NBA ने MIB से की प्रोत्साहन पैकेज की मांग, जारी की बकाया राशि की लिस्ट

टेलिविजन प्रसारण कंपनियों के संगठन ‘न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन’ (एनबीए) ने केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को एक पत्र लिखा है।

Last Modified:
Monday, 27 April, 2020
NBA

टेलिविजन प्रसारण कंपनियों के संगठन ‘न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन’ (एनबीए) ने केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में ‘एनबीए’ ने ‘विज्ञापन और दृश्य प्रचार निदेशालय’ (डीएवीपी) व राज्यों के स्वामित्व वाली अन्य इकाइयों से उनके विज्ञापन बिलों का भुगतान कराने के साथ ही न्यूज ब्रॉडकास्टर्स के लिए प्रोत्साहन पैकेज की मांग उठाई है।

‘एनबीए’ के प्रेजिडेंट और ‘इंडिया टीवी’ के चेयरमैन व एडिटर-इन-चीफ रजत शर्मा की ओर से लिखे गए इस पत्र में कहा गया है, ‘जैसा कि आप जानते हैं कि कोरोनावायरस (कोविड-19) के कारण न्यूज ब्रॉडकास्टर्स तमाम आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। इस वायरस का संक्रमण न फैले, इसके लिए न्यूज ब्रॉडकास्टर्स द्वारा तमाम एहतियाती कदम उठाए गए हैं। अपने स्टाफ की सुरक्षा के लिए इन संस्थानों में सोशल डिस्टैंसिंग का पालन किया जा रहा है, वहीं कई अन्य जरूरी कदम भी उठाए गए हैं। ऐसे में न्यूज ब्रॉडकास्टर्स के खर्च में काफी बढ़ोतरी हो गई है।’

उन्होंने लिखा है न्यूज ब्रॉडकास्टर्स का मुख्य स्रोत विज्ञापन है और कोविड-19 महामारी और लॉकडाउन के कारण आवागमन पर रोक के चलते ब्रॉडकास्टर्स बहुत ही आर्थिक दबाव में हैं। पत्र में रजत शर्मा ने इस बात का भी जिक्र किया कि विज्ञापन एजेंसियां भुगतान के लिए ज्यादा समय मांग रही है और उधार की अवधि 60 दिन से और अधिक बढ़ाए जाने का दबाव बना रही हैं। उन्होंने यह भी कहा है कि बड़े चैनलों तक के विज्ञापन भी काफी कम हो गए हैं। विज्ञापन की बुकिंग कम हो गयी है। पहले की बुकिंग रद्द हो रही हैं। विज्ञान की वसूली में बकाया बढ़ रहा है। आने वाले समय में भी इस स्थिति से निपटना काफी चुनौतीपूर्ण दिखाई दे रहा है।

इस पत्र में रजत शर्मा ने कहा है, ‘इस आर्थिक संकट से निपटने के लिए हमारा सुझाव है कि ब्रॉडकास्ट मीडिया के लिए सूचना प्रसारण मंत्रालय एक प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा करे। सरकारी विज्ञापनों (DAVP) के रेट में 50 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की जाए। कोविड-19 महामारी के बारे में डीएवीपी के द्वारा निजी सैटेलाइट चैनल्स के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा जानकारी लोगों तक पहुंचाने के लिए सरकारी मंत्रालयों के बजट में वृद्धि की जाए।’

पत्र में यह भी कहा गया है कि विज्ञापन की मद में एनबीए सदस्यों का विभिन्न मंत्रालयों पर लगभग 644987733 रुपए बकाया है। इसका भुगतान लंबे समय से अटका हुआ है। सूचना प्रसारण मंत्रालय पर ही एनबीए के सदस्यों का करीब 86225333 रुपए बकाया है।

पत्र में सूचना प्रसारण मंत्री से मांग की गई है कि वह विभिन्न मंत्रालयों पर बकाया इस राशि का भुगतान करने के लिए डीएवीपी को निर्देश दें, ताकि न्यूज ब्रॉडकास्टर्स को कुछ राहत मिल सके। गौरतलब है कि एनबीए भारत में चौबीसों घंटे समाचार का प्रसारण करने वालों का संगठन है। 27 प्रसारक इसके सदस्य हैं और वे 77 चैनल्स का प्रतिनिधित्व करते हैं।

पत्र के साथ एनबीए की ओर से विभिन्न मंत्रालयों पर बकाया राशि की लिस्ट भी भेजी गई है, जिसे आप यहां देख सकते हैं।   

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मीडिया-मनोरंजन सेक्टर में नौकरियों को लेकर वित्त राज्य मंत्री ने कही ये बात

कोरोना महामारी का दौर खत्म होने के बाद मीडिया और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री (Media And Entertainment Industry) में रोजगार के सबसे ज्यादा अवसर पैदा होंगे

Last Modified:
Wednesday, 08 July, 2020
Anuragthakur

कोरोना महामारी का दौर खत्म होने के बाद मीडिया और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री (Media And Entertainment Industry) में रोजगार के सबसे ज्यादा अवसर पैदा होंगे। ये कहना है केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर का। उन्होंने कहा कि घर से काम करने की व्यवस्था (वर्क फ्रॉम होम) आगे भी जारी रहेगी।

ठाकुर ने उद्योग मंडल फिक्की के एक वेबिनार को संबोधित करते हुए कहा कि कोरोना महामारी और लॉकडाउन की स्थिति ने हमें दिखा दिया है कि घर से काम करने की व्यवस्था जारी रहेगी। हमें इस संकट में अवसरों को खोजना चाहिए। यह भारत के लिए आगे बढ़ने का सही समय है। ऐसे में मीडिया और मनोरंजन नौकरी देने वाले बड़े सेक्टर के रूप में उभर सकता है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार देश के लिए हर मुमकिन कोशिश कर रही है।

उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए फिक्की फ्रेम में अपने विचार साझा करते हुए आगे कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म से हमें तेजी से आगे बढ़ने में मदद मिल सकती है।

मीडिया और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के बारे में ठाकुर ने कहा कि रचनात्मक कार्यों का क्षेत्र एक उच्च वृद्धि वाला क्षेत्र है। यदि इसको ठीक से पोषित किया जाए तो यह प्रतिस्पर्धा, उत्पादकता, सतत वृद्धि और रोजगार को तेजी से बढ़ाने में मदद कर सकता है और देश की निर्यात क्षमता को बढ़ा सकता है। भारत के सामने बड़ी चुनौती बौद्धिक संपदा अधिकारों और कॉपीराइट के डिजिटलीकरण, कुशल कार्यबल और वितरण नेटवर्क तक पहुंच की है। मीडिया और मनोरंजन उद्योग पूरी तरह से विज्ञापन पर निर्भर है जबकि वैश्विक स्तर पर इनकी आय का मुख्य जरिया वितरण नेटवर्क और उपयोक्ताओं से आने वाला पैसा है। इन सभी पहलुओं को साथ लाने की जरूरत है ताकि आय और वृद्धि के नए रास्ते बनाए जा सकें।

ठाकुर ने कहा कि उनका मंत्रालय 20.97 लाख करोड़ रुपए के आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत घोषित विभिन्न योजनाओं को तेजी से लागू कर रहा है। इसके भारतीय अर्थव्यवस्था पर कई तरह के बेहतर प्रभाव होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार कोविड-19 संकट से पैदा हुई चुनौतियों से निपटने में उद्योग और नागरिकों के लिए हरसंभव कदम उठा रही है। देश को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य उसे इस तरह के अभूतपूर्व संकट से बाहर निकालेगा। 

 

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वरिष्ठ पत्रकार विनोद दुआ को राहत, सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस को दिया ये निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने राजद्रोह के मामले घिरे वरिष्ठ पत्रकार विनोद दुआ को राहत दी है

Last Modified:
Wednesday, 08 July, 2020
Vinod Dua

सुप्रीम कोर्ट ने राजद्रोह के मामले घिरे वरिष्ठ पत्रकार विनोद दुआ को राहत दी है। कोर्ट ने उनके खिलाफ किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई से संरक्षण की अवधि मंगलवार को 15 जुलाई तक के लिए बढ़ा दी है। इस मामले में अगली सुनवाई अब 16 जुलाई को होगी।

दुआ के खिलाफ उनके यूट्यूब कार्यक्रम को लेकर भाजपा के एक स्थानीय नेता ने शिकायत दर्ज कराई है। भाजपा के स्थानीय नेता श्याम की शिकायत पर छह मई को शिमला के कुमारसेन थाने में विनोद दुआ के खिलाफ राजद्रोह, मानहानिकारक सामग्री प्रकाशित करने और सार्वजनिक शरारत करने जैसे आरोपों में भारतीय दंड संहिता के प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज की गयी थी। साथ ही विनोद दुआ को जांच में शामिल होने का निर्देश दिया गया था।

स्थानीय नेता का आरोप है कि विनोद दुआ ने अपने कार्यक्रम में प्रधानमंत्री पर वोट हासिल करने के लिये मौत और आतंकी हमलों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था।

न्यायमूर्ति उदय यू ललित, न्यायमूर्ति एम एम शांतनगौडार और न्यायमूर्ति विनीत सरन की पीठ ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से इस मामले की सुनवाई की और हिमाचल प्रदेश पुलिस को इस मामले में अभी तक की जांच रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया। पीठ ने पुलिस को निर्देश दिया है कि वह बताए कि जांच के रिकॉर्ड का क्या है। अभी तक इसमें क्या हुआ है? रजिस्ट्री में सीलबंद लिफाफे में जांच रिपोर्ट जमा कराएं।  

वहीं न्यायमूर्ति उदय यू ललित की अध्यक्षता वाली पीठ विनोद दुआ को गिरफ्तार करने से हिमाचल प्रदेश की पुलिस को रोक दिया है।

सुनवाई के दौरान दुआ की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने कहा कि पत्रकार से वही सवाल बार-बार पूछे जा रहे हैं और यह एक तरह से उन्हें परेशान करने जैसा ही है। इस पर पीठ ने कहा कि दुआ को इस मामले में पूरक सवालों का जवाब देने की जरूरत नहीं है। दुआ इस मामले की डिजिटल माध्यम से जांच में शामिल हुए थे।

बता दें कि शीर्ष अदालत ने 14 जून को रविवार के दिन इस मामले की सुनवाई करते हुए अगले आदेश तक दुआ को गिरफ्तार करने से हिमाचल प्रदेश पुलिस को रोक दिया था। हालांकि, तब पीठ ने दुआ के खिलाफ चल रही जांच पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। पीठ ने कहा था कि दुआ वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जांच में शामिल होंगे।

इस मामले की सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने कहा, ‘मुझे बोलने और अभिव्यक्ति का अधिकार प्राप्त है और मुझे सरकार की आलोचना का भी अधिकार है।’ उन्होंने कहा कि पुलिस ने शिकायत के बारे में विवरण देने से इनकार कर दिया है जबकि शीर्ष अदालत ने इस बारे में स्थिति रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने कहा कि दुआ पहले ही पुलिस द्वारा भेजे गये सवालों के जवाब दे चुके हैं और अब सवालों का नया सेट भेजा गया है। दुआ ने अपनी याचिका में उनके खिलाफ प्राथमिकी निरस्त करने और उन्हें परेशान करने के कारण तगड़ा जुर्माना लगाने का अनुरोध न्यायालय से किया है।

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'2030 तक 100 बिलियन डॉलर की हो सकती है मीडिया-एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री'

‘फिक्की फ्रेम्स 2020’ में ‘गूगल इंडिया’ के कंट्री मैनेजर और वाइस प्रेजिडेंट संजय गुप्ता का कहना है कि सरकार की ओर से थोड़ा सा सपोर्ट इंडस्ट्री को तेजी से रिकवर करने में मदद कर सकता है

Last Modified:
Tuesday, 07 July, 2020
Sanjay Gupta

कोरोनावायरस (कोविड-19) ने पिछले चार महीनों के दौरान पूरी दुनिया को बदलकर रख दिया है। तमाम अन्य सेक्टर्स की तरह मीडिया और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री (M&E Industry) पर भी इसका काफी असर पड़ा है। ‘फिक्की फ्रेम्स 2020’ (FICCI FRAMES 2020) में ‘गूगल इंडिया’ (Google India) के कंट्री मैनेजर और वाइस प्रेजिडेंट संजय गुप्ता का कहना है कि यह समय आगे बढ़ने और इंडस्ट्री को पुराने रूप में वापस लाने का है।

‘फिक्की मीडिया एंड एंटरटेनमेंट कमेटी’ (FICCI Media and Entertainment Committee,) के चेयरमैन संजय गुप्ता का यह भी कहना है कि सरकार की ओर से थोड़ा सा सपोर्ट इंडस्ट्री को तेजी से रिकवर करने में मदद कर सकता है। उन्होंने कहा कि समिति जल्द ही ‘सूचना प्रसारण मंत्रालय’ (MIB) को इस बारे में अपनी सिफारिशें भेजेगी। गुप्ता के अनुसार, ‘देश की अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए हम सरकार के साथ मिलकर पूरी क्षमता से काम करने पर अपना ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। हमारा मानना है कि वर्ष 2030 तक हम 100 बिलियन डॉलर की इंडस्ट्री बन सकते हैं।’  

गुप्ता ने बताया कि करों के ढांचे को सरल बनाने, इंडस्ट्री के इंफ्रॉस्ट्रक्चर पर ध्यान देने और फिल्म्स और गेम्स के एक्सपोर्ट्स को बढ़ावा देने जैसी पहल के द्वारा कंपनियां दीर्घकालिक विकास के अवसर को ध्यान में रखते हुए इसमें निवेश कर सकती हैं। उन्होंने कहा, ‘अल्पावधि में, हमें कुछ नीतिगत निर्णयों में तेजी लाने की आवश्यकता है जो इस सेक्टर को रिकवरी में मदद कर सकते हैं। हमें डीटीएच और रेडियो पर टैक्स के बोझ जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को हल करने की जरूरत है। इसके अलावा हम थियेटर्स को स्पोर्ट्स एक्टिवटीज अथवा एजुकेशनल एक्टिविटीज दिखाने के लिए इस्तेमाल करने के बारे में भी विचार कर सकते हैं।

हम एडवर्टाइजिंग प्रॉडक्ट्स और सर्विसेज के लिए सीएसआर धन का उपयोग करने के बारे में भी सोच सकते हैं, जो इस समय सोसायटी के लिए फायदेमंद है। मेरा मानना है कि इससे नकद लाभ नहीं होगा, लेकिन इससे इंडस्ट्री को अपने पुराने रूप में आने में काफी मदद मिलेगी।’

गुप्ता ने बताया कि वर्ष 2019 में मीडिया और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री का रेवेन्यू 20 बिलियन डॉलर हो गया था और इंडस्ट्री के रेवेन्यू में डिजिटल मीडिया का शेयर करीब 20 प्रतिशत था। प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार रूप से मीडिया और एंटरटेनमेंट सेक्टर ने वर्ष 2019 में करीब पांच मिलियन लोगों को रोजगार दिया है। हालांकि पिछले चार महीनों के दौरान दुनिया काफी बदल चुकी है और इंडस्ट्री काफी मुश्किल दौर का सामना कर रही है।  

इसके साथ ही इन कठिनाइयों के बारे में गुप्ता का कहना है, ‘इस दौरान मीडिया और एंटरटेनमेंट सेक्टर काफी बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। स्टूडियो अब दोबारा से खुलना शुरू हो रहे हैं. जबकि सिनेमा हॉल्स अभी भी बंद पड़े हैं और कुछ समय तक ऐसा ही रहेगा। तमाम लोगों के घरों तक अखबार नहीं पहुंच पा रहा है और इस इंडस्ट्री की लाइफलाइन एडवर्टाइजिंग रेवेन्यू पिछले कुछ महीनों में काफी घट गया है। यदि पूरे 2020 की बात करें तो यह सेक्टर सिकुड़कर 15 बिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है। इससे भी बड़ी चुनौती नौकरियों पर प्रभाव और इससे प्रभावित लोगों की आजीविका है।’

अनुमान लगाया जा रहा है कि इंडस्ट्री में करीब 20 प्रतिशत लोगों की नौकरी पर तलवार चल सकती है और तमाम लोग इससे प्रभावित हो सकते हैं। इस महामारी ने पूरी दुनिया को व्यापार, एक-दूसरे पर निर्भरता और आर्थिक सुधार के बारे में बातचीत करने के लिए बाध्य किया है। इस समय इंडस्ट्री और सरकार को मिलकर काम करने की जरूरत है।

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TV चैनल के नाम पर कुछ इस तरह से पांच करोड़ रुपये गंवा बैठा आयुर्वेदिक चिकित्सक

एक वैद्याचार्य (आयुर्वेद चिकित्सक) की शिकायत पर दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने भारतीय इंजीनियरिंग सेवा के एक पूर्व अधिकारी को गिरफ्तार किया है

Last Modified:
Tuesday, 07 July, 2020
Fraud

टीवी चैनल खुलवाने के नाम पर एक वैद्याचार्य (आयुर्वेद चिकित्सक) से पांच करोड़ रुपये ठगने के आरोप में दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने भारतीय इंजीनियरिंग सेवा (Indian Engineering Service) के एक पूर्व अधिकारी को गिरफ्तार किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गिरफ्तार किए गए पूर्व अधिकारी का नाम सुनील कुमार झा है और वह जोधपुर में दूरदर्शन के डिप्टी डायरेक्टर के पद पर भी काम कर चुका है। सुनील को दूरदर्शन के स्टोरों से सामानों की धोखाधड़ी और हेराफेरी के संबंध में दूरदर्शन द्वारा दायर आपराधिक मामले में दोषी ठहराया जा चुका है।     

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस का कहना है कि शिकायतकर्ता पंडित लक्ष्मण दास भारद्वाज पेशे से आयुर्वेद चिकित्सक हैं। अपनी शिकायत में लक्ष्मण दास भारद्वाज का कहना है कि वह आयुर्वेद के सामानों के प्रमोशन के दौरान सुनील कुमार के संपर्क में आए थे। उस दौरान सुनील ने उन्हें खुद को एक धार्मिक चैनल का हेड बताया था। शिकायतकर्ता ने उक्त चैनल के माध्यम से अपने कार्यक्रमों का प्रसारण शुरू कर दिया।

सुनील कुमार झा ने पंडित लक्ष्मण दास भारद्वाज से अपनी पत्नी बिंदु झा का भी परिचय कराया था। इस दौरान सुनील ने बिंदु झा को टीवी चैनल और कार्यक्रमों को चलाने की एक्सपर्ट के रूप में पेश किया था। पंडित लक्ष्मण दास के मुताबिक सुनील ने यह भी बताया था कि वह दूरदर्शन में भी काम कर चुका है और M/s वाइसराय इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड (M/s Viceroy Engineers Pvt Ltd) का डायरेक्टर है।

शिकायतकर्ता का आरोप था कि विश्वास जीतने के बाद सुनील कुमार झा ने उसे अपना टीवी चैनल खोलने और M/s एक्सप्रेस ब्रॉडकास्टिंग प्राइवेट लिमिटेड के बड़े शेयर खरीदने का झांसा दिया। इसके साथ ही टीवी चैनल के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने की बात कही और झांसा देकर पांच करोड़ रुपये ले लिए।’

पंडित लक्ष्मण दास का कहना है, ‘बाद में मुझे पता चला कि सुनील कुमार झा ने मेरे साथ धोखाधड़ी की और अपनी पत्नी बिंदू झा व विनीत वशिष्ठ के नाम पर एक दूसरा टीवी चैनल खरीद लिया है।' इसके बाद पंडित लक्ष्मण दास ने सुनील कुमार झा के खिलाफ शिकायत दर्ज करा दी। शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने सुनील कुमार झा को गिरफ्तार कर लिया है।

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The New Indian Express में अमिताभ बिश्नोई को मिली बड़ी जिम्मेदारी

‘द न्यू इंडियन एक्सप्रेस’ (The New Indian Express) में डिजिटल का वाइस प्रेजिडेंट बनाया गया है

Last Modified:
Tuesday, 07 July, 2020
Amitabh Bishnoi

‘द न्यू इंडियन एक्सप्रेस’ (The New Indian Express) में अमिताभ बिश्नोई को एक नई जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें अब डिजिटल का वाइस प्रेजिडेंट बनाया गया है। बता दें कि इसके पहले वे दिसंबर 2019 से इस ऑर्गनाइजेशन में मार्केटिंग व डिजिटल ऑपरेशंस के वाइस प्रेजिडेंट थे।

देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान IIMC के पूर्व छात्र रह चुके बिश्नोई ने साल 2008 से 2009 तक सहारा इंडिया मास कम्युनिकेशन (Sahara India Mass Communication) के लिए वेस्टर्न रीजन में मार्केटिंग हेड थे। वहां पर वह अखबार की मार्केटिंग का काम देखते थे। इससे पहले वह वर्ष 2000 से 2008 तक जागरण पब्लिकेशंस में (भोपाल एरिया) सीईओ के पद पर कार्यरत थे और मध्य प्रदेश में ब्रैंड डेवलपमेंट और परफॉर्मेंस का काम संभालते थे।

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पुनर्गठित होगा प्रसार भारती बोर्ड, चार नए सदस्य हुए शामिल

केंद्र सरकार ने प्रसार भारती बोर्ड को फिर से गठित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है

Last Modified:
Tuesday, 07 July, 2020
prasar bharati

केंद्र सरकार ने प्रसार भारती बोर्ड को फिर से गठित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बता दें कि पिछले 13 महीनों से इसके 13 में से 9 पद खाली थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सोमवार को सरकार ने चार नए सदस्यों को नामित किया है, जिनमें दैनिक जागरण के प्रधान संपादक संजय गुप्ता, मीडिया पेशेवर आलोक अग्रवाल, म्यूजिक कंपोजर सलीम मर्चेंट और भाजपा प्रवक्ता शाइना एनसी शामिल हैं।  

इसके पहले बोर्ड के अंशकालिक सदस्यों के रूप में ‘नेटवर्क18’ और ‘जी न्यूज’ जैसी कंपनियों के साथ काम कर चुके आलोक अग्रवाल के नाम को मंजूरी मिली थी।

वहीं वरिष्ठ पत्रकार अशोक कुमार टंडन को भी इस बोर्ड में शामिल किया गया है। बता दें कि टंडन पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी के मीडिया सलाहकार थे। वह बोर्ड के एकमात्र पूर्व सदस्य हैं, जिनका कार्यकाल पिछले साल ही समाप्त हुआ था। 

वहीं मर्चेंट उन हस्तियों में शामिल थे जिन्हें मई 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह के लिए आमंत्रित किया गया था।

गौरतलब है कि प्रसार भारती सूचना-प्रसारण मंत्रालय के अधीन एक वैधानिक स्वायत्त बॉडी है जिसे दूरदर्शन और ऑल इंडिया रेडियो के कामकाज की देखरेख के लिए स्थापित किया गया था। 

 

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पद्मश्री से सम्मानित एडिटर के खिलाफ पुलिस में दर्ज हुई शिकायत, लगा यह आरोप

मेघालय में वरिष्ठ संपादक पेट्रीसिया मुखीम की एक फेसबुक पोस्ट को लेकर सोमवार को उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है।

Last Modified:
Tuesday, 07 July, 2020
Patricia Mukhim

मेघालय में वरिष्ठ संपादक पेट्रीसिया मुखीम की एक फेसबुक पोस्ट को लेकर सोमवार को उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है। मुखीम के खिलाफ यह शिकायत एक ग्राम परिषद की ओर से दर्ज कराई गई है। शिकायत में कहा गया है कि मुखीम की इस फेसबुक पोस्ट से सांप्रदायिक तनाव फैलने की आशंका है।

दरअसल, पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित और ‘द शिलांग टाइम्स’ अखबार की संपादक मुखीम ने शुक्रवार को एक बास्केटबॉल कोर्ट में पांच लड़कों पर हमले के बाद हमलावारों की पहचान करने में नाकाम रहने के लिए अपनी फेसबुक पोस्ट में लॉसोहतुन के ग्राम दरबार (परिषद) की आलोचना की थी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस ने इस मामले में 11 संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है, लेकिन मामले में किसी को भी गिरफ्तार नहीं किया गया है। पुलिस ने मुखीम के खिलाफ शिकायत की जांच भी शुरू कर दी है।

शिकायत में, लॉसोहतुन के ग्राम प्रधान लुरशाई शायला ने कहा कि मुखीम के बयान ने सांप्रदायिक तनाव को पैदा किया है और सांप्रदायिक संघर्ष भड़क सकता है। शिकायत के अनुसार, पश्चिम बंगाल के कुछ मीडिया हाउस ने उनके पोस्ट को सांप्रदायिक रंग देकर इस मुद्दे को उछाल दिया, क्योंकि उनके पोस्ट में आदिवासी और गैर-आदिवासियों के बीच 1979 के संघर्ष का उल्लेख किया गया था। शिकायत में यह भी कहा गया है कि इस पोस्ट ने सभी खासी वासियों को अत्यधिक खतरे में डाल दिया। वहीं, मुखीम का कहना है, ‘मैं इसके खिलाफ (अदालत में) लड़ूंगी।’

मुखीम द्वारा फेसबुक पर की गई पोस्ट को आप यहां देख सकते हैं।

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‘रिजल्टिक्स’ में यह बड़ा पद हुआ खाली, कुलमीत बावा ने दिया इस्तीफा

माना जा रहा है कि वह जल्द ही भारत में एक प्रमुख टेक्नोलॉजी कंपनी के सीईओ का पदभार संभालेंगे

Last Modified:
Monday, 06 July, 2020
Kulmeet Bawa

डिजिटल क्षेत्र में नए जमाने की टेक्नोलॉजी कंपनी ‘रिजल्टिक्स’ (Resulticks) के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर और ‘जापान एंड एशिया पैसिफिक’ (JAPAC) के प्रेजिडेंट कुलमीत बावा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। माना जा रहा है कि वह जल्द ही भारत में एक प्रमुख टेक्नोलॉजी कंपनी के सीईओ का पदभार संभालेंगे। हालांकि, वह किस टेक्नोलॉजी कंपनी से जुड़ने जा रहे हैं, इस बारे में फिलहाल पता नहीं चल सका है।  

‘रिजल्टिक्स’ के साथ कुलमीत बावा करीब एक साल से जुड़े हुए थे और सीईओ व को-फाउंडर ‘रेडिका सुब्रमण्यम’ (Redickaa Subramanium) के साथ काम कर रहे थे। वर्ष 2017 में ‘रिजल्टिक्स’ की स्थापना की गई थी और यह एशिया का पहला प्लेटफॉर्म बन गया है, जिसे मल्टीचैनल कैंपेन मैनेजमेंट के लिए ‘Gartners Magic Quadrant’ में रखा गया है। इसे मल्टीचैनल मार्केटिंग हब के लिए 2018 और 2019 Magic Quadrant में भी नामित किया जा चुका है।

‘रिजल्टिक्स’ से पहले कुलमीत बावा ‘एडोब’ (साउथ एशिया) में बतौर वाइस प्रेजिडेंट और मैनेजिंग डायरेक्टर के रूप में काम कर चुके हैं। एडोब इंडिया में उन्होंने करीब साढ़े सात सात लंबी पारी खेली। इसके अलावा वह करीब 12 साल तक भारतीय सेना में भी काम कर चुके हैं। इसके बाद उन्होंने प्राइवेट सेक्टर का रुख कर लिया था।

‘एडोब’ से पहले कुलमीत बावा ‘सन माइक्रोसिस्टम्स’ (Sun Microsystems) और ‘माइक्रोसॉफ्ट इंडिया’ (Microsoft India) में बड़ी भूमिका निभा चुके हैं। कुलमीत ने इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस, हैदराबाद से मार्केटिंग में एमबीए किया है, इसके अलावा वह देश की प्रतिष्ठित नेशनल डिफेंस एकेडमी, पुणे के छात्र भी रह चुके हैं।

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IPL 2020 के लिए विज्ञापन और मार्केट को लेकर उदय शंकर ने कही ये बात

उदय शंकर के अनुसार, ‘आईपीएल काफी महंगा टूर्नामेंट है। हमने इसके अधिकार हासिल करने के लिए काफी धनराशि का भुगतान किया है।

Last Modified:
Monday, 06 July, 2020
Uday Shankar

‘स्टार’ (Star) और ‘डिज्नी इंडिया’ (Disney India) के चेयरमैन और ‘द वॉल्ट डिज्नी कंपनी, एशिया पैसिफिक’ (The Walt Disney Company, Asia Pacific) के प्रेजिडेंट उदय शंकर का कहना है कि मौजूदा आर्थिक माहौल में बाजार पहले के उत्साह की तरह ‘इंडियन प्रीमियर लीग’ (IPL) 2020 को सपोर्ट करने और उसे बनाए रखने के लिए तैयार नहीं है।     

‘ईटी नाउ’ (ET Now) में छपी रिपोर्ट के अनुसार, ‘स्टार इंडिया’ के चीफ उदय शंकर ने कथित रूप से कहा है कि उन्हें उम्मीद नहीं है कि आईपीएल के इस सीजन में हजार करोड़ रुपये का विज्ञापन करने के लिए अगले छह से आठ हफ्ते में मार्केट ठीक हो जाएगा। बता दें कि ‘स्टार इंडिया’ के पास आईपीएल के ग्लोबल मीडिया राइट्स हैं।

इस रिपोर्ट के अनुसार उदय शंकर का कहना है, ‘मार्केट को बहुत बड़ा झटका लगा है। असली मुद्दा यह है कि क्या यह छह से आठ हफ्ते में  विज्ञापन में हजार करोड़ रुपये लगाने की स्थिति में आ जाएगा, इस बात में हमें संदेह है।’   

उदय शंकर के अनुसार, ‘आईपीएल काफी महंगा टूर्नामेंट है। हमने इसके अधिकार हासिल करने के लिए काफी धनराशि का भुगतान किया है। ऐसे में हमारे लिए और हमारे अन्य स्टेकहोल्डर्स के लिए विज्ञापन एक्टिविटीज पर्याप्त होनी चाहिए। पिछले दिनों जिस तरह से अर्थव्यवस्था पर असर पड़ा है, उसे देखते हुए मुझे नहीं लगता कि बाजार आईपीएल 2020 को सपोर्ट करने के लिए तैयार है।’

इसके साथ ही उदय शंकर का यह भी कहना था कि उन्हें नहीं पता कि यह लीग कब शुरू होगी। उदय शंकर का कहना है सुरक्षित माहौल मिलने पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) इसे जल्दी शुरू करने को लेकर उत्सुक है। गौरतलब है कि कोरोनावायरस (कोविड-19) के कारण 29 मार्च से शुरु होने वाले आईपीएल को पहले 15 अप्रैल तक फिर अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया था।

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दुनिया को अलविदा कह गए वरिष्ठ पत्रकार धर्मराज राय

वरिष्ठ पत्रकार धर्मराज राय नहीं रहे। वह 75 साल के थे और लंबे समय से बीमार चल रहे थे।

Last Modified:
Monday, 06 July, 2020
dharmaraj

वरिष्ठ पत्रकार धर्मराज राय नहीं रहे। उन्होंने झारखंड के जमशेदपुर में शनिवार की रात 8:30 बजे अंतिम सांस ली। वह 75 साल के थे और लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उनका इलाज जमशेदपुर स्थित टीएमएच में किया जा रहा था।

जानकारी के अनुसार 23 जून को उन्हें रिम्स के कैंसर वार्ड में भर्ती कराया गया था। वहां से उन्हें बेहतर इलाज के लिए टीएमएच भेजा गया था। 23 जून को ही उन्हें ब्लड कैंसर होने की जानकारी मिली थी। वरिष्ठ पत्रकार धर्मराज राय ने प्रारंभिक दिनों में ‘रांची एक्सप्रेस’, ‘आज’ और उसके बाद भागलपुर में ‘हिन्दुस्तान’ अखबार के साथ तीन दशकों तक काम किया। ‘हिन्दुस्तान’ से रिटायर होने के बाद वे अलग-अलग पत्रिकाओं के लिए लिखते रहे। उनके परिवार में उनकी पत्नी के अलावा दो बेटे और दो बेटियां हैं।

उनकी साहसिक व धारदार पत्रकारिता को आज भी शहर के लोग याद करते हैं। सामाजिक-राजनीतिक संगठनों ने उनके निधन पर शोक जताया है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने वरिष्ठ पत्रकार धर्मराज राय श्रद्धांजलि देते हुए लिखा है कि मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति की कामना करते हुए कहा कि संकट की इस घड़ी में परमात्मा उनके परिजनों को कष्ट सहने की शक्ति दे।

 

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