax, depreciation and amortization’ (EBITDA) में 262 प्रतिशत की ग्रोथ देखी गई और वर्ष 2019 की तीसरी तिमाही में 68 करोड़ के मुकाबले यह बढ़कर 245 करोड़ रुपए रह गया। सबस्क्रिप्शन ग्रोथ के बारे में ब्रॉडकास्टर का कहना है कि न्यू टैरिफ ऑर्डर से पारदर्शी माहौल बना है, जिससे टीवी सबस्क्रिप्शन रेवेन्यू का बढ़ना जारी है। हालांकि, इस ब्रॉडकास्टर के सबस्क्रिप्शन रेवेन्यू में ग्रोथ देखी गई है, लेकिन ऐडवर्टाइजिंग रेवेन्यू को लेकर इस पर काफी दबाव बना हुआ है।

सन टीवी नेटवर्क (Sun TV Network)

नए टैरिफ ऑर्डर और तमिलनाडु में डिजिटलीकरण के कारण ‘सन टीवी नेटवर्क’ (Sun TV Network) के सबस्क्रिप्शन रेवेन्यू में भी ग्रोथ देखने को मिली है। 31 दिसंबर 2018 को समाप्त हुई तिमाही में 349.60 करोड़ रुपए की तुलना में इस तिमाही में सबस्क्रिप्शन रेवेन्यू 18 प्रतिशत बढ़कर 411.85 करोड़ रुपए हो गया है। इस तिमाही में प्रॉफिट आफ्टर टैक्स भी छह प्रतिशत बढ़कर 373.45 करोड़ रुपए हो गया है, जबकि इसी अवधि में पहले यह 351.33 करोड़ रुपए था। हालांकि, नेटवर्क के रेवेन्यू में साल दर साल (9.89) की दर से गिरावट दर्ज की गई। मीडिया विशेषज्ञों की मानें तो विभिन्न नेटवर्क्स की तरह ‘सन टीवी नेटवर्क’ को भी चुनौतियों का सामना करना पड़ा और इसके ऐड रेवेन्यू में भी गिरावट दर्ज की गई।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

OpIndia की एडिटर-इन-चीफ नूपुर जे शर्मा को सुप्रीम कोर्ट ने दी बड़ी राहत

नूपुर जे शर्मा और ‘ऑपइंडिया’ के अन्य संपादकों की पैरवी वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी और अधिवक्ता रवि शर्मा कर रहे थे।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 09 December, 2021
Last Modified:
Thursday, 09 December, 2021
Nupur J Sharma

सुप्रीम कोर्ट ने नौ दिसंबर को पश्चिम बंगाल सरकार से न्यूज पोर्टल ‘ऑपइंडिया’ (OpIndia) की एडिटर-इन-चीफ नूपुर जे शर्मा के खिलाफ दर्ज चारों एफआईआर वापस लेने के आदेश दिए हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने असहमति के विचारों के प्रति सहनशीलता के स्तर को कम करने के बारे में न केवल चिंता व्यक्त की बल्कि यह भी कहा कि पत्रकारों को सार्वजनिक क्षेत्र में जानकारी का परिणाम भुगतना पड़ता है।

नूपुर शर्मा और ‘ऑपइंडिया’ के अन्य संपादकों की पैरवी वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी और अधिवक्ता रवि शर्मा कर रहे थे। वहीं, पश्चिम बंगाल सरकार का प्रतिनिधित्व वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ दवे कर रहे थे।

सुप्रीम कोर्ट द्वारा पश्चिम बंगाल सरकार को नूपुर शर्मा के खिलाफ दर्ज चारों एफआईआर वापस लेने के बारे में दिए गए आदेश के बाद नूपुर शर्मा द्वारा एक स्टेटमेंट जारी किया गया है, जिसे आप यहां पढ़ सकते हैं।

प्रिय पाठकों,

यह थोड़ा भावनात्मक हो सकता है, क्योंकि यह मैंने भोगा है। 2020 में मेरे खिलाफ 3 FIR दर्ज की गई। घंटों तक मुझसे पूछताछ की गई। सारी FIR ऑपइंडिया में प्रकाशित रिपोर्ट पर की गई। एक रिपोर्ट– जो हमने दुर्गा पूजा पंडाल में अजान बजाने पर की थी। दूसरी रिपोर्ट– बंगाल में COVID से उबरने और उसके प्रबंधन पर थी। तीसरी रिपोर्ट थी – तेलिनीपारा दंगों पर, जहाँ हिंदुओं पर हमला किया गया था। उस दौरान, मेरे पति, जिनका ऑपइंडिया से कोई लेना-देना नहीं है, से भी पूछताछ की गई। मेरे पिता तक को धमकी दी गई। ऑपइंडिया के CEO राहुल रौशन को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया।

सुप्रीम कोर्ट द्वारा इन एफआईआर पर रोक लगाने के एक साल बाद, बंगाल की सरकार ने एक और एफआईआर कर दी थी। इसके बारे में तो हमें कोई जानकारी भी नहीं दी गई थी। यह FIR तेलिनीपारा दंगों पर ऑपइंडिया में प्रकाशित की गई तीन रिपोर्टों से संबंधित थी। बंगाल सरकार ने ‘तेजी’ दिखाते हुए इस मामले को CID को सौंप दिया था और तब से ऑपइंडिया के खिलाफ उनका दुर्भावनापूर्ण अभियान जारी था। सुप्रीम कोर्ट ने इस एफआईआर पर भी रोक लगा दी है और बंगाल सरकार से जवाब मांगा है।

यह पढ़ने में जितना आसान है, जीना उतना ही कठिन। क्योंकि इन सब के बीच मुझे धमकियां भी आती रहीं। धमकियां ऐसी-ऐसी कि अंततः मुझे पश्चिम बंगाल छोड़ना ही पड़ा। आज इन सभी चीजों का अंत हो गया। सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार के खिलाफ तीखी टिप्पणियाँ की हैं। यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि बंगाल सरकार मेरे खिलाफ सभी 4 FIR वापस ले ले।

मौका मिलेगा तो मैं शायद इस यात्रा को व्यक्त करने के लिए एक लंबा लेख लिखूंगी। फिलहाल, मैं अपने पाठकों को धन्यवाद देना चाहती हूं, जो हमारे साथ तब खड़े थे, जब मुझे खुद पर संदेह हो रहा था। मैं ऑपइंडिया की टीम को धन्यवाद देना चाहती हूं, जो हमेशा की तरह मजबूती से खड़ी रही। मैं अपने उन दोस्तों को धन्यवाद देना चाहती हूं, जिन्होंने बंगाल छोड़ने के बाद मेरा साथ तब नहीं छोड़ा, जब मेरा दिमाग खुद ही मेरा साथ छोड़ दे रहा था।

वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी और वकील रवि शर्मा को हम पर विश्वास था। इन दो लोगों ने मुझे मेरी आजादी वापस दिलाने में मदद की… बिना एक पैसा लिए। उन्होंने यह सब इसलिए किया क्योंकि उन्हें हम पर विश्वास था। ऑपइंडिया और मैं (व्यक्तिगत रूप) से सदैव इन दोनों का ऋणी रहूंगी। सबसे बड़ी बात… मैं भारत के सर्वोच्च न्यायालय को धन्यवाद देना चाहती हूं। उन्होंने आज फिर से सच्चाई को बचाए रखा, विश्वास बनाए रखा।

ऑपइंडिया विजयी हुआ–उनसे जिन्होंने द्वेषपूर्ण भावना से और सत्ता के नशे में चूर होकर हमें चुप कराना चाहा, शांत कराना चाहा… ताकि सच कहीं दब जाए, मर जाए… लेकिन हमारी जीत से ऐसा हो न सका। यह जीत हर उस धार्मिक आवाज की जीत है, जो हमारे लिए लड़ी, हमारे साथ खड़ी रही और हमारा साथ दिया। हम जो काम करते हैं, जो कर रहे हैं, उसे करना जारी रखेंगे और मुझे पता है कि आप हमेशा की तरह हमारे लिए खड़े रहेंगे, डटे रहेंगे।

जय सिया राम।

सत्यमेव जयते।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

जानें, कोरोना काल में मारे गए कितने पत्रकारों को मिली सहायता राशि

कोरोना के मामलों में एक बार फिर इजाफा होने लगा है। कोरोना के नए वैरिएंट 'ओमिक्रॉन' ने भारत समेत कई देशों की चिंताए बढ़ा दी है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 09 December, 2021
Last Modified:
Thursday, 09 December, 2021
Corona Coverage

कोरोना के मामलों में एक बार फिर इजाफा होने लगा है। कोरोना के नए वैरिएंट 'ओमिक्रॉन' ने भारत समेत कई देशों की चिंताए बढ़ा दी है। वहीं, पहली और दूसरी लहर के बीच कोरोना के खिलाफ जंग में तमाम पत्रकारों ने अपनी जान जोखिम में डालकर रिपोर्टिंग की और तमाम अपडेट्स लोगों तक पहुंचा रहे। ऐसे में देश में कई स्थानों पर पत्रकार कोरोना संक्रमित मिले हैं और कई पत्रकार तो कोरोना से लड़ते हुए जिंदगी की जंग हार गए। ऐसे में कोरोनावायरस (कोविड-19) के कारण  मारे गए पत्रकारों के परिजनों को सरकार की ओर आर्थिक सहायता राशि भी प्रदान की गयी।

हाल ही में लोकसभा में पूछे गए सवालों के जवाब के में सूचना प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया कि कोविड-19 से मारे गए 123 ऐसे पत्रकार रहे, जिनके निधन के बाद उनके परिजनों को सहायता राशि प्रदान की गयी है। यह सहायता राशि पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) को प्राप्त और पत्रकार कल्याण योजना के तहत निर्धारित मानदंडो को पूरा करने वाले आवेदनों के आधार पर दी गयी है।

सूचना-प्रसारण मंत्री ने बताया कि कोविड-19 से मरने वाले 123 पत्रकारों के परिवारों को प्रत्येक को 5 लाख की दर से वित्तीय सहायता के लिए वित्त वर्ष 2021-2022 के दौरान 6.06 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि पिछले तीन वर्षों में योजना में निधि आवंटन बढ़ा है। आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2019-20 में योजना के तहत 1.5 करोड़ रुपए की राशि आवंटित की गई थी। वहीं, 2020-21 में यह राशि 2.6 करोड़ रुपए थी, जबकि 2021-22 में यह लगभग तीन गुना बढ़कर 6.06 करोड़ रुपए हो गई है।

एक अन्य प्रश्न पर मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह योजना पत्रकारों को रोजगार संबंधी सहायता प्रदान नहीं करती है।

कोरोनोवायरस संक्रमण से मरने वाले 123 पत्रकारों में से 28 उत्तर प्रदेश के, 12 महाराष्ट्र के और 11-11 दिल्ली और राजस्थान के थे। बाकी अन्य राज्यों से थे, जिनका ब्यौरा निम्न है-

 

 

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

e4m ने जारी की 'टॉप 100 इंफ्लुएंसल गेम चेंजर्स' की लिस्ट, ये नाम रहे शामिल

एक्सचेंज4मीडिया की 'टॉप 100 इंफ्लुएंसल गेम चेंजर्स' के तीसरे एडिशन की  लिस्ट की घोषणा 8 दिसंबर को नई दिल्ली स्थित हयात रीजेंसी होटल में एक भव्य कार्यक्रम के दौरान की गई।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 09 December, 2021
Last Modified:
Thursday, 09 December, 2021
e4m55451

एक्सचेंज4मीडिया की 'टॉप 100 इनफ्लूएंशियल गेम चेंजर्स' (Top 100 Influential Game Changers) के तीसरे एडिशन की लिस्ट की घोषणा 8 दिसंबर, 2021 को नई दिल्ली स्थित हयात रीजेंसी होटल में एक भव्य कार्यक्रम के दौरान की गई। इसके तहत टॉप-50 पब्लिक रिलेशंस और टॉप-50 कॉरपोरेट के जुड़े लोगों को न केवल सम्मानित किया गया, बल्कि उन्हें एक नई एक पहचान भी मिली। ये वो लोग हैं, जिन्होंने न सिर्फ खुद को साबित किया है, बल्कि अपने संस्थान के साथ ही पब्लिक रिलेशंस और कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस इंडस्ट्री की ग्रोथ में काफी योगदान दिया है।  

महामारी ने इस महत्वपूर्ण समय में कम्युनिकेशन क्षेत्र के महत्व को उजागर करने में मदद की है। इंडस्ट्री लीडर्स ने अपनी दूरदर्शिता और बुद्धिमत्ता से उद्योग को नई प्रगति करने में मदद की है। कम्युनिकेशन प्रोफेशन से जुड़े सभी लोगों के लिए यह साल काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। इसलिए इस बात में कोई दो राय नहीं है कि पब्लिक रिलेशंस और कॉरपोरेट कम्युनिकेशन से जुड़े लोगों ने संकट की इस घड़ी में किस तरह से ब्रैंड्स की इमेज को बनाए रखने और उसे बढ़ाने में मदद की है। उन्होंने कई उदाहरण पेश किए हैं और वे अपनी विशेषज्ञता वाले क्षेत्रों में रोल मॉडल बने हुए हैं।

एक्सचेंज4मीडिया की संपादकीय टीम द्वारा एक मजबूत आंतरिक ऑडिटिंग प्रक्रिया के बाद प्राप्त 200 से अधिक नामांकन में से शीर्ष 100 पुरस्कार विजेताओं को चुना गया और शॉर्टलिस्ट किया गया। जूरी सदस्यों ने उन विजेताओं की सूची को सावधानीपूर्वक तैयार किया, जिन्होंने न केवल अपने नेतृत्व का उदाहरण पेश किया, बल्कि अपनी विशेषज्ञता के चलते संबंधित क्षेत्रों में एक आदर्श बने।

यहां देखें 'टॉप 100 इनफ्लूएंशियल गेम चेंजर्स' की लिस्ट-

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

सुप्रीम कोर्ट से तीन पत्रकारों को मिली राहत

सुप्रीम कोर्ट ने त्रिपुरा सांप्रदायिक हिंसा मामले पर तीन पत्रकारों को राहत दी है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 08 December, 2021
Last Modified:
Wednesday, 08 December, 2021
SC45

सुप्रीम कोर्ट ने त्रिपुरा सांप्रदायिक हिंसा मामले पर तीन पत्रकारों को राहत दी है। कोर्ट ने इनके खिलाफ दर्ज एफआईआर (FIR) पर कार्यवाही करने से रोक लगा दी है।

बता दें कि, ये याचिका मीडिया कंपनी थियोस कनेक्ट (जो डिजिटल न्यूज पोर्टल एचडब्ल्यू न्यूज नेटवर्क का संचालन करती है), इसकी दो पत्रकार समृद्धि सकुनिया और स्वर्णा झा और कंपनी की एसोसिएट एडिटर आरती घरगी ने दायर की है।

इन सभी ने त्रिपुरा में सांप्रदायिक हिंसा को लेकर की गई न्यूज रिपोर्ट पर त्रिपुरा पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर को चुनौती दी है। इस मामले में कोर्ट ने त्रिपुरा पुलिस को नोटिस जारी किया है।  

याचिकाकर्ताओं ने पुलिस कार्रवाई को यह कहते हुए चुनौती दी कि वे हिंसा के पीड़ितों द्वारा दिए गए बयानों के आधार पर तथ्यों की केवल जमीनी रिपोर्टिंग कर रहे थे। याचिका में कहा गया है कि एफआईआर ‘प्रेस को प्रताड़ित’ करने के समान है।  इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने वकीलों, पत्रकारों और एक्टिविस्ट को आंतकवाद निरोधी कानून UAPA के तहत FIR पर अंतरिम संरक्षण दे दिया था। 

वहीं, त्रिपुरा पुलिस ने एफआइआर दर्ज करते हुए आरोप लगाया कि पत्रकारों की खबरों ने समुदायों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा दिया। साथ ही सांप्रदायिक हिंसा के बारे में निराधार खबर प्रकाशित करके सांप्रदायिक नफरत फैलाई।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

Star Sports को अलविदा कहकर Viacom18 में इस बड़े पद से जुड़े सिद्धार्थ शर्मा

वायकॉम18 से पहले शर्मा ‘स्टार स्पोर्ट्स’ में सीनियर वाइस प्रेजिडेंट और स्पोर्ट्स कंटेंट हेड के तौर पर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 07 December, 2021
Last Modified:
Tuesday, 07 December, 2021
Siddharth Sharma

मीडिया नेटवर्क ‘वायकॉम18’ (Viacom18) ने सिद्धार्थ शर्मा को एग्जिक्यूटिव वाइस प्रेजिडेंट (स्पोर्ट्स) के पद पर नियुक्त किया है। सिद्धार्थ शर्मा के लिंक्डइन प्रोफाइल के अनुसार, ‘वायकॉम18’ से पहले वह ‘स्टार स्पोर्ट्स’ में सीनियर वाइस प्रेजिडेंट और स्पोर्ट्स कंटेंट हेड के तौर पर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे।

‘स्टार स्पोर्ट्स’ में सिद्धार्थ शर्मा ने करीब साढ़े आठ साल तक अपनी पारी खेली। उन्होंने इस नेटवर्क में वर्ष 2013 में बतौर असिस्टेंट वाइस प्रेजिडेंट (स्पोर्ट्स कंटेंट) जॉइन किया था। वर्ष 2015 में उन्हें वाइस प्रेजिडेंट-हेड ऑफ कबड्डी (कंटेंट और प्रॉडक्शन) के पद पर प्रमोट किया गया था।

अपनी नई नियुक्ति के बारे में सिद्धार्थ शर्मा ने लिंक्डइन पर लिखा है, ‘स्टार स्पोर्ट्स में मैंने अपनी करीब साढ़े आठ साल पुरानी पारी को विराम दे दिया है। यहां अपने मार्गदर्शकों, सहयोगियों और टीम के अन्य सदस्यों को मैं धन्यवाद देता हूं, जिन्होंने मेरे काम को अच्छा बनाने में काफी योगदान दिया है।’

बता दें कि सिद्धार्थ शर्मा को पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करने का भी नौ साल से ज्यादा का अनुभव है। पूर्व में वह ‘एबीपी न्यूज’ और ‘जी न्यूज’ में अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

Times Bridge में विरल जानी का कद बढ़ा, अब मिली यह जिम्मेदारी

इस पदोन्नति से पहले विरल जानी कंपनी में फरवरी 2018 से सीनियर वाइस प्रेजिडेंट (Investment Operations) के तौर पर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 07 December, 2021
Last Modified:
Tuesday, 07 December, 2021
Viral Jani

‘द टाइम्स ग्रुप’(The Times Group) की स्ट्रैटेजिक, ग्लोबल इन्वेस्टमेंट और पार्टनरशिप शाखा ‘टाइम्स ब्रिज’ (Times Bridge) ने विरल जानी को एग्जिक्यूटिव वाइस प्रेजिडेंट और कंट्री हेड (इंडिया) के पद पर प्रमोट किया है। विरल जानी ने फरवरी 2018 में इस कंपनी को जॉइन किया था। इससे पहले वह यहां पर सीनियर वाइस प्रेजिडेंट (Investment Operations) के तौर पर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे।

वह मुंबई से अपना कामकाज देखते हैं और देश भर में फैली साझेदार कंपनियों के इनोवेटिव नेटवर्क के माध्यम से भारत में टाइम्स ब्रिज के बढ़ते निवेश पोर्टफोलियो की सफलता के लिए अपनी भूमिका निभा रहे हैं। ‘टाइम्स ब्रिज’ के पोर्टफोलियो में Uber, Airbnb, Coursera, Houzz, MUBI, Thrive, Vice, Business Insider और The Weather Channel आदि शामिल हैं।

जानी को मीडिया और टेक्नोलॉजी में काम करने का करीब दो दशक का अनुभव है। कंज्यूमर टेक, टेलीविज़न ब्रॉडकास्टिंग, डिजिटल, सोशल मीडिया और मीडिया प्लानिंग में कई चुनौतीपूर्ण प्रोजेक्ट्स में उनकी अहम भूमिका रही है।

‘टाइम्स ब्रिज’ से पहले जानी भारत में ‘ट्विटर‘ की शुरुआती लीडरशिप टीम का हिस्सा थे। इस भूमिका में उन्होंने पूरे भारत में ‘ट्विटर‘ के लिए स्ट्रैटेजिक और मीडिया पार्टनरशिप का नेतृत्व किया। उन्होंने भारत में ट्विटर के लिए वीडियो और सामग्री मुद्रीकरण (content monetisation) सहित कई नई पहलों/उत्पादों को लॉन्च करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

अपने करियर के शुरुआती दिनों में वह भारत में ‘एनडीटीवी‘, ‘डिज्नी‘, ‘वायकॉम‘, ‘टाइम्स टेलिविजन‘ और ‘ग्रुपएम‘ जैसे प्रमुख मीडिया हाउसेज की लॉन्चिंग और ग्रोथ से जुड़े हुए थे।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

इस कंपनी में 900 एम्प्लॉयीज की छंटनी, CEO ने इस तरह सुनाया ‘फरमान’

अमेरिका स्थित डिजिटल फर्स्ट होमओनरशिप कंपनी Better.com के सीईओ विशाल गर्ग ने कथित तौर पर जूम कॉल के जरिए अपनी कंपनी के लगभग 9% एम्प्लॉयीज को बाहर का रास्ता दिखा दिया है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Monday, 06 December, 2021
Last Modified:
Monday, 06 December, 2021
layoff

अमेरिका की एक डिजिटल फर्स्ट घरेलू स्वामित्व वाली कंपनी Better.com के सीईओ विशाल गर्ग ने कथित तौर पर जूम कॉल (Zoom call) के जरिये अपनी कंपनी के लगभग 9 प्रतिशत एम्प्लॉयीज को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। कंपनी ने यह कैंची अमेरिका और भारत में अपने एम्प्लॉयीज पर चलायी है, जिसके तहत करीब 900 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला गया है। 

‘सीएनएन बिजनेस’ (CNN Business) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, विशाल ने बुधवार को हुई इस जूम कॉल के दौरान कर्मचारियों से कहा, ‘अगर आप इस कॉल से जुड़े हैं, तो आप उस बदकिस्मत ग्रुप के सदस्य हैं, जिसकी छंटनी की जा रही है। आपकी सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त की जा रही हैं।’

ढाई मिनट की इस जूम कॉल से जुड़ा एक वीडियो इंटरनेट पर काफी बड़ी संख्या में शेयर किया जा रहा है। जूम कॉल पर गर्ग ने कहा, ‘मैं आपके पास कोई अच्छी खबर लेकर नहीं आया हूं। जैसा कि आप जानते हैं कि मार्केट बदल चुकी है और हमें जीवित रहने के लिए इसके साथ ही आगे बढ़ना होगा। उम्मीद करता हूं कि हम अपने मिशन को आगे ले जा सकें। यह ऐसी खबर नहीं है, जिसे आप सुनना चाहें। लेकिन आखिरकार यह मेरा फैसला था और मैं चाहता था कि आप सब मेरी बात सुनें। यह वास्तव में बहुत ही मुश्किल भरा निर्णय है। मेरे करियर में यह दूसरी बार है जब मैं ऐसा कर रहा हूं और मैं ऐसा नहीं करना चाहता हूं। पिछली बार जब मैंने ऐसा किया था, तब मैं रोया था। इस बार, मुझे और मजबूत होना है। हम कई कारणों को देखते हुए कंपनी के लगभग 15 प्रतिशत एम्प्लॉयीज की छंटनी कर रहे थे, जिनमें बाजार, दक्षता और प्रदर्शन और उत्पादकता शामिल है, लेकिन अब नौ प्रतिशत की छंटनी की जा रही है।’ 

इस कॉल पर एक कर्मचारी को रोते हुए और यह कहते सुना जा सकता है, ‘हे भगवान! यह सच नहीं है… मुझे इस पर विश्वास नहीं हो रहा है।’ बता दें कि  कंपनी 15 प्रतिशत स्टाफ की छंटनी कर रही थी, लेकिन बाद में कंपनी ने स्पष्ट किया कि यह संख्या नौ प्रतिशत है।

विशाल गर्ग ने 2016 में Better.com को शुरू किया था। विशाल ने कहा कि अमेरिका में निकाल गए कर्मचारियों को 4 हफ्तों का सेवरेंस, एक महीने के पूरे बेनेफिट और दो महीनों का कवर-अप मिलेगा, जिसके लिए हम प्रीमियम का भुगतान करेंगे। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को बेनेफिट से जुड़े डिटेल को लेकर HR की तरफ से मेल किया जाएगा।

विशाल गर्ग, One Zero Capital नाम की एक इनवेस्टमेंट होल्डिंग कंपनी के फाउंडिंग पार्टनर भी हैं। न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन की पढ़ाई करने वाले विशाल गर्ग ने 21 साल की उम्र में मॉर्गन स्टैनली के एनालिस्ट प्रोग्राम को छोड़कर प्राइवेट स्टूडेंट लेंडर MyRichUncle को शुरू किया था। यह कंपनी 2005 में स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट हुई और बाद में इसे मेरिल लिंच ने खरीद लिया, जिसे बाद में बैंक ऑफ अमेरिका ने अधिग्रहण कर लिया।

यहां देखें वीडियो:

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

उदय शंकर ने Lupa India में हासिल की बड़ी हिस्सेदारी: रिपोर्ट्स

मीडिया, एजुकेशन और हेल्थकेयर पर केंद्रित इन्वेस्टमेंट कंपनी ल्यूपा इंडिया की स्थापना 21 सेंचुरी फॉक्स के पूर्व चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर जेम्स मर्डोक ने की है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Monday, 06 December, 2021
Last Modified:
Monday, 06 December, 2021
Uday Shankar

‘स्टार इंडिया’ (Star India) के पूर्व चेयरमैन और ‘द वॉल्ट डिज्नी कंपनी, एशिया पैसिफिक’ (The Walt Disney Company, Asia Pacific) के पूर्व प्रेजिडेंट उदय शंकर के बारे में खबर है कि उन्होंने इन्वेस्ट कंपनी ‘ल्यूपा इंडिया’ (Lupa India) में 51 प्रतिशत की हिस्सेदारी हासिल कर ली है।

बता दें कि ‘ल्यूपा सिस्टम्स’ (Lupa Systems) एक प्राइवेट होल्डिंग कंपनी है, जिसकी स्थापना वर्ष 2019 में ‘21st Century Fox‘,‘Sky plc‘ और ‘STAR‘ के पूर्व सीईओ जेम्स मर्डोक ने की थी। इस कंपनी का न्यूयॉर्क और मुंबई में ऑफिस है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जेम्स मर्डोक ने ल्यूपा के लिए पहले ही इन्वेस्टमेंट प्रोफेशनल्स की एक टीम बना ली है और माना जाता है कि इनमें से ज्यादातर प्रोफेशनल्स उदय शंकर के पूर्व सहयोगी हैं। इस साल की शुरुआत में ‘ल्यूपा सिस्टम्स’ के सीईओ जेम्स मर्डोक और उदय शंकर ने नए वेंचर के साथ टेक्नोलॉजी और मीडिया सेक्टर में नए तरह के प्रयोग करने की घोषणा की थी।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

CNN ने अपने प्राइम टाइम एंकर को इस वजह से दिखाया बाहर का रास्ता

अंतरराष्ट्रीय न्यूज चैनल ‘सीएनएन’ (CNN) ने सबसे अधिक देखे जाने वाले प्राइम टाइम शो का संचालन करने वाले एंकर क्रिस कुओमो को शनिवार को बर्खास्त कर दिया है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Monday, 06 December, 2021
Last Modified:
Monday, 06 December, 2021
Chris-Cuomo5454

अंतरराष्ट्रीय न्यूज चैनल ‘सीएनएन’ (CNN) ने सबसे अधिक देखे जाने वाले प्राइम टाइम शो का संचालन करने वाले एंकर क्रिस कुओमो को शनिवार को बर्खास्त कर दिया है। न्यूयॉर्क के पूर्व गवर्नर और यौन उत्पीड़न के आरोपी भाई एंड्रयू केुओमो की मदद करने की जानकारी सामने आने के बाद सीएनएन ने यह फैसला किया।

एंकर ने मई में स्वीकार किया था कि उन्होंने अपने भाई को जनसंपर्क के नजरिए से आरोपों को संभालने की सलाह देने के लिए केबल न्यूज नेटवर्क के कुछ नियमों को तोड़ा था।

बता दें कि पिछले वर्ष एक महिला ने 63 वर्षीय एंड्रयू कुओमो पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था, जिसके बाद 11 महिलाओं ने एंड्रयू पर आरोप लगाए। यौन दुराचार के कई आरोपों के बाद एंड्रयू कुओमो को अगस्त में गवर्नर के रूप में पद छोड़ने के लिए मजबूर किया गया था। उन्होंने किसी भी तरह की गड़बड़ी से इनकार किया है।

सीएनएन ने शनिवार को एक बयान में कहा कि क्रिस कुओमो को इस सप्ताह की शुरुआत में निलंबित कर दिया गया था, उनके भाई के बचाव में उनके शामिल होने के बारे में सामने आई नई जानकारी का और मूल्यांकन लंबित है। हमने समीक्षा करने के लिए एक सम्मानित कानूनी फर्म को बरकरार रखा है और उन्हें तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। नेटवर्क ने नई जानकारी के बारे में विवरण नहीं दिया।

51 वर्षीय कुओमो ने ट्विटर पर एक बयान में कहा कि वह निराश हैं। उन्होंने कहा कि वह सीएनएन में अपना समय इस तरह से समाप्त नहीं करना चाहता थे, लेकिन यह पहले ही बता चुका हूं कि मैंने अपने भाई की मदद क्यों और कैसे की।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

Star Sports में वैभव गोयल का कद बढ़ा, मिली यह जिम्मेदारी

‘स्टार स्पोर्ट्स‘ से पहले वैभव गोयल तीन साल से ज्यादा समय तक ‘ग्रुपएम’ (GroupM) इंडिया में प्लानिंग मैनेजर के तौर पर अपनी जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Monday, 06 December, 2021
Last Modified:
Monday, 06 December, 2021
Vaibhav Goyal

‘डिज्नी‘ (Disney) के स्वामित्व वाले ‘स्टार इंडिया’ (Star India) ने वैभव गोयल को प्रमोट किया है। उन्हें अब ‘स्टार स्पोर्ट्स‘(Star Sports) में सीनियर वाइस प्रेजिडेंट (Ad Sales) की जिम्मेदारी सौंपी गई है। बता दें कि वैभव गोयल इससे पहले करीब साढ़े छह साल से ‘स्टार स्पोर्ट्स‘ में वाइस प्रेजिडेंट (Ad Sales) की जिम्मेदारी निभा रहे थे।   

वैभव गोयल ने ‘स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क्स‘ में बतौर असिस्टेंट मैनेजर जॉइन किया था। जुलाई 2003 में उन्हें असिस्टेंट वाइस प्रेजिडेंट (Ad Sales) नामित किया गया था। ‘स्टार स्पोर्ट्स‘ से पहले वैभव गोयल तीन साल से ज्यादा समय तक ‘ग्रुपएम’ (GroupM) इंडिया में प्लानिंग मैनेजर के तौर पर अपनी जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।

वैभव गोयल ने ग्वालियर में MITS से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। इसके अलावा उन्होंने ‘जमनालाल बजाज इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज’ से एमबीए किया है।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए