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‘वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इन्डेक्स’ के निष्कर्ष से सरकार सहमत नहीं: सूचना-प्रसारण मंत्री
‘रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स’ ने ‘वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इन्डेक्स’ में भारत को 180 देशों में से 150वें स्थान पर रखा है, जिससे भारत की सरकार सहमत नहीं है
समाचार4मीडिया ब्यूरो 3 years ago
फ्रांस स्थित मीडिया की दशा-दिशा पर नजर रखने वाले गैर-सरकारी संगठन ‘रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स’ ने ‘वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इन्डेक्स’ में भारत को 180 देशों में से 150वें स्थान पर रखा है, जिससे भारत की सरकार सहमत नहीं है। सरकार ने गुरुवार को राज्यसभा में कहा कि वह ‘वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इन्डेक्स’ में ‘रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स’ द्वारा निकाले गए निष्कर्ष से सहमत नहीं है।
सूचना-प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने राज्यसभा को एक प्रश्न के लिखित जवाब में बताया कि ‘वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इन्डेक्स’ में ‘रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स’ द्वारा निकाले गए निष्कर्ष से सहमत नहीं होने के कई कारण हैं। उन्होंने बताया कि इनमें बेहद छोटे नमूने लिया जाना, लोकतंत्र के मूलभूत तत्वों को बहुत ही कम महत्व दिया जाना या बिल्कुल महत्व न दिया जाना आदि शामिल हैं।
बता दें कि इस रैकिंग को लेकर राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस के वरिष्ठ सदस्य मल्लिकार्जुन खड़गे और आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने गुरुवार को सूचना-प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर से अलग-अलग सवाल पूछे थे, जिसके जवाब में उन्होंने यह बात कही।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकार भारत के संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत निहित भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
सूचना-प्रसारण मंत्री ने यह भी कहा कि भारतीय प्रेस परिषद (पीसीआई) की स्थापना प्रेस परिषद अधिनियम, 1978 के तहत मुख्य रूप से प्रेस की स्वतंत्रता को बनाए रखने और देश में समाचार पत्रों और समाचार एजेंसियों के मानकों में सुधार के लिए की गई है।
उन्होंने कहा कि पीसीआई प्रेस की स्वतंत्रता में कमी किए जाने के संबंध में 'प्रेस द्वारा' दर्ज कराई गई शिकायतों को देखती है। ठाकुर ने कहा कि पीसीआई को प्रेस की स्वतंत्रता और उसके उच्च मानकों की सुरक्षा से संबंधित अहम मुद्दों पर स्वत: संज्ञान लेने का भी अधिकार है।
पत्रकारों की गिरफ्तारी के बारे में खड़गे के सवाल के जवाब में सूचना-प्रसारण मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) पत्रकारों पर हमलों के बारे मे अलग से आंकड़े नहीं रखता।
बता दें कि मई में जारी ‘वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इन्डेक्स’ के अनुसार, 180 देशों की सूची में भारत की रैंकिंग पिछले साल के 142वें स्थान से गिरकर 150वें स्थान पर आ गई।
गौरतलब है कि पत्रकारों की सुरक्षा पर विशेष रूप से 20 अक्टूबर, 2017 को राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को एक एडवाइजरी जारी की गई थी, जिसमें मीडियाकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कानून को सख्ती से लागू करने का अनुरोध किया गया था।
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