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जानें, पत्रकारों के खिलाफ कानूनी दांवपेंचों पर क्या बोले पूर्व सॉलिसिटर जनरल हरीश साल्वे
पूर्व सॉलिसिटर जनरल हरीश साल्वे का कहना है कि किसी भी मामले पर अपनाा नजरिया पेश करना हर पत्रकार का हक है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 5 years ago
पूर्व सॉलिसिटर जनरल हरीश साल्वे का कहना है कि किसी भी मामले पर अपना नजरिया पेश करना हर पत्रकार का हक है। इसमें कुछ भी गलत नहीं है। उन्होंने कहा कि फ्रीडम ऑफ स्पीच का मतलब हर किसी को अपना नजरिया रखने का हक है, फिर चाहे वह किसी को पसंद आए या नापसंद। उनका कहना है कि किसी खबर के खिलाफ कानूनी दांवपेच का इस्तेमाल करना, कानून का गलत इस्तेमाल करना है। पत्रकारों पर धारा 295ए लगाकर पत्रकारों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता है। देश में यदि कहीं कुछ गड़बड़ (Fault Lines) हैं तो लोगों का हक बनता है कि वह उस पर अपना कमेंट कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि आजकल नया ट्रेंड शुरू हो रहा है कि यदि पत्रकार किसी के खिलाफ कवर करे अथवा किसी राजनीतिक दल की विचारधारा की आलोचना करे तो उन्हें आपराधिक मामलों में उलझाओ। साल्वे का कहना था, ‘जो मैंने न्यूज क्लिप देखी है, यदि उसके आधार पर जम्मू से जुड़े एक मामले में ‘जी न्यूज’ के एडिटर-इन-चीफ सुधीर चौधरी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है, तो मेरी नजर में वह कानून के दुरुपयोग के साथ-साथ बोलने की आजादी का जो मौलिक अधिकार मिला है, उसका भी दुरुपयोग है।’
गौरतलब है कि वरिष्ठ टीवी पत्रकार व जी न्यूज के एडिटर-इन-चीफ सुधीर चौधरी के खिलाफ हाल ही में केरल में गैर-जमानती धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। इस बात की जानकारी खुद सुधीर चौधरी ने अपने ट्विटर अकाउंट के जरिए दी है।
अपने जवाब में सुधीर चौधरी ने ट्वीट किया, ‘सच की रिपोर्टिंग करने के लिए ये रहा मेरा पुलित्जर पुरस्कार, प्रशस्ति पत्र साझा कर रहा हूं। मेरे खिलाफ केरल पुलिस ने गैर-जमानती धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है। असुविधाजनक तथ्यों को उजागर करने का है ये है पुरस्कार। मीडिया के लिए यह एक स्पष्ट संदेश है कि यदि आप धर्मनिरपेक्षता के दशकों पुराने छद्म और छल को सामने रखेंगे तो आप सलाखों के पीछे होंगे।
वहीं, एक अन्य ट्वीट में सुधीर चौधरी ने लिखा, ‘केरल पुलिस ने मेरे खिलाफ गैर जमानती धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। आरोप लगाया है कि DNA में #ZameenJihad का मुद्दा उठाकर मैंने मुसलमानों की धार्मिक भावनाओं को आहत किया है। मेरा सवाल: क्या भारत में जिहाद का मुद्दा उठाना गुनाह है? जिहाद का नाम लिया तो जेल में डाल देंगे?’
बता दें कि वरिष्ठ पत्रकार सुधीर चौधरी के खिलाफ यह कार्रवाई मार्च में ब्रॉडकॉस्ट हुए DNA प्रोग्राम के कारण की गई है। सुधीर चौधरी ने 11 मार्च को अपने प्राइमटाइम कार्यक्रम ‘डीएनए’ (DNA) में चौंकाने वाला खुलासा किया था कि कैसे हमारे देश में लव जेहाद की तरह जमीन जेहाद भी हो रहा है। उन्होंने बताया था कि जम्मू-कश्मीर ही वह राज्य है, जहां पिछले 17 वर्षो के दौरान इस घोटाले को अंजाम दिया गया। यहां ‘रोशनी एक्ट’ नाम के एक कानून के तहत सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा करने वालों को ही जमीन का असली मालिक बना दिया गया।
हालांकि उनके इसी खुलासे के बाद देश के वरिष्ठ पत्रकारों, कलाकारों और बुद्धजीवियों ने उन पर सवाल उठाए थे।
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