GTPL Hathway को वित्त वर्ष 2026-27 के अंत तक अपने केबल टीवी कारोबार में 18 लाख से 19 लाख तक नए सब्सक्राइबर जोड़ने की उम्मीद है।
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Vikas Saxena
GTPL Hathway को वित्त वर्ष 2026-27 के अंत तक अपने केबल टीवी कारोबार में 18 लाख से 19 लाख तक नए सब्सक्राइबर जोड़ने की उम्मीद है। कंपनी ब्रॉडबैंड कारोबार की रफ्तार बढ़ाने, ग्राहकों को ज्यादा सेवाएं देने और परिचालन मुनाफे के मार्जिन में सुधार करने की योजना पर काम कर रही है। कंपनी के प्रमोटर एवं मैनेजिंग डायरेक्टर अनिरुद्धसिंह जडेजा और चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) पीयूष पंकज ने 14 अक्टूबर को वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के नतीजों पर आयोजित कॉन्फ्रेंस कॉल में ये बातें कहीं।
कंपनी ने बताया कि उसने ACT ग्रुप की सात कंपनियों के केबल टीवी कारोबार का अधिग्रहण 15 सितंबर 2026 को पूरा किया। इस कारोबार को अपने सिस्टम में शामिल करने और लागत में बचत के फायदे अगले कुछ महीनों में मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा, कंपनी अपने HITS प्लेटफॉर्म GTPL Infinity के विस्तार, ब्रॉडबैंड सेवाओं की नई ब्रांडिंग TrueFiber और नए प्रबंधन के जरिए कारोबार को आगे बढ़ाने पर ध्यान दे रही है।
दूसरी तिमाही में 1.1 करोड़ केबल टीवी सब्सक्राइबर
पीयूष पंकज ने बताया कि 30 सितंबर 2026 तक कंपनी के डिजिटल केबल टीवी सब्सक्राइबर्स की कुल संख्या करीब 1.1 करोड़ थी। तिमाही के दौरान इसमें 15 लाख की बढ़ोतरी हुई। इनमें से 1.03 करोड़ सब्सक्राइबर भुगतान करने वाले थे। कंपनी के कारोबार को आगे बढ़ाने में उसके 51,000 से ज्यादा बिजनेस पार्टनर भी अहम भूमिका निभा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि तिमाही में जुड़े नए सब्सक्राइबर्स का पूरा वित्तीय फायदा आने वाली तिमाहियों में दिखाई देगा। इसके लिए कंपनी को अधिग्रहण के बाद मिलने वाले तालमेल के फायदे हासिल करने होंगे।
कंपनी के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान अब तक डिजिटल टीवी कारोबार में करीब 16.5 लाख सब्सक्राइबर्स जुड़े हैं। पूरे वित्त वर्ष में यह संख्या 18 लाख से 19 लाख तक पहुंचने की उम्मीद है।
लंबी अवधि की योजना के बारे में बताते हुए पीयूष पंकज ने कहा कि कंपनी अगले तीन साल में अपने केबल टीवी सब्सक्राइबर्स की संख्या 1.3 करोड़ से 1.4 करोड़ तक ले जाना चाहती है। फिलहाल कंपनी के पास करीब 1.1 करोड़ केबल टीवी सब्सक्राइबर्स हैं।
उन्होंने कहा कि बाजार में तकनीक और सेवाएं पहुंचाने के तरीकों में बदलाव हो रहा है। ऐसे में कंपनी ग्राहकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ब्रॉडबैंड, मनोरंजन और दूसरी सेवाओं को एक साथ उपलब्ध कराने पर काम कर रही है। कंपनी को उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में उसके सब्सक्राइबर आधार में हर साल करीब 7 से 8 फीसदी की बढ़ोतरी हो सकती है।
ACT ग्रुप के अधिग्रहण से मार्जिन बढ़ने की उम्मीद
पीयूष पंकज ने बताया कि GTPL Hathway ने ACT ग्रुप की सात कंपनियों के केबल टीवी कारोबार का अधिग्रहण कुल 35.55 करोड़ रुपये में पूरा किया है। यह सौदा 15 सितंबर 2026 को पूरा हुआ था। इस कारोबार के जरिए कंपनी को आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा और कर्नाटक में करीब 6 लाख डिजिटल टीवी सब्सक्राइबर्स मिले हैं। इनमें से करीब 1.25 लाख प्राइमरी सब्सक्राइबर्स हैं, जिनसे कंपनी को अपेक्षाकृत ज्यादा औसत आय मिलने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि ACT कारोबार से कंपनी की आय में योगदान शुरू हो चुका है, लेकिन अधिग्रहण से जुड़े सभी फायदे अभी मिलने बाकी हैं। कंपनी को इन बाजारों में अपनी सेवाओं, पैकेज, कंटेंट और कामकाज के तरीकों को GTPL के सिस्टम के साथ जोड़ना है। इसके बाद लागत में बचत और आय बढ़ाने के अवसर मिल सकते हैं।
पीयूष पंकज के मुताबिक, ACT कारोबार का मौजूदा परिचालन EBITDA मार्जिन करीब 12 फीसदी है। कंपनी को उम्मीद है कि एकीकरण और तालमेल के फायदे मिलने के बाद इसे बढ़ाकर 25 से 26 फीसदी तक किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि कंपनी को वित्त वर्ष 2027 के अंत तक अधिग्रहण से जुड़े कामकाज को काफी हद तक पूरा करने और उसके वित्तीय फायदे मिलने की उम्मीद है।
कंपनी ने यह भी बताया कि उसने DL GTPL Cabnet में बाकी 74 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने की घोषणा की है। इस सौदे की बताई गई कीमत 8.325 करोड़ रुपये है। GTPL के पास इस कंपनी में पहले से 26 फीसदी हिस्सेदारी थी।
पीयूष पंकज ने बताया कि DL GTPL Cabnet के पास करीब 1.5 लाख केबल टीवी सब्सक्राइबर्स हैं। इसका कारोबार गुजरात, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में है। उन्होंने कहा कि पूरी हिस्सेदारी मिलने से कंपनी को इन बाजारों में अपने मौजूदा कारोबार के साथ तालमेल बढ़ाने और कामकाज को बेहतर तरीके से संचालित करने में मदद मिलेगी।
ब्रॉडबैंड कारोबार में फिर तेजी लाने की तैयारी
ब्रॉडबैंड कारोबार में ग्राहकों की बढ़ोतरी धीमी होने के सवाल पर पीयूष पंकज ने कहा कि कंपनी पिछले एक से डेढ़ साल के दौरान अपने नेटवर्क और कनेक्शनों को बेहतर बनाने पर काम कर रही थी। इस वजह से नए ग्राहकों को जोड़ने की रफ्तार प्रभावित हुई।
उन्होंने बताया कि कंपनी के ब्रॉडबैंड नेटवर्क की पहुंच करीब 60 लाख घरों तक है। इनमें से पहले करीब 13 से 14 फीसदी घरों में कंपनी के कनेक्शन थे, जो अब बढ़कर लगभग 17 से 18 फीसदी हो गए हैं। कंपनी इसे करीब 20 फीसदी तक ले जाना चाहती है।
पीयूष पंकज ने कहा कि कंपनी ने ब्रॉडबैंड कारोबार के लिए नए CEO विवेक रैना को नियुक्त किया है। नई ब्रांडिंग TrueFiber के साथ कंपनी बाजार में अपनी गतिविधियां तेज कर रही है। कंपनी उपभोक्ताओं को सीधे सेवाएं देने वाले कारोबार (B2C) और दूसरी कंपनियों को सेवाएं देने वाले कारोबार (B2B), दोनों पर ध्यान दे रही है।
अनिरुद्धसिंह जडेजा ने भी ब्रॉडबैंड कारोबार की स्थिति पर बात करते हुए कहा कि कंपनी का नेटवर्क GPON तकनीक पर स्थानांतरित कर दिया गया है। इसके साथ ही नेटवर्क को फाइबर टू द होम (FTTH) मॉडल के अनुरूप बनाने का काम पूरा हो गया है।
उन्होंने कहा कि पिछले एक से डेढ़ साल के दौरान बाजार की सुस्ती और नेटवर्क में बदलाव के कारण कंपनी की रफ्तार धीमी रही। अब यह काम पूरा होने के बाद कंपनी दोबारा तेजी से नए कनेक्शन जोड़ने की दिशा में आगे बढ़ सकती है।
जडेजा ने उम्मीद जताई कि कंपनी फिर से हर महीने करीब 20,000 नए ब्रॉडबैंड कनेक्शन जोड़ने की स्थिति में लौट सकती है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि कंपनी इस संख्या को 20,000 से ऊपर ले जाने की कोशिश करेगी।
ब्रॉडबैंड में 10.7 लाख सक्रिय ग्राहक, ARPU 470 रुपये
कंपनी के मुताबिक, 30 सितंबर 2026 तक उसके सक्रिय ब्रॉडबैंड सब्सक्राइबर्स की संख्या 10.7 लाख थी। पिछली तिमाही के मुकाबले करीब 10,000 नए ग्राहक जुड़े। ब्रॉडबैंड नेटवर्क की पहुंच 60 लाख घरों तक रही।
वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में प्रति ग्राहक औसत मासिक आय (ARPU) 470 रुपये रही। वहीं, हर ग्राहक की औसत मासिक डेटा खपत 436 GB थी, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 6 फीसदी ज्यादा है।
डेटा खपत बढ़ने से नेटवर्क पर अतिरिक्त खर्च की जरूरत के सवाल पर पीयूष पंकज ने कहा कि मौजूदा स्तर पर कंपनी को इसके लिए अलग से पूंजीगत या परिचालन खर्च करने की जरूरत नहीं पड़ी है। उन्होंने कहा कि नेटवर्क की तकनीक जरूरत के अनुसार क्षमता बढ़ाने में मदद करती है।
हालांकि, अगर डेटा खपत में काफी ज्यादा बढ़ोतरी होती है तो अतिरिक्त निवेश की जरूरत पड़ सकती है। लेकिन उनके मुताबिक, डेटा खपत दोगुनी होने पर भी खर्च उसी अनुपात में दोगुना होना जरूरी नहीं है।
परिचालन मुनाफे का मार्जिन 150-250 बेसिस पॉइंट बढ़ाने का लक्ष्य
कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन पर बात करते हुए पीयूष पंकज ने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में कंपनी की कुल कंसोलिडेटेड आय 1,146.4 करोड़ रुपये रही। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 964.9 करोड़ रुपये थी। इस तरह सालाना आधार पर आय में 19 फीसदी की बढ़ोतरी हुई, जबकि पिछली तिमाही के मुकाबले यह 12 फीसदी ज्यादा रही।
कंसोलिडेटेड सब्सक्रिप्शन आय 345.5 करोड़ रुपये रही, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 302.4 करोड़ रुपये थी। ब्रॉडबैंड से आय 145.9 करोड़ रुपये रही, जो पिछले साल की समान तिमाही के 139.3 करोड़ रुपये से ज्यादा है।
कंपनी का कंसोलिडेटेड EBITDA 110.3 करोड़ रुपये रहा और रिपोर्ट किया गया EBITDA मार्जिन 9.6 फीसदी था। वहीं, कंपनी ने तिमाही में परिचालन EBITDA मार्जिन 20 फीसदी बताया।
पीयूष पंकज ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में परिचालन EBITDA मार्जिन करीब 21 फीसदी रहा है। कंपनी को उम्मीद है कि HITS प्लेटफॉर्म से लागत में बचत और अधिग्रहण से मिलने वाले तालमेल के फायदे पूरी तरह हासिल होने पर वित्त वर्ष के अंत तक परिचालन EBITDA मार्जिन में 150 से 250 बेसिस पॉइंट का सुधार हो सकता है। एक बेसिस पॉइंट का मतलब 0.01 प्रतिशत अंक होता है।
उन्होंने बताया कि कंपनी का परिचालन EBITDA मार्जिन पिछले वित्त वर्ष में करीब 22 फीसदी था। कंपनी इसे फिर से बेहतर स्तर पर ले जाने के लिए काम कर रही है।
कंपनी की स्टैंडअलोन आय भी बढ़ी। दूसरी तिमाही में यह 800.3 करोड़ रुपये रही, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 640.2 करोड़ रुपये थी। सालाना आधार पर इसमें 25 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। स्टैंडअलोन सब्सक्रिप्शन आय 269.2 करोड़ रुपये और EBITDA 66.7 करोड़ रुपये रहा।
घाटे में रहा कंसोलिडेटेड मुनाफा, विदेशी मुद्रा और ट्रांसपोंडर खर्च का असर
आय बढ़ने के बावजूद कंपनी को दूसरी तिमाही में कंसोलिडेटेड स्तर पर करीब 50 लाख रुपये का शुद्ध घाटा हुआ। पीयूष पंकज ने इसकी वजह बताते हुए कहा कि कंपनी पर कुल 7.5 करोड़ रुपये का अतिरिक्त असर पड़ा। इसमें विदेशी मुद्रा में बदलाव से 4.5 करोड़ रुपये का नुकसान और सात नए ट्रांसपोंडर से जुड़े खर्च के कारण 3 करोड़ रुपये का अमोर्टाइजेशन प्रभाव शामिल था।
उन्होंने कहा कि विदेशी मुद्रा में बदलाव से हुआ नुकसान लेखांकन के लिहाज से दर्ज किया गया है और समय के साथ इसमें सुधार हो सकता है। कंपनी को उम्मीद है कि अधिग्रहण से मिलने वाले फायदे और परिचालन दक्षता में सुधार से आगे वित्तीय प्रदर्शन बेहतर होगा।
हालांकि, कंपनी के सामने चुनौती यह है कि आय में हुई बढ़ोतरी को मुनाफे में भी बदलना होगा। प्रबंधन के मुताबिक, ACT कारोबार से जुड़े फायदे और HITS प्लेटफॉर्म के जरिए डिलीवरी लागत में बचत इस दिशा में मदद कर सकती है।
GTPL Infinity के 60 फीसदी से ज्यादा नेटवर्क का HITS प्लेटफॉर्म पर स्थानांतरण
कंपनी ने नवंबर 2025 में अपना HITS प्लेटफॉर्म GTPL Infinity लॉन्च किया था। HITS यानी हेडएंड इन द स्काई एक ऐसी व्यवस्था है, जिसके जरिए केबल ऑपरेटरों तक टीवी चैनलों के सिग्नल पहुंचाए जा सकते हैं।
पीयूष पंकज ने बताया कि कंपनी का पहला लक्ष्य अपने मौजूदा नेटवर्क को इस प्लेटफॉर्म पर स्थानांतरित करना है, ताकि सिग्नल पहुंचाने की लागत कम की जा सके। अब तक कंपनी के मौजूदा नेटवर्क का 60 फीसदी से ज्यादा हिस्सा HITS प्लेटफॉर्म पर आ चुका है।
कंपनी को उम्मीद है कि दिसंबर 2026 या अधिकतम जनवरी 2027 तक मौजूदा नेटवर्क का स्थानांतरण पूरा हो जाएगा। इसके बाद कंपनी को लागत में बचत का पूरा फायदा मिलने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि नए बाजारों में विस्तार की योजनाएं भी तैयार हैं। इनमें ऐसे क्षेत्र शामिल हैं, जहां अभी केबल टीवी की पहुंच कम है, साथ ही ग्रामीण, अर्ध-शहरी और शहरी बाजार भी शामिल हैं। कंपनी मौजूदा नेटवर्क को स्थानांतरित करने के बाद जनवरी 2027 से नए बाजारों में विस्तार की गतिविधियां तेज करने की योजना बना रही है।
पीयूष पंकज के मुताबिक, कंपनी को उम्मीद है कि HITS प्लेटफॉर्म के विस्तार और अन्य परिचालन सुधारों से आने वाले समय में परिचालन मार्जिन बेहतर होगा।
केबल टीवी और ब्रॉडबैंड को एक साथ देने पर जोर
कॉन्फ्रेंस कॉल में कंपनी ने ग्राहकों को केबल टीवी, ब्रॉडबैंड और OTT जैसी सेवाएं एक साथ देने की रणनीति पर भी बात की।
पीयूष पंकज ने कहा कि कंपनी का मकसद ग्राहकों को एक से ज्यादा सेवाएं देकर उन्हें अपने साथ बनाए रखना है। जब कोई ग्राहक केबल टीवी और ब्रॉडबैंड दोनों सेवाएं लेता है, तो उसके कंपनी छोड़ने की आशंका कम हो सकती है। इससे ग्राहक बनाए रखने की दर में सुधार और कारोबार की आय को स्थिर रखने में मदद मिल सकती है।
उन्होंने बताया कि कंपनी लगातार अपने मौजूदा ग्राहकों को दोहरी सेवाओं से जोड़ने की कोशिश कर रही है। कंपनी को उम्मीद है कि समय के साथ बड़ी संख्या में ग्राहक एक से ज्यादा सेवाएं लेने लगेंगे। इससे नेटवर्क के रखरखाव पर होने वाला खर्च भी घट सकता है।
ब्रॉडबैंड कारोबार में टेलीकॉम कंपनियों से प्रतिस्पर्धा पर पीयूष पंकज ने कहा कि GTPL मजबूत बाजारों में टेलीकॉम कंपनियों के बराबर प्रतिस्पर्धा करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि कंपनी अपने मजबूत बाजारों में बेहतर प्रदर्शन कर रही है और आगे भी इस दिशा में प्रयास जारी रखेगी।
आगे किन बातों पर रहेगी कंपनी की नजर?
पीयूष पंकज ने कहा कि निवेशकों को आने वाली दो से चार तिमाहियों में मुख्य रूप से दो चीजों पर ध्यान देना चाहिए। पहली, डिजिटल टीवी और ब्रॉडबैंड सब्सक्राइबर्स की संख्या में बढ़ोतरी। दूसरी, परिचालन EBITDA मार्जिन में सुधार।
उनके मुताबिक, अगर ग्राहकों की संख्या बढ़ती है तो उससे आय में भी बढ़ोतरी होनी चाहिए। वहीं, परिचालन EBITDA मार्जिन में सुधार यह दिखाएगा कि कंपनी अपने कारोबार को ज्यादा कुशलता से चला पा रही है।
कंपनी की योजना है कि वह अपने केबल टीवी कारोबार में विस्तार जारी रखे, ब्रॉडबैंड में नए कनेक्शन जोड़ने की रफ्तार बढ़ाए और ACT अधिग्रहण तथा HITS प्लेटफॉर्म से मिलने वाले फायदे हासिल करे। प्रबंधन को उम्मीद है कि इन प्रयासों का असर वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी छमाही और आगे के वर्षों में दिखाई देगा।
दिवाली से पहले ब्लिंकिट, जैप्टो या स्विगी खोलते ही पहली स्क्रीन पर बिस्किट, फेस वॉश या मिठाई के विज्ञापन दिखते हैं। सर्च में भी सबसे ऊपर वही ब्रैंड आते हैं, जिन्होंने उस जगह के लिए बोली लगाई है।
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Vikas Saxena
दिवाली से पहले जब आप ब्लिंकिट, जैप्टो या स्विगी इंस्टामार्ट खोलते हैं, तो पहली स्क्रीन पर किसी बिस्किट, फेस वॉश या मिठाई के डिब्बे का बैनर दिखता है। सर्च में भी सबसे ऊपर वही ब्रैंड आते हैं जिन्होंने उस जगह के लिए बोली लगाई है। यह इत्तफाक नहीं, भारी निवेश है।
डेटम इंटेलिजेंस की 2026 फेस्टिव एडेक्स रिपोर्ट के मुताबिक, इस त्योहारी सीजन में क्विक कॉमर्स विज्ञापन पर करीब ₹2,200 करोड़ खर्च होने का अनुमान है, जो पिछले साल से 50% ज्यादा है।
बड़ी तस्वीर: कुल पाई में हिस्सेदारी
डेटम के अनुसार कॉमर्स और रिटेल मीडिया का कुल त्योहारी विज्ञापन खर्च इस साल करीब ₹11,500 करोड़ रहने का अनुमान है, जो पिछले साल से 27% ज्यादा है। इसमें क्विक कॉमर्स की हिस्सेदारी लगभग पांचवां हिस्सा, यानी करीब 19% है। रिपोर्ट इसे कॉमर्स विज्ञापन का सबसे तेजी से बढ़ता हिस्सा बताती है। रिपोर्ट के मुताबिक ब्रैंड्स इन प्लेटफॉर्म्स पर अपना खर्च पिछले साल से 25-35% बढ़ा रहे हैं।
इसके पीछे क्विक कॉमर्स की अपनी रफ्तार है। बिज़नेस स्टैंडर्ड की एक रिपोर्ट के अनुसार, क्विक कॉमर्स का GMV रन-रेट 20.8 अरब डॉलर है, जो एक साल पहले के 14.7 अरब डॉलर से 41% ज्यादा है। इसी रिपोर्ट में त्योहारी बिक्री में क्विक कॉमर्स की हिस्सेदारी पिछले साल के 12% से बढ़कर करीब 16% होने का अनुमान है। गूगल-रेडसीयर की रिपोर्ट इसे पिछले साल के करीब 11% से बढ़कर लगभग 18% बताती है और क्विक कॉमर्स का त्योहारी GMV 110-120% बढ़ने का अनुमान देती है, जबकि बाकी ई-कॉमर्स में यह 16-18% है। दोनों के आंकड़े अलग हैं, पर दिशा एक है। बिज़नेस स्टैंडर्ड के मुताबिक इस साल त्योहारी ऑनलाइन बिक्री ₹1.55 लाख करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है, जो 2025 के ₹1.20 लाख करोड़ से ज्यादा है।
किन प्रोडक्ट्स पर लग रहा है सबसे ज्यादा पैसा?
डेटम के मुताबिक क्विक कॉमर्स के त्योहारी विज्ञापन का 70% तक हिस्सा FMCG, ब्यूटी और गिफ्टिंग श्रेणियों का है। यानी नमकीन, बिस्किट, चॉकलेट और पूजा-सामग्री जैसे रोजमर्रा के ब्रैंड, स्किन केयर और पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स, और मिठाई-ड्राई फ्रूट के डिब्बे व हैम्पर जैसे गिफ्ट आइटम सबसे ज्यादा विज्ञापन देते हैं।
रिपोर्ट के अनुसार प्लेटफॉर्म्स को होमवेयर और फर्नीचर जैसी नई श्रेणियों को भी इस ओर लाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। गूगल-रेडसीयर की रिपोर्ट में मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स को क्विक कॉमर्स की त्योहारी बिक्री का नया सहारा बताया गया है। फ्लिपकार्ट मिनट्स अब 150 से ज्यादा शहरों में करीब 1,200 माइक्रो-फुलफिलमेंट सेंटर चला रहा है और पिछले एक साल में उसका कारोबार चार गुना हुआ है।
विज्ञापन दरें: जगह सीमित, बोली महंगी
होमपेज बैनर, कैटेगरी टेकओवर और सर्च में सबसे ऊपर की जगह गिनी-चुनी होती हैं। डेटम के अनुमान के मुताबिक त्योहारी सीजन में क्विक कॉमर्स विज्ञापन की दरें 30-40% बढ़ी हैं।
स्टोरीबोर्ड18 की 15 सितंबर 2026 की रिपोर्ट में एक मिसाल दी गई है। एक कीवर्ड, जिस पर कुछ महीने पहले ब्रैंड को ₹60 प्रति क्लिक देना पड़ता था, त्योहारी तैयारी में ₹240 तक पहुंच गया, यानी चार गुना। यह एक कीवर्ड का उदाहरण है, सब पर लागू होने वाली औसत वृद्धि नहीं। उसी रिपोर्ट के अनुसार ब्रैंड्स अपने डिजिटल खर्च का 15-20% ज्यादा हिस्सा क्विक कॉमर्स की ओर खिसका रहे हैं।
ब्रैंड्स को क्या फायदा मिल रहा है?
पहला फायदा है खरीद के सबसे करीब विज्ञापन। क्विक कॉमर्स ऐप पर ग्राहक अक्सर पहले से जरूरत लेकर आता है, इसलिए विज्ञापन देखने और ऑर्डर करने के बीच कुछ ही मिनट का फासला होता है। डेटम इसे कॉमर्स विज्ञापन कहता है, यानी ऐसा विज्ञापन जिसे सीधे चेकआउट से जोड़कर मापा जा सके।
दूसरा फायदा है कि ऐप अब खोज का मंच बन गया है। डेटम ने 6,218 ऑनलाइन खरीदारों का सर्वे किया, जिनमें 35% ने कहा कि वे क्विक कॉमर्स ऐप्स पर नए प्रोडक्ट खोजते हैं। यह हिस्सा टीवी, ऑनलाइन और प्रिंट के विज्ञापनों से प्रोडक्ट खोजने वालों के बराबर है।
तीसरा फायदा नई श्रेणियों में तेज उछाल है। स्टोरीबोर्ड18 के मुताबिक, फ्रोजन फूड की क्विक कॉमर्स बिक्री अगस्त 2026 तक 141% बढ़कर ₹162.7 करोड़ हो गई, जिसमें नॉन-वेज प्रोडक्ट्स का बड़ा योगदान रहा। मीटज़ा (Meatzza) और रेलिश (Relish) ने सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज की। रिपोर्ट के अनुसार जगह सीमित होने से इस श्रेणी में भी विज्ञापन दरें बढ़ रही हैं।
छोटे कारोबारियों की चुनौती
डेटम के संस्थापक के हवाले से फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार क्विक कॉमर्स के कारोबार का करीब 80% हिस्सा सिर्फ 20% ब्रैंड्स के पास है। बड़े FMCG समूहों के पास बड़ा बजट और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क होता है। छोटे और D2C ब्रैंड्स को हर क्लिक का हिसाब रखना पड़ता है।
फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट पर आधारित एक विश्लेषण में कहा गया है कि 30-40% की दर वृद्धि छोटे ब्रैंड्स के मार्जिन पर दबाव डाल सकती है और कंपनियों को छूट और अभियानों के बंटवारे पर दोबारा सोचना पड़ सकता है। पब्लिसिस मीडिया के दक्षिण एशिया प्रमुख के अनुसार 2026 में भारत का कुल विज्ञापन खर्च ऊंचे एक अंक की दर से बढ़ने की उम्मीद है, पर त्योहारी खर्च में सावधानी है और पैसा क्रिएटर्स और क्विक कॉमर्स की ओर जा रहा है। यानी कुल बजट सीमित है और क्विक कॉमर्स का हिस्सा बढ़ रहा है, जिसका दबाव छोटे ब्रैंड्स पर ज्यादा पड़ता है।
खरीदारी के फैसलों पर ऐप विज्ञापनों का असर
क्विक कॉमर्स में फैसला अक्सर कुछ सेकंड में होता है। तुलना का वक्त कम होता है, इसलिए स्क्रीन पर पहले दिखने वाले ब्रैंड को बढ़त मिलती है। डेटम का सर्वे बताता है कि हर तीन में एक से ज्यादा खरीदार इन ऐप्स पर नए प्रोडक्ट खोजते हैं, यानी विज्ञापन अब सिर्फ बिक्री नहीं, पसंद भी तय कर रहा है।
फ्रोजन फूड में 141% की वृद्धि बताती है कि ग्राहक नई श्रेणियां भी ऐप पर आजमाने लगे हैं। मीडिया की रिपोर्ट इसे इस सवाल से जोड़ती है कि क्या ऐप पर दिखना ही प्रोडक्ट के चुने जाने की वजह बन रहा है। एक अन्य विश्लेषण का निष्कर्ष है कि विज्ञापन खरीदकर दिखना और ब्रैंड के प्रति पसंद बनाना अलग बातें हैं। जो ब्रैंड सिर्फ बोली के दम पर ऊपर रहते हैं, उनके लिए विज्ञापन रुकते ही बिक्री गिरने का जोखिम रहता है।
आगे क्या?
क्विक कॉमर्स अब सिर्फ डिलीवरी का नया तरीका नहीं, एक बड़ा विज्ञापन मंच बन चुका है। बिजनेस स्टैंडर्ड के अनुसार 2026 में इन प्लेटफॉर्म्स पर कुल विज्ञापन खर्च करीब ₹6,000 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है, जिसमें त्योहारी सीजन का ₹2,200 करोड़ एक बड़ा हिस्सा है। छोटे ब्रैंड्स के लिए रास्ता यही दिखता है कि सीमित बजट कुछ चुनिंदा प्रोडक्ट्स और शहरों पर लगाएं, विज्ञापन के साथ पर्याप्त स्टॉक रखें और ब्रैंड की पहचान के लिए क्विक कॉमर्स के बाहर भी मौजूद रहें।
FSSAI ने खाद्य सुरक्षा नियमों के कथित उल्लंघन और प्रॉडक्ट्स के बारे में भ्रामक दावे करने के मामले में क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म Zepto समेत कई कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है।
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Samachar4media Bureau
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने खाद्य सुरक्षा नियमों के कथित उल्लंघन और प्रॉडक्ट्स के बारे में भ्रामक दावे करने के मामले में क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म Zepto समेत कई कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है। इस मामले में Zepto के जरिए इस्तेमाल की आखिरी तारीख निकल चुके बेसन की डिलीवरी किए जाने और कुछ कंपनियों के प्रॉडक्ट्स के विवरण व विज्ञापनों में किए गए दावों पर सवाल उठाए गए हैं।
यह कार्रवाई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर की गई एक शिकायत के बाद हुई। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि Zepto ने इस्तेमाल की आखिरी तारीख निकल चुके बेसन के दो पैकेट ग्राहक को पहुंचाए। इसके बाद FSSAI ने Zepto से मामले की जांच करने और संबंधित ऑर्डर व गोदाम की जानकारी देने को कहा है। नियामक ने यह भी स्पष्ट करने को कहा है कि क्या संबंधित प्रॉडक्ट्स को स्टॉक से हटा दिया गया था और क्या ग्राहकों को पैसे वापस करने की पेशकश की गई थी।
Bakelite के प्रॉडक्ट के विवरण पर भी सवाल
FSSAI ने Bakelite और अन्य खाद्य कारोबार से जुड़ी कंपनियों के प्रॉडक्ट्स के विवरण और विज्ञापन में किए गए दावों पर भी चिंता जताई है। Zepto और Blinkit पर उपलब्ध Bakelite के ‘पुणेरी क्रीम रोल’ के लिए इस्तेमाल किए गए ‘क्रिस्पी एंड क्रीमी’ यानी कुरकुरे और मलाईदार विवरण पर सवाल उठाए गए हैं।
इसके अलावा, Storia Foods & Beverages से उसके एक प्रॉडक्ट की तुलना 100 प्रतिशत दोबारा तैयार किए गए फलों के रस से जुड़े दावे को लेकर भी जवाब मांगा गया है। नियामक ने इस दावे पर सवाल उठाए हैं।
HealthyHey Foods और BMS Lifescience के नाम भी शामिल
FSSAI की कार्रवाई से जुड़ी घोषणा में HealthyHey Foods LLP और BMS Lifescience के नाम भी शामिल हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इन दोनों कंपनियों के खिलाफ उठाए गए विशिष्ट सवालों का विवरण नहीं दिया गया है।
FSSAI के मुताबिक, इस कार्रवाई का उद्देश्य खाद्य सुरक्षा नियमों के कथित उल्लंघनों पर ध्यान देना और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना है।
सोनी पिक्चर्स नेटवर्क इंडिया (SPNI) ने तमिल दर्शकों के लिए नया मनोरंजन चैनल Sony VIZHA लॉन्च किया है।
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Samachar4media Bureau
सोनी पिक्चर्स नेटवर्क इंडिया (SPNI) ने तमिल दर्शकों के लिए नया एंटरटेनमेंट चैनल Sony VIZHA लॉन्च किया है। ‘इथु नम्मा विझा’ (Ithu Namma Vizha) की सोच पर आधारित यह चैनल तमिल संस्कृति और वहां के लोगों की बदलती पसंद को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसके जरिए कंपनी तमिल एंटरटेनमेंट मार्केट में अपनी मौजूदगी बढ़ाने जा रही है।
Sony VIZHA पर तमिल दर्शकों को नई कहानियों, जाने-माने कलाकारों और दुनिया भर में लोकप्रिय रहे कार्यक्रमों के तमिल रूपांतरण देखने को मिलेंगे। यह चैनल प्रमुख केबल और डीटीएच प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। इसके साथ ही स्थानीय केबल ऑपरेटरों (LCOs) के नेटवर्क की मदद से भी इसकी पहुंच बढ़ाई जा रही है, ताकि देशभर के तमिल भाषी परिवारों तक एंटरटेनमेंट के अलग-अलग कार्यक्रम पहुंच सकें।
फिक्शन से लेकर संगीत और फिल्मों तक मिलेंगे कार्यक्रम
Sony VIZHA पर दर्शकों के लिए कई तरह के कार्यक्रम पेश किए जाएंगे। इनमें काल्पनिक कहानियों पर आधारित धारावाहिक, रियलिटी शो, संगीत, कॉमेडी और फिल्में शामिल हैं।
कंपनी का उद्देश्य ऐसा एंटरटेनमेंट मंच तैयार करना है, जो तमिल दर्शकों की पसंद, उनकी आकांक्षाओं और आज की सांस्कृतिक सोच को दिखाए। इसके साथ ही चैनल तमिल भाषा, परंपराओं और मूल्यों से भी जुड़ा रहेगा।
Gold Winner, TTK Prestige और ATM बने विज्ञापन साझेदार
Sony VIZHA ने अपने लॉन्च के साथ ही तीन विज्ञापन साझेदार भी जोड़े हैं। इनमें Gold Winner, TTK Prestige और ATM - Akshaya Thanga Maligai शामिल हैं।
इन कंपनियों के साथ साझेदारी को Sony VIZHA की बाजार में शुरुआत के लिए अहम माना जा रहा है। इससे विज्ञापन देने वाली कंपनियों को एक नए एंटरटेनमेंट मंच के जरिए तमिल दर्शकों तक पहुंचने का अवसर मिलेगा।
इन साझेदारियों से यह भी पता चलता है कि नए चैनल के जरिए विज्ञापनदाताओं को तमिल दर्शकों से जुड़ने का एक नया विकल्प मिल सकता है। Sony VIZHA का लक्ष्य तमिल एंटरटेनमेंट बाजार में अपनी अलग पहचान बनाना और दर्शकों के साथ-साथ ब्रैंड्स के लिए भी एक उपयोगी मंच तैयार करना है।
तमिल दर्शकों की बदलती पसंद पर रहेगा ध्यान
Sony Pictures Networks India में साउथ रीजन के चीफ कंटेंट ऑफिसर एस. राजारमन ने चैनल की लॉन्चिंग पर कहा कि Sony VIZHA की शुरुआत कंपनी के लिए तमिल एंटरटेनमेंट के क्षेत्र में एक अलग पहचान बनाने की दिशा में अहम कदम है।
उन्होंने कहा कि वितरण और विज्ञापन से जुड़े साझेदारों का मजबूत समर्थन कंपनी के प्रस्ताव में उनके भरोसे को दिखाता है। कंपनी का ध्यान दुनिया भर के तमिल दर्शकों तक ऐसा एंटरटेनमेंट पहुंचाने पर है, जो तमिल संस्कृति से जुड़ा हो और उनकी बदलती आकांक्षाओं को भी दर्शाए।
राजारमन के मुताबिक, कंपनी ब्रैंड्स के लिए भी ऐसे अवसर तैयार करना चाहती है, जिनके जरिए वे तमिल दर्शकों के साथ बेहतर तरीके से जुड़ सकें।
Sony VIZHA की शुरुआत के साथ SPNI ने तमिल एंटरटेनमेंट बाजार में अपनी नई पारी शुरू की है। चैनल पर अलग-अलग तरह के कार्यक्रमों और विज्ञापन साझेदारियों के जरिए कंपनी इस बाजार में अपनी पहचान मजबूत करने की कोशिश करेगी।
SAB इवेंट्स एंड गवर्नेंस नाउ मीडिया लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2025-26 की सालाना आम बैठक (AGM) आयोजित करने के लिए 45 दिन का अतिरिक्त समय मांगने का फैसला किया है।
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Vikas Saxena
SAB इवेंट्स एंड गवर्नेंस नाउ मीडिया लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2025-26 की सालाना आम बैठक (AGM) आयोजित करने के लिए 45 दिन का अतिरिक्त समय मांगने का फैसला किया है। कंपनी के निदेशक मंडल ने 19 अक्टूबर, 2026 को हुई बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। अब कंपनी इस संबंध में रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (RoC), मुंबई-I से और समय देने का अनुरोध करेगी।
कंपनी ने शेयर बाजारों को दी गई जानकारी में बताया कि 31 मार्च, 2026 को समाप्त वित्त वर्ष के लिए 13वीं सालाना आम बैठक आयोजित करने की समयसीमा बढ़ाने को लेकर पहले भी कदम उठाए गए थे। इससे पहले 31 जुलाई और 24 अगस्त, 2026 को इस संबंध में जानकारी दी गई थी। रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज, मुंबई-I ने 24 अगस्त, 2026 के अपने आदेश के तहत बैठक आयोजित करने के लिए 45 दिन का अतिरिक्त समय दिया था।
कॉरपोरेट प्रक्रियाएं पूरी होने में लग रहा समय
कंपनी के मुताबिक, नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) की मुंबई पीठ ने उसके रेजोल्यूशन प्लान को मंजूरी दी थी। इस मंजूर योजना को लागू करने के तहत कंपनी कई कॉरपोरेट प्रक्रियाएं पूरी कर रही है। इनमें शेयर पूंजी में कटौती और उससे जुड़ी अन्य प्रक्रियाएं शामिल हैं।
कंपनी ने बताया कि इन प्रक्रियाओं को पूरा करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन कुछ जरूरी औपचारिकताएं अभी पूरी नहीं हुई हैं। इनमें कंपनी के मौजूदा ISIN को फ्रीज करना, शेयर पूंजी में कटौती के बाद नए इक्विटी शेयर जारी करना, नए ISIN को सक्रिय करना और इससे जुड़ी डिपॉजिटरी व नियामकीय प्रक्रियाएं पूरी करना शामिल है।
AGM के लिए और समय की जरूरत
कंपनी का कहना है कि इन सभी प्रक्रियाओं को पूरा करने और 13वीं AGM आयोजित करने के लिए उसे अतिरिक्त समय की जरूरत पड़ सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए निदेशक मंडल ने कंपनी अधिनियम, 2013 के लागू प्रावधानों के तहत रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज, मुंबई-I से 45 दिन की और मोहलत मांगने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
कंपनी ने यह भी कहा कि यह कदम कंपनी और उसके हितधारकों के हितों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
19 अक्टूबर को हुई निदेशक मंडल की बैठक सुबह 11:20 बजे शुरू हुई और दोपहर 1 बजे समाप्त हुई। कंपनी ने इस फैसले की जानकारी बीएसई और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को दी है।
ABP News के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रसारित गलत खबर के लिए नेटवर्क ने मांगी थी माफी, आयोग ने सूचना-प्रसारण मंत्रालय से संबंधित नियामक और स्व-नियामक संस्थाओं के जरिए कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा
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Samachar4media Bureau
लोक गायिका नेहा सिंह राठौर को कथित सेक्स रैकेट से जोड़ने वाली खबर के मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग की अध्यक्ष विजया किशोर राहतकर ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (एमआईबी) से इस मामले में संबंधित नियामक, प्रशासनिक और मीडिया उद्योग की स्व-नियामक संस्थाओं के माध्यम से तत्काल और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है।
आयोग ने 15 दिनों के भीतर कार्रवाई की रिपोर्ट (एटीआर) भी मांगी है। यह मामला एबीपी नेटवर्क के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रसारित एक खबर से जुड़ा है। सार्वजनिक आलोचना के बाद नेटवर्क ने स्वीकार किया था कि संबंधित खबर तथ्यात्मक रूप से गलत थी और इसके लिए माफी मांगी थी।
सूचना-प्रसारण मंत्रालय से कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया किशोर राहतकर ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से कहा है कि वह संबंधित संस्थाओं को इस मामले में तत्काल और समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दे। इनमें प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया (पीसीआई), इलेक्ट्रॉनिक मीडिया मॉनिटरिंग सेंटर (ईएमएमसी), न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एंड डिजिटल एसोसिएशन (एनबीडीए) और डिजिटल पब्लिशर्स कंटेंट ग्रीवेंस काउंसिल (डीपीसीजीसी) शामिल हैं।
आयोग ने इन संस्थाओं के माध्यम से सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 के तहत कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही, 15 दिनों के भीतर कार्रवाई की रिपोर्ट देने को कहा गया है।
यह है पूरा मामला
यह विवाद 17 अक्टूबर 2026 को सामने आया, जब एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लोक गायिका नेहा सिंह राठौर से संबंधित एक रिपोर्ट प्रसारित की गई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसमें एक हॉस्टल में कथित सेक्स रैकेट और पुलिस की छापेमारी का जिक्र करते हुए नेहा सिंह राठौर का नाम जोड़ा गया था।
इस रिपोर्ट पर आपत्ति जताते हुए नेहा सिंह राठौर ने आरोप लगाया कि इससे उनकी गरिमा और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा। सार्वजनिक आलोचना के बाद एबीपी नेटवर्क ने स्पष्टीकरण जारी किया। नेटवर्क ने स्वीकार किया कि उसके डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रसारित संबंधित खबर तथ्यात्मक रूप से गलत थी। इसके लिए नेटवर्क ने खेद जताते हुए माफी भी मांगी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नेहा सिंह राठौर ने इस माफी को पर्याप्त नहीं माना और मामले में कानूनी कार्रवाई करने की बात कही।
महिलाओं की गरिमा और प्रतिष्ठा की सुरक्षा पर जोर
राष्ट्रीय महिला आयोग ने महिलाओं के खिलाफ लिंग आधारित चरित्र हनन और डिजिटल उत्पीड़न को रोकने के लिए सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने की जरूरत पर जोर दिया है। आयोग के मुताबिक, मीडिया की स्वतंत्रता का इस्तेमाल जिम्मेदारी के साथ किया जाना चाहिए। खबरों में तथ्यों की सटीकता के साथ महिलाओं की गरिमा, निजता और प्रतिष्ठा का ध्यान रखना भी जरूरी है। आयोग ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से संबंधित संस्थाओं के माध्यम से इस मामले में तत्काल और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा 15 दिनों के भीतर कार्रवाई की रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा है।
National Commission for Women has taken suo motu cognizance of reports regarding the publication of allegedly defamatory content by a News linking folk singer Ms. Neha Singh Rathore to an alleged sex racket. Following public criticism, the news network reportedly acknowledged that the report was factually incorrect and issued an apology. The NCW Chairperson, Smt. Vijaya Rahatkar, has asked the Ministry of Information and Broadcasting to direct the concerned regulatory bodies, such as the Press Council of India; administrative bodies, such as the Electronic Media Monitoring Centre (EMMC); and self-regulatory bodies of the media industry, such as the News Broadcasters and Digital Association (NBDA) and the Digital Publishers Content Grievance Council (DPCGC), to ensure immediate and time-bound action under the Information Technology (Intermediary Guidelines and Digital Media Ethics Code) Rules, 2021. An Action Taken Report (ATR) has been sought within 15 days. The Commission has called for safeguards against gender-based character assassination and digital harassment against women. Media freedom must be exercised responsibly, with due regard for factual accuracy, women’s dignity, privacy and reputation. @MIB_India #suomotu #ncwindia #rashtriyamahilaaayog
— NCW (@NCWIndia) October 19, 2026
एबीपी नेटवर्क से जुड़ने से पहले वह Huella में सीनियर वाइस प्रेजिडेंट-एड सेल्स, इंडिया के पद पर कार्यरत थे। उन्होंने 15 अक्टूबर 2026 को Huella से इस्तीफा दे दिया था।
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Samachar4media Bureau
मीडिया और विज्ञापन जगत से जुड़े पंकज राय ने एबीपी नेटवर्क (ABP Network) के साथ नई पारी शुरू की है। वह यहां रेवेन्यू हेड-डिजिटल (Revenue Head – Digital) के पद पर जुड़े हैं।
पंकज राय को ब्रॉडकास्ट और डिजिटल मीडिया क्षेत्र में 18 साल से अधिक का अनुभव है। एबीपी नेटवर्क से जुड़ने से पहले वह Huella में सीनियर वाइस प्रेजिडेंट-एड सेल्स, इंडिया के पद पर कार्यरत थे। उन्होंने 15 अक्टूबर 2026 को Huella से इस्तीफा दे दिया था। मार्च 2026 में उन्हें इस पद पर पदोन्नत किया गया था। वहां वह NEXad, NewsroomAI और AIgnite जैसे प्लेटफॉर्म्स के लिए राष्ट्रीय स्तर पर विज्ञापन बिक्री की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
Huella से पहले पंकज राय ने AI-संचालित डिजिटल एक्सपीरियंस प्लेटफॉर्म Publive में चीफ बिजनेस ऑफिसर के रूप में काम किया था। इससे पहले वह जी मीडिया (Zee Media Corporation Limited) में विऑन (WION) और जी बिजनेस (Zee Business) के बिजनेस हेड के पद पर कार्यरत थे। अपने करियर में वह Qyou Media में नेशनल सेल्स हेड की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। इसके अलावा, वह Zee TV, Zee Cinema और Zee Bollywood जैसे प्रतिष्ठित चैनलों के लिए उत्तर और पूर्वी भारत में व्यावसायिक जिम्मेदारियां निभा चुके हैं।
'जी मीडिया' से पहले पंकज राय दो साल से अधिक समय तक 'द क्यू नेटवर्क' (The Qyou Network ) (ब्रॉडकास्ट, गेमिंग व सीटीवी) में ब्रांच हेड और 'द क्यू एंड गेमिंग सॉल्यूशंस' (The Q and Gaming Solutions) में नेशनल हेड के तौर पर अपनी भूमिका निभा चुके हैं। इसके अतिरिक्त उन्होंने 'मिड-डे' (Mid-day) और 'पीपल इंटरएक्टिव' (People Interactive) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ भी काम किया है।
News Pinch से जुड़ने से पहले सिद्धार्थ पुरोहित Oneindia में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत थे।
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Samachar4media Bureau
पत्रकार सिद्धार्थ पुरोहित ने मीडिया प्लेटफॉर्म न्यूज पिंच (News Pinch) में एग्जिक्यूटिव प्रोड्यूसर के तौर पर नई पारी शुरू की है। उन्होंने लिंक्डइन पर अपनी नई भूमिका की जानकारी साझा की है।
News Pinch से जुड़ने से पहले सिद्धार्थ पुरोहित Oneindia में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत थे। उन्होंने अप्रैल 2025 में Oneindia जॉइन किया था और अक्टूबर 2026 तक यहां काम किया। इस दौरान वह इंटरनेशनल रिलेशंस और डिफेंस कवरेज की टीम लीड कर रहे थे। उनकी भूमिका में एडिटोरियल प्लानिंग, कंटेंट मैनेजमेंट और विभिन्न डिजिटल फॉर्मेट के लिए खबरों की तैयारी शामिल थी।
Oneindia में रहते हुए उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर, दिल्ली ब्लास्ट और सीजेपी प्रदर्शनों जैसे प्रमुख घटनाक्रमों की कवरेज का नेतृत्व किया। इसके अलावा उन्होंने पॉडकास्ट, एक्सप्लेनर, विश्लेषणात्मक रिपोर्ट और रिसर्च आधारित कंटेंट तैयार करने और मैनेज करने का काम किया। वह ब्रैंडेड कंटेंट की योजना बनाने से लेकर उसके प्रोडक्शन, होस्टिंग और क्रियान्वयन तक से जुड़े रहे। उन्होंने लाइव ब्रॉडकास्ट और महत्वपूर्ण घटनाओं की रियल-टाइम डिजिटल कवरेज भी संभाली। Oneindia की हिंदी वेबसाइट के लिए विदेश मामलों से जुड़ी एक्सक्लूसिव खबरें और डिजिटल स्टोरीज भी तैयार कीं।
इससे पहले सिद्धार्थ पुरोहित रिपब्लिक वर्ल्ड (Republic World) में सीनियर डिजिटल प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। मार्च 2024 से मई 2025 तक यहां अपनी भूमिका के दौरान उन्होंने इंटरनेशनल अफेयर्स की कवरेज, एडिटोरियल रणनीति, कंटेंट स्ट्रैटेजी और ऑडियंस ग्रोथ प्लानिंग पर काम किया। उन्होंने भू-राजनीति, विदेश मामलों और रक्षा से जुड़े एक्सप्लेनर तैयार किए। इसके साथ ही यूट्यूब, फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स सहित विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए कंटेंट प्रोडक्शन और पब्लिशिंग का काम संभाला।
सिद्धार्थ पुरोहित ने जनवरी 2022 से मार्च 2024 तक जागरण न्यू मीडिया (Jagran New Media) में सीनियर प्रोड्यूसर के तौर पर काम किया। यहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्ट, डॉक्यूमेंट्री और अंतरराष्ट्रीय संबंधों, भू-राजनीति तथा वैश्विक मामलों से जुड़े एक्सप्लेनर वीडियो तैयार किए। उन्होंने नए एडिटोरियल फॉर्मेट और कंटेंट प्रोजेक्ट की योजना बनाने के साथ कंटेंट रणनीति, ऑडियंस ग्रोथ और एडिटोरियल प्लानिंग पर भी काम किया। वह Jagran English के लिए भी अंतरराष्ट्रीय और डिजिटल न्यूज कवरेज में योगदान देते रहे। इस दौरान उन्होंने Google और IIT कानपुर के सहयोग से आयोजित ‘AI in the Newsroom’ वर्कशॉप में पहला स्थान हासिल किया।
अपने करियर में सिद्धार्थ पुरोहित जी न्यूज (ZEE News) और एबीपी नेटवर्क (ABP Network) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी काम कर चुके हैं। ZEE News में दिसंबर 2019 से जून 2020 तक वह कॉरेस्पॉन्डेंट रहे।
ABP Network में उन्होंने जून 2018 से अक्टूबर 2019 तक रिपोर्टर के तौर पर काम किया। यहां वह अपराध और राजनीति से जुड़ी खबरों की रिपोर्टिंग करते थे। उन्होंने 2019 के लोकसभा चुनाव, बुराड़ी मामले, पुलवामा हमले और कुंभ 2019 सहित कई प्रमुख घटनाओं की कवरेज की। इसके अलावा दिल्ली के अपराध जगत से जुड़े मामलों की पड़ताल और विभिन्न राज्यों के विधानसभा चुनावों की ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की।
सिद्धार्थ पुरोहित ने मार्च 2018 से जून 2018 तक दैनिक भास्कर में कॉपी एडिटर के रूप में काम किया। यहां उनकी जिम्मेदारियों में वेब के लिए कॉपी एडिटिंग, हेडलाइन तैयार करना, वीडियो के लिए न्यूज मेटा कीवर्ड बनाना और वेबसाइट पर खबरें प्रकाशित करना शामिल था। इससे पहले वह जुलाई 2016 से फरवरी 2018 तक भोपाल के IND24 न्यूज चैनल में ब्रॉडकास्ट जर्नलिस्ट के तौर पर कार्यरत थे, जहां उन्होंने राजनीतिक पत्रकारिता की।
सिद्धार्थ पुरोहित ने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से 2016 से 2018 के बीच पत्रकारिता में मास्टर डिग्री हासिल की है। उन्होंने हिमालयन यूनिवर्सिटी से कॉमर्स में स्नातक की पढ़ाई की है।
लोक गायिका नेहा सिंह राठौर ने खबर को लेकर ABP पर गंभीर आरोप लगाए थे। विवाद के बीच ABP नेटवर्क के डिजिटल प्लेटफॉर्म ने खबर में तथ्यात्मक गलती स्वीकार करते हुए खेद जताया और माफी मांगी।
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Samachar4media Bureau
लोक गायिका और सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों पर अपनी बात रखने वाली नेहा सिंह राठौर से जुड़े एक मामले में ABP नेटवर्क को अपनी खबर पर सफाई देनी पड़ी है। नेटवर्क के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रसारित खबर को तथ्यों के आधार पर गलत पाए जाने की बात स्वीकार करते हुए माफी मांगी गई है। जिस खबर को लेकर विवाद हुआ, उस पर नेहा ने कड़ी आपत्ति जताई थी। इसके बाद ABP की ओर से सामने आया स्पष्टीकरण इस पूरे मामले का अहम घटनाक्रम बन गया है।
ABP News के आधिकारिक एक्स हैंडल पर जारी स्पष्टीकरण में कहा गया, ‘ABP नेटवर्क के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लोक गायिका नेहा सिंह राठौर से संबंधित एक ख़बर प्रसारित की गई, जो तथ्यों के आधार पर ग़लत पाई गई। इस त्रुटिपूर्ण प्रसारण के लिए हमें खेद है, हम इसके लिए क्षमा प्रार्थी हैं।’
स्पष्टीकरण एवं खेद : ABP नेटवर्क के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लोक गायिका नेहा सिंह राठौर से संबंधित एक ख़बर प्रसारित की गई, जो तथ्यों के आधार पर ग़लत पाई गई. इस त्रुटिपूर्ण प्रसारण के लिए हमें खेद है, हम इसके लिए क्षमा प्रार्थी हैं. https://t.co/5KJkFucoP9
— ABP News (@ABPNews) October 17, 2026
इससे पहले नेहा सिंह राठौर ने इसी खबर को लेकर ABP News पर गंभीर आरोप लगाए थे। अपने एक्स पोस्ट में उन्होंने कहा कि चैनल उन्हें ‘वेश्या और कॉल गर्ल’ बताना चाहता है। नेहा ने खबर पर नाराजगी जताते हुए इसे उनके अपमान की कोशिश बताया।
नेहा ने अपने पोस्ट में राष्ट्रीय महिला आयोग को भी टैग किया और पूछा कि क्या देश का महिला आयोग इस मामले पर ध्यान नहीं देगा। नेहा ने आरोप लगाया कि सरकार से सवाल पूछने पर उन्हें इस तरह अपमानित करने की कोशिश की जा रही है।
@ABPNews की ये ख़बर देखिए. ये चैनल मुझे वेश्या और कॉल गर्ल बताना चाहता है. मैं सरकार से सवाल पूछूँगी तो ये बिके हुए चैनल मुझे इस तरह से अपमानित करने का प्रयास करेंगे. इस देश का महिला आयोग मर गया है क्या? @NCWIndia इन गोदी चैनलों का भाजपा की दलाली से पेट नहीं भर रहा है. इन्हें अब बेटियों का सम्मान खाना है. @narendramodi इस देश को आपने बेटियों के लिए नर्क बना दिया है.
— Neha Singh Rathore (@nehafolksinger) October 17, 2026
सुनो @abp न्यूज़, मैं कोई कॉsल गर्ल या प्रॉस्टिट्यूsट नहीं हूँ. जब भाजपा का आईटी सेल मेरा हौसला नहीं तोड़ पाया तो तुम जैसे गोदी मीडिया को कमान सौंप दी? पहले भाजपा के नेता बेटियों की इज्जत ख़राब करते थे, अब तुम लोग भी बेटियों की इज्जत लूटोगे? इतनी हिम्मत? इतनी बेशर्मी? ये बात यहीं खत्म नहीं होगी @abp बेटियों का सम्मान तुम लोगों के लिए खेल का सामान हो गया है? @narendramodi @NCWIndia
— Neha Singh Rathore (@nehafolksinger) October 17, 2026
थियागा चेम्मेल को ब्रॉडकास्टिंग इंडस्ट्री में 20 साल का अनुभव है। वह इससे पहले News18 Tamil Nadu में एडिटर-पॉलिटिकल के पद पर कार्यरत थे।
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Samachar4media Bureau
तमिल न्यूज मीडिया के अनुभवी पत्रकार थियागा चेम्मेल (Thiyaga Chemmel) ने नई पारी शुरू की है। उन्होंने Kumudam Publications Pvt Ltd में Kumudam News 24/7 के न्यूज हेड के रूप में जॉइन किया है। उन्होंने लिंक्डइन पर अपनी नई भूमिका की जानकारी साझा की है।
थियागा चेम्मेल को पत्रकारिता और ब्रॉडकास्टिंग इंडस्ट्री में करीब 20 साल का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत Vikatan ग्रुप में स्टूडेंट रिपोर्टर के तौर पर की थी। इसके बाद उन्होंने Sun TV Network, Polimer Media, Puthiya Thalaimurai और News7 Tamil जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया।
उन्होंने न्यूज आधारित और मार्केटिंग से जुड़ी कई ब्रैंड अवेयरनेस कैंपेन शुरू किए। इनमें उनका ‘Say No to Drugs’ कैंपेन प्रमुख रहा, जिसके तहत 5 लाख से अधिक युवाओं ने नशे के खिलाफ शपथ ली।
इसके अलावा, मैनेजमेंट के सहयोग से उन्होंने महिला कर्मचारियों के लिए मेंस्ट्रुअल लीव पॉलिसी भी शुरू की थी। थियागा चेम्मेल ने Rathinam Global University से बीएससी विजुअल कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है।
इस नियुक्ति के साथ कंपनी का लक्ष्य टेलीविजन, डिजिटल, सोशल मीडिया और अन्य उभरते प्लेटफॉर्म पर Good Times को लाइफस्टाइल और एंटरटेनमेंट के प्रमुख ब्रैंड्स में से एक के रूप में आगे बढ़ाना है।
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Samachar4media Bureau
‘एनडीटीवी’ (NDTV) ने मेहर बाजवा को NDTV Good Times का एडिटर नियुक्त किया है। इस नियुक्ति के साथ कंपनी का लक्ष्य टेलीविजन, डिजिटल, सोशल मीडिया और अन्य उभरते प्लेटफॉर्म पर Good Times को लाइफस्टाइल और एंटरटेनमेंट के प्रमुख ब्रैंड्स में से एक के रूप में आगे बढ़ाना है।
मेहर बाजवा को मीडिया क्षेत्र में 15 साल से ज्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर में लाइफस्टाइल, ट्रैवल, लग्जरी और डिजिटल पब्लिशिंग जैसे क्षेत्रों में काम किया है। उनकी नई भूमिका में एडिटोरियल विजन और कंटेंट स्ट्रैटेजी का नेतृत्व करना, नए कंटेंट प्रॉपर्टीज विकसित करना, डिजिटल और सोशल मीडिया पर दर्शकों की भागीदारी बढ़ाना और लाइफस्टाइल, ट्रैवल, फूड, फैशन, कल्चर तथा समकालीन जीवनशैली से जुड़े नए स्टोरीटेलिंग फॉर्मेट तैयार करना शामिल है।
इससे पहले मेहर बाजवा Travel + Leisure India & South Asia की एडिटर-इन-चीफ थीं। इस भूमिका में उन्होंने ब्रैंड की एडिटोरियल दिशा को विकसित करने, उसकी डिजिटल पहुंच बढ़ाने और कंटेंट व अनुभवों पर आधारित नई पहल तैयार करने में अहम भूमिका निभाई।
इससे पहले वह Hubert Burda Media में वरिष्ठ नेतृत्व की भूमिकाओं में काम कर चुकी हैं। यहां उन्होंने डिप्टी रीजनल डायरेक्टर, डिजिटल ऑपरेशंस, एशिया के रूप में भारत, हांगकांग, मलेशिया, सिंगापुर और थाईलैंड के बाजारों की जिम्मेदारी संभाली। इस दौरान Lifestyle Asia, Augustman और Travel + Leisure जैसे ब्रैंड्स की डिजिटल पहुंच बढ़ाने, कंटेंट क्षमताओं को मजबूत करने और विकास को गति देने पर काम किया।
मेहर बाजवा Microsoft News में न्यूजरूम डायरेक्टर भी रह चुकी हैं। इस भूमिका में उन्होंने 16 देशों में एडिटोरियल ऑपरेशंस का नेतृत्व किया और 140 से ज्यादा एडिटर्स व पत्रकारों की टीम संभाली। अपने करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने Maxim और Cosmopolitan में भी एडिटोरियल भूमिकाओं में काम किया और कंटेंट स्ट्रैटेजी तथा नई एडिटोरियल पहलों को विकसित करने में योगदान दिया।
NDTV के सीईओ और एडिटर-इन-चीफ राहुल कंवल ने मेहर बाजवा की नियुक्ति पर कहा कि Good Times लाइफस्टाइल मीडिया का एक प्रतिष्ठित नाम रहा है और इसके पास दर्शकों का मजबूत आधार है। मीडिया उपभोग के तौर-तरीकों में बदलाव के साथ इस ब्रैंड को नई पीढ़ी के लिए नए रूप में पेश करने के अवसर हैं। उन्होंने मेहर के एडिटोरियल अनुभव, डिजिटल दर्शकों की समझ और कंटेंट के जरिए ब्रैंड विकसित करने की क्षमता को इसकी अगली पारी के लिए अहम बताया।
अपनी नियुक्ति पर मेहर बाजवा ने कहा कि Good Times की विरासत शानदार है और इसका भविष्य भी संभावनाओं से भरा है। उनके मुताबिक, आज लाइफस्टाइल कंटेंट केवल जीवनशैली तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें संस्कृति, अनुभव, आकांक्षाएं और आधुनिक जीवन को आकार देने वाली कहानियां भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि दर्शक अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर प्रामाणिक, प्रासंगिक और आकर्षक कंटेंट चाहते हैं। वह Good Times की मौजूदा खूबियों को आगे बढ़ाने, नई कंटेंट सीरीज विकसित करने और दर्शकों के साथ इसके जुड़ाव को मजबूत करने के लिए काम करेंगी।