ललित वर्मा होंगे नवभारत टाइम्स, मुंबई के नए रेजिडेंट एडिटर

नवभारत टाइम्स, मुंबई के रेजिडेंट एडिटर कैप्टन सुंदर चंद ठाकुर के 31 अगस्त को सेवानिवृत्त होने के बाद अब यह कमान ललित वर्मा संभालने जा रहे हैं।

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Monday, 31 August, 2026
Lalit Verma NBT


नवभारत टाइम्स, मुंबई के रेजिडेंट एडिटर कैप्टन सुंदर चंद ठाकुर के 31 अगस्त को सेवानिवृत्त होने के बाद अब यह कमान ललित वर्मा संभालेंगे। उच्च पदस्थ सूत्रों ने इसकी पुष्टि की है। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक तौर पर अभी घोषणा का इंतजार है। बता दें कि इससे पहले ललित वर्मा करीब तीन साल से नवभारत टाइम्स, मुंबई में डिप्टी रेजिडेंट एडिटर के तौर पर जिम्मेदारी निभा रहे थे।

यह भी पढ़ें: NBT मुंबई के रेजिडेंट एडिटर कैप्टन सुंदर चंद ठाकुर सेवानिवृत्त, अब नई पारी की तैयारी

ललित वर्मा पिछले करीब 19 वर्षों से टाइम्स ऑफ इंडिया समूह से जुड़े हुए हैं। उन्होंने सितंबर 2007 में नवभारत टाइम्स के साथ अपने सफर की शुरुआत की थी। इस दौरान उन्होंने विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। वह नवभारत टाइम्स के एनसीआर संस्करण में कॉपी एडिटर, सीनियर कॉपी एडिटर और चीफ कॉपी एडिटर के तौर पर काम कर चुके हैं।

मई 2014 में उन्हें सांध्य टाइम्स का संपादक बनाया गया था। करीब 10 वर्षों तक उन्होंने सांध्य टाइम्स के संपादक के रूप में जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद अगस्त 2023 में वह नवभारत टाइम्स, मुंबई में डिप्टी रेजिडेंट एडिटर के तौर पर जुड़े।

नवभारत टाइम्स से पहले ललित वर्मा दैनिक भास्कर समूह के साथ भी काम कर चुके हैं। उन्होंने यहां कॉपी एडिटर के रूप में विभिन्न डेस्क की जिम्मेदारियां संभालीं। इसके अलावा वह राष्ट्रीय सहारा में जिला संवाददाता के तौर पर भी काम कर चुके हैं, जहां उन्होंने हरियाणा से जिला समाचारों की रिपोर्टिंग की।

पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन/मीडिया स्टडीज में मास्टर डिग्री और जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में पीजी डिप्लोमा किया है। इसके अलावा उन्होंने अंग्रेजी भाषा एवं साहित्य में भी मास्टर डिग्री हासिल की है। वह पत्रकारिता एवं जनसंचार में यूजीसी-नेट क्वालिफाइड हैं।

ललित वर्मा नवभारत टाइम्स के लिए लेखन भी करते रहे हैं। वह ‘कभी-कभी’ नाम से कॉलम लिखते रहे हैं। उनके लेख नवभारत टाइम्स के एडिट पेज पर प्रकाशित होते रहे हैं।

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नगमा सहर ने 23 साल बाद NDTV को कहा गुडबाय, बोलीं- अब आगे बढ़ने का वक्त

एनडीटीवी से अपनी विदाई के बारे में नगमा सहर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक पोस्ट भी शेयर की है।

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Monday, 31 August, 2026
Naghma Sahar...

वरिष्ठ टीवी पत्रकार और जानी-मानी न्यूज एंकर नगमा सहर ने एनडीटीवी (NDTV) को अलविदा कह दिया है। वह यहां दो दशक से ज्यादा समय से कार्यरत थीं और वर्तमान में सीनियर कंसल्टेंट के तौर पर अपनी जिम्मेदारी संभाल रही थीं।

एनडीटीवी से अपनी विदाई के बारे में नगमा सहर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक पोस्ट भी शेयर की है। इस पोस्ट में नगमा ने कहा कि वह NDTV के साथ 23 साल तक रहीं और अब उनके लिए इस अध्याय को बंद कर आगे बढ़ने का समय आ गया है। अपने पोस्ट में उन्होंने लिखा, “It’s finally goodbye to NDTV.” उन्होंने कहा कि उन्होंने 23 साल उस NDTV के साथ बिताए, जिसे वह जानती थीं, जबकि पिछले तीन साल “नए” NDTV के साथ रहे।

नगमा सहर ने लिखा कि एक वक्त ऐसा आता है, जब आपको एहसास होता है कि कोई अध्याय अब अपनी यात्रा पूरी कर चुका है। उनके मुताबिक, यह किसी बड़े निष्कर्ष का मामला नहीं है, बल्कि उस शांत एहसास का है कि अब आगे बढ़ने का समय आ गया है। उन्होंने अंत में लिखा, “Some chapters need to be closed. So for now, it is what it is.”

बता दें कि नगमा सहर लंबे समय से टेलीविजन पत्रकारिता का जाना-पहचाना नाम हैं। उन्होंने वर्ष 1999 में पत्रकारिता की शुरुआत की थी और बाद में NDTV से जुड़ीं। NDTV में अपने लंबे कार्यकाल के दौरान नगमा ने एंकरिंग के साथ-साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की। उन्होंने देश के कई बड़े चुनावों की कवरेज के अलावा सुनामी, मुंबई ट्रेन धमाकों और कश्मीर चुनाव जैसे महत्वपूर्ण घटनाक्रमों की कवरेज भी की।

उनका चर्चित कार्यक्रम ‘सलाम ज़िंदगी’ भी सामाजिक मुद्दों को लेकर जाना जाता रहा है। बाद के वर्षों में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय और भू-राजनीतिक मुद्दों पर भी कार्यक्रम किए। फिलहाल नगमा सहर ने अपनी पोस्ट में अपनी अगली पारी को लेकर कोई जानकारी साझा नहीं की है।

समाचार4मीडिया की ओर से नगमा सहर को उनकी नई पारी के लिए अग्रिम शुभकामनाएं।

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NBT मुंबई के रेजिडेंट एडिटर कैप्टन सुंदर चंद ठाकुर सेवानिवृत्त, अब नई पारी की तैयारी

समाचार4मीडिया से बातचीत में सुंदर चंद ठाकुर ने बताया कि पत्रकारिता में अपने लंबे अनुभव के दौरान उन्होंने निष्पक्ष, विश्वसनीय और जनसरोकारों से जुड़ी पत्रकारिता को हमेशा प्राथमिकता दी।

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Monday, 31 August, 2026
Sunder Chand Thakur...

नवभारत टाइम्स, मुंबई के रेजिडेंट एडिटर कैप्टन सुंदर चंद ठाकुर 31 अगस्त को सेवानिवृत्त हो गए हैं। वह यहां करीब 16 साल से अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे।

समाचार4मीडिया से बातचीत में सुंदर चंद ठाकुर ने बताया कि उनके नेतृत्व में नवभारत टाइम्स मुंबई के हिंदी अखबारों के बाज़ार में अपनी अग्रणी पहचान को मज़बूती से बनाए रखते हुए नंबर वन पॉजिशन पर काबिज रहा। पत्रकारिता में अपने लंबे अनुभव के दौरान उन्होंने निष्पक्ष, विश्वसनीय और जनसरोकारों से जुड़ी पत्रकारिता को हमेशा प्राथमिकता दी।

भारतीय सेना से ऐच्छिक सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने टाइम्स ऑफ इंडिया समूह में 1997 में सिक्योरिटी ऑफिसर के रूप में काम शुरू किया था और 2003 में वे नवभारत टाइम्स में बतौर जूनियर सहायक संपादक नियुक्त हुए थे। उन्होंने खेल पेज के संपादक के रूप में काम करने से पहले स्पेशल इन्वेस्टिगेशन डेस्क के इंचार्ज के रूप में काम किया था और तत्कालीन विदेश मंत्री के.नटवर सिंह के साथ चार दिनों की पाकिस्तान यात्रा पर भी गए थे।

2010 में उनका दिल्ली नवभारत टाइम्स से मुंबई नवभारत टाइम्स में बतौर स्थानीय संपादक ट्रांसफर हुआ था और तभी से वे मुंबई में काम कर रहे थे। अब वे अपने जीवन की चौथी पारी की शुरुआत कर रहे हैं।

एक पत्रकार होने के साथ-साथ वे फिटनेस और मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी सक्रिय हैं। वे पिछले लगभग 13 वर्षों से लगातार फुल मैराथन दौड़ रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर की अल्ट्रा मैराथन रेस भी पूरी कर चुके हैं। यही नहीं, डिजिटल माध्यम पर वे MindFit जैसे यूट्यूब चैनल के ज़रिए युवा पीढ़ी को मानसिक फिटनेस और सकारात्मक जीवनशैली का संदेश दे रहे हैं।

सुंदर चंद ठाकुर ने बताया कि सेवानिवृत्ति के बाद वे अपनी कंपनी मास्टर माइंडफिट ग्रोथ प्राइवेट लिमिटेड, Alto Mind के माध्यम से मानसिक फिटनेस, नेतृत्व विकास, मीडिया, डिजिटल कंटेंट, फिटनेस और आध्यात्मिक विकास के क्षेत्रों में कार्य करेंगे। अपने मूल राज्य उत्तराखंड में भी वे बड़े स्तर पर मैराथन और युवा कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बना रहे हैं।

भारत को 2012 में आईसीसी अंडर 19 वर्ल्डकप जिताने वाले कप्तान उन्मुक्त चंद के चाचा और गुरु कैप्टन ठाकुर का संकल्प है कि वे युवाओं को मानसिक रूप से सशक्त, शारीरिक रूप से स्वस्थ और आध्यात्मिक रूप से जागरूक बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

सेवानिवृत्ति के अवसर पर कैप्टन सुंदर चंद ठाकुर ने कहा, ‘ज़िंदगी की हर पारी ने मुझे कुछ नया सिखाया। पहली पारी भारतीय सेना में देश सेवा की थी, दूसरी पारी टाइम्स ऑफ इंडिया समूह में सिक्योरिटी ऑफिसर की और तीसरी पारी नवभारत टाइम्स में पत्रकारिता और नेतृत्व की रही। अब मेरी चौथी पारी समाज को मानसिक, शारीरिक और आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनाने के लिए समर्पित होगी। यह नई पारी केवल पेशेवर बदलाव नहीं, बल्कि समाज, विशेषकर युवाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के उनके दीर्घकालिक संकल्प की शुरुआत है।’

समाचार4मीडिया की ओर से सुंदर चंद ठाकुर को उनकी नई पारी के लिए ढेरों शुभकामनाएं।

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जागरण.कॉम में दीप्ति मिश्रा का प्रमोशन, अब एसोसिएट एडिटर की संभालेंगी जिम्मेदारी

वह इस संस्थान के साथ साढ़े तीन साल से ज्यादा समय से जुड़ी हुई हैं और इस प्रमोशन से पहले डिप्टी न्यूज एडिटर के तौर पर अपनी जिम्मेदारी निभा रही थीं।

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Monday, 31 August, 2026
Deepti JNM Promotion

दैनिक जागरण के डिजिटल विंग जागरण.कॉम (Jagran.com) की एडिटोरियल टीम से जुड़ी दीप्ति मिश्रा को प्रमोशन मिला है। उन्हें अब एसोसिएट एडिटर की जिम्मेदारी दी गई है। वह इस संस्थान के साथ साढ़े तीन साल से ज्यादा समय से जुड़ी हुई हैं और इस प्रमोशन से पहले डिप्टी न्यूज एडिटर के तौर पर अपनी जिम्मेदारी निभा रही थीं।

दीप्ति के प्रोफेशनल सफर की बात करें तो उनके पास पत्रकारिता और मास कम्युनिकेशन में 11 साल से ज्यादा का अनुभव है। उनके अनुभव में न्यूज एडिटिंग, रिपोर्टिंग, कंटेंट प्लानिंग और डिजिटल पब्लिशिंग जैसे काम शामिल हैं। उन्होंने हिंदी मीडिया के कई प्रमुख संस्थानों में काम किया है।

उनका करियर अधुनिक टाइम्स से शुरू हुआ, जहां उन्होंने न्यूज कोऑर्डिनेटर के तौर पर काम किया। इसके बाद वह दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान, अमर उजाला वेब सर्विसेज और दैनिक भास्कर जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी जिम्मेदारियां संभालीं।

एडिटोरियल प्लानिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, डिजिटल जर्नलिज्म, न्यूज एडिटिंग, डेस्क ऑपरेशंस, रिपोर्टिंग और फीचर राइटिंग उनकी प्रमुख विशेषज्ञताओं में शामिल हैं। हिंदी कंटेंट राइटिंग-एडिटिंग और एडिटोरियल क्वालिटी कंट्रोल में भी उनका अनुभव है।

दीप्ति ने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) से हिंदी में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके अलावा उन्होंने देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार से पत्रकारिता एवं जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री और डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा से बीएससी (बायोलॉजी) की पढ़ाई की है।

पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके काम को कई पुरस्कार और सम्मानों से भी नवाजा गया है। इनमें सर्वश्रेष्ठ डिजिटल मीडिया पत्रकार पुरस्कार-2025, कलम के सिपाही पुरस्कार-2025, इंडियन मीडिया वॉरियर पुरस्कार-2025, समन्विता-2025 सम्मान, देवर्षि नारद पत्रकारिता पुरस्कार-2024 और कुलदीप नैयर समर्पण समाज गौरव पुरस्कार-2024 शामिल हैं। इसके अलावा इस साल समाचार4मीडिया 40अंडर40 के विजेताओं की लिस्ट में भी उनका नाम शामिल था। यही नहीं, वर्ष 2023 में वह जागरण न्यू मीडिया, गूगल और आईआईटी कानपुर के हैकाथॉन में प्रथम पुरस्कार भी जीत चुकी हैं। समाचार4मीडिया की ओर से दीप्ति मिश्रा को उनकी नई जिम्मेदारी के लिए ढेरों बधाई और शुभकामनाएं।

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अजय सिंह बने जागरण.कॉम के एडिटर, समूह की वेबसाइटों के बीच समन्वय की मिली जिम्मेदारी

इससे पहले अजय सिंह इस संस्थान में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत थे। अजय सिंह ने करीब चार वर्ष पहले डिप्टी एडिटर के तौर पर जागरण.कॉम के साथ अपने सफर की शुरुआत की थी।

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Monday, 31 August, 2026
Ajay Singh

पत्रकार अजय सिंह को दैनिक जागरण के डिजिटल विंग जागरण. कॉम का एडिटर (न्यूज) बनाया गया है। नई जिम्मेदारी के तहत उन्हें न्यूज, हाइपरलोकल के साथ-साथ जागरण समूह की अन्य वेबसाइटों के बीच समन्वय की जिम्मेदारी भी दी गई है। इससे पहले अजय सिंह इस संस्थान में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत थे।

अजय सिंह ने करीब चार वर्ष पहले डिप्टी एडिटर के तौर पर जागरण.कॉम के साथ अपने सफर की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने एसोसिएट एडिटर के रूप में जिम्मेदारी संभाली और अब उन्हें एडिटर की नई भूमिका सौंपी गई है।

मूल रूप से बिहार के आरा के रहने वाले अजय सिंह ने पटना विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और मास कम्युनिकेशन में स्नातकोत्तर किया है। पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्हें करीब 19 वर्षों का अनुभव है। उनके करियर के शुरुआती दो वर्ष प्रिंट मीडिया में बीते, जबकि करीब आठ वर्षों तक उन्होंने टेलीविजन मीडिया में काम किया। पिछले नौ वर्षों से वह डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं।

‘दैनिक जागरण’ से पहले अजय सिंह ‘अमर उजाला’ के साथ जुड़े रहे, जहां उन्होंने नेशनल-इंटरनेशनल डेस्क इंचार्ज के साथ-साथ होम पेज की जिम्मेदारी भी संभाली। इससे पहले वह ‘प्रभात खबर’, ‘फोकस टीवी’, ‘साधना न्यूज’, ‘जी न्यूज’ और ‘इंडिया न्यूज’ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दे चुके हैं।

अजय सिंह ने वर्ष 2016 में टेलीविजन इंडस्ट्री से अलग होकर डिजिटल मीडिया की ओर रुख किया। अमर उजाला में उन्होंने करीब पांच वर्षों तक काम किया। इसके बाद वह दैनिक जागरण के डिजिटल समूह से जुड़े। डिजिटल पत्रकारिता के दौरान उन्होंने देश-विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरों पर विशेष रूप से काम किया है।

समाचार4मीडिया से बातचीत में अजय सिंह का कहना था कि खबरों के प्रति उनका जुड़ाव बचपन से ही रहा है। वह कहते हैं, ‘बचपन में चुपके-चुपके अखबार पलटने और रेडियो पर समाचार सुनने का जो शौक था, आज वही सपना हकीकत बन गया है। 7-8 साल की उम्र में ही दो-तीन अखबारों को कुरेद डालता था। रात में पढ़ाई के बहाने पिताजी से छिपकर रेडियो पर समाचार सुनना, आज भी रूह तक को रोमांचित कर देता है।’

समाचार4मीडिया की ओर से अजय सिंह को उनकी नई जिम्मेदारी के लिए ढेरों बधाई और शुभकामनाएं।

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₹4,262 करोड़ के दावों पर बोले डॉ. सुभाष चंद्रा, उधार लेने वाली संस्थाएं करेंगी भुगतान

‘जी’ ग्रुप के फाउंडर और चेयरमैन एमेरिटस डॉ. सुभाष चंद्रा ने अपनी व्यक्तिगत दिवाला कार्यवाही से जुड़े मामले में कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत तौर पर कोई कर्ज नहीं लिया था।

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Sunday, 30 August, 2026
Dr Subhash Chandra Zee

‘जी’ ग्रुप के फाउंडर और चेयरमैन एमेरिटस डॉ. सुभाष चंद्रा ने अपनी व्यक्तिगत दिवाला कार्यवाही से जुड़े मामले में विस्तृत सफाई दी है। उन्होंने कहा है कि उन्होंने व्यक्तिगत तौर पर कोई कर्ज नहीं लिया था। उनके मुताबिक, उनके खिलाफ किए गए दावे उन विभिन्न संस्थाओं की ओर से जुटाई गई रकम से जुड़े हैं, जिनके लिए उन्होंने व्यक्तिगत गारंटी दी थी।

डॉ. सुभाष चंद्रा के कार्यालय की ओर से 30 अगस्त को जारी बयान सोशल मीडिया पर #PaisaWapasKaro हैशटैग के साथ किए जा रहे पोस्ट के जवाब में आया। बयान में कहा गया कि इस मामले को लेकर लोगों के बीच ‘गलत धारणा और समझ’ बनी हुई है।

₹22,000 करोड़ की गारंटी, व्यक्तिगत उधारी शून्य: बयान के अनुसार, डॉ. सुभाष चंद्रा ने कुल करीब ₹22,000 करोड़ की व्यक्तिगत गारंटी पर हस्ताक्षर किए थे। इनमें से करीब ₹4,800 करोड़ की गारंटी उस समय दी गई थी, जब संबंधित संस्थाओं ने रकम उधार ली थी। बाकी गारंटियां डिफॉल्ट होने के बाद दी गई थीं। बयान में साफ तौर पर कहा गया है, ‘मेरे द्वारा उधार लिया गया धन शून्य है।’ इसमें जोर दिया गया कि मूल कर्ज अलग-अलग कंपनियों ने लिया था और डॉ. चंद्रा ने अपनी व्यक्तिगत क्षमता में यह रकम उधार नहीं ली थी।

कर्जदाताओं ने दाखिल किए ₹5,311 करोड़ के दावे: बयान में इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड की ओर से शुरू की गई डॉ. चंद्रा की व्यक्तिगत दिवाला कार्यवाही में दाखिल किए गए दावों का कर्जवार ब्योरा भी दिया गया है। डॉ. चंद्रा के कार्यालय की ओर से साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक, बयान में शामिल कर्जदाताओं ने मिलकर उधार लेने वाली संस्थाओं को ₹4,808 करोड़ वितरित किए थे।

इनमें से उधार लेने वाली संस्थाओं ने ₹3,803 करोड़ वापस कर दिए। बयान के अनुसार, इसके बाद ₹998 करोड़ का बैलेंस बचा था। हालांकि, डॉ. चंद्रा के व्यक्तिगत गारंटर होने के आधार पर उनके खिलाफ कुल ₹5,311 करोड़ के दावे दाखिल किए गए। इनमें से ₹1,049 करोड़ के दावों का भुगतान या निपटारा होने के बाद शेष दावों की राशि ₹4,262 करोड़ रह गई।

इन कर्जदाताओं के नाम भी बताए: बयान में कहा गया कि इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस और एक्सिस बैंक समूह के दावों का निपटारा हो चुका है या उनका भुगतान किया जा चुका है। इसके अलावा बयान में एचडीएफसी समूह, केनरा बैंक, एडेलवाइस, फ्रैंकलिन टेम्पलटन, इंडसइंड बैंक, एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस, आरबीएल बैंक और यूनियन बैंक का भी नाम लिया गया है। डॉ. चंद्रा का कहना है कि देय बताई गई रकम और कर्जदाताओं की ओर से दाखिल किए गए दावों के बीच अंतर का संबंधित कर्जदाताओं और उधार लेने वाली संस्थाओं के बीच मिलान किया जाना जरूरी है।

उधार लेने वाली संस्थाओं ने दिया ₹4,262 करोड़ चुकाने का भरोसा: बयान के मुताबिक, डॉ. चंद्रा ने संबंधित उधार लेने वाली संस्थाओं के साथ इस मामले पर चर्चा की है। उन्होंने कहा कि उन्हें भरोसा दिलाया गया है कि कर्जदाताओं के साथ खातों के मिलान के बाद बची हुई ₹4,262 करोड़ की राशि का निपटारा किया जाएगा। बयान में इस मामले में नियुक्त रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल की ओर से तैयार की गई पुनर्भुगतान योजना का भी जिक्र किया गया है। इसमें डॉ. चंद्रा की उपलब्ध संपत्तियों और धनराशि को ध्यान में रखा गया है।

2016 में घोषित संपत्तियों का मूल्य घटकर ₹31.79 करोड़: बयान के अनुसार, डॉ. चंद्रा ने 2016 में संसद में जिन संपत्तियों की कीमत ₹39.08 करोड़ घोषित की थी, उनका मूल्य घटकर ₹31.79 करोड़ रह गया है। इसमें ₹25 करोड़ मूल्य की गिरवी रखी गई आवासीय संपत्ति शामिल है। इसके बाद तरल संपत्तियों का मूल्य ₹6.79 करोड़ बताया गया है।

बयान में यह भी कहा गया कि उधार लेने वाली संस्थाओं ने विदेशी फंड, घरेलू फंड, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों और कॉरपोरेट्स से भी रकम जुटाई थी। डॉ. चंद्रा के कार्यालय के मुताबिक, इनमें से ज्यादातर उधारी या तो चुकाई जा चुकी है या फिर उसे चुकाने की प्रक्रिया चल रही है।

कर्जदाताओ से उधार लेने वाली संस्थाओं के साथ सीधे हिसाब मिलाने की अपील: डॉ. सुभाष चंद्रा ने कर्जदाताओं से अपील की है कि वे सीधे संबंधित उधार लेने वाली संस्थाओं के साथ बातचीत करें, बकाया खातों का मिलान करें और उनसे संबंधित रकम की वसूली करें। उनका कहना है कि इसी प्रक्रिया के बाद बकाया राशि की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।

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डॉ. सुभाष चंद्रा ने किया ऐलान, अब Instagram LIVE पर देंगे लोगों के सवालों के जवाब

‘जी’ ग्रुप के फाउंडर और चेयरमैन एमेरिटस डॉ. सुभाष चंद्रा इन दिनों अपने बारे में उठ रहे सवालों और चर्चाओं के बीच लोगों से सीधे संवाद करने जा रहे हैं।

Last Modified:
Saturday, 29 August, 2026
Dr Subhash Chandra...........

जी’ ग्रुप के फाउंडर और चेयरमैन एमेरिटस डॉ. सुभाष चंद्रा इन दिनों अपने बारे में उठ रहे सवालों और चर्चाओं के बीच लोगों से सीधे संवाद करने जा रहे हैं। उन्होंने ऐलान किया है कि इस सोमवार से वह हर सुबह 9 बजे Instagram पर LIVE आएंगे और लोगों के सवालों का सीधे जवाब देंगे।

सुभाष चंद्रा ने फेसबुक पर साझा किए अपने संदेश में कहा कि अक्सर दो लोगों के बीच दूरी तब आने लगती है, जब उनके बीच की बात कोई तीसरा करने लगता है। उन्होंने कहा, ‘तो क्यों न इस दूरी को खत्म किया जाए?’

उन्होंने आगे कहा, ‘आपके सवाल हैं, तो जवाब भी मुझसे ही होने चाहिए।” सुभाष चंद्रा ने यह भी कहा कि वह सही हैं या गलत, इसका फैसला भी सीधी बातचीत के बाद ही होना चाहिए।’

इसी सोच के साथ उन्होंने सीधे संवाद की शुरुआत करने का फैसला किया है। उन्होंने लोगों से कहा, ‘आप सवाल पूछिए। मैं जवाब दूँगा।” सुभाष चंद्रा ने अपने संदेश में बातचीत की प्रकृति भी साफ करते हुए कहा, “कोई बीच में नहीं। बस आप और मैं।’

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गरिमा सिंह ने शुरू किया नया सफर, लॉन्च किया YouTube चैनल

वरिष्ठ पत्रकार और न्यूज एंकर गरिमा सिंह ने फेसबुक पर एक पोस्ट के जरिए अपनी नई शुरुआत की जानकारी दी।

Last Modified:
Saturday, 29 August, 2026
Garima Singh..

हिंदी न्यूज चैनल ‘न्यूज24’ (News24) से विदाई के बाद वरिष्ठ पत्रकार और न्यूज एंकर गरिमा सिंह ने अपने नए सफर की शुरुआत कर दी है। उन्होंने अपना यूट्यूब चैनल 'भारत की गरिमा' शुरू किया है और इसकी पहली वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए साझा की है।

गरिमा सिंह ने फेसबुक पर एक पोस्ट के जरिए अपनी नई शुरुआत की जानकारी दी। उन्होंने लिखा, ‘प्रणाम मैं गरिमा सिंह। जो लिंक नीचे आपको दिख रहा है, ये नए पते पर मेरी शुरुआत का पहला क़दम है, मेरी पहली video।” इसके साथ ही उन्होंने लोगों से अपनी पहली वीडियो देखने और इसे आगे बढ़ाने की अपील की। उन्होंने लिखा, “आपका साथ भी चाहिए और प्यार भी।’

गौरतलब है कि गरिमा सिंह ने जुलाई 2026 में ‘न्यूज24’ से इस्तीफा दे दिया था। वह करीब तीन साल तक इस चैनल से जुड़ी रहीं और यहां सीनियर एग्जिक्यूटिव एडिटर के तौर पर जिम्मेदारी संभालने के साथ ‘सबसे बड़ा सवाल’ शो को होस्ट करती थीं।

इससे पहले गरिमा सिंह ‘भारत एक्सप्रेस’ में एग्जिक्यूटिव एडिटर और ‘सत्य’ शो की एंकर रह चुकी हैं। वह ‘सहारा मीडिया’ में चैनल हेड की जिम्मेदारी भी संभाल चुकी हैं। उनके करियर में ‘दैनिक जागरण’, ‘टोटल टीवी’, ‘लाइव इंडिया’, ‘पी7 न्यूज’, ‘नेटवर्क18’, ‘समाचार प्लस’ और ‘जी न्यूज’ जैसे संस्थानों के साथ काम करने का अनुभव शामिल है।

गरिमा सिंह ने वर्ष 2003 में ‘दैनिक जागरण’ से रिपोर्टर के तौर पर पत्रकारिता की शुरुआत की थी। दो दशक से ज्यादा लंबे करियर में उन्होंने रिपोर्टिंग, एंकरिंग और संपादकीय जिम्मेदारियों के साथ अपनी अलग पहचान बनाई है। वह ‘द कैपिटल पोस्ट’ में एडिटर-इन-चीफ की भूमिका भी निभा चुकी हैं।

अब उनकी नई डिजिटल पारी किस दिशा में आगे बढ़ती है और उनके यूट्यूब चैनल पर किस तरह का कंटेंट देखने को मिलता है, इस पर उनके दर्शकों की नजर रहेगी।

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जागरण न्यू मीडिया में उर्वशी कपूर का प्रमोशन, अब मिली यह जिम्मेदारी

उर्वशी कपूर एक अवॉर्ड विनिंग पत्रकार हैं और मीडिया व AI लिटरेसी, फैक्ट-चेकिंग, साइबर सिक्योरिटी और पत्रकारिता में जिम्मेदार तकनीक के इस्तेमाल के क्षेत्र में काम करती हैं।

Last Modified:
Saturday, 29 August, 2026
Urvashi Kapoor

जागरण न्यू मीडिया (Jagran New Media) ने उर्वशी कपूर को प्रमोट कर एग्जिक्यूटिव एडिटर और जनरल मैनेजर बनाया है। वह कंपनी में Literacy vertical का नेतृत्व जारी रखेंगी।

उर्वशी कपूर एक अवॉर्ड विनिंग पत्रकार हैं और मीडिया व AI लिटरेसी, फैक्ट-चेकिंग, साइबर सिक्योरिटी और पत्रकारिता में जिम्मेदार तकनीक के इस्तेमाल के क्षेत्र में काम करती हैं। वह Google News Initiative (GNI) India Training Network की सर्टिफाइड ट्रेनर भी हैं।

उर्वशी ने बड़े स्तर पर मीडिया और AI लिटरेसी से जुड़े कई अभियानों और डिजिटल लिटरेसी वर्कशॉप्स का नेतृत्व किया है। उन्होंने Google, Meta और International Fact-Checking Network (IFCN) जैसी ग्लोबल टेक्नोलॉजी और मीडिया संस्थाओं के साथ भी काम किया है। इन पहलों का फोकस डिजिटल सशक्तिकरण, गलत सूचनाओं के प्रति जागरूकता और ऑनलाइन सुरक्षा पर रहा है।

उर्वशी के पास भारत की बड़ी मीडिया लिटरेसी पहलों में से एक का कॉपीराइट भी है।

पत्रकारिता और डिजिटल लिटरेसी के क्षेत्र में उर्वशी के व्यक्तिगत योगदान को भी सम्मान मिला है। उन्हें ‘40 Under 40 in Journalism’ सम्मान से नवाजा गया है। यह सम्मान उन्हें इंडस्ट्री में उनके योगदान के लिए केरल के राज्यपाल की ओर से प्रदान किया गया था।

उर्वशी East-West Center, National Press Foundation और Sunway Fellow भी रही हैं। उन्होंने नॉर्वे, दक्षिण कोरिया, दक्षिण अफ्रीका, मलेशिया, सिंगापुर, नेपाल और तुर्की में आयोजित प्रमुख अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों और वर्कशॉप्स में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए स्पीकर के तौर पर हिस्सा लिया है।

वह फिलहाल Trusted Information Alliance की Governing Council में भी शामिल हैं, जहां वह AI, ट्रस्ट, सेफ्टी और डिजिटल लिटरेसी से जुड़े राष्ट्रीय और वैश्विक विमर्श में योगदान दे रही हैं।

उर्वशी कपूर ने दैनिक जागरण में सितंबर 2011 में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर अपने करियर की शुरुआत की और सितंबर 2015 तक वहां काम किया। इसके बाद वह जी मीडिया में सीनियर करेसपॉन्डेंट रहीं। सितंबर 2015 से अगस्त 2017 तक यहां काम करने के बाद उन्होंने BW Businessworld में सीनियर सब एडिटर की जिम्मेदारी संभाली।

अप्रैल 2019 में वह जागरण न्यू मीडिया से चीफ सब एडिटर के तौर पर जुड़ीं। अप्रैल 2021 में उन्हें एसोसिएट एडिटर बनाया गया। सितंबर 2023 में उन्होंने सीनियर एडिटर की जिम्मेदारी संभाली और अब अगस्त 2026 में उन्हें एग्जिक्यूटिव एडिटर और जनरल मैनेजर के पद पर प्रमोशन मिला है।

इस दौरान वह भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), Delhi में गेस्ट फैकल्टी के तौर पर भी जुड़ी रहीं। उन्होंने अक्टूबर 2024 से अगस्त 2026 तक यहां अपनी सेवाएं दीं।

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नेपाल में विदेशी पत्रकारों की रिपोर्टिंग पर बढ़ी निगरानी

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि नेपाल पहुंच चुके विदेशी पत्रकारों को भी रिपोर्टिंग से पहले प्रेस पास लेना अनिवार्य होगा। बिना प्रेस पास रिपोर्टिंग को निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप नहीं माना जाएगा।

Last Modified:
Saturday, 29 August, 2026
nepal

नेपाल में भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ के बाद आपदा की रिपोर्टिंग कर रहे घरेलू और विदेशी पत्रकारों के लिए सरकार ने प्रेस पास से जुड़ी प्रक्रिया स्पष्ट कर दी है। विदेशी संवाददाताओं को रिपोर्टिंग शुरू करने से पहले निर्धारित दस्तावेज जमा कर प्रेस पास हासिल करना होगा।

नेपाल के सूचना तथा संचार मंत्रालय के तहत सूचना विभाग ने विदेशी पत्रकारों से पासपोर्ट, वैध वीजा और संबंधित मीडिया संस्थान का नियुक्ति पत्र या समझौता पत्र मांगा है। इसके अलावा पत्रकार को अपने संस्थान का पहचान पत्र, वेतन और मिलने वाली अन्य सुविधाओं की जानकारी भी देनी होगी।

विदेशी संवाददाताओं को अपने मीडिया संस्थान की सिफारिश के साथ संबंधित देश के विदेश मंत्रालय या नेपाल स्थित उसके दूतावास अथवा कांसुलर कार्यालय की सिफारिश भी जमा करनी होगी। सभी दस्तावेज देने के बाद ऑनलाइन आवेदन करना होगा।

आवेदन मंजूर होने पर पत्रकार को व्यक्तिगत रूप से सूचना विभाग पहुंचकर प्रेस प्रतिनिधि प्रमाणपत्र और पत्रकार पहचान पत्र लेना होगा। इसके लिए निर्धारित प्रारूप में दो पासपोर्ट साइज फोटो भी जमा करनी होंगी।

विभाग के प्रवक्ता गोविंदा प्रसाद पांडे ने कहा कि यह कोई नई नीति नहीं है, बल्कि विदेशी पत्रकारों के लिए पहले से चली आ रही प्रक्रिया को ही जारी रखा गया है। हालांकि, मौजूदा व्यवस्था का उद्देश्य भोटेकोशी बाढ़ की रिपोर्टिंग को व्यवस्थित करना भी बताया गया है।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि नेपाल पहुंच चुके विदेशी पत्रकारों को भी रिपोर्टिंग से पहले प्रेस पास लेना अनिवार्य होगा। बिना प्रेस पास रिपोर्टिंग को निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप नहीं माना जाएगा। नेपाली पत्रकारों के लिए भी ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था है। उन्हें नागरिकता प्रमाणपत्र, मीडिया संस्थान का नियुक्ति पत्र और संस्थान की सिफारिश सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज देने होंगे।

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सुभाष चंद्रा के समर्थन में उतरे हर्ष गोयनका, बोले- उनके बारे में फैलाई जा रही कई गलत बातें

एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन डॉ. सुभाष चंद्रा को लेकर चल रहे विवाद के बीच अब आरपीजी एंटरप्राइजेज के चेयरमैन हर्ष गोयनका उनके समर्थन में सामने आए हैं।

Last Modified:
Saturday, 29 August, 2026
HarshGoenka652

एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन डॉ. सुभाष चंद्रा को लेकर चल रहे विवाद के बीच अब आरपीजी एंटरप्राइजेज के चेयरमैन हर्ष गोयनका उनके समर्थन में सामने आए हैं। हर्ष गोयनका ने कहा है कि डॉ. सुभाष चंद्रा को लेकर कई ऐसी बातें सामने आ रही हैं, जो पूरी तरह सही नहीं हैं। उन्होंने कहा कि किसी नतीजे पर पहुंचने से पहले सुभाष चंद्रा का पक्ष भी सुना जाना चाहिए।

यह मामला डॉ. सुभाष चंद्रा के कर्ज और नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) में चल रही कार्यवाही से जुड़ा है।

'99 फीसदी से ज्यादा कर्ज माफी' के दावे पर सवाल

हर्ष गोयनका ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए उन खबरों पर सवाल उठाया, जिनमें कहा जा रहा है कि डॉ. सुभाष चंद्रा ने बैंकों से 99 फीसदी से ज्यादा का हेयरकट हासिल कर लिया है। उन्होंने कहा कि करीब ₹22,000 करोड़ की रकम को लेकर भी गलतफहमी पैदा हो रही है। गोयनका के मुताबिक, इस पूरे मामले को सिर्फ एक पक्ष से देखने के बजाय डॉ. सुभाष चंद्रा की बात भी सुनी जानी चाहिए।

गोयनका ने अपनी पोस्ट में कहा कि जब लगातार यह सुर्खियां दिखाई जा रही हैं कि डॉ. सुभाष चंद्रा को बैंकों से 99 फीसदी से ज्यादा का हेयरकट मिला है, तो उनके पक्ष को भी सुनना जरूरी है। उन्होंने कहा कि ₹22,000 करोड़ की रकम को बड़े पैमाने पर गलत तरीके से समझा जा रहा है और कई तथ्य गलत तरीके से पेश किए जा रहे हैं। उनका कहना था कि किसी भी कहानी के हमेशा दो पक्ष होते हैं और फैसला करने से पहले दोनों पक्षों को सुनना चाहिए।

₹22,000 करोड़ के कर्ज पर क्या है विवाद?

दरअसल, डॉ. सुभाष चंद्रा की वित्तीय देनदारियों और NCLT से जुड़ी कार्यवाही को लेकर हाल में कई रिपोर्ट सामने आई हैं। इन रिपोर्टों में करीब ₹22,000 करोड़ के कर्ज और उसके निपटारे को लेकर सवाल उठाए गए हैं।

डॉ. सुभाष चंद्रा ने इन दावों पर आपत्ति जताते हुए कहा है कि यह गलत धारणा बनाई जा रही है कि उनका करीब ₹22,000 करोड़ का कर्ज NCLT के जरिए महज ₹6.5 करोड़ में सेटल हो गया। डॉ. चंद्रा का कहना है कि मामले को जिस तरह पेश किया जा रहा है, उससे वास्तविक स्थिति स्पष्ट नहीं होती। उन्होंने इन रिपोर्टों के जवाब में अपना पक्ष सामने रखा है और कहा है कि आखिरकार सच्चाई सामने आएगी।

हर्ष गोयनका के बयान से मामला फिर चर्चा में

हर्ष गोयनका के समर्थन के बाद यह विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है। गोयनका ने सीधे तौर पर यह नहीं कहा कि डॉ. सुभाष चंद्रा से जुड़े सभी आरोप गलत हैं, लेकिन उन्होंने यह जरूर कहा कि मामले में सामने आ रही कई जानकारियां गलत हैं और बिना पूरा पक्ष सुने किसी निष्कर्ष पर पहुंचना ठीक नहीं है।

ऐसे में अब सबकी नजर इस बात पर है कि डॉ. सुभाष चंद्रा की ओर से इस पूरे मामले में आगे क्या स्पष्टीकरण दिया जाता है और NCLT की कार्यवाही में इस कर्ज और उसके निपटारे को लेकर वास्तविक स्थिति क्या सामने आती है।

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