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मीडिया इंडस्ट्री को चाहिए नया विजन, नई सोच व भारतीय दर्शकों के अनुकूल कंटेंट: उदय शंकर
WAVES समिट 2025 के तीसरे दिन JioStar के वाइस चेयरमैन उदय शंकर ने भारत के मीडिया और मनोरंजन उद्योग को लेकर अपनी व्यापक सोच साझा की।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 9 months ago
WAVES समिट 2025 के तीसरे दिन JioStar के वाइस चेयरमैन उदय शंकर ने भारत के मीडिया और मनोरंजन उद्योग को लेकर अपनी व्यापक सोच साझा की। मीडिया पार्टनर्स एशिया के मैनेजिंग डायरेक्टर विवेक कौटो के साथ संवाद में उन्होंने बताया कि किस तरह भारत में Pay TV को लेकर बनी धारणा गलत साबित हुई है।
उदय शंकर ने कहा, "लोगों को लगने लगा था कि Pay TV खत्म हो गया है, लेकिन जब हमने दो बड़ी कंपनियों को साथ लाया, तब से इसमें सब्सक्राइबर बढ़े हैं, घटे नहीं।" उन्होंने इसे ध्यान केंद्रित रणनीति का परिणाम बताया और कहा कि भारत में Pay TV अभी भी एक मजबूत बाजार है।
डिजिटल की बात करते हुए शंकर ने कहा कि भारत में स्ट्रीमिंग ने जबरदस्त उछाल लिया है, लेकिन कंटेंट को उस रफ्तार से आगे नहीं बढ़ाया गया। उन्होंने कहा, "आज JioStar पर 50 करोड़ लोग आते हैं और उनमें से बड़ी संख्या में लोग सब्सक्रिप्शन देकर कंटेंट देखते हैं। लेकिन यदि हमें अगली ऊंचाई तक पहुंचना है, तो हमें भारतीय आकांक्षाओं के अनुरूप कंटेंट देना होगा।"
उदय शंकर ने बताया कि उनकी कंपनियों ने 2024 में कंटेंट पर ₹25,000 करोड़ और 2025 में ₹30,000 करोड़ खर्च किए। अगले साल यह आंकड़ा ₹32,000 करोड़ से ज्यादा होगा।
थिएटर और सिनेमा की बात करते हुए उन्होंने हिंदी फिल्मों की हालत पर चिंता जताई। उन्होंने कहा, "दक्षिण भारत में अब भी थिएटर का कल्चर मजबूत है, लेकिन उत्तर भारत में थिएटर देखने का खर्च ज्यादा है और रचनात्मकता की कमी है। हम आज भी उम्रदराज दर्शकों के लिए फिल्में बना रहे हैं, जबकि भारत की 65% आबादी 35 साल से कम उम्र की है।"
उदय शंकर ने यह भी कहा कि जहां कंटेंट और वितरण में इनोवेशन हुआ है, वहीं राजस्व मॉडल लगभग जड़ हैं। उन्होंने मीडिया कंपनियों को सलाह दी कि वे सिर्फ विज्ञापन और सब्सक्रिप्शन पर निर्भर न रहें, बल्कि नए रास्तों की खोज करें। उन्होंने कहा, "अगर आप 15–20 मिलियन लोगों को ही टारगेट कर रहे हैं, तो प्राइस ज्यादा रख सकते हैं। लेकिन अगर आप 300 मिलियन या 500 मिलियन लोगों तक पहुंचना चाहते हैं, तो प्राइस सेंसिटिविटी को केंद्र में रखना होगा।"
उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय मीडिया को अब टियर 2, 3 और 4 शहरों की ओर ध्यान देना चाहिए। उदय शंकर ने कहा, ''हमें छोटे शहरों और स्थानीय ब्रैंड्स को आगे लाना होगा, ताकि वे राष्ट्रीय और वैश्विक इकोनॉमी में भागीदार बन सकें,”
नियामक ढांचे को लेकर उदय शंकर ने आगाह किया कि पारंपरिक टीवी और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को एक ही नियम के तहत लाना नुकसानदायक होगा। उन्होंने कहा, “टीवी पारिवारिक अनुभव है, डिजिटल व्यक्तिगत। दोनों की प्रकृति और परिपक्वता अलग है। एक जैसे नियम दोनों के लिए काम नहीं करेंगे,”
अंत में उदय शंकर ने कहा कि भारत का मीडिया बाजार विशाल है, लेकिन उसकी पूरी क्षमता तभी खुलेगी जब कंटेंट, प्राइसिंग और बिजनेस मॉडल- तीनों में गहरा इनोवेशन हो।
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