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मोदी के खिलाफ कलम चलाने की इन मीडिया संस्थानों को मिल रही ये ‘सजा’
बात और बिगड़ने के डर से सरकार के इस अघोषित फैसले पर खामोश हैं मीडिया संस्थान
नीरज नैयर 6 years ago
मोदी सरकार के खिलाफ कलम चलाने की कीमत कई मीडिया संस्थानों को चुकानी पड़ रही है। अंग्रेजी वेबसाइट Pgurus की एक खबर के मुताबिक सरकार ने ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’, ‘द हिन्दू’, ‘इकनॉमिक टाइम्स’, ‘द टेलीग्राफ’ और ‘आनंद बाजार पत्रिका’ को विज्ञापन जारी करने पर रोक लगा दी है। माना जा रहा है कि मोदी सरकार अपने खिलाफ नकारात्मक रिपोर्टिंग को लेकर इन मीडिया संस्थानों से खासी खफा है।
‘द हिन्दू’ के विज्ञापन तो मार्च से ही बंद कर दिए गए हैं। यही वो समय था जब अखबार ने राफेल सौदे को लेकर एक के बाद एक कई खबरें प्रकाशित की थीं। इसी तरह ‘टाइम्स समूह’ को जून से विज्ञापन नहीं दिए जा रहे हैं। बात केवल अखबारों तक ही सीमित नहीं है, ‘टाइम्स समूह’ के चैनल ‘टाइम्स नाउ’ और ‘मिरर नाउ’ भी विज्ञापन के सूखे का सामना कर रहे हैं।
जानकारों का कहना है कि ‘टाइम्स समूह’ को लोकसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आचार संहिता के उल्लंघन से जुड़ी खबरों को प्रमुखता से दिखाने का खामियाजा उठाना पड़ रहा है। दरअसल, भाजपा नेताओं का मानना था कि कांग्रेस के इशारे पर आचार संहिता उल्लंघन का मामला उठाया गया, इसलिए अब जब भाजपा पुन: सत्ता में है तो ऐसे मीडिया संस्थानों को आर्थिक चोट पहुंचाई जा रही है, जिसने खबर को खबर की तरह प्राथमिकता दी।
खास बात यह है कि सरकार के इस अघोषित फैसले पर मीडिया संस्थान खामोश हैं। शायद उन्हें डर है कि बोलने से बात और बिगड़ सकती है। हालांकि, कांग्रेस ने बुधवार को लोकसभा में इस मुद्दे को उठाया। सदन में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने आरोप लगाया कि सरकार ने डीएवीपी को ‘टाइम्स समूह’,‘द हिन्दू’ सहित कुछ बड़े मीडिया हाउस को विज्ञापन नहीं देने को कहा है। चौधरी के मुताबिक, अलोकतांत्रिक रूप से विज्ञापन रोककर सरकार एक तरह से मीडिया को यह संदेश देना चाहती है कि जो उसके खिलाफ चलेगा, उसे नुकसान उठाना पड़ेगा।
उद्योग से जुड़े आंकड़ों की बात करें तो ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ समूह को केंद्र सरकार के विज्ञापनों से प्रतिमाह 15 करोड़ और ‘द हिन्दू’ को 4 करोड़ रुपए की कमाई हो जाती है, लेकिन अब इस कमाई पर ग्रहण लग गया है। वहीं, खबर है कि ‘टाइम्स ग्रुप’ के मैनेजिंग डायरेक्टर विनीत जैन प्रधानमंत्री मोदी से मिलने की कोशिश में लगे हैं, ताकि उनकी नाराजगी को दूर किया जा सके।
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