अखबार के संपादक पर कसा 'शिकंजा', शुरू हुआ पूछताछ का दौर

इससे पूर्व अखबार के महाप्रबंधक को जारी किया गया था समन

Last Modified:
Friday, 05 July, 2019
Editor

जम्मू-कश्मीर में टेरर फंडिंग से जुड़े मामले में नेशनल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी (NIA) प्रमुख अंग्रेजी दैनिक के प्रधान संपादक से लगातार पूछताछ में जुटी हुई है। एजेंसी की ओर से प्रधान संपादक को पिछले हफ्ते समन जारी किया गया था। बताया जाता है कि अखबार के प्रधान संपादक से 2016 में हिजबुल मुजाहिद्दीन के आतंकी बुरहान वानी के एक मुठभेड़ में मारे जाने के बाद हुए प्रदर्शनों के दौरान अखबार में पब्लिश कुछ लेखों के बारे में पूछताछ की जा रही है। इसके अलावा दुबई समेत प्रधान संपादक द्वारा किये गए विदेश दौरों के सिलसिले में भी उनसे पूछताछ की जा रही है। मंगलवार को लगातार दूसरे दिन उनसे पूछताछ की गई। बताया जाता है कि संपादक से आगे भी पूछताछ की जाएगी। 

इससे पूर्व अखबार के महाप्रबंधक को एजेंसी द्वारा पूछताछ के लिये समन किया गया था। बता दें कि एजेंसी ने 2018 में अलगाववादियों और आतंकवादियों के वित्त पोषण के मामले में छापे मारकर 14 लोगों को गिरफ्तार किया था। इसी से संबंधित मामले में हुर्रियत के कट्टरपंथी धड़े का नेतृत्व करने वाले सैयद अली शाह गिलानी के नाती अनीस-उल-इस्लाम को नौ जुलाई को एजेंसी के समक्ष पेश होने के लिये कहा गया है। अनीस के पिता अलताफ शाह उर्फ ‘फंटूश’ गिलानी के दामाद हैं और एक साल से ज्यादा समय से जेल में बंद हैं।

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टीवी डिबेट में ‘भिड़े’ पत्रकार और पार्टी प्रवक्ता, देखें विडियो

मॉब लिंचिंग के मामलों को लेकर बड़े चैनल पर चल रही थी लाइव डिबेट

Last Modified:
Saturday, 20 July, 2019
Debate Show

न्यूज चैनलों पर होने वाली डिबेट के दौरान कई बार हंगामा भी खड़ा हो जाता है। ऐसा ही कुछ न्यूज चैनल ‘आजतक’ पर लाइव डिबेट शो के दौरान देखने को मिला, जब वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश ने न सिर्फ लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) के प्रवक्ता अरविंद वाजपेयी को काफी खरी-खरी सुनाई, बल्कि उन्हें तानाशाह की तरह बर्ताव (डॉन्ट बिहैव लाइक डिक्टेटर) न करने की हिदायत भी दे डाली।  

दरअसल, देश में मॉब लिंचिंग की बढ़ती घटनाओं को लेकर चैनल पर डिबेट चल रही थी। शो की एंकरिंग अंजना ओम कश्यप कर रही थीं। डिबेट में उर्मिलेश और अरविंद वाजपेयी समेत बिहार बीजेपी के प्रवक्ता मनोज शर्मा, एआईएमआईएम के प्रवक्ता वारिस पठान, राष्ट्रीय गोरक्षा सेना से जुड़े आशु मोंगिया जन अधिकार पार्टी (जाप) के अध्यक्ष पप्पू यादव और संघ के जानकार संजीव तिवारी चर्चा कर रहे थे।

इसी चर्चा के दौरान एलजेपी प्रवक्ता ने मॉब लिंचिंग को लेकर कानून बनाने की बात कही, इस पर उर्मिलेश का कहना था कि हमारे देश में दुनिया के किसी भी देश से ज्यादा कानून है और सिर्फ कानून बनाने से कुछ होने वाला नहीं हैं। इसके लिए लोगों का मिजाज बदलना होगा और इसके लिए नेताओं को अपनी राजनीति और एजेंडे को बदलना होगा। बस इसी बात को लेकर उर्मिलेश और अरविंद वाजपेयी के बीच बहस हो गई। इस पर उर्मिलेश ने वाजपेयी को खूब खरी-खरी सुनाई। उन्होंने वाजपेयी से ऊंची आवाज में बात न करने के लिए भी कहा। उर्मिलेश का कहना था, ‘ऊंची आवाज में बात मत करिए, क्योंकि मेरी भी आवाज बहुत उंची है। मैं आपकी सरकार की बात नहीं कर रहा हूं। क्या आप मुझे सरकार पर बोलने नहीं देंगे। क्या आप डिक्टेटर हैं। डॉन्ट बिहैव लाइक डिक्टेटर, वर्ना में किसी को बोलने नहीं दूंगा।’

इस घटना से जुड़ा विडियो आप यहां देख सकते हैं-

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दूरदर्शन के सभी चैनल्स का प्रसारण इस तरह सुनिश्चित करेगी सरकार

तमाम शिकायतें मिलने के बाद सूचना-प्रसारण मंत्रालय आया हरकत में

पंकज शर्मा by पंकज शर्मा
Published - Saturday, 20 July, 2019
Last Modified:
Saturday, 20 July, 2019
Doordarshan

सरकार चाहती है कि लोकसभा टीवी और राज्यसभा टीवी के साथ ही दूरदर्शन के सभी 24 चैनल्स का प्रसारण सुनिश्चित हो। इसके लिए सूचना-प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने सभी मल्टीसिस्टम ऑपरेटर्स (MSOs) को एक पत्र भेजकर कहा है कि वे अपने नेटवर्क पर दूरदर्शन के सभी चैनल्स को अनिवार्य रूप से शामिल करने के मौजूदा नियम का पालन करें। इसके साथ ही सभी केबल ऑपरेटर्स को यह एफिडेविट जमा करने के लिए कहा गया है कि वे नियमों का पालन कर रहे हैं और दूरदर्शन के सभी चैनल्स दिखा रहे हैं।

इस बारे में सूचना-प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर का कहना है, ‘मंत्रालय की जानकारी में आया था कि कई केबल ऑपरेटर्स के साथ ही कुछ डायरेक्ट टू होम (DTH) ऑपरेटर्स अपने प्लेटफॉर्म पर दूरदर्शन के सभी 24 चैनल्स अनिवार्य रूप से दिखाने के नियम का पालन नहीं कर रहे हैं।‘ उन्होंने कहा कि इस नियम का कड़ाई से पालन किया जाएगा।

 

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‘माफ करना नितेश, हम तुम्हें बचा नहीं पाए’

न्यूज 24 के मेकअप आर्टिस्ट नितेश ने कुछ दिन पूर्व कर ली थी आत्महत्या

Last Modified:
Saturday, 20 July, 2019
Nitesh

कहां चले गए नितेश? क्यों चले गए? ऐसा लग रहा है कि मेकअप रूम में कभी भी आ जाओगे और हंसते हुए कोई कहानी-किस्सा सुनाओगे। अपने काम में बेहतरीन थे तुम। उम्दा शख्स, खुशमिजाज, फिर ये क्या कर लिया? मेरा लखनऊ का कॉन्क्लेव याद है न तुम्हें, कहीं पावर प्लग नहीं मिला और तुमने सिर्फ कंघे से मेरे बाल ऐसे सेट किए कि अब तक की सबसे बेहतरीन तस्वीरें इसी हेयर स्टाइल में आई थीं। अब जब ऐसी इमरजेंसी होगी, तुम बहुत याद आओगे। जब भी मेकअप रूम में जाऊंगी, तुम बहुत याद आओगे। जब भी कॉन्क्लेव होगा, तुम बहुत याद आओगे।

मुझे वो घटना याद है, जब योगेश की बुलेट मोटरसाइकिल चोरी हो गई थी और तुमने उसे खुद आधा पैसा देकर दोबारा खरीदवाई। तब मैंने तुम्हे कहा था कि तुम्हारा दिल बहुत बड़ा है, नहीं पता था कि इतनी पीड़ा उसमें समेट रखी थीं तुमने।

हंसी-मजाक में बात-बात पर शर्त लगाने वाले और हारने पर अपने वादे को पूरा करने वाले नितेश, कुछ कहा क्यों नहीं? जब चार दिन पहले ही मैंने तुमसे पूछा, शांत क्यों हो, चुप क्यों हो, परेशान क्यों हो? तुम एक बार फिर हंसकर चले गए।

मैंने कभी कोई शिकायत कितने भी गुस्से में की, तुमने कभी पलटकर जवाब नहीं दिया, हमेशा हो जाएगा मैम कहकर मान रखा। अपनी बात कभी बताने की जरूरत क्यों नहीं समझी नितेश। दो दिन से ऑफिस में कुछ अच्छा नहीं लग रहा नितेश। छोले-कुलचे खाने के शौकीन थे तुम। अब जब भी उसकी खुशबू आएगी, तुम बहुत याद आओगे नितेश।

भगवान से प्रार्थना है तुम अब कम से कम सुकून में होंगे। वापस मत आना नितेश। ये दुनिया तुम जैसे अच्छे लोगों के लिए बनी ही नहीं है। दो दिन से खुद को कोस रही हूं। काश! मैं उस दिन तुम्हारी मुस्कुराहट के पीछे का दर्द समझ पाती। काश! तुमसे बात करके तुम्हारा दर्द बांट पाती, काश! तुम्हें बता पाती कि जीवन में खुद से ज्यादा कुछ अहमियत नहीं रखनी चाहिए। माफ करना नितेश, हम तुम्हें नहीं बचा पाए।

(वरिष्ठ टीवी पत्रकार साक्षी जोशी की फेसबुक वॉल से)

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दैनिक जागरण के फोटो जर्नलिस्ट के बेटे पर बरपा बदमाशों का कहर, गई जान

परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है

Last Modified:
Saturday, 20 July, 2019
Vinay Sharma

देश में पत्रकारों पर आए दिन हमले हो रहे हैं। कहीं पर पत्रकारों के साथ मारपीट तो कहीं उनकी हत्या के मामले लगातार सामने आते रहते हैं। सिर्फ पत्रकार ही नहीं, बल्कि उनके परिजनों को भी बदमाश निशाना बना रहे हैं। हरियाणा में फरीदाबाद के इस मामले में बदमाशों ने ‘दैनिक जागरण’ के फोटो जर्नलिस्ट  संजय शर्मा के बेटे विनय शर्मा की चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला कर हत्या कर दी। परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

बताया जाता है कि सोनीपत के मूल निवासी संजय शर्मा फरीदाबाद के सेक्टर तीन स्थित भूदत्त कॉलोनी में परिवार के साथ रहते हैं। विनय उनका इकलौता बेटा था और दसवीं का छात्र था। उनके परिवार में पत्नी व एक बेटी है। 19 वर्षीय विनय शुक्रवार की दोपहर किसी कार्य से घर से स्कूटी लेकर निकला था। सेक्टर 3 में टैगोर स्कूल के पास कुछ युवकों ने उसे रोककर चाकुओं से हमला कर दिया और गंभीर रूप से घायल हालत में छोड़कर फरार हो गए। स्थानीय लोगों की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने विनय को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

पुलिस ने संजय शर्मा की शिकायत पर भीकम कॉलोनी निवासी अनिकेत नागर, दीपक ठाकुर, हर्ष ठाकुर, शेखर नागर, सुंदर नागर और बूचा नागर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। रिपोर्ट में संजय शर्मा का कहना है कि उनके बेटे ने पहले भी ऐसी शिकायतें की थीं कि आरोपित उसे धमकाते रहते हैं, पर उसने पड़ोस का मामला और बात न बिगड़े इसलिए मामले को तूल देना उचित नहीं समझा और बेटे को समझा-बुझाकर शांत कर दिया था। संजय शर्मा का कहना है कि उन्होंने एक-दो बार थाने में भी शिकायत की, पर दोनों पक्षों को पुलिस ने सामाजिक तौर पर समझा दिया था। फिलहाल, पुलिस ने आरोपितों की तलाश में छापेमारी शुरू कर दी है।

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Zee Media ने सांसद के खिलाफ दर्ज कराई शिकायत

पिछले कई दिनों से दोनों पक्षों के बीच चल रहा है विवाद

Last Modified:
Friday, 19 July, 2019
Zee Media

‘जी मीडिया कॉरपोरेशन लिमिटेड’ (ZMCL) और  तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा के बीच विवाद गहराता जा रहा है। कुछ दिन पूर्व महुआ मोइत्रा द्वारा ‘जी न्यूज’ (Zee News)  और इसके एडिटर-इन-चीफ सुधीर चौधरी के खिलाफ आपराधिक मानहानि का केस दर्ज कराया गया था। अब खबर है कि ‘जी मीडिया कॉरपोरेशन लिमिटेड’ ने महुआ मोइत्रा के खिलाफ एक अदालत में आपराधिक शिकायत दर्ज कराई है। इस शिकायत में महुआ मोइत्रा पर न्यूज चैनल को बदनाम करने का आरोप लगाया गया है।

कंपनी की शिकायत पर एडिशनल चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट समर विशाल ने इस मामले में विचार के लिए एक अगस्त की तारीख रखी है। कंपनी की ओर से दर्ज कराई शिकायत में एडवोकेट विजय अग्रवाल का कहना है, ‘मोइत्रा ने तीन जुलाई को कंपनी के खिलाफ मानहानि पूर्ण बयान दिए थे। मोइत्रा के बयान झूठे और दुर्भावना से प्रेरित थे और कंपनी की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने वाले थे। आरोप है कि मोइत्रा ने खुद पर लगे आरोपों का जवाब देते हुए पत्रकारों के सामने न्यूज चैनल पर जानबूझकर इस तरह के बयान दिए थे।’ इस बीच चौधरी ने अपने वकील के माध्यम से कोर्ट से मांग की कि मोइत्रा द्वारा दायर मानहानि के मामले में कथित रूप से छिपाए गए तथ्यों की जांच कराई जाए।

गौरतलब है कि महुआ मोइत्रा ने संसद में 25 जून को फासीवाद पर एक भाषण दिया था, जिसके बारे में सुधीर चौधरी ने दावा किया था कि मोइत्रा के भाषण के अंश अमेरिकी वेबसाइट से हुबहू चुराये गये हैं। आरोप था कि यह आर्टिकल वाशिंगटन मंथली के Martin Longman ने अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बारे में लिखा था, जिसमें मोइत्रा ने कुछ अंश हूबहू उठा लिए और राष्ट्रपति का नाम हटा दिया। सुधीर चौधरी ने भाषण के अंशों को अंडरलाइन करके भी दिखाया था। हालांकि सुधीर चौधरी के ट्‌वीट के बाद वाशिंगटन मंथली के Martin Longman ने ट्‌वीट करके महुआ मोइत्रा का पक्ष लिया था।

इसके बाद भड़कीं महुआ मोइत्रा ने सुधीर चौधरी के दावे को गलत बताया था। मोइत्रा का कहना था कि यह भाषण उनका अपना था और अन्य मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए बीजेपी की ‘ट्रोल आर्मी’ की ओर से इस तरह के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने सुधीर चौधरी पर गलत रिपोर्टिंग के आरोप लगाते हुए लोकसभा में जीटीवी और सुधीर चौधरी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव भी पेश कर दिया था। हालांकि, स्पीकर ओम बिरला ने यह प्रस्ताव खारिज कर दिया था। इसके बाद महुआ मोइत्रा ने सुधीर चौधरी के खिलाफ अदालत में आपराधिक मानहानि का मामला दर्ज कराया था। बता दें कि पूर्व में इनवेस्टमेंट बैंकर रहीं मोइत्रा पश्चिम बंगाल की कृष्णानगर सीट से पहली बार सांसद बनी हैं।

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फोटो जर्नलिस्ट महीप कुमार सिंह ने थामा अब इस न्यूज चैनल का दामन

पूर्व में कई न्यूज चैनल्स में जिम्मेदारी निभा चुके हैं महीप कुमार

Last Modified:
Friday, 19 July, 2019
Maheep Kumar

‘भारत समाचार’ चैनल, लखनऊ में बतौर सीनियर कैमरामैन कार्यरत महीप कुमार सिंह ने अब यहां से अलविदा बोल दिया है। यहां वह करीब ढाई साल से अपनी भूमिका निभा रहे थे। महीप कुमार ने अब अपनी नई पारी का आगाज लखनऊ में ‘अपना भारत’ चैनल के साथ किया है। यहां भी उन्हें सीनियर कैमरामैन की जिम्मेदारी दी गई है।

महीप कुमार सिंह को कई न्यूज चैनल्स के साथ काम करने का अनुभव है। पूर्व में वह न्यूज एक्सप्रेस, वॉयस ऑफ इंडिया, नेशनल वॉयस और इंडिया वॉच आदि चैनल्स में अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं। वह सूचना और जनसंपर्क विभाग उत्तर प्रदेश राज्य मुख्यालय पर मान्यता प्राप्त प्रतिनिधि के तौर पर भी लखनऊ में काम कर चुके हैं।

मूलरूप से उत्तर प्रदेश में अंबेडकरनगर जिले के रहने वाले महीप कुमार सिंह ने फैजाबाद यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है। इसके अलावा उन्होंने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से ग्राफिक डिजायन और विडियो प्रॉडक्शन की पढ़ाई भी की है। वर्ष 2006 में उन्होंने नोएडा के इंटरनेशनल स्कूल ऑफ मीडिया एंड एंटरटेनमेंट स्टडीज से विडोयोग्राफी में डिप्लोमा किया है। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में उन्हें बेस्ट कैमरामैन का अवॉर्ड भी मिल चुका है।

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दैनिक जागरण से हुई बड़ी गलती, अब हो रही किरकिरी!

जरा सी सजगता बरतकर इस तरह की गलती से बचा जा सकता है

नीरज नैयर by नीरज नैयर
Published - Friday, 19 July, 2019
Last Modified:
Friday, 19 July, 2019
Dainik Jagran

कहते हैं कि गलती उसी से होती है, जो काम करता है, लेकिन कभी-कभी ऐसी गलतियां हो जाती हैं कि फिर कोई कहावत काम नहीं आती। आज के दैनिक जागरण के दिल्ली एडिशन में भी कुछ ऐसा ही हुआ है। अखबार के पृष्ठ 13 पर इशरत जहां से जुड़ी एक खबर है। खबर यह है कि हनुमान चालीसा पाठ में भाग लेने के चलते इशरत जहां को धमकियां मिल रही हैं। इस समाचार को तीन कॉलम में दो लाइन की हेडलाइन के साथ लगाया गया है। यहां तक तो सबकुछ ठीक है, लेकिन खबर में इशरत जहां की जिस फोटो का इस्तेमाल किया गया है, वो चर्चा का विषय है।

दरअसल, खबर है तीन तलाक के मामले में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाकर सुर्खियों में आईं इशरत जहां की और फोटो लगा है उस इशरत जहां का, जिसे काफी सालों पहले गुजरात पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया था। इस तरह की गलती वही कर सकता है, जिसे अपने ज्ञान से ज्यादा गूगल के ज्ञान पर भरोसा हो। संभवतः पेज लगवाने वाले ने गूगल में इशरत जहां सर्च किया होगा और जो फोटो पसंद आई, उसे निकालकर लगा लिया होगा। वैसे, गूगल करने पर भी दोनों इशरत जहां की फोटो सामने आती हैं, ऐसे में पत्रकार के नाते यह सवाल तो मन में उठाना ही चाहिए था कि एक नाम के दो व्यक्ति कैसे? यदि यह सवाल उठता तो उसके जवाब से भ्रम की गुंजाइश ही नहीं बचती।

खबर में हुई गलती तो एकबारगी छुप सकती है और लगातार लिखने वाले से गलती होना स्वाभाविक भी है, लेकिन फोटो गलत लगा देना न केवल संबंधित व्यक्ति के कम ज्ञान को दर्शाता है बल्कि अखबार की विश्वसनीयता भी प्रभावित होती है। वैसे भी आजकल मीडिया खासकर हिंदी अखबारों की विश्वसनीयता सवालों के घेरे में है। इसलिए यह जरूरी है कि इस तरह की गलती दोबारा न होने पाए। इसमें अकेले गलती पेज लगवाने वाले की ही नहीं है, बल्कि पेज को चेक करने वाला बराबर का जिम्मेदार है। उम्मीद है कि जागरण प्रबंधन ने इस गलती को गंभीरता से लिया होगा।

दैनिक जागरण में छपे इस पेज को आप यहां क्लिक कर देख सकते हैं- 

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RSTV ने हासिल किया खास मुकाम, जल्द शुरू करेगा ये काम भी

चैनल की उपलब्धि पर उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने ट्वीट कर दी बधाई

पंकज शर्मा by पंकज शर्मा
Published - Friday, 19 July, 2019
Last Modified:
Friday, 19 July, 2019
RSTV

राज्यसभा टीवी (RSTV) के लिए यह काफी अच्छी खबर है। दरअसल, राज्यसभा टीवी के यूट्यूब चैनल के सबस्क्राइबर्स की संख्या तीन मिलियन (तीस लाख) का आंकड़ा पार कर गई है और तमाम चैनल्स को पीछे छोड़ते हुए यह न्यूज के क्षेत्र में यूट्यूव पर तेजी से बढ़ते हुए चैनल्स में शुमार हो गया है। RSTV  के यूट्यूब चैनल के सबस्क्राइबर्स की संख्या में इस साल काफी तेजी से वृद्धि देखने को मिली है। इस साल करीब साढ़े सात महीने में ही राज्यसभा टीवी के यूट्यूब चैनल को 11.75 लाख से ज्यादा आर्गेनिक सबस्क्राइबर्स (organic subscribers) मिले हैं, जबकि वर्ष 2018 में चैनल को 11.96  लाख सबस्क्रिप्शन हासिल हुए थे।

इस बारे में चैनल की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है, ‘इस साल एक फरवरी से 15 जुलाई तक मात्र साढ़े पांच महीनों में ही हमने अपने साथ 9,99,854 से ज्यादा सबस्क्राइबर्स जोड़े हैं। औसत रूप से देखा जाए तो रोजाना करीब 6060 सबस्क्राइबर्स जुड़ रहे हैं। चैनल ने चार फरवरी 2019 को ही दो मिलियन का आंकड़ा पार कर लिया था।’ चैनल की इस उपलब्धि पर उप राष्ट्रपति और राज्यसभा के चेयरमैन एम. वेंकैया नायडू ने ट्वीट कर खुशी भी जाहिर की है। अपने ट्वीट में उन्होंने कहा है, ‘30 लाख यूट्यूब सब्सक्राइबर का लक्ष्य प्राप्त करने पर राज्यसभा टेलीविजन को बधाई। इस उपलब्धि पर चैनल के प्रबंधन, संपादन और तकनीकी दल को मेरी हार्दिक शुभकामनाएं।’

बताया जाता है कि वेंकैया नायडू ने करीब दो साल पहले जब राज्यसभा टीवी के चैयरमैन का कार्यभार संभाला था, तो उस दौरान 10 अगस्त 2017 को राज्यसभा टीवी के यूट्यूब चैनल के सबस्क्राइबर्स की संख्या 4,25,622 थी। दो साल से भी कम समय में अब इसके सबस्क्राइबर्स की संख्या में करीब 25,58,460 का इजाफा हुआ है, जो पहले के मुकाबले करीब 501 प्रतिशत बढ़ी है। इसी अवधि के दौरान चैनल के यूट्यूब व्यूज 8.13 करोड़ से 487 प्रतिशत बढ़कर करीब 46.74 करोड़ हो गए हैं। 

तीन मिलियन से ज्यादा यूट्यूब सबस्क्राइबर्स होने के साथ ही राज्यसभा टीवी इस मामले में अन्य चैनल्स जैसे एनडीटीवी इंडिया (2.8 मिलियन), इंडिया टुडे (1.9 मिलियन), डीडी न्यूज (1.7 मिलियन), टाइम्स नाउ(1.1 मिलियन), रिपब्लिक वर्ल्ड (1.2 मिलियन), सीएनएन न्यूज18 (1 मिलियन), न्यूज नेशन(1.4 मिलियन), सीएनबीसी आवाज (0.84 मिलियन), लोकसभा टीवी (0.53 मिलियन), सीएनबीसी टीवी18 (0.37 मिलियन), न्यूज एक्स (0.34 मिलियन) और विऑन(0.33 मिलियन) से आगे निकल गया है। यूट्यूव चैनल के सबस्क्राबर्स की संख्या के मामले में राज्यसभा टीवी प्रमुख टीवी चैनल्स की लिस्ट में आठवें नंबर पर है। इससे आगे अभी सिर्फ सात चैनल जैसे- आजतक, एबीपी न्यूज, इंडिया टीवी, जी न्यूज, एनडीटीवी, न्यूज18 इंडिया और न्यूज24 हैं। 

बताया जाता है कि राज्यसभा टीवी की व्युअरशिप में यह बढ़ोतरी राज्यसभा टीवी के एडिटर-इन-चीफ राहुल महाजन के नेतृत्व में संपादकीय टीम की मेहनत के साथ ही बेहतर कंटेंट और प्रधानमंत्री के आधिकारिक कार्यक्रमों की कवरेज के अलावा ग्राउंड रिपोर्टिंग की वजह से हुई है। राज्यसभा टीवी की ऑनलाइन पहुंच बढ़ने के कारण ही यूट्यूब चैनल पर राज्यसभा की कार्यवाही देखने वालों की संख्या में भी काफी वृद्धि हुई है। 23 मई 2019 को जब लोकसभा चुनाव के परिणाम आए थे, उस समय राज्यसभा टीवी के यूट्यूब चैनल के 18.37 लाख से ज्यादा व्यूज थे। पांच जुलाई 2019 को बजट वाले दिन इसके व्यूज 13.30 लाख से ज्यादा थे।  

इस दौरान राज्यसभा टीवी के कई विडियो वायरल हुए हैं. जिनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण और कार्यक्रम शामिल हैं। जब नरेंद्र मोदी ने इस साल लोकसभा चुनाव में भारी विजय के बाद प्रधानमंत्री के रूप में एक समारोह में शपथ ली थी, तो उस दौरान 24 घंटे से भी कम समय में चैनल को 157000 व्यूज मिले थे। कंटेंट और कवरेज प्लानिंग को और बेहतर बनाने के लिए राज्यसभा टीवी ने ‘ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल’ (BARC) को जॉइन कर लिया है ताकि इसके प्रत्येक शो के बारे में व्युअर्स की रिस्पॉन्स जाना जा सके। लोकसभा टीवी की तर्ज पर राज्यसभा टीवी भी जल्द ही सरकारी और निजी उपक्रमों के विज्ञापनों को प्रसारित करना शुरू करेगी।

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टीवी9 भारतवर्ष को मिला नया आउटपुट हेड

विनोद कापड़ी की विदाई के बाद टीवी9 भारतवर्ष में तमाम बदलाव होने शुरू हो गए हैं

पंकज शर्मा by पंकज शर्मा
Published - Friday, 19 July, 2019
Last Modified:
Friday, 19 July, 2019
TV9

टीवी पत्रकार अजय आजाद ने ‘न्यूज 24’ को बाय बोल दिया है। वह यहां आउटपुट डेस्क पर बतौर डिप्टी एडिटर अपनी जिम्मेदारी संभाल रहे थे। अजय आजाद ने अब अपना नया सफर टीवी9 भारतवर्ष चैनल के साथ किया है। यहां वह आउटपुट हेड के तौर पर काम करेंगे। अजय आजाद न्यूज24 के अलावा ईटीवी, महुआ, जी न्यूज, इंडिया न्यूज चैनल्स में महत्वपूर्ण पदों पर काम कर चुके हैं। मूल रूप से सिवान (बिहार) के रहने वाले अजय आजाद लंबे समय तक राणा यशवंत की महुआ और इंडिया न्यूज टीम का हिस्सा रहे हैं, लेकिन काफी पहले उन्होंने इंडिया न्यूज से विदाई लेकर न्यूज 24 जॉइन कर लिया था।

बता दें कि विनोद कापड़ी की विदाई के बाद ही टीवी9 भारतवर्ष में तमाम बदलाव होने शुरू हो गए थे। मैनेजिंग एडिटर की पोजीशन पर जहां संत प्रसाद को लाया गया, वहीं आउटपुट हेड के पद पर अब अजय आजाद को लाया गया है। अजय आजाद को इस नई जिम्मेदारी के लिए समाचार4मीडिया की तरफ से ढेरों शुभकामनाएं।

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मैनेजमेंट ने बताई ये मजबूरी, बंद किया अखबार

अखबार को बंद करने के बारे में कंपनी की ओर से नोटिस जारी कर दी गई है जानकारी

पंकज शर्मा by पंकज शर्मा
Published - Friday, 19 July, 2019
Last Modified:
Friday, 19 July, 2019
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मुंबई से छपने वाला ईवनिंग टैबलॉयड अखबार ‘द ऑफ्टरनून डिस्पैच एंड कोरियर’ (The Afternoon Despatch & Courier) अब कभी पाठकों को पढ़ने को नहीं मिलेगा। हालांकि पब्लिकेशन कंपनी ने 29 दिसंबर 2018 से ही इस अखबार को पब्लिश करना रोक दिया था, लेकिन अब स्थायी रूप से इसे बंद करने का निर्णय लिया गया है। अखबार को स्थायी रूप से बंद करने के बारे में कंपनी की ओर से एक नोटिस भी जारी किया गया है।

इस नोटिस में कहा गया है, ‘अखबार के विज्ञापन और सर्कुलेशन में लगातार कमी होती जा रही थी। हालांकि, मैनेजमेंट ने इसकी सेल्स बढ़ाने के लिए काफी प्रयास किया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। ऐसे में पिछले 12 साल से अखबार काफी घाटे में चल रहा था। इन सबके बावजूद कंपनी ने अखबार को इस उम्मीद पर पब्लिश करना जारी रखा कि शायद सेल्स में कुछ सुधार हो। लेकिन अब मैनेजमेंट की उम्मीदें भी जवाब दे चुकी हैं।’

नोटिस के अनुसार, ‘इन परिस्थितियों में मजबूरीवश प्रबंधन ने 20 जुलाई 2019 से इस अखबार का प्रकाशन पूर्ण रूप से बंद करने का निर्णय लिया है। ऐसे में यहां पर जो भी स्टाफ अभी काम कर रहा है, उसकी सेवाएं स्वतः समाप्त हो जाएंगी। स्टाफ को नियमानुसार बकाया राशि का भुगतान कर दिया जाएगा।’

अखबार को बंद करने के बारे में कंपनी की ओर से नोटिस जारी कर जानकारी दी गई है। इस नोटिस को आप यहां पढ़ सकते हैं-

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