लोकमत मीडिया में पवन देशपांडे का प्रमोशन, अब बने रेजिडेंट एडिटर

उन्हें संस्थान के सेंट्रल डेस्क (Central Desk) पर यह जिम्मेदारी दी गई है। पवन देशपांडे अगस्त 2020 से लोकमत मीडिया में असिस्टेंट एडिटर के पद पर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे।

Last Modified:
Monday, 12 October, 2026
Pavan Deshpande


लोकमत मीडिया प्राइवेट लिमिटेड (Lokmat Media Pvt. Ltd.) ने पवन देशपांडे को प्रमोशन देकर रेजिडेंट एडिटर (Resident Editor) की जिम्मेदारी सौंपी है। उन्हें संस्थान के सेंट्रल डेस्क (Central Desk) पर यह जिम्मेदारी दी गई है।

पवन देशपांडे ने अपनी नई जिम्मेदारी की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लिंक्डइन पर साझा की और संस्थान के प्रबंधन, वरिष्ठों तथा सहकर्मियों के प्रति आभार जताया।

अपनी नई जिम्मेदारी को लेकर पवन देशपांडे ने कहा कि वह इस नए अध्याय की शुरुआत आभार, जिम्मेदारी के प्रति विनम्रता और आगे के सफर को लेकर विश्वास के साथ कर रहे हैं। उन्होंने अपने संदेश में लिखा, “सफर के लिए आभारी हूं। जिम्मेदारी के लिए तैयार हूं।”

पवन देशपांडे अगस्त 2020 से लोकमत मीडिया में असिस्टेंट एडिटर के पद पर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे। इससे पहले नवंबर 2019 से जुलाई 2020 तक उन्होंने Loksatta.com में असिस्टेंट एडिटर के रूप में काम किया था।

जुलाई 2012 से नवंबर 2019 तक वह लोकमत मीडिया में चीफ सब-एडिटर के पद पर रहे। इसी अवधि में जुलाई 2018 से नवंबर 2019 तक उन्होंने सीनियर चीफ सब-एडिटर की जिम्मेदारी भी निभाई। इस भूमिका में वह फ्रंट पेज, राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और फाइनेंस पेज का काम देखते थे। इसके अलावा, उन्हें विभिन्न मुद्दों पर स्पेशल जैकेट और विशेष पेज तैयार करने का अनुभव भी है। राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मामलों, खेल, टेक्नोलॉजी और आतंकवाद जैसे विषय उनके लेखन के प्रमुख क्षेत्र रहे हैं।

इससे पहले उन्होंने अप्रैल 2011 से अप्रैल 2012 तक प्रहार मराठी अखबार में सीनियर सब-एडिटर के रूप में काम किया। अप्रैल 2009 से अप्रैल 2011 तक वह पुढ़ारी पब्लिकेशंस प्राइवेट लिमिटेड में बिजनेस रिपोर्टर रहे। वहीं, अगस्त 2007 से अप्रैल 2009 तक उन्होंने लोकमत मीडिया में सब-एडिटर के रूप में काम किया था।

पवन देशपांडे ने डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर मराठवाड़ा विश्वविद्यालय, औरंगाबाद से मास्टर्स की डिग्री ली है। उन्होंने स्वामी रामानंद तीर्थ मराठवाड़ा विश्वविद्यालय, नांदेड़ से पत्रकारिता में बैचलर ऑफ आर्ट्स (BA) की पढ़ाई की है।           

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राज नायक ने YAAP Digital के चेयरमैन एवं एमडी पद से दिया इस्तीफा, बताई वजह

उन्होंने इसे एक कठिन फैसला बताया। हालांकि, उन्होंने कंपनी की टीम के साथ काम करने के अनुभव को अच्छा बताया और YAAP Digital के भविष्य को लेकर भरोसा जताया।

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Monday, 12 October, 2026
Raj Nayak Yaap

डिजिटल मार्केटिंग कंपनी ‘याप डिजिटल लिमिटेड’ (YAAP Digital Ltd) के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर (CMD) राज नायक ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने यह फैसला काफी सोच-विचार के बाद लिया है। नायक ने अपने इस्तीफे की वजह पूर्णकालिक परिचालन संबंधी भूमिका की जिम्मेदारियों और अपनी निजी प्राथमिकताओं पर ध्यान देने की इच्छा को बताया है।

अपने इस्तीफे में राज नायक ने कहा कि इस स्तर पर पूर्णकालिक परिचालन संबंधी भूमिका की जिम्मेदारियां और उसकी व्यस्तता उतनी अधिक हैं, जितना वह फिलहाल अपने ऊपर लेना नहीं चाहते। उन्होंने इसे एक कठिन फैसला बताया। हालांकि, उन्होंने कंपनी की टीम के साथ काम करने के अनुभव को अच्छा बताया और YAAP Digital के भविष्य को लेकर भरोसा जताया।

राज नायक अब अपने उद्यमशीलता से जुड़े प्रयासों और निजी जीवन से जुड़ी प्राथमिकताओं पर ध्यान देना चाहते हैं। उन्होंने कंपनी की भविष्य की संभावनाओं को लेकर भी सकारात्मक रुख व्यक्त किया है।

गौरतलब है कि YAAP Digital Ltd ने इस साल जुलाई में राज नायक को कंपनी का चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त किया था। यह नियुक्ति कंपनी के संस्थापक, चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. अतुल हेगड़े के 7 जुलाई 2026 को निधन के बाद हुई थी।

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ऋत्विक भालेकर की NDTV में नई पारी, संभाली डिप्टी एडिटर की जिम्मेदारी

वह मुंबई ब्यूरो में अपनी भूमिका निभाएंगे। ऋत्विक भालेकर इससे पहले TV टुडे नेटवर्क के साथ जुड़े हुए थे, जहां उन्होंने इंडिया टुडे, आजतक और मुंबई तक मराठी डिजिटल के लिए काम किया।

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Monday, 12 October, 2026
Ritvick Bhalekar

पत्रकार ऋत्विक भालेकर ने एनडीटीवी (NDTV) के साथ मीडिया में अपनी नई पारी का आगाज किया है। उन्होंने यहां बतौर डिप्टी एडिटर नई जिम्मेदारी संभाली है। वह मुंबई ब्यूरो में अपनी भूमिका निभाएंगे। ऋत्विक भालेकर इससे पहले TV टुडे नेटवर्क के साथ जुड़े हुए थे, जहां उन्होंने इंडिया टुडे, आजतक और मुंबई तक मराठी डिजिटल के लिए काम किया।

TV टुडे नेटवर्क में अपनी करीब चार साल की पारी के दौरान उन्होंने एसोसिएट एडिटर के तौर पर जिम्मेदारी निभाई। ऋत्विक भालेकर को मीडिया इंडस्ट्री में काम करने का करीब 16 साल का अनुभव है।

ऋत्विक भालेकर की परवरिश मुंबई के वर्ली इलाके में हुई। उन्होंने दादर स्थित IES स्कूल से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की। इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज से जर्नलिज्म की पढ़ाई की और पुणे यूनिवर्सिटी से मास्टर्स इन कम्युनिकेशन की डिग्री हासिल की।

समाचार4मीडिया की ओर से ऋत्विक भालेकर को उनकी नई पारी के लिए ढेरों बधाई और शुभकानाएं।

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ओब्वियस ने जीते ट्विनिंग्स इंडिया और ओवल्टाइन इंडिया के रिटेनर मैंडेट

ओब्वियस ने ट्विनिंग्स इंडिया और ओवल्टाइन इंडिया के रिटेनर मैंडेट हासिल किए हैं। दोनों ब्रांड्स के जुड़ने से एजेंसी ने फूड एंड बेवरेज कैटेगरी में अपनी मौजूदगी और पोर्टफोलियो मजबूत किया है।

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Monday, 12 October, 2026
obvs

ओब्वियस (Obveus) ने ट्विनिंग्स इंडिया (Twinings India) और ओवल्टाइन इंडिया (Ovaltine India) के रिटेनर मैंडेट हासिल किए हैं। दोनों नई जिम्मेदारियों के साथ एजेंसी ने फूड एंड बेवरेज कैटेगरी में अपनी मौजूदगी मजबूत की है।

दोनों ब्रांड एसोसिएटेड ब्रिटिश फूड्स (Associated British Foods-ABF) के इंटरनेशनल ग्रॉसरी पोर्टफोलियो का हिस्सा हैं। इनके जुड़ने के बाद ओब्वियस के ब्रांड पोर्टफोलियो में अडानी ग्रुप (Adani Group), बजाज (Bajaj), टाटा (Tata), मिसेज बेक्टर’स फूड स्पेशियलिटीज (Mrs. Bector’s Food Specialities), फिलिप मॉरिस इंटरनेशनल (Philip Morris International-PMI), हाउस ऑफ अभिनंदन लोढ़ा (House of Abhinandan Lodha) और सेंट-गोबेन (Saint-Gobain) जैसे नाम शामिल हो गए हैं।

ओब्वियस के फाउंडर रोहित कुमार कनोजिया (Rohit Kumar Kanojia) ने कहा कि ट्विनिंग्स और ओवल्टाइन का जुड़ना पूरी टीम के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने कहा कि दोनों ब्रांड्स की लंबी विरासत है और उनकी मार्केटिंग की जिम्मेदारी मिलना एजेंसी के लिए महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि क्लाइंट्स को सिर्फ कैंपेन चलाने वाली एजेंसी नहीं, बल्कि ऐसा पार्टनर चाहिए जो उनके बिजनेस को समझे, रणनीतिक तरीके से सोचे और आइडिया को एग्जीक्यूशन तक लेकर जाए। ओब्वियस ने इसी सोच के साथ अपनी टीम और काम करने का तरीका तैयार किया है।

कनोजिया ने कहा कि अडानी, बजाज, टाटा, मिसेज बेक्टर’स, पीएमआई, हाउस ऑफ अभिनंदन लोढ़ा और सेंट-गोबेन जैसे अलग-अलग क्षेत्रों के ब्रांड्स के साथ काम करने से एजेंसी को विभिन्न कैटेगरी में अनुभव मिला है। ट्विनिंग्स और ओवल्टाइन का जुड़ना इस सफर में अगला महत्वपूर्ण कदम है।

ट्विनिंग्स इंडिया और ओवल्टाइन इंडिया के मार्केटिंग हेड एमडी. गुलफाम अंसारी (MD. Gulfam Ansari) ने कहा कि ट्विनिंग्स और ओवल्टाइन अलग-अलग ब्रांड्स हैं और दोनों की अपनी विरासत, पहचान और कंज्यूमर प्रॉमिस है।

ट्विनिंग्स की विरासत 1706 तक जाती है और यह क्वालिटी, कारीगरी और अच्छी चाय की परंपरा से जुड़ा है। वहीं, 1904 से स्विस न्यूट्रिशन साइंस पर आधारित ओवल्टाइन पोषण, ऊर्जा और परिवार के रोजमर्रा के पलों से जुड़ा ब्रांड है।

उन्होंने कहा कि भारत में दोनों ब्रांड्स के लिए अवसर नई पीढ़ी के उपभोक्ताओं के बीच अपनी पहचान और प्रासंगिकता बढ़ाने का है। आज के उपभोक्ता ज्यादा जिज्ञासु, हेल्थ कॉन्शियस और अपनी पसंद को लेकर पहले से अधिक चयनात्मक हैं।

अंसारी ने कहा कि ब्रांड को आगे बढ़ाने के लिए सिर्फ अच्छी कैंपेन पर्याप्त नहीं हैं। इसके लिए लगातार प्रभावी स्टोरीटेलिंग, कंज्यूमर बिहेवियर की गहरी समझ और ऐसा एग्जीक्यूशन जरूरी है, जो इनसाइट को मापने योग्य प्रभाव में बदल सके।

उन्होंने कहा कि ओब्वियस की रणनीतिक सोच, क्रिएटिव एनर्जी और मजबूत एग्जीक्यूशन ने उन्हें प्रभावित किया। अब दोनों टीमें मिलकर दोनों ब्रांड्स के अगले चरण को तैयार करने की दिशा में काम करेंगी।

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‘प्रभात खबर’ से रिटायर हुए वरिष्ठ पत्रकार विजय पाठक

विजय पाठक करीब चार दशक से इस अखबार से जुड़े हुए थे। बतौर स्ट्रिंगर इस अखबार में अपनी पारी शुरू करने के बाद वह इन दिनों स्टेट एडिटर जैसे बड़े पद पर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे।

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Monday, 12 October, 2026
Vijay Pathak

हिंदी पत्रकारिता के प्रतिष्ठित नाम और वरिष्ठ पत्रकार विजय पाठक हिंदी दैनिक ‘प्रभात खबर’ (Prabhat Khabar) से सेवानिवृत हो गए हैं। इस संस्थान में आज उनका आखिरी कार्यदिवस है।

विजय पाठक करीब चार दशक से इस अखबार से जुड़े हुए थे। बतौर स्ट्रिंगर इस अखबार में अपनी पारी शुरू करने के बाद वह इन दिनों स्टेट एडिटर जैसे बड़े पद पर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे।

समाचार4मीडिया से बातचीत में विजय पाठक ने बताया वह अब कुछ समय देश-दुनिया को देखेंगे और इसके बाद जीवन की नई पारी शुरू करेंगे। मूल रूप से बिहार के रहने वाले विजय पाठक के पिता झारखंड में शिक्षा विभाग में बड़े अधिकारी थे, इसलिए उनका बचपन और पढ़ाई-लिखाई झारखंड से ही हुई।

पत्रकारिता में उन्होंने अपनी शुरूआत प्रभात खबर में झारखंड के गुमला में बतौर स्ट्रिंगर की और बाद में फिर मुख्यालय में आ गए। इतने वर्षों में विभिन्न पदों पर अपनी जिम्मेदारी निभाने के बाद पहले एडिटर और फिर करीब डेढ़ साल से स्टेट एडिटर की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।  

‘प्रभात खबर’ से सेवानिवृति को लेकर विजय पाठक ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट भी शेयर की है और तमाम लोगों का शुक्रिया अदा किया है।

अपनी पोस्ट में विजय पाठक ने लिखा है, ‘मेरा भी राजयोग आ गया…

जिस संस्थान प्रभात ख़बर में मैंने अपने अब तक के जीवन के लगभग 70 फ़ीसदी वक़्त गुज़ारे, आज वहाँ मेरा आख़िरी कार्यदिवस है. 21 साल की उम्र में बतौर स्ट्रिंगर प्रभात खबर में शुरू हुआ सफ़र आज सेवानिवृत्ति के साथ एक पड़ाव पर पहुंच रहा है. इस लंबे सफ़र में आप सभी का भरपूर प्यार, स्नेह, विश्वास और सहयोग मिला. अपनी ओर से हमेशा यही कोशिश रही कि अपने काम से न कभी प्रभात ख़बर का सिर झुकने दूं… और न ही अपना.

आप सभी ने मुझ पर जो भरोसा जताया, जो स्नेह दिया और हर कदम पर जो साथ निभाया, उसके लिए दिल से आभार. प्रभात ख़बर प्रबंधन, संस्थान के एक-एक साथी और आप सभी मित्रों का विशेष धन्यवाद.

हां, एक बात और… यह विदाई सिर्फ़ कार्यस्थल से है, आप सबसे नहीं. रांची में ही रहूंगा. आप सभी के बीच और आपके ही साथ. एक बार पुनः इतने वर्षों तक मिले प्यार, सम्मान और अपनत्व के लिए आप सभी का हृदय से आभार. सफ़र जारी रहेगा… बस, भूमिका थोड़ी बदल जाएगी’

समाचार4मीडिया की ओर से विजय पाठक को उनके अगले सफर के लिए अग्रिम रूप से ढेरों शुभकामनाएं।

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अनुज मित्तल बने इंटरग्लोब एंटरप्राइजेज के ग्रुप चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर

अनुज मित्तल को इंटरग्लोब एंटरप्राइजेज का ग्रुप चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर नियुक्त किया गया है। इससे पहले वह इंट्यूटिव में भारत के सीएफओ पद पर पांच वर्षों तक जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।

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Monday, 12 October, 2026
anujmittal

इंटरग्लोब एंटरप्राइजेज (InterGlobe Enterprises) ने अनुज मित्तल (Anuj Mittal) को ग्रुप चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (Group Chief Financial Officer) नियुक्त किया है। कंपनी का कारोबार ट्रैवल, टेक्नोलॉजी, लॉजिस्टिक्स और हॉस्पिटैलिटी जैसे क्षेत्रों में है, जिसमें इंडिगो (IndiGo) भी शामिल है।

मित्तल ने लिंक्डइन (LinkedIn) पोस्ट के जरिए अपनी नई भूमिका की जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा कि इंटरग्लोब एंटरप्राइजेज ट्रैवल, टेक्नोलॉजी, लॉजिस्टिक्स और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र को आगे बढ़ाने और नए तरीके से परिभाषित करने की दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने कंपनी की लीडरशिप टीम और सहयोगियों के साथ जुड़ने को लेकर उत्साह भी जताया।

इंटरग्लोब एंटरप्राइजेज से जुड़ने से पहले मित्तल इंट्यूटिव (Intuitive) में भारत के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) थे, जहां उन्होंने पांच साल तक काम किया। इससे पहले वह जीई हेल्थकेयर (GE Healthcare) और जीई कैपिटल (GE Capital) में भी अलग-अलग भूमिकाएं निभा चुके हैं।

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फर्जी लाइव स्टिंग ऑपरेशन के आरोप में Living India News के एमडी समेत पांच गिरफ्तार

16 अप्रैल 2026 को रिकॉर्ड किए गए पुराने वीडियो को लाइव स्टिंग ऑपरेशन के रूप में प्रसारित करने का आरोप, ब्लैकमेलिंग की शिकायत पर IT Act और BNS के तहत मामला दर्ज

Last Modified:
Sunday, 11 October, 2026
FIR

कुरुक्षेत्र पुलिस ने छह महीने पुराने एक वीडियो को कथित तौर पर फर्जी लाइव स्टिंग ऑपरेशन के रूप में प्रसारित करने के आरोपों से जुड़े मामले में Living India News के पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार लोगों में चैनल के मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) अतुल अग्रवाल, एडिटर सौरभ, एंकर सुदेश नैन, पत्रकार नीतू और ड्राइवर लवप्रीत शामिल हैं। मामले में शिकायतकर्ता ने ब्लैकमेल किए जाने के आरोप भी लगाए हैं।

हरियाणा पुलिस के आधिकारिक X अकाउंट पर साझा की गई जानकारी के मुताबिक, शिकायत के आधार पर कुरुक्षेत्र के सिटी थानेसर पुलिस थाने में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

छह महीने पुराने वीडियो को लाइव स्टिंग बताने का आरोप: मीडिया रिपोर्ट्स में पुलिस के आधिकारिक वक्तव्य के हवाले से कहा गया है कि शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उसका निजी वीडियो 16 अप्रैल 2026 को रिकॉर्ड किया गया था। शिकायत में कहा गया कि चैनल ने इस पुराने वीडियो को लाइव स्टिंग ऑपरेशन के रूप में प्रसारित किया।

कुरुक्षेत्र के पुलिस अधीक्षक चंद्र मोहन के हवाले से प्रकाशित मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि वीडियो की सच्चाई सामने आने से रोकने के लिए उसे ब्लैकमेल किया गया और धमकियां दी गईं। पुलिस के मुताबिक, मामले से जुड़े साक्ष्यों की जांच की जा रही है, ताकि वीडियो तैयार किए जाने और उसके प्रसारण से जुड़ी परिस्थितियों का पता लगाया जा सके। जांच में गिरफ्तार लोगों की भूमिका भी देखी जा रही है।

मूल वीडियो और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच: पुलिस अधीक्षक चंद्र मोहन के हवाले से मीडिया रिपोर्टों में बताया गया है कि पुलिस के पास मूल वीडियो, उसकी रिकॉर्डिंग की तारीख और वीडियो बनाने वाले लोगों से संबंधित जानकारी सहित महत्वपूर्ण साक्ष्य हैं। पुलिस इन साक्ष्यों और तकनीकी जानकारी के आधार पर वीडियो तैयार किए जाने तथा उसके प्रसारण से जुड़ी परिस्थितियों की जांच कर रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

चैनल ने नशे के खिलाफ अभियान से कार्रवाई जुड़ी होने का दावा किया: वहीं,  हिन्दी खबर चैनल की ओर से दावा किया गया कि यह कार्रवाई हरियाणा में अवैध नशीले पदार्थों के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान से जुड़ी है। चैनल ने कहा कि वह नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान चला रहा है और जनहित में सच्चाई सामने लाने वाले पत्रकारों के खिलाफ कार्रवाई की औचित्यता पर सवाल उठाया।

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साधना ग्रुप के चेयरमैन राकेश कुमार गुप्ता मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार

ईडी ने साधना ग्रुप के चेयरमैन राकेश कुमार गुप्ता को मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार किया है। कोर्ट ने उन्हें पांच दिन की ईडी हिरासत में भेज दिया है।

Last Modified:
Saturday, 10 October, 2026
sadhnagroup

प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) ने दिल्ली स्थित मीडिया और ब्रॉडकास्ट कंपनी साधना ग्रुप (Sadhna Group) के चेयरमैन राकेश कुमार गुप्ता (Rakesh Kumar Gupta) को मनी लॉन्ड्रिंग केस (Money Laundering Case) में गिरफ्तार किया है। यह मामला इंसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (Insolvency and Bankruptcy Code) की प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है।

अधिकारियों के मुताबिक, 63 वर्षीय राकेश कुमार गुप्ता को शुक्रवार रात करीब 10:25 बजे दिल्ली में धन शोधन निवारण अधिनियम (Prevention of Money Laundering Act) के तहत हिरासत में लिया गया। शनिवार तड़के करीब 2 बजे उन्हें उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित पटियाला हाउस कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सौरभ प्रताप सिंह ललेर (Saurabh Pratap Singh Laler) के आवासीय कैंप कार्यालय में पेश किया गया।

अदालत ने गुप्ता को पांच दिन की ईडी हिरासत में भेज दिया है। ईडी ने सात दिन के रिमांड की मांग की थी। यह मामला दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (Economic Offences Wing) की ओर से सितंबर में दर्ज की गई एफआईआर (FIR) से जुड़ा है। पुलिस शिकायत में आरोप लगाया गया है कि गुप्ता ने संबंधित लेनदारों के जरिए साधना मीडिया प्राइवेट लिमिटेड (Sadhna Media Private Limited) की दिवाला प्रक्रिया को प्रभावित किया। इन लेनदारों के पास कमेटी ऑफ क्रेडिटर्स (Committee of Creditors) में 99.41 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

आरोप है कि इस प्रक्रिया के जरिए 110.10 करोड़ रुपये की आयकर देनदारी को महज 20 लाख रुपये में निपटाया गया। इसके अलावा गुप्ता पर एसएमपीएल (SMPL) और आर्यन टीवी (Aryan TV) की दोबारा बिक्री से जुड़े लेनदेन में क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) और हवाला के जरिए 2 करोड़ रुपये से अधिक की नकद रकम हासिल करने का भी आरोप है।

पुलिस शिकायत के मुताबिक, एसएमपीएल ने कथित तौर पर जुड़े हुए लेनदारों को 4.48 करोड़ रुपये का भुगतान किया, जिसमें 2.99 करोड़ रुपये उनकी अपनी कंपनी शार्पलाइन ब्रॉडकास्ट (Sharpline Broadcast) को दिए जाने का आरोप है।

ईडी ने अदालत में दाखिल रिमांड दस्तावेजों में मई 2025 के भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (Securities and Exchange Board of India) के आदेश का भी हवाला दिया। इसमें गुप्ता को साधना ब्रॉडकास्ट (Sadhna Broadcast) के शेयरों में कथित हेरफेर का ‘मास्टरमाइंड’ बताया गया था और करीब 58 करोड़ रुपये के लिए उन्हें संयुक्त रूप से जिम्मेदार ठहराया गया था।

ईडी के अनुसार, इस मामले में कथित अपराध से अर्जित रकम करीब 168 करोड़ रुपये है। गुप्ता के बचाव पक्ष ने अदालत में दलील दी कि सेबी या आयकर विभाग ने उनके खिलाफ कोई शिकायत नहीं की है। वकील ने यह भी कहा कि गुप्ता को आयकर विभाग से नो-ड्यूज सर्टिफिकेट (No-Dues Certificate) मिला था। बचाव पक्ष ने बताया कि सेबी की ओर से लगाया गया जुर्माना भी जमा किया जा चुका है।

अदालत ने इन दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि केवल इस आधार पर ईडी की कार्रवाई को अवैध नहीं माना जा सकता कि सेबी या आयकर विभाग की ओर से कोई शिकायत नहीं की गई है। अदालत ने कहा कि सेबी का आदेश चुनौती के अधीन होने के बावजूद यह संकेत देता है कि शिकायत में जांच का आधार मौजूद है।

अदालत ने यह भी कहा कि 2024 में संबंधित मीडिया कंपनी के संबंध में राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (National Company Law Tribunal) के आदेश को चुनौती नहीं दिए जाने से ईडी की जांच नहीं रोकी जा सकती, खासकर जब सरकारी खजाने को 100 करोड़ रुपये से अधिक के नुकसान का आरोप हो।

अदालत ने जांच को जरूरी बताते हुए गुप्ता की गिरफ्तारी को कानून के अनुरूप माना। अदालत के मुताबिक, इस मामले में मनी ट्रेल (Money Trail) बैंकिंग चैनलों से बाहर जाता है और जब्त किए गए उपकरणों से मिले डेटा को अभी आरोपी के सामने नहीं रखा गया है। अदालत ने कहा कि ये काम न्यायिक हिरासत में पूरा नहीं किए जा सकते।

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पेटीएम से इंडसइंड बैंक पहुंचे नितिन कुमार सिंह, क्रेडिट कार्ड कारोबार की संभालेंगे कमान

पेटीएम में साढ़े पांच साल तक कार्ड्स बिजनेस से जुड़े रहे सिंह, इससे पहले आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और आईसीआईसीआई बैंक में भी कर चुके हैं काम

Last Modified:
Saturday, 10 October, 2026
Nitin Kumar

नितिन कुमार सिंह ने इंडसइंड बैंक में प्रोडक्ट हेड-क्रेडिट कार्ड्स के रूप में नई जिम्मेदारी संभाली है। इस नियुक्ति के साथ वह फिनटेक क्षेत्र में पांच साल बिताने के बाद बैंकिंग सेक्टर में लौट आए हैं। इस दौरान उन्होंने क्रेडिट कार्ड पार्टनरशिप, को-ब्रैंड प्रोग्राम और डिस्ट्रीब्यूशन बिजनेस से जुड़े काम किए।

सिंह पेटीएम से इंडसइंड बैंक पहुंचे हैं, जहां उन्होंने साढ़े पांच साल तक कार्ड्स बिजनेस में काम किया। पेटीएम में अपनी पिछली भूमिका में वह एवीपी-II के पद पर थे। यहां उन्होंने कार्ड अधिग्रहण, नई को-ब्रैंड पार्टनरशिप और डिस्ट्रीब्यूशन व रेवेन्यू के नए अवसरों को बढ़ाने पर काम किया।

पेटीएम में अपने कार्यकाल के दौरान सिंह ने कई नेतृत्वकारी भूमिकाएं निभाईं। इनमें एवीपी-I, जनरल मैनेजर और डिप्टी जनरल मैनेजर-कार्ड्स बिजनेस की जिम्मेदारियां शामिल थीं। उनके काम में को-ब्रैंड प्रोग्राम शुरू करना, कार्ड जारी करने वाले संस्थानों के साथ साझेदारी विकसित करना, डिजिटल माध्यमों से ग्राहक जोड़ने की पहल करना और क्रेडिट कार्ड मार्केटप्लेस विकसित करना शामिल रहा।

पेटीएम से पहले सिंह आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में क्रेडिट कार्ड कारोबार शुरू करने वाली मुख्य टीम का हिस्सा थे। वहां उन्होंने ग्राहकों के लिए वैल्यू प्रपोजिशन तैयार करने, डिजिटल माध्यमों से ग्राहक जोड़ने, प्रोडक्ट की वित्तीय योजना, रिवॉर्ड्स और ईएमआई ऑफरिंग्स पर काम किया।

इससे पहले वह आईसीआईसीआई बैंक में करीब पांच साल तक क्रेडिट कार्ड प्रोडक्ट मैनेजमेंट और बिजनेस से जुड़ी भूमिकाओं में रहे। यहां उन्होंने नए प्रोडक्ट लॉन्च, पोर्टफोलियो रणनीति, ग्राहकों के लिए प्रस्ताव और बिक्री से जुड़ी पहलों पर काम किया। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत टाटा मोटर्स से की थी, जहां वह मध्य महाराष्ट्र में मीडियम और हेवी कमर्शियल व्हीकल बिजनेस का प्रबंधन करते थे।

इंडसइंड बैंक में नई जिम्मेदारी संभालने पर सिंह ने बैंक के क्रेडिट कार्ड कारोबार को आगे बढ़ाने की इच्छा जताई। उन्होंने पोर्टफोलियो के विस्तार के अवसरों का उल्लेख करते हुए गुणवत्ता और टिकाऊ विकास पर ध्यान देने की बात कही।

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नव्या जोसेफ की KPMG India में नई जिम्मेदारी, बनीं डायरेक्टर-स्ट्रैटेजी एंड इनसाइट्स

पीडब्ल्यूसी में डायरेक्टर के पद पर कार्यरत थीं नव्या जोसेफ, इससे पहले प्रोफेशनल सर्विसेज और कंसल्टिंग कंपनी ईवाई में भी पांच साल से अधिक समय तक कर चुकी हैं काम

Last Modified:
Saturday, 10 October, 2026
Navya Joseph

नव्या जोसेफ ने केपीएमजी इंडिया (KPMG India) में डायरेक्टर-स्ट्रैटेजी एंड इनसाइट्स (डिजिटल सॉल्यूशंस) के पद पर नई जिम्मेदारी संभाली है। इससे पहले वह पीडब्ल्यूसी (PwC) में करीब चार साल तक कार्यरत थीं।

नव्या जोसेफ अप्रैल 2025 से सितंबर 2026 तक पीडब्ल्यूसी में डायरेक्टर के पद पर रहीं। इससे पहले अगस्त 2022 से मार्च 2025 तक उन्होंने इसी कंपनी में एसोसिएट डायरेक्टर के तौर पर काम किया।

पीडब्ल्यूसी से पहले नव्या जोसेफ ने प्रोफेशनल सर्विसेज और कंसल्टिंग कंपनी अर्न्स्ट एंड यंग (EY) में पांच साल से अधिक समय तक अपनी सेवाएं दीं। उन्होंने फरवरी 2017 में ईवाई में सीनियर कंसल्टेंट के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद फरवरी 2021 में उन्हें मैनेजर के पद पर प्रमोट किया गया। वह जून 2022 तक इस पद पर रहीं। 

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डोनाल्ड ट्रंप ने केटी जकारिया को बनाया व्हाइट हाउस की नई प्रेस सचिव

ट्रंप मीडिया एंड टेक्नोलॉजी ग्रुप में कार्यरत हैं केटी जकारिया, इससे पहले होमलैंड सिक्योरिटी विभाग की प्रवक्ता और ट्रंप के चुनावी अभियानों का भी रह चुकी हैं हिस्सा

Last Modified:
Saturday, 10 October, 2026
Katie Zacharia

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने केटी जकारिया को व्हाइट हाउस की नई प्रेस सचिव नियुक्त किया है। वह ट्रंप प्रशासन में इस पद की जिम्मेदारी संभालने वाली छठी व्यक्ति होंगी। जकारिया फिलहाल ट्रंप मीडिया एंड टेक्नोलॉजी ग्रुप में काम कर रही हैं। इससे पहले वह होमलैंड सिक्योरिटी विभाग में प्रवक्ता के तौर पर भी काम कर चुकी हैं।

ट्रंप ने शुक्रवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर जकारिया की नियुक्ति की घोषणा की। इस दौरान उन्होंने जकारिया के प्रति अपने भरोसे और उनके राजनीतिक आंदोलन ‘मेक अमेरिका ग्रेट अगेन’ (MAGA) के समर्थन की सराहना की। ट्रंप ने उम्मीद जताई कि वह मीडिया, अमेरिकी जनता और प्रशासन के साथ प्रभावी ढंग से काम करेंगी।

जकारिया ट्रंप के चुनावी अभियानों से भी जुड़ी रही हैं। राष्ट्रपति के मुताबिक, उन्होंने उन चुनावी अभियानों में काम किया है, जिनमें महत्वपूर्ण मुकाबले वाले राज्य भी शामिल थे। इससे पहले वह कुछ समय के लिए अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी विभाग की प्रवक्ता के रूप में अपनी सेवाएं दे चुकी हैं।

केटी जकारिया इस पद पर केरोलिन लेविट की जगह लेंगी। लेविट ने अगस्त में व्हाइट हाउस छोड़ दिया था और उनके फॉक्स न्यूज से जुड़ने की खबरें सामने आई थीं।

जकारिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए इस नियुक्ति पर आभार जताया। उन्होंने अमेरिका के 250 साल पूरे होने के महत्वपूर्ण अवसर पर राष्ट्रपति ट्रंप और अमेरिकी जनता की सेवा करने के अवसर को सम्मान की बात बताया।

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