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महिला पत्रकार के खतरनाक मंसूबों पर कुछ यूं फिर गया पानी
महिला पत्रकार के मंसूबों पर पुलिस की टीम ने पानी फेर दिया
समाचार4मीडिया ब्यूरो 6 years ago
एक महिला पत्रकार के मंसूबों पर उस समय पानी फिर गया, जब पुलिस ने उसे गंभीर आरोपों में गिरफ्तार कर लिया। दरअसल, 22 वर्षीय नीशू नामक यह पत्रकार गौतमबुद्धनगर के सांसद और केंद्रीय मंत्री डॉक्टर महेश शर्मा को ब्लैकमेल कर रुपए लेने के लिए सोमवार को नोएडा स्थित उनके कैलाश अस्पताल पहुंची थी। खुद को बंद हो चुके एक तथाकथित न्यूज चैनल का पत्रकार बताते हुए महिला का कहना है कि वह अपने सीनियर के कहने पर पैसे लेने के लिए आई थी। जांच में नीशू के पास से स्टिंग में इस्तेमाल होने वाला कैमरा मिला है।
एसएसपी वैभव कृष्ण के अनुसार स्टिंग विडियो का डर दिखाकर एक व्यक्ति केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा से ढाई करोड़ रुपए की मांग कर रहा था। पैसे न देनें पर विडियो को मीडिया में देने की धमकी दी जा रही थी। धमकी देने वाले व्यक्ति के गैंग की ही सदस्य महिला 45 लाख रुपये लेने के लिए सोमवार को कैलाश अस्पताल पहुंची थी। इस महिला के पास लोकल न्यूज चैनल प्रतिनिधि टीवी के एडिटर-इन-चीफ आलोक कुमार का एक पत्र था, जिसमें 45 लाख रुपए तुरंत और दो करोड़ रुपए तीन दिन बाद दिए जाने की बात लिखी हुई थी। डॉक्टर ने इस ब्लैकमेलिंग के बारे में पहले ही पुलिस को बता दिया था। इसी आधार पर जब महिला रकम लेने के लिए कैलाश अस्पताल पहुंची तो पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की पड़ताल में यह बात भी सामने आ चुकी है कि यह पूरा गैंग पहले भी कई हाई प्रोफाइल लोगो को ब्लैकमेल कर चुका है।
एसएसपी ने यह भी बताया कि गैंग एक ऐसे न्यूज चैनल से ताल्लुक रखता है, जो नोटबंदी के दौरान बंद हो चुका है। पुलिस ने विख्यात कवि राम धारी सिंह दिनकर की रिश्तेदार और खुद को सामाजसेवी बताने वाली ऊषा ठाकुर को भी इसी मामले में पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। बताया जा रहा है कि जब स्टिंग किया गया था तो ऊषा ठाकुर ही स्टिंग करने वाले टीम को डॉक्टर महेश शर्मा से मिलवाने के लिए अपने साथ लेकर आई थी। एसएसपी ने यह भी साफ किया कि जिस स्टिंग के आधार पर ब्लैकमेल करने का प्रयास किया जा रहा था, 20 मिनट के उस विडियो में भी कोई आपत्तिजनक बात नहीं है।
एसएसपी ने बताया कि नोटबंदी के बाद पैसों की कमी के चलते लोकल न्यूज चैनल प्रतिनिधि टीवी बंद हो गया था। ऐसे में आलोक कुमार व उसके साथी ब्लैकमेलिंग में शामिल रहे हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। एसएसपी ने बताया कि चैनल को आर्थिक मदद की जरूरत थी, जिसके लिए इससे जुड़े लोग कई नेताओं को टारगेट बनाकर उन्हें ब्लैकमेल करते हुए रंगदारी मांग रहे थे।
टैग्स ब्लैकमेलिंग डॉ. महेश शर्मा