Hope India Conclave में जुटीं शख्सियतें, देश की तस्वीर बदलने के लिए इन बातों पर दिया जोर

सीसीएलए व टीबीआई-9 की ओर से आयोजित ‘होप इंडिया कॉन्क्लेव’ में मीडिया एवं उद्योग से जुड़े दिग्गजों ने रखे अपने विचार।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Saturday, 08 August, 2020
Last Modified:
Saturday, 08 August, 2020
Conclave

ताजनगरी आगरा से पिछले साल शुरू हुए नेशनल हिंदी न्यूज चैनल ‘टीबीआई9’ (tbi9) ने सात अगस्त को अपनी पहली वर्षगांठ मनाई। चैनल के अनुसार, इस एक साल में उसके व्युअर्स की संख्या 16 मिलियन हो गई है। इस सफलता का जश्न मनाने के लिए आगरा के होटल भावना क्लार्क्स इन होटल में ‘होप इंडिया कॉन्क्लेव’ (Hope India Conclave) 2020 का आयोजन किया गया।

‘कॉरपोरेट काउंसिल फॉर लीडरशिप एंड अवेयरनेस’ (सीसीएलए) की ओर से रावी इवेंट्स के सहयोग द्वारा वर्चुअल रूप से होने वाले इस कार्यक्रम को ‘टीबीआई9’ मीडिया नेटवर्क की ओर से पेश किया गया। प्रदेश के समाज कल्याण मंत्री डॉ. जीएस धर्मेश के मुख्य आतिथ्य में आयोजित इस कॉन्क्लेव में मीडिया एवं उद्योग से जुड़े दिग्गजों ने वर्तमान परिदृश्य में भारत की आशा विषय पर अपने विचार रखे।

कार्यक्रम का शुभारंभ राज्यमंत्री डॉ. जी.एस धर्मेश, एफमेक के अध्यक्ष पूरन डावर, अप्सा के अध्यक्ष सुशील गुप्ता व अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। कोविड-19 महामारी के चलते कॉन्क्लेव को बेहद सादगी और सोशल डिस्टेंसिंग के साथ किया गया। कॉन्क्लेव में निर्धारित संख्या में लोग शामिल थे, वहीं वर्चुअल रूप में सैकड़ों लोगों की सहभागिता रही। कॉन्क्लेव में उद्योग जगत में अपनी विशिष्ट कार्यशैली से देश में खास मुकाम बनाने वाली शख्सियतों को ‘द लीजेंड 2020 अवार्ड’ से सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि डॉ. जीएस धर्मेश ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। कॉन्क्लेव में दो पैनल में चर्चा हुई, जिसमें पहले पैनल का संचालन ‘द कैपिटल पोस्ट’ की एडिटर गरिमा सिंह ने किया। वहीं दूसरे पैनल का संचालन ‘इंडिया न्यूज’ के सीनियर एडिटर यतेंद्र शर्मा ने किया।

कॉन्क्लेव में वक्ताओं ने कुछ यूं रखे अपने विचार 
जिंदगी में सब कुछ उम्मीद पर ही कायम है, इसलिए हमें सदैव सकारात्मक और संवेदनशील रहते हुए काम करना चाहिए, लोगों की प्रतिभा के अनुसार मौका देने की आवश्यकता है. जिससे आने वाले समय में भारत एक बहुत बड़े मुकाम को हासिल कर सके।
-डॉ. अनुराग बत्रा, चेयरमैन, बिजनेस वर्ल्ड

देश में पिछले 6-7 वर्षों में बहुत बड़े बदलाव हुए हैं व देश को नई ताकत मिली है। देशवासियों को कार्य करने के लिए ऐसा नेतृत्व मिला है जो हर रोज लोगों को नई प्रेरणा देता है। नई शिक्षा नीति में क्षेत्रीय व राष्ट्रीय भाषा पर सरकार का कदम देश की उन्नति में मील का पत्थर साबित होगा। हम हिंदी में सोचते हैं, हिंदी में स्वप्न देखते हैं तो कार्यक्रम व चर्चाओं में भी हिंदी भाषा का प्रयोग क्यों नहीं करते। भारत में आज तमाम संभावनाएं हैं। भारत उद्योग जगत में देश दुनिया की सबसे बड़ी महाशक्ति बनेगा।
-पूरन डावर, रीजनल चेयरमैन, सीएलई-नार्थ

भारत कभी सोने की चिड़िया कहलाता था, परंतु आजादी के 70 साल बाद भी देश में बदलाव नहीं आया, देश के लोगों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, एशिया और यूरोप का ऐसा कोई हिस्सा नहीं जहां पर भारतीय अपनी पताका ना लहरा रहे हों। 'तू जिंदा है तो जिंदगी की जीत पर यकीन कर, अगर कहीं है स्वर्ग तो उतार ला जमीन पर'।
-राजेश बादल, पूर्व कार्यकारी निदेशक, राज्यसभा टेलीविजन

मीडिया को अपनी विश्वसनीयता को बनाये रखने के लिये सत्य के साथ जुड़कर कार्य करना चाहिए। भीड़ के हिस्से से अलग हटकर अपनी एक अलग पहचान बनानी चाहिए। लोगों को बड़ी उम्मीदें रखनी चाहिए क्योकि जब बड़ी उम्मीदें होती है तो काम भी बड़े होते हैं।
-अजय शुक्ला, चीफ एडिटर, आईटीवी नेटवर्क  

मीडिया के सामने आने वाली चुनौतियों पर मीडिया से निपटने के लिए मीडिया को ही अपनी विश्वनीयता पर कायम रहना होगा। देश में जो घटित हो रहा है। उसे सत्य व राष्ट्र हित से जोड़कर लोगों के सामने प्रस्तुत करना चाहिए। तभी मीडिया की विश्वसनीयता बनी रह सकती है। ऐसा करना मीडिया के लिए बहुत ही आवश्यक है। यह मीडिया की जिम्मेदारी भी है कि वह लोगों में सकारात्मकता का भाव लाए, ताकि वे आगे बढ़ सकें और देश के विकास में योगदान दे सकें।
-विनीता यादव, फाउंडर, न्यूज नशा

कोरोना काल में तमाम उद्योग-धंधे काफी प्रभावित हुए हैं। ऐसे में लोगों के काम-धंधे पर विपरीत असर पड़ा है। कई लोगों की नौकरी भी चली गई है, वहीं कुछ लोगों का काम बिल्कुल ठप हो गया है। ऐसे में तमाम लोगों के सामने रोजी-रोटी जुटाने की समस्या आ खड़ी हुई है। बेरोजगारी बढ़ने के कारण देश में अपराधों की संख्या बढ़ी है। हमें इस तरह की स्थिति पर जल्द से जल्द अंकुश लगाने के उपाय तलाशने होंगे, ताकि समाज में बढ़ रहे अपराधों पर लगाम लगे और लोगों को रोजगार मिल सके। मीडिया को भी इसमें अपनी भूमिका निभानी होगी।
-प्रमिला दीक्षित, मीडिया विश्लेषक  

 हमारी गुरुकुल की शिक्षा परंपरा बहुत ही समृद्ध थी, लेकिन आज की शिक्षा व्यवस्था भारत को गर्त की ओर ले जा रही है इसमें सुधार की आवश्यकता है सरकार ने हाल ही में इस दिशा में जो कदम उठाया है वो प्रशंसनीय है। अब एक नई आशा इस दिशा में भी जागी है लगता है शिक्षा जगत में जल्द नया सवेरा होगा।
-गरिमा सिंह, एडिटर, द कैपिटल पोस्ट

कोरोना महामारी के दौरान स्वास्थ्य समस्याओं के अलावा और भी कुछ समस्याएं हैं उन पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है। मीडिया को भी इसमें अहम भूमिका निभानी होगी। जिस प्रकार आज देश सकारात्मकता के साथ आगे बढ़ रहा है उससे लगता है कि यदि विजन स्पष्ट हो तो हर स्थिति में आप कामयाबी के रास्ते प्रशस्त कर सकते हैं। इसलिए सदैव अपने विजन को स्पष्ट रखते हुए सकारात्मकता के साथ आगे बढ़ना चाहिए।     
-यतेंद्र शर्मा, सीनियर एडिटर, इंडिया न्यूज़

देशवासियों को सर्वप्रथम अपने इतिहास व गौरव को जानना होगा। सोच बदलो तो सितारे बदल जायेंगे, नजर बदलो तो नजारे बदल जाएंगे। अब कश्तियां बदलने की जरूरत नहीं, इरादे बदलो किनारे बदल जायेंगे। देश ने 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनामी बनाने का लक्ष्य लिया जिसे पूरा भी किया है। कोरोना की मार के बावजूद देश दोगुनी रफ्तार से तरक्की करेगा।
-संदीप मारवाह, फाउंडर, नोएडा फिल्म सिटी

कोरोना काल में आज चुनौतियों के साथ नए अवसर भी आये हैं, जिनको हमें नकारात्मकता से निकलकर अपनी क्षमताओं को निखारते हुए काम करना होगा। सिर्फ मेडिकल के क्षेत्र में ही नहीं हमें कई क्षेत्रों में आगे बढ़कर देश को विश्व के मानचित्र पर चमकाना है।  
-किशोर खन्ना, एमडी, रोमसंस ग्रुप

हमने कहानी सुनी है चींटी की, जो बार-बार गिरती है और चढ़ती है, बाद में उसे सफलता मिल ही जाती है। हमें उससे सबक लेना चाहिए। हमारे देश व उसके उद्योग की अन्य देशों जैसी हालत नहीं हुई है। हमारे यहां की स्थिति अन्य देशों से आज भी बेहतर है। इसलिए निराश नहीं होना चाहिए।
-गुरु स्वरूप श्रीवास्तव, चेयरमैन, स्वरुप ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज

कोरोना वायरस के बारे में सभी लोग जान चुके हैं, उससे जूझने में भी सभी की भलाई है। भयभीत होने से कुछ नहीं होगा। जीवन को खुशियों से संवारोगे तो हर ओर खुशियां ही खुशियां छा जाएंगी।
-सुशील गुप्ता, चेयरमैन, प्रिल्यूड पब्लिक स्कूल

कोरोनावायरस से कम से कम जन और आर्थिक हानि हो इसके प्रयास के लिए सरकार ने सराहनीय प्रयास किए हैं। आज विश्व भारत के उत्पादन पर विश्वास जता रहा है, एक उम्मीद से देश की ओर देख रहा है। देश आने वाले समय में उत्पादन के मामले में विश्व की एक बड़ी क्षमता बनेगा।
-डॉ. सुरेंद्र सिंह भगौर, एमडी, यशवंत हॉस्पिटल

भारत विश्व गुरु बनेगा, इस बात में कोई संदेह नहीं। आज देश कोरोना काल के प्रभाव के बावजूद प्रगति के पथ पर अग्रसर है। जहां समूचा विश्व केवल जिंदगी की जंग लड़ रहा है वहीं भारत विकास की इबादत लिखने को तैयार हो रहा है।
-शत्रुघ्न सिंह चौहान, पूर्व सैन्य अधिकारी  

हमें उन देशों से सबक लेना चाहिए, जो कोरोना से बहुत खराब हालत में आ गए थे और अब वे तेजी से विकास कर रहे हैं। उद्योगों के साथ कभी न कभी विषम परिस्थिति आ ही जाती है। गिर-गिर कर उठना ही तो व्यक्ति की महानता है।
-जितेन्द्र त्रिलोकानी, एमडी, डर्बी फुटवियर एक्सपोर्ट्स

उद्योगपति को तो कभी निराश नहीं होना चाहिए, उससे विकास की गति रुक जाती है, इसलिए लगातार काम करते रहना चाहिए। समाज में वही व्यक्ति उत्थान करता है, जिसमें हर हालत में काम करने का जज्बा होता है, उसी की आज आवश्यकता है।
-मुरारी प्रसाद अग्रवाल, चेयरमैन, एकता बिल्डर

होप इंडिया कॉन्क्लेव ने वर्तमान परिदृश्य में देश के उद्योग, मीडिया और सामाजिक चिंतन से जुड़े पहलुंओं को उजागर किया। देश की नब्ज को टटोलने की कोशिश की है। परिचर्चा में जो सामने आया वह निश्चित रूप से हमें यह समझने के लिए काफी है कि भारत विषम परिस्थितियों में भी गिरकर उठना जानता है यह देश के स्वर्णिम भविष्य का संदेश है।
-ब्रजेश शर्मा, निदेशक, टीबीआई9  

होप इंडिया कॉन्क्लेव में विभिन्न क्षेत्रों के दिग्गजों के बीच जो चर्चा हुई वह निश्चित रूप उद्योग जगत को नई दिशा देने में कामयाब साबित होगी, लगातार जिस तरह से सकारात्मक विचार वक्ताओं के सामने आए, वह प्रोत्साहित करते हैं और वर्तमान परिदृश्य में भारत की नई आशा को सकारात्मक नजरिया देश को आगे ले जाने को आतुर है।
-अजय शर्मा, आयोजक, होप इंडिया कॉन्क्लेव

आशा से ही जीवन में नया संचार आता है, निराश लोगों से दूरी बना कर रखें तभी जीवन को अच्छी गति मिल सकेगी। उद्योग हो, सरकारी या गैरसरकारी नौकरी, उतार-चढाव आते ही हैं। हर परिस्थिति में समान भाव से रहना ही जीवन है। कॉन्क्लेव में जो संदेश निकलकर सामने आया है वह प्रभावित करने वाला है।  
-मनीष अग्रवाल, निदेशक, रावी इवेंट्स

जीवन को खुशियों से संवारोगे तो हर ओर खुशियां ही खुशियां छा जाएंगी, दुख तो मुंह फाड़े हर समय खड़ा ही है। हताशा से व्यक्ति में अवसाद पैदा होता है और उससे जीवन में खतरा भी रहता है। इसलिए निराशा को त्याग कर हमेशा खुश रहने की आदत डालनी चाहिए।
-डॉ. रामनरेश शर्मा, उपाध्यक्ष, सीसीएलए

इस कॉन्क्लेव में जिन शख्सियतों को अवॉर्ड से सम्मानित किया गया, उनमें एफमेक के अध्यक्ष पूरन डावर, डॉक्टर सोप के एके जैन, कलाप्रेमी गुरु स्वरूप श्रीवास्तव, प्रिल्यूड पब्लिक स्कूल के चेयरमैन सुशील गुप्ता, पूर्व सैन्य अधिकारी शत्रुघ्न सिंह चौहान, रैनबो हॉस्पिटल के चेयरमैन डॉ. नरेंद्र मल्होत्रा, रोमसंस ग्रुप के प्रबंध निदेशक किशोर खन्ना, ग्लोबल इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉ. प्रशांत शर्मा, मुंशी पन्ना मसाला उद्योग के चेयरमैन विष्णु कुमार गोयल, प्रकाश जनरेटर के निदेशक राजेश गर्ग, गोयल सिटी हॉस्पिटल के एमडी डॉ. मुकेश गोयल, साइंटिफिक पैथोलॉजी के चेयरमैन डॉ. अशोक शर्मा, यशवंत हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा सेंटर के एमडी डॉ. सुरेंद्र सिंह भगौर, करम उद्योग के एमडी कंवलजीत सिंह कोहली और डर्बी फुटवियर एक्सपोर्ट्स के एमडी जितेन्द्र त्रिलोकानी शामिल रहे।

कॉन्क्लेव में राज्य मंत्री डॉ. जीएस धर्मेश ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री मोदी हैं तो देश मे सब कुछ संभव है। राम मंदिर का निर्माण और अनुच्छेद 370 का खात्मा मोदी सरकार के विराट स्वरूप और उच्च आदर्शों के कारण ही संभव हुआ है। साथ ही होप इंडिया कॉन्क्लेव में आज की चर्चा का स्वरूप देश में सरकार की जन हितैषी नीतियों का परिणाम है। 

इस मौके पर आयोजित पैनल डिस्कशन में उद्योग और मीडिया जगत के दिग्गजों ने शिरकत की। दोनों सत्रों में वर्तमान परिदृश्य में भारत की आशा विषय पर मीडिया विश्लेषक प्रमिला दीक्षित, विनय पतसरिया, पूर्व एमएलसी अनुराग शुक्ला, मुरारी प्रसाद अग्रवाल, महेश धाकड़ सहित आदि ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन रावी इवेंट्स के निदेशक मनीष अग्रवाल व अतिथियों का स्वागत सीसीएलए के महासचिव अजय शर्मा एवं टीबीआई9 के निदेशक ब्रजेश शर्मा और डॉ. आरएन शर्मा ने किया। इस दौरान सीएफटीआई के निदेशक सनातन साहू, मोशन एकेडमी के निदेशक डॉ. अरुण शर्मा, रामकुमार शर्मा, राजकुमार उप्पल, हरीबाबू, धीरज शर्मा, निशांत शर्मा आदि मुख्य रूप से मौजूद रहे। 

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कोरोना को नहीं हरा सके TOI के वरिष्ठ पत्रकार सुभाष मिश्रा, अस्पताल में ली अंतिम सांस

लखनऊ स्थित टाइम्स ऑफ इंडिया (TOI) के अनुभवी पत्रकार सुभाष मिश्रा के निधन की खबर सामने आयी है। वे कोरोना वायरस से संक्रमित थे

Last Modified:
Saturday, 08 May, 2021
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लखनऊ स्थित टाइम्स ऑफ इंडिया (TOI) के अनुभवी पत्रकार सुभाष मिश्रा के निधन की खबर सामने आयी है। वे कोरोना वायरस से संक्रमित थे और लखनऊ के संजय गांधी अस्पताल में भर्ती थे, जहां  इलाज के दौरान ही वे जिंदगी की जंग हार गए। उन्हें 21 अप्रैल को अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

सुभाष मिश्रा राष्ट्रीय अंग्रेजी दैनिक ‘द टाइम्स ऑफ इंडिया’ में असिसटेंट एडिटर के तौर पर कार्यरत ते। इसके पहले वे इंडिया टुडे में एक लंबी पारी खेल चुके थे। उनकी गहन और निर्णायक पॉलिटिकल रिपोर्टिंग की वजह से ही मीडिया जगत में उनका बड़ा नाम था। कई वरिष्ठ मीडिया हस्तियों व राजनेताओं ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है।

ट्विटर पर लिखते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, ‘वरिष्ठ @TOILucknow पत्रकार, श्री सुभाष मिश्रा जी के निधन से गहरा दुख हुआ। उन्होंने खुद को एक मेहनती पर्यवेक्षक, विपुल लेखक और एक अद्भुत इंसान के रूप में प्रतिष्ठित किया। उन्होंने यूपी में अंग्रेजी पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान दिया। उनके शोक संतप्त परिवार के प्रति मेरी संवेदना।’

वहीं यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी दिवंगत आत्मा की शांति की कामना करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने पत्रकार सुभाष मिश्रा के निधन पर दिवंगत आत्मा की शांति की कामना करते हुए कहा कि वह अपनी संवेदनाएं शोक संतप्त परिजनों के साथ सम्बद्ध करती हैं।

वहीं यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए ट्विटर पर लिखा, ‘अत्यंत दुःखद! लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार श्री सुभाष मिश्रा जी का निधन, अपूरणीय क्षति। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति व शोक संतप्त परिवार को दुःख की इस घड़ी में संबल प्रदान करे। विनम्र श्रद्धांजलि।’

 

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कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच पत्रकारों के हित में दिल्ली सरकार ने लिया ये फैसला

देश में कोरोना का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। तमाम लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं।

Last Modified:
Friday, 07 May, 2021
Arvind Kejriwal

देश में कोरोना का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। तमाम लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं। इन सबके बीच अपनी जान जोखिम में डालकर पत्रकार रिपोर्टिंग कर रहे हैं और लोगों तक खबरें पहुंचा रहे हैं। ऐसे में उत्तर प्रदेश, बिहार और उत्तराखंड समेत कई राज्यों ने पत्रकारों को फ्रंटलाइन वर्कर्स घोषित कर उन्हें कोरोना वैक्सीनेशन में प्राथमिकता देने का फैसला किया है।

इन सबके बीच दिल्ली सरकार ने भी पत्रकारों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए उन्हें मुफ्त में कोरोना वैक्सीन लगाए जाने का फैसला लिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कोरोना के मामलों को लेकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की समीक्षा बैठक के बाद दिल्ली सरकार का कहना है कि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के पत्रकारों का बड़ी संख्या में वैक्सीनेशन किया जाएगा।

इसके साथ ही दिल्ली सरकार की ओर से यह भी कहा गया है कि पत्रकारों को उनके ही संस्थानों में वैक्सीन मुहैया कराई जाएगी। इसके लिए वैक्सीनेशन ड्राइव शुरू की जाएगी और इस पर आने वाला खर्च सरकार वहन करेगी। बताया जाता है कि दिल्ली सरकार ने मीडिया घरानों से उनके यहां कार्यरत एम्प्लॉयीज की सूची मांगी है, ताकि वैक्सीनेशन जल्द शुरू हो किया जा सके।

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बीजेपी ने कहा मारा गया कार्यकर्ता, पत्रकार ने कहा- 'जिंदा हूं मैं'

वीडियो में कुछ लोगों की तस्वीरें दिखाई गईं और दावा किया गया कि ये वो पार्टी कार्यकर्ता हैं, जिनकी पिछले 72 घंटों में टीएमसी कार्यकर्ताओं ने हत्या की।

Last Modified:
Friday, 07 May, 2021
manik

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से ही राज्य में हिंसा का दौर जारी है। इस दौरान बीजेपी और टीएमसी दोनों ही दलों के कार्यकर्ताओं की हत्या की खबरें सामने आई। बुधवार को बीजेपी की बंगाल आईटी सेल की ओर से 5.28 मिनट का एक वीडियो रिलीज कर टीएमसी पर हिंसा का आरोप लगाया गया। वीडियो में कुछ लोगों की तस्वीरें दिखाई गईं और दावा किया गया कि ये वो पार्टी कार्यकर्ता हैं, जिनकी पिछले 72 घंटों में टीएमसी कार्यकर्ताओं ने हत्या की। इस वीडियो में एक शख्स को लेकर जो दावा किया गया है, उसकी फोटो ही गलत निकली।

दरअसल, दावा किया कि माणिक मोइत्रा नाम का एक शख्स सीतलकूची में मारा गया है। हालांकि, बीजेपी ने वीडियो में जिस फोटो का इस्तेमाल किया, वह IndiaToday.in के पत्रकार अभ्रो बनर्जी की है।

बंगाल में हुई हिंसा के बाद बीजेपी ने नौ लोगों की लिस्ट जारी की है, जिसमें माणिक मोइत्रा, मिंटू बर्मन का नाम शामिल है। हालांकि, किसी की पहचान माणिक मोइत्रा के तौर पर नहीं हुई है। विवाद के बाद बीजेपी ने अब इस वीडियो को हटा लिया है, लेकिन उससे पहले ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर हजारो बार देखा जा चुका था। 

करीब 2 मिनट 35 सेकंड का वीडियो गुजरने के बाद एक युवक की तस्वीर आती है, जिसे वीडियो में मनिक मोइत्रो बताया गया। बीजेपी ने दावा किया कि ये पार्टी कार्यकर्ता हैं और टीएमसी से जुड़े कुछ लोगों ने इनकी हत्या कर दी। दरअसल, वह इंडिया टुडे के पत्रकार अभ्रो बनर्जी की तस्वीर थी। 

अभ्रो बनर्जी को जब इसकी सूचना मिली तो उन्होंने ट्वीट कर कहा कि मैं अभी जिंदा हूं। मैं सीतलकूची से करीब 1300 किमी दूर हूं। बीजेपी आईटी सेल ने दावा किया है कि मैं मनिक मोइत्रा हूं और सीतलकुची में मारा गया। कृपया इन फेक पोस्ट पर यकीन न करें और चिंता न करें। मैं फिर दोहराता हूं, मैं जीवित हूं। 

आजतक की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस मसले पर अभ्रो ने कहा कि वह आज सुबह थोड़ी देरी से उठे थे, उन्होंने देखा कि उनके फोन में 100 से अधिक मिस कॉल हैं। वह इससे पहले कुछ समझ पाते, उनके दोस्त अरविंद ने बताया कि बीजेपी आईटी सेल ने माणिक मोइत्रा की जगह उनकी तस्वीर का इस्तेमाल किया है। बाद में इस मसले से जुड़ा एक हाइपलिंक बीजेपी ने शेयर किया और कहा कि तस्वीर का गलत इस्तेमाल किया गया है।

अभ्रो ने कहा कि वह हैरान थे कि वह 1300 किमी. दूर है, फिर भी ये गलत जानकारी कितनी खतरनाक हो सकती है। अभ्रो बनर्जी अभी दिल्ली में हैं और IndiaToday.in के साथ काम कर रहे हैं।

आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल में चुनाव नतीजों के बाद से ही हिंसा हो रही है. रविवार को शुरू हुई हिंसा मंगलवार तक लगातार जारी रही, इस दौरान बंगाल के अलग-अलग हिस्सों में आगजनी, लूटपाट, तोड़फोड़ की खबरें आईं। भाजपा ने आरोप लगाया है कि टीएमसी के कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए हमले में उनके कई कार्यकर्ताओं की मौत हो गई है। वहीं टीएमसी का भी दावा है कि हिंसा में उनके पार्टी के कार्यकर्ता भी मारे गए हैं। इसके बाद ममता बनर्जी ने गुरुवार को ऐलान किया कि चुनाव के बाद प्रदेश में हुई इस हिंसा में मरने वाले लोगों को बिना किसी भेदभाव के 2-2 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाएगा।  

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‘पार्लियामेंट्री बिजनेस’ के ग्रुप सीईओ रोहित सक्सेना को मिला ये सम्मान

रोहित सक्सेना की खेलों में रुचि शुरू से रही है। वे ताइक्वोंडो के राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी रह चुके हैं और कई बार वे अपने वेट के यूपी चैम्पियन रहने के साथ कोरिया से 2nd DAN  ब्लैक बेल्ट हैं।

Last Modified:
Thursday, 06 May, 2021
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‘पार्लियामेंट्री बिजनेस’ के ग्रुप सीईओ व मैनेजिंग एडिटर रोहित सक्सेना को खेलो और समाज के लिए किए जा रहे प्रयासों को तब बल मिला, जब उन्हें एशिया पैसिफिक चैम्बर ऑफ कॉमर्स व टोंगा की कॉमनवेल्थ यूनिवर्सिटी ने ‘एशिया पैसिफिक एक्सिलेंस अवॉर्ड’ के लिए चुना। यह सम्मान उन्हें ‘मोस्ट प्रॉमिसिंग पर्सनॉलिटी ऑफ द ईयर’ कैटेगरी के तहत मिला।

उन्होंने खेल संगठनों, खिलाड़ियों और कोरोना काल में जरूरतमंदो की जिस तरह से मदद की है, उसी के चलते उन्हें यह अवॉर्ड दिया गया है।

रोहित सक्सेना की खेलों में रुचि शुरू से रही है। वे ताइक्वोंडो के राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी रह चुके हैं और कई बार वे अपने वेट के यूपी चैम्पियन रहने के साथ कोरिया से 2nd DAN  ब्लैक बेल्ट हैं। देश के कई खेल संगठनो (ताइक्वोंडो, बॉक्सिंग और बॉड़ी बिल्डिंग) के चेयरमैन और अध्यक्ष होने के साथ 21 वर्षो में मीडिया के शुरुआती पद से ग्रुप सीईओ तक का मुकाम  हासिल किया है। रोहित भारत सरकार की मीडिया एंड एंटरटेनमेंट स्किल काउंसिल के वारिष्ठ सलाहकार भी हैं।

उन्होंने  एशिया पैसिफिक चैम्बर ऑफ कॉमर्स को धन्यवाद देने के साथ ये विश्वास भी दिलाया कि उनकी लोगों के काम आने की मुहिम यूं ही चलती रहेगीl  उन्होंने लोगों को यह संदेश भी दिया की बहुत जरूरी हो, तभी बाहर निकले और कोविड  प्रोटोकाल का पालन करेंl

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नहीं रहे NE TV समेत कई चैनलों के मालिक व पूर्व कांग्रेसी नेता मतंग सिंह

कोरोना काल में पूर्व केंद्रीय मंत्री, पूर्व कांग्रेसी नेता व कई चैनलों के मालिक रहे मतंग सिंह का निधन हो गया। उन्होंने दिल्ली के एक अस्पताल में अंतिम सांस ली।

Last Modified:
Thursday, 06 May, 2021
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कोरोना काल में पूर्व केंद्रीय मंत्री, पूर्व कांग्रेसी नेता व कई चैनलों के मालिक रहे मतंग सिंह का निधन हो गया। उन्होंने दिल्ली के ILBS अस्पताल में अंतिम सांस ली। वे 58 साल के थे।

बताया जा रहा है कि मतंग सिंह ने 22 अप्रैल को कोविड-19 का टेस्ट कराया था और उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आयी थी। उन्हें लीवर से संबंधित बीमारी भी थी।

मतंग सिंह पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव के करीबी थे और उनकी सरकार के दौरान वे केंद्रीय मंत्री थे। सिंह 1992 में असम से राज्यसभा सदस्य के तौर पर चुने गए थे और 1994 से 1998 तक संसदीय मामले में केंद्रीय राज्य मंत्री के तौर पर कार्य किया।

उन्होंने फोकस टीवी, हमार टीवी, एनई टीवी समेत कुल छह चैनल व एक रेडियो स्टेशन की नींव रखी थी। बताया जाता है कि टीवी ब्रॉडकास्ट के कारोबार में उनका आना भी अपनी पत्नी और पूर्व पत्रकार मनोरंजना सिंह के चलते हुआ था। 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मनोरंजना ने न्यूज ब्रॉडकास्ट लाइसेंस के लिए 2003 में आवेदन किया था। इसके बाद उन्होंने पॉजिटिव टीवी (POSITIV TELEVISION PRIVATE LIMITED) नाम की एक कंपनी लॉन्च की, जिसके डायरेक्टर खुद मतंग सिंह, पवन सिंह व मैनेजिंग डायरेक्टर रूपेंद्र नाथ सिंह थे। इस बैनर के तले हिंदी न्यूज चैनल ‘फोकस टीवी’ सहित कुछ और चैनल भी चलते थे। हालांकि हिंदी में महिलाओं पर केंद्रित चैनल ‘फोकस टीवी’ कोई खास असर तो नहीं छोड़ पाया। लेकिन, पूर्वोत्तर में लॉन्च किए गए क्षेत्रीय चैनल शुरुआत में तो अच्छे चले, लेकिन बाद में चैनलों की भीड़ बढ़ गई तो पॉजिटिव टीवी के लिए डगर कठिन हो गई और कंपनी घाटे में चलने लगी थी।    

मनोरंजना मतंग सिंह से कई साल पहले अलग हो गईं थीं। उन्होंने अपने पति पर घरेलू हिंसा का आरोप भी लगाया था। दोनों में पॉजिटिव टीवी के मालिकाना हक को लेकर लंबी कानूनी लड़ाई भी चली। 

मतंग सिंह का जन्म 1962 में असम के तिनसुकिया में एसपी सिंह और रानी रुक्मिणी सिंह के घर हुआ था। उनका नाम शारदा चिटफंड घोटाले में भी आया था।

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नहीं रहे 'युगधर्म' के प्रधान संपादक भगवतीधर वाजपेयी

 वयोवृद्ध पत्रकार और राष्ट्रीय भावधारा के लेखक भगवतीधर वाजपेयी का जबलपुर में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया।

Last Modified:
Thursday, 06 May, 2021
bhagwatidhar8454

 वयोवृद्ध पत्रकार और राष्ट्रीय भावधारा के लेखक भगवतीधर वाजपेयी का जबलपुर में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वे 96 वर्ष के थे। 

वे 'युगधर्म' जबलपुर के प्रधान संपादक थे व हिंदी एक्सप्रेस जबलपुर के संपादक रवि वाजपेयी के पिता थे। भगवतीधर वाजपेयी एक वरिष्ठ समाजसेवी, साहित्यकार, पत्रकार और बीजेपी के नेता थे। उनका निधन जबलपुर पत्रकारिता के लिए बड़ी छति माना जा रहा है। 

उनके निधन पर भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी) के महानिदेशक प्रो. संजय द्विवेदी ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि युगधर्म (नागपुर-जबलपुर) के संपादक के रूप में उनकी पत्रकारिता ने राष्ट्रीय चेतना का विस्तार किया। वे सिर्फ एक पत्रकार ही नहीं, मूल्यआधारित पत्रकारिता और भारतीयता के प्रतीक पुरुष थे। उनका समूचा जीवन इस देश की महान संस्कृति के प्रचार-प्रसार में समर्पित रहा।

 प्रो. द्विवेदी ने कहा कि 1957 में नागपुर में युगधर्म के संपादक के रूप में कार्यभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने 1990 तक सक्रिय पत्रकारिता करते हुए युवा पत्रकारों की एक पूरी पौध तैयार की। उनकी समूची पत्रकारिता में मूल्यनिष्ठा, भारतीयता, संस्कृति के प्रति अनुराग और देशवासियों को सामाजिक और आर्थिक न्याय दिलाने की भावना दिखती है। 1952 में स्वदेश के माध्यम से अपनी पत्रकारिता का प्रारंभ करने वाले श्री वाजपेयी का निधन एक ऐसा शून्य रच रहा है, जिसे भर पाना कठिन है। 2006 में उन्हें मध्यप्रदेश शासन द्वारा माणिकचन्द्र वाजपेयी राष्ट्रीय पत्रकारिता पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

प्रो.द्विवेदी ने कहा कि उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी एक विचार के लिए लगा दी और संघर्षपूर्ण जीवन जीते हुए भी घुटने नहीं टेके। आपातकाल में न सिर्फ उनके अखबार पर ताला डाल दिया गया, वरन उन्हें जेल भी भेजा गया। इसके बाद भी न तो झुके, न ही डिगे। यह संयोग ही है कि अटलबिहारी वाजपेयी जी, भगवती धर जी और माणिक चंद्र वाजपेयी जी तीनों एक ही गांव बटेश्वर (आगरा) से आए। तीनों का जीवन पत्रकारिता से शुरू हुआ। पर तीनों एक ही विचार के लिए जिए।

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इन 4 राज्यों ने भी पत्रकारों को माना फ्रंटलाइन वॉरियर्स, वैक्सीनेशन में मिलेगी प्राथमिकता

अब चार राज्य और सामने आए हैं, जिन्होंने  पत्रकारों को फ्रंटलाइन वॉरियर्स माना और उन्हें वैक्सीनेशन में प्राथमिकता देने की बात कही है।

विकास सक्सेना by
Published - Thursday, 06 May, 2021
Last Modified:
Thursday, 06 May, 2021
Journalists6

कोरोनावायरस का संक्रमण लगातार फैल रहा है। हर दिन इस घातक वायरस से रिकॉर्ड मौतें दर्ज की जा रही हैं। इस बीच उत्तराखंड, बिहार, ओडिशा, मध्य प्रदेश, पंजाब और उत्तर प्रदेश राज्यों में पत्रकारों को फ्रंटलाइन वर्कर घोषित किया हुआ है, लेकिन अब चार राज्य और सामने आए हैं, जिन्होंने  पत्रकारों को फ्रंटलाइन वॉरियर्स माना और उन्हें वैक्सीनेशन में प्राथमिकता देने की बात कही है।

बता दें कि पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री की शपथ लेने के बाद ममता बनर्जी ने भी ऐलान कर दिया कि वह राज्य के सभी पत्रकारों को कोरोना वॉरियर्स घोषित करती हैं। ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार से सभी को फ्री में वैक्सीन देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इसमें लगभग 30 करोड़ रुपए खर्च होंगे और 30 करोड़ रुपए केंद्र सरकार के लिए कुछ नहीं है।

वहीं, झारखंड की हेमंत सरकार ने भी राज्य के पत्रकारों को प्राथमिकता के तौर पर कोरोना वैक्सीन अभियान से जोड़ने पर जोर दिया है। इस संबंध सीएम सोरेन ने स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव को निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना की इस लड़ाई में सभी मिलकर लड़ते हुए जीत हासिल करेंगे। उन्होंने कहा कि कोरोना फिर हारेगा और झारखंड फिर जीतेगा।

इस संबंध में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड ने राज्य के सभी डीसी को पत्र लिखा है। इसके तहत झारखंड में 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के पत्रकारों को प्राथमिकता के आधार पर वैक्सीनेशन लगाने की बातें कही गई है। कहा गया कि कोरोना से संबंधित विभिन्न प्रकार की सूचनाओं को संग्रहित एवं प्रचारित-प्रसारित करने के उद्देश्य से टीवी और प्रिंट मीडिया के पत्रकार क्षेत्र में लगातार घूमते हैं। इस क्रम में इनका प्राथमिकता के आधार पर वैक्सीनेशन करने की जरूरत है।

कर्नाटक सरकार ने भी पत्रकारों को अग्रिम मोर्चे का कोविड वॉरियर्स मानने और प्राथमिकता के आधार पर उनका वैक्सीनेशन कराने का फैसला किया है। राज्य में कोविड-19 के बढ़ते मामलों को लेकर मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा ने मंगलवार को मंत्रिमंडल की विशेष बैठक की। बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने संवाददाताओं से कहा, ‘हम पत्रकारों को अग्रिम मोर्चे का कर्मी मानेंगे और प्राथमिकता के आधार पर उनका वैक्सीनेशन कराएंगे।’

हालांकि, येदियुरप्पा ने पत्रकारों से घटनाओं की इस तरह रिपोर्टिंग नहीं करने की अपील की, ताकि लोगों में दहशत न फैले।

कोरोनोवायरस संक्रमणों की दूसरी लहर के बीच, मणिपुर सरकार ने भी सभी मान्यता प्राप्त पत्रकारों को फ्रंटलाइन वर्कर घोषित करने का निर्णय लिया है। राज्य अब प्राथमिकता के तौर पर कोविड-19 के खिलाफ पत्रकारों का वैक्सीनेशन करेगा।

राज्य के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने ट्विटर पर लिखा, ‘तमाम जोखिमों के बावजूद खबरों को लोगों तक पहुंचाने में पत्रकारों के प्रयासों की हम सराहना करते हैं। ये किसी भी मायने में दूसरे फ्रंटलाइन वर्कर्स से कम नहीं हैं। राज्य सरकार मान्यता प्राप्त सभी पत्रकारों का फ्रंटलाइन वॉरियर्स के तौर पर प्राथमिकता के आधार पर वैक्सीनेशन करेगी।’

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iTV Network ने अपनी सेल्स टीम को कुछ यूं दी मजबूती

देश के बड़े न्यूज ब्रॉडकास्टर्स में शुमार ‘आईटीवी नेटवर्क’ (iTV Network) ने अपनी सेल्स टीम को मजबूती दी है।

Last Modified:
Wednesday, 05 May, 2021
ITV Network

देश के बड़े न्यूज ब्रॉडकास्टर्स में शुमार ‘आईटीवी नेटवर्क’ (iTV Network) ने अपनी सेल्स टीम को मजबूती दी है। इसके तहत मीनाक्षी सिंह को नेटवर्क के हिंदी न्यूज चैनल ‘इंडिया न्यूज’ के प्रेजिडेंट (Govt Sales & Retail) के पद पर प्रमोट किया गया है। मीनाक्षी सिंह को इंडस्ट्री में काम करने का करीब 21 साल का अनुभव है। वह तमाम बहुराष्ट्रीय कंपनियों जैसे Gecis (GE), Dell, Neoteric में अपनी जिम्मेदारी निभा चुकी हैं। उन्होंने कई सारे अवार्ड भी अपने नाम किए हैं। वह आईटीवी नेटवर्क के वाइस प्रेजिडेंट ( सेल्स एंड मार्केटिंग) के रूप में वर्ष 2020 से इंडिया न्यूज से जुड़ी हैं।

नेटवर्क ने संजय सिंघल को भी प्रेजिडेंट के पद पर पदोन्नत किया है। वह इंडिया न्यूज के लिए गवर्नमेंट, नॉर्थ जोन हरियाणा, पंजाब, हिमाचल और आज समाज, चंडीगढ़ और दिल्ली की जिम्मेदारी संभालेंगे। संजय सिंघल को मीडिया के क्षेत्र में काम करने का करीब तीन दशक का अनुभव है। वह वर्ष 2010 से इंडिया न्यूज के साथ जुड़े हुए हैं। प्रमोशन से पहले वह आईटीवी नेटवर्क में सीनियर वाइस प्रेजिडेंट के तौर पर आज समाज और इंडिया न्यूज (हरियाणा, पंजाब और हिमाचल) की कमान संभाल रहे थे। वहीं, इससे पहले वह वर्ष 2000 से 2010 तक हिंदुस्तान टाइम्स की चंडीगढ़ यूनिट में डिप्टी जनरल मैनेजर के तौर पर अपनी जिम्मेदारी संभाल रहे थे। गवर्नमेंट हेड के तौर पर वह वर्ष 1990 से 2000 तक इंडियन एक्सप्रेस और जनसत्ता में भी काम कर चुके हैं। 

इसके अलावा सुमन सिंह को भी डिप्टी जनरल मैनेजर (सेल्स) के पद पर पदोन्नत किया गया है। सुमन सिंह को मीडिया इंडस्ट्री में काम करने का 11 साल से भी अधिक का अनुभव है। वह वर्ष 2016 से ही इंडिया न्यूज के साथ जुड़े हुए हैं। इससे पहले वह गवर्नमेंट सेल्स टीम,दिल्ली के साथ काम कर रहे थे। इस बारे में आईटीवी नेटवर्क के सीईओ वरुण कोहली का कहना है, ‘मीनाक्षी, संजय और सुमन की नई जिम्मेदारी को लेकर हम काफी खुश है।, iTV नेटवर्क को उनके कौशल और विशाल अनुभव का काफी लाभ मिलेगा और आने वाले समय में यह और ऊंचाइयों को छुएगा।’

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एशियानेट से जुड़े नचिकेत पंतवैद्य, मिली यह बड़ी जिम्मेदारी

नचिकेत इससे पहले बालाजी टेलिफिल्म्स में ग्रुप सीओओ और ऑल्ट बालाजी में सीईओ के तौर पर जिम्मेदारी निभा रहे थे।

Last Modified:
Tuesday, 04 May, 2021
Nachiket Pantvaidya

‘एशियानेट न्यूज मीडिया एंड एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड’ (AMEL) ने नचिकेत पंतवैद्य (Nachiket Pantvaidya) को मैनेजिंग डायरेक्टर के पद पर नियुक्त किया है। बता दें कि ‘AMEL’ के पोर्टफोलियो में ‘एशियानेटन्यूज.कॉम’ (asianetnews.com) और ‘इंडिगोम्यूजिक.कॉम’ (indigomusic.com) आदि कई डिजिटल ब्रैंड्स शामिल हैं और यह विभिन्न भाषाओं में कंज्यूमर्स को सर्विस प्रदान करता है।

नचिकेत इससे पहले बालाजी टेलिफिल्म्स (Balaji Telefilms) में ग्रुप चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर और ऑल्ट बालाजी (ALTBalaji) में सीईओ के तौर पर जिम्मेदारी निभा रहे थे। उन्होंने दिसंबर 2015 में ऑल्ट बालाजी जॉइन किया था।

इसके अलावा नचिकेत एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री की कुछ जानी-मानी कंपनियों जैसे- सोनी एंटरटेनमेंट टेलिविजन, स्टार प्लस, स्टार प्रवाह और फॉक्स टेलिविजन स्टूडियो में वरिष्ठ पदों पर अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं। वह डिज्नी और बीबीस का हिस्सा भी रहे हैं।

इस बारे में ‘एशियानेट न्यूज मीडिया एंड एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड’ के एग्जिक्यूटिव चेयरमैन राजेश कालरा का कहना है, ‘AMEL परिवार में नचिकेत के शामिल होने पर मुझे काफी खुशी है। कंपनी को और ऊंचाई पर ले जाने में उनके नेतृत्व कौशल और अनुभव का काफी फायदा मिलेगा।’

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खबरों के मामले में कौन सा मीडिया माध्यम है सबसे ज्यादा भरोसेमंद, पढ़ें ये सर्वे

मीडिया कंसल्टिंग फर्म ‘ऑरमैक्स मीडिया’ (Ormax Media) ने ‘फैक्ट या फेक?’ नाम से अपनी रिपोर्ट का दूसरा एडिशन जारी कर दिया है

Last Modified:
Tuesday, 04 May, 2021
Media

मीडिया कंसल्टिंग फर्म ‘ऑरमैक्स मीडिया’ (Ormax Media) ने ‘फैक्ट या फेक?’ (Fact or Fake?) नाम से अपनी रिपोर्ट का दूसरा एडिशन जारी कर दिया है। यह रिपोर्ट न्यूज कंज्यूमर्स के सर्वे पर आधारित है और विभिन्न न्यूज मीडिया की विश्वसनीयता के साथ-साथ ‘फेक न्यूज’ की समग्र धारणा को मापती है। रिपोर्ट का यह दूसरा एडिशन अप्रैल 2021 में एकत्रित किए गए डाटा पर आधारित है।

इस रिपोर्ट का पहला एडिशन सितंबर 2020 में जारी किया गया था। यह सर्वे देश के केंद्र शासित प्रदेशों और 17 राज्यों के 15 वर्ष से ऊपर के शहरी समाचार उपभोक्ताओं (Urban news consumers ) के बीच आयोजित किया गया था।

रिपोर्ट के अनुसार, क्रेडिबिलिटी के मामले में 62 प्रतिशत के साथ प्रिंट मीडिया पिछली बार की तरह लगातार सबसे आगे बना हुआ है। वहीं, 56 प्रतिशत के साथ रेडियो दूसरे नंबर पर बना हुआ है, जबकि वर्ष 2020 में इसका प्रतिशत 57 प्रतिशत था। हालांकि, अन्य सभी मीडिया में थोड़ी या ज्यादा कमी देखी गई है। जैसे टेलिविजन में यह प्रतिशत 56 से घटकर 53 प्रतिशत, डिजिटल न्यूज ऐप्स और वेबसाइट्स में 42 प्रतिशत से घटकर 37 प्रतिशत, सोशल मीडिया में 32 प्रतिशत से 27 प्रतिशत और मैसेंजर ऐप्स में 29 प्रतिशत से घटकर 24 प्रतिशत रह गया है।

सोशल मीडिया की बात करें तो पिछली बार के मुकाबले क्रेडिबिलिटी प्रतिशत में कमी के बावजूद ट्विटर न्यूज क्रेडिबिलिटी इंडेक्स में 47 प्रतिशत के साथ नंबर वन बना हुआ है। अन्य कोई भी सोशल मीडिया अथवा मैसेंजर एप प्लेटफॉर्म 30 प्रतिशत के आंकड़े को भी नहीं छू सका है। नया लॉन्च हुआ ऐप कू (Koo) क्रेडिबिलिटी के मामले में 24 प्रतिशत तक ही पहुंच सका है।

रिपोर्ट और इसके निष्कर्षों पर टिप्पणी करते हुए ऑरमैक्स मीडिया के फाउंडर व सीईओ शैलेश कपूर का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में दुनिया भर में फर्जी खबरों के बारे में चिंताएं बढ़ रही हैं, लेकिन सिर्फ सात महीने में ही विश्वसनीयता का प्रतिशत 39 से और घटकर 35 रह गया है, जो भारतीय न्यूज इंडस्ट्री के लिए अच्छा नहीं है। महामारी के बीच में न्यूज की विश्वसनीयता और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। हम उम्मीद करते हैं कि टेलिविजन समाचार और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स इस चिंता को और अधिक गंभीरता से लेंगे।

समाचार विश्वसनीयता सूचकांक (News Credibility Index) और मीडिया विश्वसनीयता सूचकांक (Media Credibility Index) समाचार उपभोक्ताओं (खबरें देखने वालों का) का एक प्रतिशत है, जो फेक न्यूज को एक बड़ी परेशानी के तौर पर नहीं देखते हैं।

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