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कली पुरी ने बताया- किन तीन चीजों पर आधारित है 'इंडिया टुडे ग्रुप' का 'DNA'
भविष्य के चुनावों पर उन्होंने कहा, "2029 का चुनाव 100% डिजिटल चुनाव होगा। इसमें इन्फ्लुएंसर्स की बड़ी भूमिका होगी, लेकिन कैमरा और माइक होना किसी को पत्रकार नहीं बना देता।"
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 5 months ago
इंडिया टुडे ग्रुप की वाइस चेयरपर्सन और एग्जिक्यूटिव एडिटर-इन-चीफ कली पुरी ने न्यूज एजेंसी एएनआई की एडिटर-इन-चीफ स्मिता प्रकाश को दिए इंटरव्यू में मीडिया की चुनौतियों, दबाव और बदलते परिदृश्य पर स्पष्ट विचार रखे।
इंटरव्यू की शुरुआत में कली पुरी ने बताया कि न्यूज में कभी बड़े दिन होते हैं तो ककली पुरी ने कहा, "मीडिया पर दबाव की बात हमेशा होती है। कहा जाता है कि बीजेपी सरकार दबाव डालती है, लेकिन कौन सी सरकार ने मीडिया पर दबाव नहीं डाला है?भी बिल्कुल सूखे दिन। पहले सोमवार अक्सर ड्राई डे कहे जाते थे, जिसका मतलब होता था कि खबरें नहीं बन रही हैं। उन्होंने कहा कि मीडिया को लगातार "गोदी मीडिया" और "मोदी मीडिया" कहा जाता है। इस पर उन्होंने कहा, "हम ऐसी स्थिति में हैं जहां हमें पीछे धकेला जाता है, लोग हमें गोदी मीडिया कहते हैं। इससे चोट भी लगती है और फिर कहा जाता है कि आपने लड़ा नहीं। यह परेशान करने वाला है। कुछ लोगों के लिए हम गोदी नहीं हैं, कुछ के लिए बहुत ज्यादा हैं, और बहुतों के लिए हम बिल्कुल सही हैं।"
क्या राजनीतिक दलों से फोन आते हैं? इस सवाल पर मुझे बचपन से याद है कि जब उन्हें कोई चीज पसंद नहीं आती थी तो प्रेस को बंद कर देते थे।"
टीम से जुड़ाव पर उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत स्तर पर किसी मुख्य सदस्य के जाने से बड़ा नुकसान होता है, लेकिन प्रोफेशनल तौर पर असली स्टार हमेशा ब्रैंड ही होता है। उन्होंने उदाहरण दिया कि जब एनडीटीवी से बरखा दत्त गईं तो सबको लगा चैनल खत्म हो जाएगा, लेकिन चैनल चलता रहा।
दक्षिण भारत की स्थिति पर उन्होंने कहा कि वहां कई चैनल राजनेताओं के पास हैं। साथ ही अब अरबपति कॉरपोरेट्स चैनल चला रहे हैं जिनके व्यावसायिक हित भी जुड़े होते हैं।
विदेशी मीडिया की रिपोर्टिंग पर उन्होंने कहा कि पश्चिमी मीडिया अक्सर कहता है कि भारत में लोकतंत्र मर रहा है, लेकिन हाल ही में हुए आम चुनावों में जो नतीजे आए, वे सर्वेक्षणों की अपेक्षा से बिल्कुल अलग थे। कई लोग कहते थे कि बीजेपी तीन-चौथाई बहुमत से जीतेगी, लेकिन नतीजे अलग निकले।
भविष्य के चुनावों पर उन्होंने कहा, "2029 का चुनाव 100% डिजिटल चुनाव होगा। इसमें इन्फ्लुएंसर्स की बड़ी भूमिका होगी, लेकिन कैमरा और माइक होना किसी को पत्रकार नहीं बना देता।"
उन्होंने कहा कि अक्सर जब रेटिंग्स आती हैं तो दर्शक ही कहते हैं कि सब रेटिंग्स के लिए हो रहा है। इस पर उन्होंने कहा, "यदि आपको लगता है कि यह सिर्फ रेटिंग्स के लिए है तो मत देखो। चैनल बदल लो। आपके पास रिमोट है।"
न्यूज रूम चर्चा पर कली पुरी ने बताया कि उनकी न्यूज मीटिंग्स बेहद जोशीली और चर्चा से भरी होती हैं। "कोई नहीं जीतता, कोई नहीं हारता। ये चर्चाएं एक तरह से ऊर्जा निकालने और दोनों पक्षों की बात सुनने का मौका देती हैं।"
उन्होंने कहा कि इंडिया टुडे ग्रुप का डीएनए तीन चीजों पर आधारित है- टेक्नोलॉजी व इनोवेशन के जरिए हमेशा नए प्लेटफॉर्म्स को अपनाना, नई-नई संभावनाओं को अवसर मानकर आगे बढ़ना और तर्क-वितर्क की संस्कृति।
मीडिया की भूमिका पर उन्होंने कहा, "हम उपदेश देने वाला चैनल नहीं बनना चाहते। कभी हम दर्पण होते हैं, कभी तस्वीर। कभी हम वही दिखाते हैं जो लोग देखना चाहते हैं, और कभी वह जो उन्हें देखना चाहिए। यह ब्रॉकली और फ्रेंच फ्राइज जैसा है। यदि सिर्फ ब्रॉकली दी तो लोग नहीं खाएंगे, लेकिन यदि थोड़ा मक्खन लगाकर फ्रेंच फ्राइज के साथ परोसा जाए तो आसानी से खा लेंगे। मीडिया में भी संतुलन होना जरूरी है।"
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